This is a YouTube video titled "Campus To Corporate Transition - How does failure impact in Campus & Corporate world." It features a Hindi discussion primarily led by Sakshi Chandraakar, who is identified as a career branding coach and Amazon hands expert. The video explores the differences in handling failure between campus life and the corporate world, highlighting the consequences and support systems in each context. Multiple speakers participate in the conversation, contributing to the topic of failure and career challenges during the transition from academic to professional environments. The video was created in April 2020.
नमस्कार, मैं, हूँ, साक्शी, चंद्राकर, आपके, करियर, ब्राडिंग, कोच और एमेजन हैंड्स। कैंप कॉरपोरेट ट्रांसफार्मेशन हिंदी विडियो सीरीज के विडियो नंबर 6 में आज हम बात.
करने वाले हैं कास्ट ऑफ़ फेलियर फेलियर की कीमत ओके तो फेलियर 1 ऐसा.
वर्ड है, असफलता 1 ऐसा वर्ड है जो चाहे आपको किसी भी उम्र में सुनना पड़े डिसअपॉइंटिंग है, दुखी होता है, डिस्करेजिंग होता है हमारे लिए बहुत ज्यादा पर पर हम कुछ कर भी नहीं सकते हैं ये सबके साथ होता है चाहे कितने भी सफल इंसान क्यों न हो, कभी न कभी फेलियर उनको फेस.
करना ही पड़ा है पर समझते हैं.
कि ये दोनों वर्ल्ड्स में, कैंपस वर्ल्ड में और कॉर्पोरेट वर्ल्ड में इस का क्या महत्व है और क्या कॉस्ट पड़ता.
है हमको मान लीजिये आप कैंपस में.
हैं अगर आप फेल होते हैं तो.
आपके पास दूसरा चांस है और शायद.
आप दोबारा एग्जाम लिख सकते हैं, आप.
री टेस्ट दे सकते हैं, आप अपने.
टीचर्स प्रोफेसर्स की मदद मांग सकते हैं, वो खुद होकर आपकी मदद करना चाहेंगे क्योंकि वो चाहते हैं कि आपका इम्प्रूव.
हो, स्कोर आपका इम्प्रूव हो बहुत बार.
आप खुद भी अपनी प्रॉब्लम के साथ उनके साथ जा सकते हैं और उनका फर्ज बनता है कि वो आपकी मदद करे क्यूंकि आपने फीस पे की हुई.
है ठीक है ये तो यहाँ है, आपको चांस मिलता है पर जब हम.
कॉर्परेट की बात करते हैं तो ये थोडा सा डिफ्रेंट हो जाता है क्योंकि यहां लोग आपको पे कर रहे हैं.
परफॉर्म करने के लिए यहाँ फेलियर की कोई गुंजाइश नहीं रखनी चाहिए मुझे पता.
है कि फेलियर्स होते हैं पर इसके रिपकशंसयाजो, इसके साइड फेक्ट्स होते हैं ये.
थोड़े से बुरे होते हैं कभी कभी.
हमें डिमोशन मिल सकता है, कभी कभी हमे किसी 1 प्रोजेक्ट से निकाला जा सकता है और सैलरी कर्ड पेकर्ड डोंट समटाइम्स लॉस ऑफ जॉब भी होता है और यहाँ पर आप किसी से जाके मदद नहीं मांगते हो, यूजुवल नहीं मांगते है, आप मांग सकते हो, आपके बॉस अगर अच्छे हैं तो आपकी मदद कर भी सकते हैं, आपके दोस्त, आपके कुलीग्स.
भी आपकी हेल्प कर सकते हैं पर.
यूजुवल होता नहीं है यहाँ पर चांसेज.
दोबारा मिलते नहीं हैं तो मोटा मोटी.
हम यह बात करने की कोशिश कर रहे हैं मेसेज ये है इसका की.
फेलियर तो आयेंगे ही कैंपस में ईजी.
है हमारी लाइफ, हमें लगता है कि हम कैशल रहते हैं, हमें लगता है ठीक है कोई बात नहीं, फिर से.
दे देंगे एग्जाम यहाँ आपको दोबारा एग्जाम देने नहीं मिलेगा कॉरपोरेट्स में तो अपने.
आप को थोड़ा मजबूत बनाइए यहाँ पर फेलियर्स जितने कम हो, हम जितना सतर्कता बरत सके, जितनी ज्यादा मेहनत कर सके.
उतना अच्छा होगा हमारे लिए यह विडियो.
इंग्लिश में भी अवेलेबल है, प्लीज अपने नेटवर्क में इसे शेयर करिए सारे, दोस्तों से पहुँचा मैं साक्षासिंवराकर मिलती हूँ आपसे किसी और इंट्रेस्टिंग टॉपिक के साथ, तब तक के लिए थैंक यू।