Ashtami Pushpanjali

A continuous devotional chant for Ashtami Durga puja, invoking Brahma, Shiva, Vishnu, and the Goddess Durga through Sanskrit-Hindi mantras. The Pushpanjali ritual requests protection, health, prosperity, and removal of sin while calling listeners to join the flower-offering ceremony.
Chapters
This is a very important part of the puja, so please bear with us for a while. Thank you very much. We have— Devi Chandni has killed Mahishasura, and our Father Brahma is producing his offering from all of us. Please be quiet. Namobrahma, namobrahma. नमो ब्रह्मा नरुषिजासन नरुषिजासन नरुषिजासन ओम शिवाय नमः ओम शिवाय नमः ओम शिवाय नमः ओम ऋषि ओम बाचा ओम प्रपित्ता ओम मनोजजु ओम शामुप्राणा चक्षुरतम् प्रपित्ता ओम चंडिकाय नमः ओम चंडिकाय नमः ॐ चंडीगाये नमः नमो चंडी पान पशुच चक्षशफिदायश दधीर रुधीर मानस प्रतिंचा प्रयस्पति धातु शन्न भवतु भोगनश याश्पति ॐ शस्ति ॐ इंद्रशस्ति ॐ वृद्धशबाशस्ति ॐ शस्तीना विश्ववेदा शस्तीन विश्रवा, शस्तीन विष्टर्पितातु। ओम शस्ति, दोषांति रखः शस्ति, पृथ्वीशांति रखि शस्ति, शांति रोशन्थाय शस्ति। ओम शांति, वनस्पताय शांति, विष्णुदेवा शांति, ब्रह्म शांति, शरबचन्नि शांति, शंतोऋवो शांति, ओम शांति देशी, ओम शांति। ओम शांति, ओम शांति। ना पुष्पांजलि, you can chant with me। इटा अपना नाम विश्वने पुनः करें, जिनको हमने हवाई बोली, तो सिवा, तीन बार हवाई, तार पर शेष है कि नाम मंत्र लिए। ओम आयुर्देहि, यशोदेहि, हगम भगवती देही में पुत्रां देही धनं देही शरबान कामस्च देही में ऐशा कुष्पांजलि रिंग ओ दुर्गावी नमः ओ हरो पापम् हरो क्लेशम् हरो शोकम् हरा सुखम् हरो रोगं, हरो खोहं, हरो मारिंग, कुरीप्रिये, ईशा, उष्पांजलि, प्रिंग, ओ, दुर्गावी नमो, ओ, कायन, नमुशा, याचा, कर्मना, यत्कृतम्, मया, ज्ञान, अज्ञान, कृतंग, पापं दुर्गे, तंग, हर दुर्गति, ईशा, पुष्पांजलि, रिंग, ओम, दुर्गावई नमः, ओम, आयुर्देही, यशोदेही, हक्कम, भगवती, देही में, उत्तरांदेही, नंदेहि शड़वांग नामस्च देहि में ऐशा उष्पांजलि रेंग ओम दुर्गावी नमः ओम हरुपापं हरुक्लेशं हरुसोकं हरासखं हरुरोगं हरुखवं हरो मारी, हरो मारी, हरि प्रिये, हरि प्रिये, ऐशा, ऐशा, उष्पांजलि, उष्पांजलि, रेम, रेम, ओम, ओम, दुर्गावी नमः, दुर्गावी नमः, ओम, ओम, कायना, कायना, नमोशा, नमोशा, याचा, याचा, कर्मना, कर्मना, यकृतंग, यकृतंग, मया, मया, ज्ञाना, ज्ञाना, अज्ञाना, अज्ञाना, प्रतंग, प्रतंग, पापम दुर हर दुर्गति, ईशा, पुष्पांजलि, रिंग, ओम, दुर्गावी, नमः, ओम, आयुर्देही, यशोदेही, भगवन्, भगवती, देही में, उत्तरांदेही, धनंदेही, शड़वांग, कामांस्चो, देही में ईशा उष्पांजलि रिंग ओ दुर्गावी नमः ओ हरु पापम् हरु क्लेशम् हरु सोगम् हरा सुखम् हरु रोगम् हरु खोफम् हरु मारिंग हरि प्रिये ईशा उष्पांजलि रिंग ओम दुर्गावई नमः ओम कायना नमः शा याचा कर्मणा यत्कृतंग मया ज्ञान अब ज्ञान कृतंग पाप दुर्गे तंग हर दुर्गति ऐशा पुष्पांजलि रिंग ओम दुर्गावई प्रणाम ओ सर्वमंगल मंगले शिवे सर्वार्थ साधिके शरणे संबके गोड़ी नारायणी नमस्ते एक बार मोने मोने बोलो ॐ दुर्गे मातो नमो नित्तम द्वीप दर्पणिशुद्धिनि हक्त कलंकलोतिके नारायणी नमस्तुते ॐ सर्वमंगल्लमंगल्लेशी वेशर्वार्थ साधिके सरन्नतम्बके ग्रोड़ी नारायणी नमस्तुते ॐ नमो नगात्तजदेवी अहुशीलशमन्निते हक्तपवरदोदेवी नारायणी नमस्तुते ओम निशंभो शंभमथने वहीं शाशुनमर्दिनी अर्थाति नाशिनिशिबे नारायणी नमस्तुते ओम इंद्रादि विवीशबंदो बंदित शंखी डुड़े नानालंकार जब्ते नारायणी नमस्तुते ओम नारदई दुःखमोनी शिद्धि विरादई गणी वृश्चिकृतो कुरुष्कितो अंजलि उनारायणी नमस्तुते ओ देवराज कुत्रिक स्त्रोतो बैधिराज कुत्रिक प्रोजिते त्रिलक्कुत्रान शहीते नारायणी नमस्तुते ओम अधुक्तो भुक्ति दे चंडी मुखधरो थे शारुनिपी अज्ञायन भवने नारायणी नमस्तुते










