In this Hindi‑Hinglish presentation Dr. Priti Nanda Sibal introduces functional medicine as a holistic, root‑cause health system that seeks to align all body systems for optimal function. She explains that functional medicine begins with an extensive, detailed patient history and a broad panel of laboratory investigations—ranging from standard blood work (liver, kidney, hormone panels) to advanced, often overseas, tests such as gut microbiome sequencing, heavy‑metal screening, neurotransmitter profiling, and metabolic/ detoxification assessments. The results guide highly personalized interventions: therapeutic nutrition (diet as medicine), targeted supplementation, IV nutrition, detox therapies (ozone, infrared, sauna), peptide therapies, and lifestyle modifications. Dr. Sibal emphasizes continuous monitoring, typically over 3‑6‑week cycles, until all parameters are optimized. She provides examples of timelines for conditions like infertility, acidity, autoimmune disease, and neuro‑psychiatric disorders, noting that recovery time varies with individual history and severity. The talk also covers practical aspects in India—limited insurance coverage for functional medicine, the rise of preventive‑health plans, and the need for patients to verify their benefits. Finally, she addresses common skepticism, citing mentions of functional medicine in top medical journals and the growing community of Indian functional‑medicine practitioners, positioning the approach as a scientifically grounded, patient‑centric tool for better health and anti‑aging.
Chapters
आज हम बात करने वाले हैं कि फंक्शन मेडिसिन है क्या? और आज कल इसकी इतनी बात हो? क्यों फंक्शन मेडिसिन रादरदेनवाटया आपके सिमटम्स क्या है उसपर काम करने की? वजाय आप से सवाल पूछता है आपको ये सिमटम है क्या? आपको अगर सिर दर्द रहा है तो क्यों है अगर आपको डायबिटीज हो गया है तो क्यों है अगर आपको ओटेन्यनकंडीशन हो गई है तो क्यों है सो इस ऑफ वात जब हम वाई पूछने लगते हैं जो कि स्मार्ट मैनेजमेंट लोग भी वायपूंचकेअपने सारे बिजनेस ग्रो करते हैं। डैड स्टेट प्रोज विच, फंक्शनल मेडिसिन, फॉलोज इटस होलेस्टिक मेडिसिन सिस्टम बेस्ट अप्रोच यूज करके हम इसमें सारे के सारे बॉडी के सिस्टम्स को 1 अलाइनमेंट में ऑप्टिमल्ली काम करने की सिचुएशन में लेके आते हैं। एंड दैट प्रोसेस इस कॉल्ड फंक्शनल मेडिसिन। अब फंक्शनल मेडिसिन में हम करते क्या हैं? फंक्शनल मेडिसिन में हम आपकी बहुत डिटेल हिस्ट्री लेते हैं क्योंकि हमें वाइड ढूंढना है, हम टेस्टिंग करते हैं। कुछ टेस्ट तो वो होते हैं जो कि हमारे नॉर्मल ब्लैक टेस्ट जापकरते हो जैसे लेबर फंक्शन टेस्ट किडनी फंक्शन टेस्ट आपका हिमोग्रैंडविदये साल हमको इतना इन्फॉर्मेशन देता है कि आप इमेजिन भी नहीं कर सकते हैं वो कितना कुछ आपके बारे में आपको बता देता है। पर कुछ इनोवेटि टेस्ट होते है जो की हमारे इंडिया में नहीं होते हैं। हमें बाहर भेजना पड़ता है, स्पेशलाइज लैब में भेजना पड़ता है। जिनकी रिपोर्ट 2 से 4 हफ्ते में आती है जैसे की जी आर मैक टेस्ट जो कि आप डी एल बेस टेस्ट होता है और आपके पूरे गट के माइक्रो बायोम में कहाँ बैलेंस है कहाँ नहीं है इनफर्मेटरीबैक्टीरिया है की नहीं है ऑटोम्यून जो बैक्टीरिया करते हैं जिनकी बहुत स्टडीज है जैसे क्लब, चला, क्या वो ज्यादा है, वायरल लोड कितना है आपका एंड मोस्ट इम्पोर्टेंट भी आपके गट में इनफरमेशन है कि नहीं पैंक्रियाज क्या इलास्टेज जो की बहुत इम्पोर्टेंट डेंजाइन है। फोर जेशन ठीक से से क्रीट कर रहे है की नहीं कर रहे है? कल्ट ब्लड तो नहीं आ रहा है आपका सिक्रेटरी आई जी ए कितना है ताकि आपके अन्यून सिस्टम कैसे काम कर रहा है उसका आइडिया देता है। ऐसे ही हम डैचप्लास करते हैं क्यूँकि हारमोन्स की मेटरबलाइज्ज बताता है। हमें बहुत सारे कैंसर्स जो हार्मोन बेस्ट होते हैं वो हम अवॉइड कर सकते हैं। अगर हमको ये टाइम ली पता चल जाए कि हमारे हार्मोंस ईस्टर, जेन प्रोजेस्ट, रॉन, टेस्ट, चो, डी कार्टिसोल, कॉर्टिसोल, वेटिंग रेस्पोंस ये सब काम कर कैसे रहे हैं वी ऑल नो, स्टेप, स्टिच नाइन मतलब प्रिवेंशन। इस बेटर देन क्योर सिमिलरली हेवी मेटल टेस्टिंग, हेवी मेटल्स आजकल बहुत ज्यादा इंफर्मेशन कोर्स कर रहे हैं हमारी बॉडी में एंड जितनी हम ये डिजीज जैसे ऑटो इम्यून डिजीज आपकी सारी हो गई, ऑटिजम एडीएचडी, डिप्रेशन, एंग्जाइटी। इन सब में हेवी मेटल का बहुत बड़ा रोल माना जा रहा है। बिकॉज वो इंफॉर्मेशन कास्ट करता है। वे सब इनफॉर्मेटरी डिसार्डर्सहै हम न्यूरो ट्रांसमीटर टेस्टिंग करते हैं। हम आपका मेटाबॉलिजम कार्बो, हाइड्रेट फैट प्रोटीन मेटाबोलिजम टेस्ट करते हैं। हम आपकी डीटॉक्सिफिकेशन प्रोसेसेस को टेस्ट करते हैं। सो वी गो वेरी वेरी डीफंटरम्स फ़ टेस्टिंग और हम फिर हर चीज को रेगुलरली मॉनिटर करते हैं। थ्री वीक सिक्स वीक थ्री मांस जब तक की हम आपके सारे पैरामीटर्स को ऑप्टिमल्लीप्लेस नहीं कर देते। फॉर एग्जाम्पल इन फर्टिलिटी के केसेज में क्या होता है। 1 बार मैं अपने गाने के साथ बैठी थी तो आई थिंक दे स्टेटमेंट व समेट ऑल फॉर यू 1 टाइम। त हमको बस ये सोचना पड़ता था कंसीव करें कैसे न और अब ये सोचना पड़ता है सिक्टी सेवंटी पर्सेंट लोगों को कंसीव कैसे करें वी ऑल ग्री कंसीव करना नॉर्मल प्रोसेस विदिन दिस इज राइट क्या ऐसा हो रहा है वाह हम क्यों नहीं रेगुल, अच्छे से कंसीव कर पा रहे है जी कंसीव कर पा रहे दैट्स वैर वी नीड टू, फोकस ओन एंड फोकस न दैट। ये सब तो नॉर्मल प्रोसेस है जो वापिस आई जाते हैं। अब हम इसमें करते क्या है? क्या हम इसमें को देते हैं ये हम बेलीज करते हैं। फंक्शन मेडिसन ने की जो हम खाना खाते है वो मेडिसिन है। अगर खाने से वो नहीं पूरा हो पाता क्योंकि बहुत ज्यादा डेफिसेंसीज हो गई है तब हम क्या करते हैं हम आपको सप्लीमेंट देते हैं शुरू में 236 महीने के लिए डिपेंडिंग वोन आपकी डेफिसेंसीज हैं कितनी इन एडिशन हम आई वी न्यूट्रेशन करते है। हम आईवी ओरल के शन करते हैं। हेवी मेटल्स बाहर निकालने के लिए हम थेरेपीज करते हैं जैसे ozontेrपी इनफ्रारेड सोना। हम इसमें non invisimesoथेरपी से वेट लॉस करते हैं। we use peptides wic आर स्mॉlcेnofemeno es विच हर ट्राइड एन टेस्टेड बहुत सारी एफडी अप्रूवड हैं और बहुत सारी नई हैं। एंड यू नो क्यों नहीं है तो वन टाइम टू टेल यू इस की हम खाने से शुरू करके लाइफस्टाइल के चेंजेस करकर। वी हैव अ लॉट मो टूल्स तो हेल्प यू ब्रिंग योर बॉडी इनटू बैलेंस। हमारे 1 मेन फिलर्स हैं जिनको हम बैलेंस करके बॉडी को हेल्दी करते हैं। एंड सिम्पल टाइड लाइन है जो हम यूज करते हैं। यह गेट हंड्रेड एट लीस्ट दैट द डाइडलाnआईएmइंसपi पैशनेट अबाउट वर्किंग टु वर्ड। अब क्या आपका इंश्योरेंस कवर करता है ये बस इंडिया में आप सबको पता है कि इंशोरेंस से बहुत कम कवरेज होती है पर बहुत सारे इंशोरेंस है जो प्रिवेंटिव हेल्थ की कवरेज देती है। आपको जिन की पेमेंट मिलती है, म्यूटेशन प्लान्स की मिलती है, डॉक्टर कंसल्टेशन की मिलती है और कुछ मेडिसिन्स की मिलती है। आपको खुद से अपने इंश्योरेंस एजेंट से पहले पता करना चाहिए कि आपको क्या क्या क्लेम मिलेगा अभी देर और इंश्योरेंस जो प्रिवेंटिव हेल्थ में फिफ्टी थाउजेंड एंड वन मोर योर का दे रहे हैं। इन दैट मच कैन बी इनवेस्टेड वाइली प्रिवेंटिव हेल्थ। मैं शोर कर सकती हूँ की जैसे भी आपकी आज आप कल उससे बेटर हेल्थ एंजॉय कर सकते हैं। एंटी एजिंग बहुत बड़ा वर्ड है पर मुश्किल बिल्कुल नहीं है सिर्फ अपने पैरामीटर्स को वापस ऑप्टिमाइज करते रहना है कितना टाइम लगता है फंक्शनल मेडिसिन में आपको ठीक होने के लिए बहुत से लोग ये सवाल पूछते हैं। ये डिपेंड करता है आपकी प्रॉब्लम का वाइव क्या है कितनी लंबी आपकी हिस्ट्री है और उस वाइप को ठीक करने में हमें कितना टाइम और एफर्ट चाहिए। फॉर एग्जांपल एसीडिटी के कुछ पेशेंट्स आते है 1 हफ्ते में ऐसे गजब फील करते है नेवर रिटर्न पर एसीडिटी के कुछ पेशेंट्स आते हैं जिनसे 3 महीने 6 महीने काम करने लग जाता है इंट्रस्टिंग के 15, 15, 20, 20 साल से जो लोग रेगुलर पी पी आइ करते है वो भी अम बिलिवबलीपीपीआई नहीं ले रहे हैं तो जितना भी टाइम लगता है वो बहुत ही पर्सनलाइज्ड है डिपेंड करता है आप किस सिचुएशन में आये हैं आपके कितने वाई है जो आपका कॉस कोर्स करारे पर इट इज वेरी वेरी पर्सनलाइज्ड वेरी नेचुरल वेरी सिम्पल अगर समझ में आ जाए तो इम्पोर्टेंट चीज ये है कि जैसे आपको अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स पता होती है न कितने पैसे आए और कितने खर्च हुए सिमिलरली आपको अपने ब्लड टेस्ट रिपोर्ट एग्जैक्ट ली पता होना चाहिए। लाइफ योर पीएनएल दिस इस द नीड ऑफ दी ऑवर एंड आई थिंक फंक्शनल मेडिसिन इजन अमेजिंग टूल जो की आप स नीड को पूरा करता है। कई लोग पूछते हैं कि यह साइंटिफिक है कि नहीं लैंस जो कि टॉप थ्री जर्नल्स में आता है मेडिकल कम्यूनिटी के लिए उसमें एटीन हंड्रेड्स में फंक्शनल मेडिसिन का मेंशन है एन यू एस एन ऑल पीपल हैव बीन फॉलिंग इट फॉर yers बट इमैजिन इंडिया में भी वी हैव फंक्शनल मेडिसिन डॉक्टर्स जो की फंक्शनल मेडिसिन डॉक्टर्स नहीं कहते हैं अपने आपको वर प्रैक्टिस वही कर रहे हैं। लास्ट 25 से 30 सालों से सो फ्रेंस वरन टाइम टो से फिर से डिसिजन नहीं लेने चाहिए। आप समझो है क्या अपना वाई ढूंढो और फिर उस बाई को कनेक्ट करने के लिए आपको जो भी हेल्प चाहिए जादर करो लेट भी हेल्दी। and happy and ने दी थर्ड लारजेस्ट इकॉनमी ऑफ द वoर्lडवमसेइंदि थर्ड लार्जस्ट कॉनमी बिकॉज अभी अभी मेक शी शक्ति के इवेंट से आर ही हूँ, जिसमें हमारी प्रेजिडेंट मुरमुरी थे, जिन्होंने बोला क we are now tagetingto become the third last economy and that the reason। मैं आज बोल रही हूँ only then wiccan come in way इस लैक ऑफ he सो ले जोinहैnडसलेt चई अंडरस्टैnd यू फंशन medisन to say helly थैंक यू।