This is a YouTube video titled "Campus to Corporate Transition - The challenge of Google Syndrome- HINDI VIDEO" created on March 13, 2020. The content features Sakshi Chandraakar speaking in Hindi about the concept of "Google Syndrome," where students overly depend on Google and the internet for problem-solving instead of developing their own analytical and rational thinking skills. She emphasizes the importance of building these skills for corporate success and encourages viewers to share the video to help others.
नमस्कार, मैं, हूँ, साक्षी, चंद्राकर, आपका, करियर, ब्रांडिंग, कोष और इमेज हैंडस। आज का विडियो है विडियो नंबर थ्री और आज हम बात करने वाले बहुत इंट्रस्टिंग से टॉपिक पर इसको बोलते हैं। गूगल सिंड्रोम क्या होता है। ये होता है यूजुवलीआपके कॉलेज आपस में सारे स्टूडेंट्स इस टाइम पे क्योंकि डिजिटल वर्ल्ड के ही हैं ये सारे बच्चे। और अब हम सब से बहुत आगे हैं डिजिटल चीजों में, गैजेट्स यूज करने में, टेक्नोलॉजी यूज करने में। तो बहुत सारे बच्चे आजकल डिपेंडेंट होते हैं गूगल के ऊपर या इंटरनेट के ऊपर एंसिस लेने के लिए बहुत सारी प्रॉब्लम, सॉल्विंग, स्किल्स, एनालिटिकल, स्किल्स, रैशनल, थिंकिंग ये सब डेवलप नहीं हो पाते हैं क्योंकि वो खुद कोशिश नहीं करते हैं। प्रॉब्लम को सॉल्व करने की रादर गूगल पे या इंटरनेट पर डिपेंडेंट होते हैं। ये ज्यादा दिन नहीं चलेगा क्योंकि जब आप कॉरपोरेट में जाते हो तो लोग आपको कोई 1 प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए हायर करते हैं। आपको पैसे चीजों को किसके सॉल्यूशंस के लिए दिया जाता है। अगर हर चीज का सॉलूशन गूगल के पास होता तो लोग गूगल से ही पूछ लेते। आपको नौकरी पर रखने की जरूरत ही नहीं होती। तो जितनी जल्दी आप ये गूगल वाला सिंडरोम को छोड़ते हैं। इस प्रॉब्लम से निकले और वहीं कैंपस में ही सॉल्यूशन वन चीजों के बारे में सोचें तो आपके लिए ज्यादा मदद होगी। कार्पोरेट में आने के बाद गूगल आपके काम नहीं आने वाला है। कुछ चीजों में आएगा अकास आएगा पर नो वरी क्यूंकी हर सिचुएशन बहुत अलग होने वाली है, बहुत यूनिक होने वाली है। उस सब के लिए आपके पास डिफ्रेंट सल्यूशन होना जरुरी है। सो प्लीज मेरी रिक्वेस्ट है। आप सब से अपने एनालिटिकल प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स को बढ़ाइए क्यूंकि वैसे भी नंबर वन स्किल्स मानी जाती है। प्लॉयबलिटीकेलिए ये वीडियो इंग्लिश में भी अवेलेबल है। प्लीज जितना हो सके अपने नेटवर्क में इसे शेयर करिए और बाकी सारे बच्चों की मदद करिए। मैं हूँ, साक्षी चंद्र, मिलती हूँ और इंट्रेस्टिंग टॉपिक में नेक्ट विडियो में धन्यवाद।