A devotional chant in transliterated Hindi-Sanskrit where a single reciter offers flowers to the Divine Mother, invoking Durga, Chandika, and Narayani. The prayer repeats mantras like "Sarva Mangala Mangalye" and "Narayani Namastute" while seeking protection from suffering and blessings of health and spiritual upliftment.
Chapters
तो पहले प्रेंट प्रेया प्लेंट प्रेया है और पुष्पा जिली स्टार्ट के लिए मैं उन्हें करता हूँ और तो उन्हें चांत कर सकता है शुरू खुशा खुशा ख़ुशा खुसा खूशा शुरू धूर्गे मातो नर्मेरित्तम् धुर्� सर्वमंगलले मंगले सेवे सर्फार्प साधिके सर्न त्रंब के गौडी नारायणी नमस्तुते ओम् नमो नगात तज़ देवी अधू सीला समन्निते तक्तिप्प परददेवि नारायणी नमस्तुते ओ विशुं भशुं भवातने मुनिशाशिनमर्तिनी आर्थाति नासिनि सीवे नारायनी नमस्तुते ओ मिन्द्रादी दिवीश प्रिंदः पंधीत शिंखारुभ नारालंकार शंजुते नारायनी नमस्तुते नारायणी नमस्तुते ओम् देवराज़ गृत्रक्स्तोत पैधिराज ग्रपुर्चिते त्रैलक्वत्राण सकीते नारायणी नमस्तुते ओम अभत्त भक्तिते चन्निकामक्व रूपे सरूपिनी अख्यान भवने नारायणि नमस्तुते ओम ओयं दृग सर्वधेवि मैं देवि सर्पलोकु मयपथां रंभेशु विष्णु मयीतां प्रनामामी सदाल्मां ब्रिंधस्थां विष्णीलायां दिप्पस्थान निवाशिनें जोगिनें जोगुमायां ।चन्दिकां प्रनामम याइदं पठति सत्गं सिन्वादवाविपक्तितः शामक्त सर्वपापित्ध मौत के दुलिगे आसतः।।। यवार तुमने बोलो चुर।। कुष्वां जली। ओ आयुर देही यसुदेही भगन भगवती देहिने पत्रां देहि धनं देही सर्वान कामास्च देहि में एशा पुष्पांजली रें ओप दुलावी नमा ओप हरु पापं हरु क्लेशं हरू सोखं हरा सुखं हरु रोगं भरोखोभं भरोमारी भरिख्रिये ईशा उश्पान्जली रिंग ओम् दुर्गावी नमा ओम् कायर नमशा याचा कर्मणा यत् प्रितंमया गैन अप्गैन तं पापं दुरुगे तं हरदर्गति एशा पुष्पांजली रिंग ओम दुधावेगमा रभडंपरो ओम सर्वमंगल्ल मंगले शीवे सर्पार्थ साधिके सरने द्रंब के गउणी नाडायनी नमस्तुते ओम् दुविमातो नभूनित्तं विद्धदर्भो इशुधिनी फफतनां कलतो नाढायनी नमस्तुते ओम सर्वमंगल्ल मंगले शीवे सरवात्र साधिके शरन्ने त्रंबके गोडी नारायनी नमस्तुते ہمارے لئے