Sanjukta sings and speaks about Bengali music across centuries, from Mughal influences through the 1970s. Kazi Nazrul Islam composed over 3,500 songs, blending Hindu and Muslim traditions. The performance weaves Hindi, Bengali, Khmer, and other languages into a meditation on sound and existence.
एक पर अच्छेरो साथवी सतुके बांगला गाने साक्तो संगीत उगोबी गान मोहीरो प्रछिदित होलो। अच्छेरो साथावी सेशे दिके मुघल सामराज्येर भतनीर पले दिल्ली दर्बारे संगिच्चितिरा शारा भाड़ प्रस्थोईने पड़ पुरातुनी टौक्पा, एकाने ख्याल कर देलें, गाइन कारिके।।। भिषयस्करे तानेर बहुचित्रे, एक तर पारोष्ट्रो फोंगीत रे प्रोभाब रहे जी।
जातो नादो जालायो कले शेविने जारतो नादो को जानाई वक्तारे शोहो अनतारेरो जतो लोहीलोहमा आतारे शेदीने जतोनाद पो जानाएगो। शोनगो॥ शोड़े आछे निराम्जा शे दिन जातो ना दुखो जाना
ये ही हो पुराते हैं। ये तो 1970 के ये लोग बांगला गाने शर्लो जुख। कवितुरो रोगिरो नार्ठाकोर, राजनिकांतर शेल, पिजीदराल राय, अतुम प्रसाद्शेनेर मतन, बहुव गुनी बेक्तिदेर प्रभाबे बांगलार संगीत, पायकशूर, शुरुगल बांगला गाने प्रजुक्तिल प्रोपर्तन। काजी नोजुरिल इश्लाम, एकाई तार 22 पछले संगीर जीवने पराई 3,500 गान रचना करे छलें ग्रामाफ़न काम्पानीर जुना। निजे मुसल्मान्थ होये, हिंदु देध देभीर प्रती तार पलुफ्
ត្ន្រូង្ល្ត្ម្ច្ប្ស្ដែម។ लाधी का पंछे में। उन्द कान्ती के दो जोगी भी खाता है। परुण कान्ती केवल जोगे भुखाने निरोदेहिशे। दाडाईलेशे निरोदेहिशो। प्रोखारो ते जो तपो नेहारी के ना हरुनो कान्ति के को जोगे लिखा राशो बिलाशिली, अम्या हुरेली, राशो बिलाशिली गिरे जाओ तेली को खाल, गिरी खाल। उनो कालती ये वो जो