This is a YouTube video titled "Understanding the Campus & Corporate culture - Why is it important (HINDI VIDEO)" created in March 2020. The content is a Hindi-language monologue by Sakshi Chandraakar explaining the concept of culture in companies, colleges, and institutions, discussing how culture is formed, its variations based on location and industry, and why understanding culture is important for career decisions. The video is part of a series on career branding and Amazon answers, aimed at helping viewers navigate workplace culture.
नमस्कार, मैं, हूँ, साक्षी, चुराकर, आपके, करियर, ब्रांडिंग, कोर्स और एमेजन हैंसर। ये है कैंपस कार्पोरेट विडियो सीरीज हिंदी में और ये है वीडियो नंबर टू। आज हम बात करने वाले है कल्चर के बारे में, कल्चर कैसे बनता है, कल्चर कल्चर इतना हम सुनते है। पर यह है क्या एक्जैटली सी जो लोग 1 कंपनी को बनाते हैं, 1 कॉलेज या इंस्टीट्यूशन को बनाते हैं वो बेसिकली डिसाइड करते हैं की कंपनी कैसे रन होगी और क्या कल्चर होगा यहाँ का, जैसे की उनके ये हो सकते हैं, सीईओस कंपनी के जो फाउंडर मेंबर्स हैं वो ट्रस्टीज हो सकते हैं, शुरुआती दौर के एम्प्लॉइज हो सकते हैं। अब ये डिसाइड करते हैं कयोंकि इनका अपनी 1 सोच है, अपनी 1 धारणा है, अपनी फिलोसॉफी है, अपने एथिक्स है, काम करने का तरीका है इनका, इनके मिशन विशन अलग है। ठीक है सो ये लोग मिल कर डिसाइड करते हैं कि कल्चर कैसा होता है। पर कल्चर ओपन कल्चर भी हो सकता है, क्लोज भी हो सकता है, पुरानी सोच के लोग भी हो सकते हैं, नए खयालों के लोग भी हो सकते हैं। यहाँ पर अब बहुत सारी चीजों पर डिपेंड करता है जैसे कि छोटे शहर का कल्चर थोड़ा डिफ्रेंट होगा, कॉलेजस का या कंपनीज का एस कंपेयर। तो बड़े शहरों का, सो सिटीज स्टांस के हिसाब से, जगह के हिसाब से डिफर करता है आपका कॉलेज का भी। जैसे एग्जाम्पल के लिए आई एम का कल्चर बहुत डिफरेंट होगा। किसी भी 1 छोटे शहर के एमबी कॉलेज के कल्चर से, ठीक है वैसे ही छोटी कंपनी का कल्चर डिफ्रेंट होगा। किसी भी मेट्रो कंपनी, मेट्रो सिटी की कंपनी के साथ दूसरा ये डिपेंड करता है कि कौन इसको रन कर रहा है। तीसरा यह इंडस्ट्री टाइप के लिए भी डिफर करता है जैसे की फैशन इंडस्ट्री का कल्चर डिफ्रेंट होगा, सॉफ्टवेयर कंपनी के कल्चर के साथ इंजीनियरिंग कल्चर, इंजीनियरिंग कॉलेज के कल्चर डिफ्रेंट होते हैं। मेडिकल कॉलेज से है न? अब इतना कल्चर कल्चर हमें जानना ही क्यों है। क्योंकि जब आपको 1 नौकरी मिलती है और आप डिसाइड करते हैं उस वहां जा के काम करने के लिए और अगर आपने रिसर्च नहीं की है वह वहां के कल्चर के बारे में तो आपको दिक्कत हो सकती है। मान लीजिये आप उनमें से हैं जिनको अपने हिसाब से काम करना अच्छा लगता है। आप काम बहुत अच्छा करते हैं, डिलिवर भी करते हैं बहुत अच्छा। और जो कंपनी में आपको जॉब मिली वो कंपनी भी बहुत अच्छी है, अच्छे पैसे भी मिल रहे हैं आपको, और वो कंपनी बहुत बड़ा ब्रैंड भी है, पर यह कंपनी चाहती है कि आप 1 पर्टिकुलर टाइम पर आओ और खैर जाने का तो कोई टाइम ही नहीं होता है इंडियन कल्चर में, पर ये आपको इस तरीके से डिससिप्लिन रखना चाहती है। पर यह आपको पसंद नहीं है। तो चाह के भी चाहे कितना भी चैलेंजिंग काम आपको, मिले चाहे कितने भी अच्छे पैसे मिले आपको आप वहाँ फिट नहीं हो रहे हों, आप दोनों 1 दुसरे के लिए राइट फिट नहीं हो और आप अच्छे से पनप पाओगे वहाँ पर न आप खुश रह पाओगे सो कंपनी को समझना, उसके कल्चर को समझना। आप सबके लिए बहुत ज्यादा जरुरी है। कल्चर के बारे में हम और भी बातें करेंगे। आगे ये विडियो इंग्लिश में भी अवेलेबल है। प्लीज इसे जितना हो सके शेयर करे। अपने नेटवर्क में मैं मिलती हूँ आपसे अगले वीडियो में और तब तक के लिए धन्यवाद।