A duet in Hindi about bangles and longing, with two singers trading verses about devotion and emotional turbulence. The lyrics use traditional ornaments as metaphors, set to rhythmic, repetitive lines that feel like classic Indian popular music.
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बोले पंद्रह हाय मैं हो गई तेरे साथ राम तेरी बीजी नहीं लगा फेंट मर गई हूँ ले चले जा ले चले जा ले चले जा सुनिए ले चले चल, ले चले चल, मैं ले चले चल, ले चले चल, छोड़िया, छोड़िया। बोले छोड़िया, बोले भजना, हाँ हो गई तेरी साज़ना। बोले छोड़िया, बोले भजना, हाँ हो गई तेरी साज़ना। दिल जले जा, सोये लजले जा, दिल जले जा।
बोले चूड़ियाँ, तुम्हें क्या दिना? हार में हो गया तेरा सोचना, तेरा बिंजी उन्हें लबिता मैं तो मर जा।
बस तुझको पुकारा पड़े मेरी बिंदियाँ इशारा
करें ओए लशकारा लशकारा तेरी बिंदियाँ क्या लशकारा ऐसे चमके जैसे चमके चांद के पास सितारा मेरी माँ ने बुलाई तुझे
जो रूप में बनाई तुझे हो सजेनजी हो सजेनजी सब जो कुछ समझो मेरी बात को
बोले चूड़ियाँ, बोले कंगना, खाई में होगा तेरा साथ ना। तेरे बिन जी नहीं लगता मैं इस मर जाऊँगा।