Two vocalists perform a Bengali duet in the call-and-response style of Rabindra Sangeet, Tagore's songs about love, devotion, and spiritual yearning. Their voices build on each other's imagery, layering emotional depth through the traditional form.
प्रीति और शुभेच्छा जब हम कांटे के आगे शोमीना के और कॉमन करके ऑडियंस ढूँढने बाद हमारे एक व्यक्ति के द्वारा पूछे थे हम जो यहाँ रजत हैं इट्स रियली फील्स ग्रेट और आपके द्वारा मेरी रिवाइंडलेस क्लास शौकुले आंकुर करता है और वी आर रियली टच्ड तो आपके काइबो और प्रभु रघुनाथ
कालों में अल्हुरी जो घूमता मठा झीलों ना दान करने मुक्तों बने पिठने कार्य लोगे कालों काशी जो हरे कालों निखे छेदार अनुहुरे इंचो रिश्तों को निभा मित्रे बोले शाम दिखे
आधार भलो दिखे डाक कच्चे नशे मोले दुर्तिगार शमा भी ये वास्तव में कुलपा
देखो तेरे होते रस्ता इल्दार आवाज़ पाने आने जुगमाल फुरू शोले ले बारे मिथिलेर गुरु आयो खुशी जो तुम्हें गला हो देखे चेतार आलू बने जो अनेकारे से ही हुई तूने बाताश इलफटा की थी आने पे पे मेरे रामधे आने रधारे नारे सुने ना काम माथे माथे हाथ लोला में हमारे पाने देख लोगे नाचे हमें जाने हमें जाने शमी में आलू हर्ष के जख्मे नलो हो ये निकोड़े अनबहुत हरा पुष्पाली मछली नमितो सांप हो दे ये मैंने कोड़े सबूल रजुली पे हाथात पुष्पी बुनिए अर्थिते कालू तो शेजो कल हो निखचे कुआर कल हो रे जो अमिता रे हो रे हारे जा माले बोलू कोनो लो निखची रे मोइना पड़ा मत ओ पल मिले अल्हुरी जो मथार पड़ी डाइनी दुल्हन रात हो रहा काली ओबदार कालू