In this 2021 YouTube recital, speaker Kaberi Dutta Chatterjee (SPEAKER A) performs a series of self‑written Bengali poems while weaving a spontaneous, multilingual monologue. The speaker moves fluidly between Bengali, Hindi, English, and occasional Nepali‑like phrases, recalling the sensory atmosphere of Kolkata—its sunsets, street sounds, and distinctive smells. The recital is anchored in poems written around 1990‑1991, which the speaker revisits to illustrate personal growth, emotional highs and lows, and the impact of migration (notably a 2011 move to Canada). Throughout, the speaker reflects on the passage of time, the evolution of language and technology, and the lingering connection to the city’s everyday life. The piece concludes with gratitude to listeners and a farewell.
Chapters
So, I'd have to recite some of my poems, considering that मांगले बोली, अम्मार बन्धुरा एलों अनेर निकार लागती हो, जरा अ्मार कविता शुरीं के फुंते पाइनी, तारा बार-बार request कोछे, जाने कुछ कविता परोशो नाई, तो अमार इजे सुन्दोर ए Sunset hochche, kenduke camera dhara nahi, barite main akayi. Tai ek tukhani, hmm, you have to just... To, ame kavitah gulo poro sunachchi. Pothume ahta, duta patikha, ba amar sahod, seta je kavitah to aate, seta ko poro sunachchi. Ita lekha, hi kavitah to lekha, hmm, 2011 sale, Canada e bose. आज एक जटकार आरेना देखे फेल दाना। से भोरेर मिठे रोद्दूर, काक डाखछे काका, रिक्षार टुंटान, साइकले क्रिंक्रिं, ठालार खर्खर, जरेर छर्छर। घुमते के उठे परा, अमार सबोर। बहुत दूर चले गेछी तुमार तेके, तबे फिर भातेर हारी अबलेर बोशे ठेको। घरेर में घरे फिर गोई। जानी तुमी खुब ब्यास तो होय परेछो आजकाल। जुन दुनियार जान्त्रिक जीवन तारा परछे तुमार मन्छोन जीदुन जात रखे। ताइ तोरी गोरी हाते नियेछो, मोबायल, आइपड, लाप माने खुबी बास्तो रूप दाखारछो। किन्तो आमी जानी इ बास्तोतार मोद्धे एक चिलती छाद आछे, जखाने रुद्दूर उच्छे परे, रखुन जीबन जुध्धे बिद्ढस्टो होई जाबो, तकुण सइ रुद्दूरे मादूर बिछे, प आमी आश्छी, आमार जुनो नाके थेको ना, अमार आश्छे देरी होबे, खेये निया। तो इता अमने कवितारे तखन दिके सेलां, तखन आमे फिशुम भावे कुलकाता मिस्कुर चेलां पछंडर तखण कुलकाता आसते बार चेलां ना, due to various reasons, फिषुमाने इता दिके सेलां। अखुन आमे उत्तंतो भाग्गोबती ज अमी शोय शब देकेछी आमी शोयशब देखेची, ताइ अचेना के भय करी ना। आमी छुट्टो पाय धेयुर साथे नेचेची खेलेची। ताई आमीभय करि ना अतुलेर आउभान। आमी बिष्टी छाक्टाय स्नातो हेची. सर्गु थिके धाबवान से जर्णधरा के आमऀ स्प अमी चनचोल पुजपतीर पाखना चन्दोबे, पेजी फुलेर राश। ताइ मुन भुलानो माया, अमाकी बिछली तो करे ना। अमी साथपंगा राम्दोनो देकेछी। ताइ भोय करी ना कालो आकाश के। हाते ताले दीती दीते, सापुरेर बाशिर दुल ताइ अमी दोराइना तार बिषके। आमी सुर्झ्यो दोय देखेछी। आमी भय परिपाइना खरार पशन्दो तापके। आमऀ प्रिथिबीर आलो देकेछी. सबुचे बातायन देकेछी, खुणिके शौपनो देकेछी, दे आरे एकटे कविता बोलो। पारो मानुभीत। अच्छो, इस शोशब निकेती कविता तो 1990 शाले लोखा। 19th June। बारो मनभू, आग्नेयो भिरी, जलन्तु ताप, जिवन्त प्रान, आकाशेर प्रानते, तेपान्तरेर जहर्त, मित्तुच्छ, अपुराजिता, अमर हाते मानो बमा, ये की भ्यानकर परिक्षा। आतो दिनेर परीहास, आज रुपनिलो उपहारे, अमर सुत्ति ये क ये गन्दोर्डर बिशोन चिना, उनुनेर गन्धो। उनून धरानोर गन्धो। अमि कार एसे अनेर दुखनो गन््धो पाछी। जो गनदो निया एक लेखालियो है। कोलकाता एता भीडिन्य भीदिन्य जायगाई, भीढिन्य समाय, भीदिन्य � अच्छा, आरे एक कवित परवसन अच्छी, मुखागनी ना, सोरी, मूखाघनी ता उटू दुखेर, मने उटू साड, तो उता उर्छोर परवसन अच्छी एकी तवे सेश, ना के आरो परे आछे किछु बाकी, इ जर्मिन मोतर भालो बाशा मार से� अमार मृतो देहो सजीब, सुन्दर। आतु टूको भाज ने तार देहे, आतू टूको कौंची तो नाई भुरू, भुरू. मुस्रिन तक सुज्जो राङा आलोई उज्छल, आतो टूको भाय ने, आतु टूको खोब ने। राणा थोडडडूते हाशी छोड़ बहुत दिन के तरह छेंगारे। किये जाला बेची ता। मुखागनी आखुनु बाकी। एक जोनी ता कोरते पारे॥ हे निथुर कोभी। तिमें के आशबे हे साइटी देहेर मुधात्ति कोरते।। इता 1990 सले, 6-7 सेट्केम्बल लेकिन। तर परे जी कवितते लिखा, 1991 आरे 11 वी जानुईरी, इते तो तो, इते जी में दुखेर अग्डुम, चरम, lowest point ते की कवितেते लिखा हो सुरूज, इता, इते टार परे, दुखो तेके rise करे उतार कविता। ना, इखा इनाई समाप्ते ये सुदो आचंबितो बिरोती। अनुंतो धेवेर माझे एक छोटो दी ये सुदो आचंबितो बिरोती। दूर दूर बहु दूर आखनो लोखो। दिप्टी सुन्दर सभुजेर समाबेश। फूल मौमाची पुर्जापतीर राज्यो। � इरे लोग नानान मुहुर्ते नानान मोमेंटे कविता गुलो। एक ता अचे बेकारत्ते कविता। ये ता अमनर पुत्तेके एक टा पॉयंटे सोखील करेसे। कुरमोशो हारी फेलची समाय तारीखो माश। बेकरत्ते भारे आमे क्लाउन तो। आगाम यूनिश्यु नुब्बे शाले छोई जुलाई। तो तकुण बेकार छिलाम से इसमाई का कविता। आयाक्ते कविता पर सुनाच्छी छिता एक्टु बरो। अनिग बुलो है गाला। जाकि छोटो एक टे कविता सोलेकला। अपरय My middle name is Aparajita. I think my mother's name was Aparajita, but it was lost. जरेर एक धाक्काइ फिरिये दिलो अमाया, अमाके अमार काछे बरन डाला भुरे। अभिचल, अचनचल, अभिन्न रूपे, एकके बरेशी पुरतन, पुर।न समहिमाय। आमी फिरे येलां, अमार बास्तबे शर्त्ता छु 14 जुन लिखा अच्छा। तो लिक्खा ता होचे कभीरे जाओ। माने होचे निजर गभीरे जाऔ। अतोल्स पर्शिनिदर गबीरे झाओ॥ एबन। से गभऀर तेके जतो गुलो डीमेंज आछे गबिरे मनते, निझर मनेर मनते से डीमेंज कु Thank you very much for listening. Thank you. Bye bye.