Sreejoyee and two other vocalists perform a Bollywood-style song about longing and separation. The repeated refrain "हर पल हर लम्हा मैं… तुझे बुला" captures the ache of missing someone, with verses layering tears, distant nights, and the pain of distance through call-and-response vocals.
Chapters
नैना लगी आँख बारिशा, वो देवाने गाने
कोड़ी विच में देवी।
नैना लगी आँख बारिशा, जिन्दगी न छोटे लगे ही दिल थे।
हर पल हर लम्हा मैं कैसे सहता हूँ हर पल हर लम्हा मैं खुद से ये कहता रहता हूँ तुझे बुला
तो आओ तुझे बुला तो आओ
मुझे बुला दिया हो, फिर क्यों तेरी यादों
ने मुझे रुला दिया हो, मुझे रुला दिया हो?
तेरी यादों, तेरे लिखे जो लव से देखते हैं, सुनाई, पीते लम्हे पूछते हैं, वो ऐसे जुदा-जुदा, जुदा मिला जो ये फासला है। तेरा ही फैसला है कोना जब होते आज तूने ना लिखा काली काली खाली
रातों से कुएं पे है तू से
खुला हुआ इधर आओ मैं काम का
हर पल हर लम्हा मैं कैसे सेता हर पल हर लम्हा मैं खुद से ये कहता रहता हूँ तुझे बुला दिया
हूँ तुझे बुला दिया हूँ तुझे बुला
दिया हूँ तेरे क्यों तेरी यादों ने
मुझे रुला दिया हूँ मुझे रुला दिया हूँ मैंने लगिया बार
शाम सुखी सुखी सपने मुझके हैं ना लगी आँखार शाम
पे कल हालिबादे अधिच्छा में वो पल
मुझसे जुड़ा था ऐसे हो कि रस्ता उड़ा था तुझसे मैं होने लगा जुदा जैसे होने लगा मुझसे कुछ मेरा तू
ही मेरी अब कर दुआ तू भी इस दर्द से कर दे जुदा तेरा होगी तेरा तो बिनारा मैं खुद से कहता हूँ तुझे बुला लिया हूँ तुझे