The YouTube video “Chitrangada 3” presents a multi‑speaker poetic‑dramatic performance that weaves together devotional invocations, mythological references, and existential musings. Speakers A‑D alternate delivering verses that blend Hindi, Bengali, and Sanskrit‑derived diction, invoking deities such as Ram, Ishu, and Thakurji, recalling the Pandavas, and expressing yearning for spiritual liberation. The piece oscillates between reverent prayer, lament over ignorance, and vivid emotional outbursts, creating a theatrical tableau that resembles a folk‑drama or musical recitation rather than a didactic lecture. The overall tone is lyrical, intense, and devotional, with a sentiment of yearning, reverence, and occasional frustration.
Chapters
कारे हे राम आहा सिकी सुख सिकी माया सिकी आया सिकी सुगोर लोकीरों ने रुंजी तो छाया कारे हे राम ईशु ईशु जी हो सी हो Balu balu tumi sokulolo sokulolo eso eso ye ho se ho. Kalindo sungaru de hurata bohe sokula kan kha kulota eso eso ye ho se ho.
Tumi otikhi otikhi ama. बनो कोना में हरिशास्त्रार तुम्हीं और देखे
होती थी अमान पंडवों हमीं और जुनों गांडी बोधना विपति कोना पंडवों हमीं और जुनों गांडी बोधना लहु मोर खेती लहु मोर केती लहु पुरुषदार बो लहु अमार शार बो
शब्द दो शब्द मुनि खाओ शुद्ध ऐका तुम और तुम, शॉट पुत्र, विश्व विधातार कॉट पुत्र, आँखों यो इशार चुकुन, ऐक मान, शॉपल दोइंगे तुम महा उषाम, शॉप छातुना, तुम शेष उड़िया।
श्रीमान् जी, आमी नोई आमी नोई, हाय पाप तो हाय, श्रीजी को हमें दे देर छोड़ो ना। जाओ जाओ फिरे जाओ फिरे जाओ बीर। शुद्ध जो बीर जो मोहत्तु तुम्हार दियों ना मिट थर पाए। जाओ जाओ फिरे जाओ।
एकी त्रिश्ना, एकी दाहु, ये जो नीलोतपाके पाके खेलिया चे त्रिश्ना तो कुंभी तो प्राण, उत्तप्त और हिदायत छुट्टी आशीत चाहे इश्वर पांव को टूटिया।
पसंद की अज्ञान डोरो, एकी में दोनों खा रहा है शांति अज्ञान लो मुख्य करायोग निश्चिता चुपचाप पैमुनी चीता और उन सुतोएगा फिरों की मुंह और उन माला शांति अज्ञान लो जीना भूखन हारिए गैलो शापुन छाया दे ठाकुरजी मेरे फलाश्रा मेरे रोगी ने माया दे जानता है हमारे लिए रूप देशा और था रामुन राज्यों देशा
ये ख़ैला, ख़ैला ये ये हार को तो पाने शेष जहाँ आवे आवे तारे शाबुदे होते ना उशेर सुन्दर गा प्रेते शाप निरोधेश, देर ना करो ना करो ना ना, जाचे और उताम, आशे भागे, लंतो हम ताशाम। ना
ना ना शक्ति भाई, शक्ति भाई। फूल जब शाम का देखेगा पौधा देखे ना ना ना शुक्र भाई शुक्र भाई हर सोया से तक बार सो लिखी जात मन प्रस्तार सो ना बोतार चंद स्पंदन आता शुभ सुंदर में सांप को तो वेशे मिलेगा नुशेशे तुम्हारों दुखानी लोलों में लोले लोले में दिखी देखी देख दुखानों आलों में तेरी नुबसियाँ मेरी रोशनियाँ
मेरे
जिल को धाते ही सुपर प्रप धारे ही चित्रन का नतीजे आज तुम्हारी मारी चित्रन मेरे को बनी मेरी माता पागल बले की राजा कार्मा मेरी बाजा नारायण जब मन भाई है भाई भाई भाई भाई भाई