Sangeeta and Sreejoyee dance through a Bollywood medley layered with Hindi vocals about love, longing, and the moon. The performance weaves traditional poetry with pop rhythms, anchored by references to Rajasthan and a chorus of eight vocalists delivering rapid lyrical fragments.
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आधा है चंद्रमा रात आ गई, आधा है चंद्रमा रात आ गई। तो न जाए तेरी मेरी बात आ गई, कुलाबात आ गई। आधा है चंद्रमा रात आ गई, तो
न जाए तेरी मेरी बात
हाँ जी रजनी रोमन की अपनी राजा हाँ जी हलके नहीं हाँ जी हलके नहीं हाँ
जी पलकों में भी है चने सांप
लाड़ी आसमान के सुंदर महाराज के लादी
रहने छोड़ी तुमने किसी की बात लाड़ी
मुनाफा लाड़ी तुमको कितना आसमान के सुंदर महाराज
हो तुम्हें ऐसी बात में दबा के चली आई खुल जाए वो ही बात जो दुहाई है दुहाई हो तुम्हें ऐसी बात में दबा के चली आई खुल जाए वो ही बात जो दुहाई
है दुहाई हाँ रे हाँ बात जिसमें प्यार तो है जहर भी है हाँ
हो तुम्हें ऐसी बात में दबा के
चली आई खुल जाए
वो ही बात तो तू है ही है तू है
ज़िंदगी नारे तेरे रंग में यूरना है मेरा रंग चली यारे ना मुझे है इस जल्दी की जलन और दिलाने तेरे रंग में युरना है मेरा मन चलियाने
ना बुझे है किसी जल से ये
जलन और दिलाने
प्यार कभी भी मरता नहीं, मौत से भी डरता नहीं। प्यार कभी भी मरता नहीं, मौत से भी डरता नहीं।
जब भी मिट जाएंगे मर जाएंगे, जिंदा रहेगी हमारी राजस्थान।
मानसिकी दिलियाँ मेरे हैं, तनबूझी दिलियाँ मेरे हैं, तेरे तो तनबूझे हैं, तेरी ज़िन्दगी