Monjistha performs a Hindi duet where two voices plead with each other to kiss so their song becomes immortal. They speak of transcending age and birth, weaving together imagery of sky and breath with themes of devotion and the desire to preserve their bond through music.
Chapters
होटो से छूलो तुम मेरा गीत अमर कर दो होटो से छूलो तुम मेरा गीत अमर कर दो बन जाओ मीत मेरे मेरी त्रिपला मर कर दो होटों से छोड़ो तुम मेरा गीत अमर कर
दो ना उम्र की सीमा हो ना जन्म का हो बंधन ना उम्र की सीमा ना जन्म का हो बंधन जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन
नई रीत चला कर तुम ये रीत हमारे हर दो नई रीत चला कर तुम आकर तुम ये रीत अमर कर
दो आकाश का सुनापन मेरे तन हामन में पायल छले का दी तुम आजाओ
जीवन में सांसें देकर अपनी संगीत अमर कर दो संगीत अमर कर दो मेरा
गीत अमर कर दो जब भी छीना मुझसे ये मुझे जो भी लगा प्यारा सब जीता कि ये मुझसे है मैं हर कम ही हारा तुम हार के
दिल अपना मेरी जीत अमर कर दो तुम हार के दिल अपना मेरी जीत का मर कर दो होटो से छोड़ो तुम मेरा जीत का मर कर दो