Saheb Baganer Sundari - Manoj Mitra

Two characters clash in this scene from Manoj Mitra's Bengali play, arguing over money, art, and love. Their rapid-fire dialogue mixes domestic grievance with poetic allusion, revealing the tension between financial pressure and artistic identity.
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चले स्टार्ट कोरे, सजो ओलेलो छुले, से थिलो बशोना, सुन्दरी, इन शवे मत्रो, खाटे चले एशी बोचे जी। आमी के, आमी समम। आमी खाओ। इस शइ।पक्रे मुर्ति ता किल्टूर। ठीक एरवती। पाकीर बेश खाले? ये छोप कालो, खाला-कालो, छोपी ता? केलो, जेलो, बागले-बादले खाले। ये जड़ा जीनो कुतुरे एइ दिखे ताफी एइ, एइ मदने बें सहहेब। खेमुझ जड़े इन्ये इने कान नसुल। और ओजे, ओजे ओइ बौपुल गाछे एकाक, ओर निज़ा गयालोछ। केस ता की बें सहयव? आइ जाते? इते आमादे भून नस्ट करछो? है तमार बोजाओ थी? इते खन्दाई साला दिन बहुत खाटा-खाटी करता है आमादे? है इति विश्णत जाए ना की? की राज्जी? एके बोशे आछो? खुशी मदल आछ� जाना दुप्तो छाड़ालो पुर्शाक माइने। पैंसा ने नी धामा बोलछी। यूप कर। गोखी
चाडा, सपं चादा, कादीर बाच्चा। क्यों हवस्ता पर चाणारी शाचान। इन मीदी कागुर। छीले चाले चानतकाहुँ कुफ मुखे, गाले, बुखे, मुप्रा, मिदम्रा। अमार
ते तो पोर भनगा। ये ते आमारे की दोड़ी? ये नड़-नड़ चरन्द मैं बोशे आछु का? ये इत्टू हाथ-पाथ खाखाले, आ परा थोडई तुम्हार काछे � येरा इक्टू स्टैट्यू माताय नोक्खो चाते भालो बाइशे। दुर। दुर। केले
कुछे। दाड़ा। तोड़े साथे पिरे एशे॥ तोदे की हाल परे छाडिन देखी। कविआते
गमन साहेद। तुमार साहेद। चीति पेछो। ना चेलि ताले बर्शा खाले और बोशे-बोशे बीचते होबे ना।
देखी, देधी शाहिर फेरे की दावता है। शाहिर, छुटी फुरो लेख छली आशे। जाबार शामार आमार पोने ये
ताछो। भुदनी आषा क्रोगेनी, में शाहिर, थोमार शाहीर के दुब्बी तलपा निये सबेश बेगे से। तु इता भारी आश्चति लागे, ती जावारागे तुमार थी बदान बारी एकता बेवारीश बादान बारी मोग करते बाजची। में शाहेर, शाहेबेर जोतो आर केदे लावने? इदे शेष, शाहेबेर नजकती शेष? तुमारो बोलबाला शेष में शाहेर। हाँ,
तोरे पाप, इकोरे भुनिता की बाल भु
तुम्हार शाहिर ना की आर्टिस छिलो? की बले? की बले? शिर्पी? यही नाना
छुलपी? हाई शिर्पी! यही नाना छुल्पी!
हाई शिर्पि! यही नाना छूलपी! हाई शिर्पी!
अमुनी यही नाना जोच्छा छुलपी? है शिर्� राते। अगर मुखे दिके हा कुरचे थाकतो और बोलतो। चाले सोभा, तुमार काछे हार मेरी जाय सुन्दरी। हार मीरी
जाय सुन्दरि।
फेंची कारणी। आमाके आरो सुनदर करते, सहबी सुरीन कुल्टा करते। । � तोर जामार बुद्धी, फजा डुबार पसर थाइबा मेरे बागबी कैना, मेरे मान छाएगा?
एक कुछी भाणा, अप्की देवेची, तुम्ही बुझी, ॖाना दो बाइ, कुछो टिंड़ी दोडे बाराख्यो, ग्राम कौनचे, पागली बुझी बले ही तो आफ़नो मेंचार, मेंछार करी। जानके तुम्हार सबके भक्भो करे, समा कारबेना। छरिव टिकवे नगो, सुदे
चलना। पाप, पाब, दियो पाब। एक ताप, आबार इने देवी आमार। पाब ये बुक्स
की? कद तेके देवे? देखो, देफो, आमार बुखे
रुपर एक लके देखते काछी। लाखो। लाखो। मैलाई हुली आज, लाफ़ रुपर एक तामी पाथोड आछी॥ पाथोड आछी कतो दाम, तार शाहेड छारा फाथोत्ता बेचले तो तोर काण कोका तो 14 पुरुषेड जीवन कीटे जाबे रे, आइश कोरे, खाबारी मुझेके आर्छूरते हाबे नरे।
सक्ति? या अच्छे ना की? इदे इच्चुनी पण्णा? इक्टी पण्ण? एक्टी देवे तो?
आरो मन्दा कोरा देश। पाग्री बोले दाखो। तोर जाखो. शाबान पाइक। उझे, उझे रास्तार उध्धारे, लाइप पाड़ी का देख्छे। मुझालार गुर्णा, आगुदामी शापार माँ। सेल्छ माँखो॥ फेशे आशे बन हो, अमार मौन पर जा साधाना क्ये मिठाभी हमें तो? ओ शोनाका, काकरे, इसके शापा परे दे नारे अमाल। उदे,
फले के आमुदोजा, चानलाका लाजा। के तनामें शाइप, ताओ साइफ। ख़ाँ फुरियो इप प्लैट बारी दिके उड़े गाँ। शुति-शुति एकता शाबा निया खेल। सारा राज जेगे कोशे-कोशे खोशे खोशे मुछे दिलो दाना दिये शेष बिन्दु मौला और खने राजवे मौर्ती टा आबार कैमान खलमाल करियो। ये चाहे अनी आतो सुन्दो।
खिरे पागले बोले ताड़ी हमार?
हामी पाघली। चाही। तुम्हार जबाब नहीं। नहीं।
या बचें पातों के छुंपेट नहीं। ना,
ना, ना, ना, मेंसाहेर। अमार चुद्धु पुरुष, खेटेखा, ना चुद्धु पेखो। आमी तुमार रास्ता खाटे पतो चारी देर आणा कुछ होता है। कराओई पाछिले फ़ोकल फेके देखते पेलो इन अपूर्ड मभुक्ति था। कौतो लोके ना देकलो। अफिस जात्री, गेरस्तो, स्कुर्ण जात्री, मास्त्र भेरोत, मस्तान, फलितिशिया, हि सिल्तो तार पर तार पर से संधा बादाई का आरो केछु प्रसादन सामुत्री निये फिरे एशे देखलो सब केछु लॉण्ड महन। तार, बोकुन बासुर्थ ता भांगा पड़ेछे, बाँचागलोग बाणा पढ़ेचे, बालासेर बालुदेर गंधो और छारे दिके लाछी शोटा गोमार टुक्रो। और वोई दिखिर बारे बेम साहेबे मुफ्ति जाला फिंगे बुरो-बुरो होई पुरे आछे। के, के, के टल्लो ये सब कान्दो। बालुदेर खुट्रो, बास्पे, पेहु का खम्दुन्दू वेल कर्फें।










