1 Strategy For Unlimited Leads | No Ads Needed

In this Hindi tutorial Sandeep Sir walks viewers through a practical, end‑to‑end strategy for growing a business on Facebook and Instagram without paid ads. He begins by stressing the need for constant, field‑based posting to stay visible in the ever‑moving feed. He then introduces Meta Suite (referred to as “Meta Sweet”), demonstrating its Planner, Content, and Insights tabs. Using the Planner, he shows how to create, upload media, write copy, set dates and times, and schedule posts/reels simultaneously to both platforms, turning manual posting into an automated workflow. The Content tab provides detailed performance metrics (views, watch time, likes, comments, engagement) that inform what type of content to produce next. He explains Facebook’s monetization eligibility criteria (followers, view counts, engagement thresholds) and how to unlock revenue streams such as Reels payouts, subscriptions, and Stars. Sandeep outlines a service model where a freelancer can charge 5‑10 k ₹ per month to manage a client’s social media, using tools like Canva for rapid content creation and Meta Suite for scheduling. He then shifts to lead‑generation tactics: joining niche groups, commenting on influencer pages, extracting contact details, and adding WhatsApp or lead‑form buttons to a page to capture prospects. Finally, he briefly mentions the Ads Manager for future paid campaigns and emphasizes consistent engagement, answering client queries, and building relationships to secure work.
Chapters
थोड़ा सा डीप डाइव करना चाहता हूँ। आज मैं 1 अलग सब्जेक्ट पर जो कि है ग्रोथ, स्ट्रैटेजी, फेसबुक और इंस्टाग्राम कोई नया टूल नहीं है आपके लिए। आप में से कई लोगों ने इसका इस्तेमाल किया है, काफी समय से इस्तेमाल किया है। लेकिन किसी टूल को जानना 1 चीज है और उसका सही इस्तेमाल करना 1 बहुत ही अलग चीज है। लेकिन कई लोग इन्हीं टूल्स की मदद से लाखों करोड़ो रुपये कमा रहे हैं। फेसबुक पेज पर आपको ध्यान देना है कि आप उस पर रेगुलर, अपने रील्स, अपने ऑफर्स, अपनी टेस्टिमोनियल्स पोस्ट करो और अपने पेज पर लाइव जाना शुरू करो। जितना आप कॉन्टेंट अपने फेसबुक, पेज, फेसबुक, ग्रुप, इंस्टाग्राम पर डालोगे उतनी बार लोगों को आपके बारे में पता चलेगा लेकिन अभी भी मेरी बात सुन लो। यू ट्यूब जो है वो सर्च ओरिएंटेड मीडिया है। यू ट्यूब पर अगर आपने 1 वीडियो डाल दिया तो वो वही पर रहता है और अगर कोई ढूंढेगा और अगर आपका वीडियो सही है तो वो उसको दिखाएगा कि यार ये वीडियो देख लो। वो सर्च पर डिपेंडेंट है फेसबुक और इंस्टाग्राम जो है वो फील्ड पर डिपेंडेंट है फील्ड पर फील्ड समझते हो है ना तो वो जो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दीवार होती है जिस पर हमें सारी फोटो और रील्स दिखाई देती हैं जो हमेशा स्वाइप करते रहते हैं ऊपर ऊपर ऊपर चलते रहते हैं। ये चलती है फीड पर मतलब आपने जैसे ही अपना कंटेंट डाला वो लोगो को दिखता है किसी और का आ गया तो आपका नीचे चला जाता है, दूसरे का आ जाता है। फिर यह वीडियो दिख रहा है सबको जैसे किसी तीसरे ने डाला। ये वीडियो नीचे चला जाता है उसके ऊपर 1 और आ जाता है। तो ये कंटिनयंसलीफी्ड चलती रह रही है उस पर कंटिनेंसली यह फील्ड चलती रह रही है। अब सवाल ये है कि क्या ये कॉमन सेंस नहीं है। अगर आपको देखना है नोटिसेबल होना है, कई बार लोगों को दिखना पड़ेगा उसके लिए दिन में कई बार पोस्टिंग करनी पड़ेगी, उस फील्ड में आपको आना पड़ेगा। तो फेसबुक पेज के लिए कंटिन्यूस पोस्टिंग जरूरी है अपने पेज पर अपना कवर कॉल टू, एक्शन डिस्क्रिप्शन, लोगों, वगैरह सब कुछ अच्छे से डालो। उसके बाद मेटा स्वीट यूज करो पोस्ट और इनसाइट्स के लिए पोस्ट और इनसाइट्स के लिए मेटा स्वीट यूज करो। ये एस यू आई टी ई जो लिखा है कुछ लोग इसे सूट कहते हैं इसे स्वीट कहते हैं। स्वीट यानि मीठा जैसे होता है एस डब्ल्यू ई ई टी उसका उच्चारण और यह एस यू आई टी ई का उच्चारण सेम है। तो मेटा स्वीट अब ये स्वीट क्या होता है, कहाँ मिलता है और ये किस काम का है। आइये समझाता हूँ लेट मी शो इट टू यू की ये स्वीट क्या होता है और इसका उपयोग क्या होता है? चलो मैं पहले फेसबुक पर चलता हूँ ये मेरा फेसबुक है। अब मैं इस पेज पर आ गया। अब इस पेज पर जब मैं आता हूँ तो यहाँ पर लेफ्ट साइड पर आप देखोगे प्रोफेशनल डायस बोर्ड इनसाइट एड सेंटर बूस्ट इंस्टाग्राम पोस्ट सेटिंग सेटिंग के नीचे यह मेटा स्वीट है मेटा स्वीट एस यू आई टी ई मतलब स्वीट ये क्या करता है जब आप इस मेटा स्वीट पर क्लिक करोगे। 1 अलग टैब में आपको कुछ ऐसा दिखाई देगा। अब ये हर किसी का अलग दिखता है, मेरा थोड़ा अलग होगा, आपका थोड़ा अलग होगा, आपको कुछ अलग डेटा दिख रहा होगा क्योंकि आपका कॉन्टेंट आपने अलग डाला होगा। ध्यान यहाँ पर, लेटसाइड पर रखना लेफ्ट साइड पे यहाँ पर। सबसे पहले मैं आपको बताता हूँ प्लैनर ये दिख रहा है। प्लानर प्लानर क्या होता है, प्लेनर पे क्लिक करोगे तो यहाँ पर 1 कैलेंडर के जैसा कुछ ओपन हो जाएगा। अब ये कहता है की क्या आप कोई पोस्ट स्टोरी या एडवरटीजमेंट यहाँ से चलाना चाहते हैं तो मैं आपको 1 करके दिखाता हूँ। प्रैक्टिकल ताकि आपको समझ है। मैं यहाँ पर क्रिएट का बटन दबाता हूँ और इसे कहता हूँ क्रिएट अ पोस्ट क्रिएट पोस्ट क्या पोस्ट पोस्ट कहाँ करनी है पोस्ट। तो भई ये वाला पेज जो मैंने सेलेक्ट किया है इस जगह पोस्ट कर देना। कोई फोटो टो डालनी है क्या अगर फोटो डालनी है तो डाल सकते हो ओके यहाँ पर मीडिया अगर डालनी है तो मीडिया डाल देना। मैं यहाँ पर 1 फोटो सिर्फ आप लोगों को दिखाने के लिए डाल रहा हूँ। मैंने यहाँ पर 1 फोटो अटैक कर दी और इसके नीचे मैं टैक्स लिखता हूँ, हैप्पी टू टीच डिजिटल मार्केटिंग फ्री फॉर, एवरी इंडियन लिख दिया, मैंने 1 वाक्य लिख दिया आप लोगों को दिखाने के लिए। अब ये लिखने के बाद मैं यहाँ पर नीचे आ जाता हूँ और यह कहता है शेड्यूलिंग ऑप्शन, ये आप कब पोस्ट करना चाहते हैं, सेट डेट एंड टाइम। मैं इसको ऑन करता हूँ और मैं कहता हूँ कि यार फेसबुक पे न रात को 9 बजे डाल देना। ट्वेंटी वन जीरो जीरो और इंस्टाग्राम पे न ट्वेंटी वन जीरो जीरो। मैंने इसे टाइम बताया कि ये टाइम कौनसे वक्त किस समय आपने पोस्ट करना है। ये बताया पब्लिक कर दिया और मैंने इसे सेड्यूल कर दिया। अब यहाँ पर देखो लेटर करता मुझे बूस्ट नहीं करनी है यहाँ पर अगर आप देखोगे तो लिख कर आ गया है की भाई 9 बजे ये 2 पोस्ट जानी है यह पोस्ट फेसबुक पर भी जाएगी, ये इंस्टाग्राम पर भी जाएगी। अब इसी तरीके से आप यहाँ पर रील डाल सकते हो, स्टोरी डाल सकते हो, पूरे महीने का शेड्यूल यहाँ पर लगा कर रख सकते हो, फेसबुक पर पोस्टिंग, फोटो डालना, ये सब आप पहले से तय करके रख सकते हो और फिर उस समय आप नहीं भी होंगे तो वो खुद ही पोस्ट कर देगा। ये फेसबुक में इन बिल्ट है। आपको कुछ भी नया अलग करने की जरूरत नहीं है। इसमें इन बिल्ट है, आप बस इसे यूज करो, इसे यूज करना सीखो। बहुत सारे लोग मार्केट में ये सर्विस प्रोवाइड करते हैं। जैसे आपका बिजनेस है तो आपके बिजनेस में आपको रेगुलर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर डालना पड़ता है कुछ कुछ कुछ कुछ 1 काम करो। ये काम आप हमें दे। 2 हम हर रोज सुबह शाम 2 बार कॉन्टेंट पोस्ट कर दिया करेंगे। अलग अलग कॉन्टेंट बनाएंगे उस पर डालते रहेंगे। इसे कहते हैं सोशल मीडिया मैनेजर कि हम आपका सोशल मीडिया मैनेज करेंगे। अब किसी किसी से आप 5000 रुपया ले लो, किसी से 10 हजार रूपया दे। 2 खुशी खुशी लोग देते हैं बिजनेस मैन को अगर बोलोगे भाई रोज दिन में मैं 2 बार पोस्टिंग करूँगा या करुँगी 5 10 हजार रुपया मैं आपसे लूंगी वो खुश हो जाता है। कहते हैं यार ले लो हेडेक मेरा गया कम से कम आपको पैसे देकर, मेरा रोज, पेज और ग्रुप और इंस्टाग्राम और सब पर चीजें आ तो रही है। और फिर कितना डिफिकल्ट हो सकता है। अगर आपको एग्जैक्ट उसी समय मोबाइल खोल कर उसे पोस्ट करना तो ये मैन्युअल काम कोई नहीं करता। सब लोग उसे सेड्यूल करके रख देते हैं। कैनवा पर बैठ कर 10 पंद्रह, 20 आर्टवर्क्स फटाफट, फटाफट फटाफट टेम्पलेट बना बनाकर बना बना कर यूज कर लो उसमें ऐसे कॉन्टेंट निकालो यहाँ पर पोस्टिंग करो शेड्यूलिंग करो और वो पोस्ट होती रहेगी होती रहेगी होती रहेगी। 23 घंटे का काम अगर करोगे तो महीने भर का काम आपका कम्पलीट हो जाता है। 5 10 हजार रुपया चार्ज कर सकते हो। किसी का फेसबुक पेज है, ग्रुप है, आप देख रहे हो कोई दुकानदार है और वो पोस्टिंग नहीं कर रहा तो उससे मिलने चले जाओ। उसे मिलकर उसे बोलो भाई आप पोस्टिंग क्यों नहीं करते। वो बोले यार कहाँ ध्यान रहता है। हमारे पास कहाँ टाइम है। ये सब करने के बोलो उसे मैं हूं। न मैं हूँ न सर्विसेज तो आप मुझे काम दे। 2 मैं आपके लिए कर दूँगा या कर दूंगी, घर बैठे पैसे कमा सकते हो। घर बैठे और 1 एवरेज इंसान को ये टूल्स के बारे में पता भी नहीं होता। उसे लगता है आप हर रोज सुबह 7 बजे उठ के पोस्टिंग कर रहे हो। रात को 9 बजे पोस्टिंग कर हो। उसे लगता है यार बड़ा मेहनती है यार बरा बर टाइम पर पोस्ट करता है तो ये होता है मेटा स्वीट, ये है मेटा स्वीट। अब मेटा स्वीट के अन्दर मैंने आपको प्लैनर बता दिया। फिर यहाँ पर कॉन्टेंट भी है कॉन्टेंट? कॉन्टेंट के बटन पर अगर आप क्लिक करोगे तो जो जो कॉन्टेंट आपने डाला है उस कॉन्टेंट का आगे क्या हुआ, कितने लोगों ने उसे देखा, कितने लोगों ने उसे पसंद किया। उस कॉन्टेंट पर वाच टाइम क्या आया, कॉमेंट कितने आये, वो कमेंट क्या थे, यह सब आपको यहाँ पर नजर आएगा। ये सारा डेटा है यहाँ पर कितने लोगों ने कितना देखा, आपका कॉन्टेंट इस पर से आपको पता चलता है कि किस तरह का कॉन्टेंट आपको बनाना चाहिए। क्योंकि आप कॉन्टेंट बना बना कर डाल तो रहे हो लेकिन उस कॉन्टेंट का ऐक्चवली हो क्या रहा है यह भी तो पता होना चाहिए। आर यू अंडरस्टैंडिंग गाईज समझ में आ रहा है क्या यहाँ पर जो जो कंटेंट आप डालोगे उन सारे कॉन्टेंट्स के डीटेल्स आपको मिलेंगे देन। यहीं से आपका मॉनिटाइजेशन भी शुरू हो जाएगा। मॉनिटाइजेशन मॉनिटाइजेशन समझ रहे हो। आपका पेज जो है वो 1 सर्टन क्राइटेरिया के आगे चला जाएगा। तो फेसबुक आपको पैसे देना शुरू करेगा। पेज की एलिजिबिलिटी क्या है। आप अपने रील्स पर, वीडियोज पर, फोटोज पर, टेक्स्ट पर पैसे कमा सकते हो। आपके सब्स्क्रिप्शंस के लिए आप पैसे ले सकते हो। आप स्टार्स वगैरह देने के लिए पैसे दे सकते हो। ये सारी क्राइटीरियाज हैं यहाँ पर आपके पास 10 हज़ार फॉलोअर्स होने चाहिए, टेन थाउजेंड, फॉलोअर्स, ढाई सौ रिटर्निंग व्यूवर्स, 50 हजार पोस्ट एंगेजमेंट या फिर 1 लाख 80 हजार व्यूज। अ मिनट व्यूड इन दोनों में से कोई भी 1 और इन दोनों में से कोई भी 1 ऐसे 2 क्राइटीरिया आपके मैच हो जाएंगे। तो फिर आपका पेज जो है ये मोनेटाइजेशन के लिए शुरू हो जाएगा। सब्स्क्रिप्शन के लिए। स्टार्स में ये जो स्टार्स हैं इसके लिए आपके पास 500 फॉलो और होने चाहिए। तो ये सब बैठ कर थोडा सा स्टडी करोगे न तो पैसे कमाने के कई सारे रास्ते आपके मोबाइल में है। आपके लैपटॉप कंप्यूटर में तो इंजॉय करोगे आपको पैसे मिलेंगे। इसमें से एंड यू कैन स्टार्ट अर्निंग। अब इसी में एड मैनेजर भी है जहां से हम प्रोफेशनली एड्स चलाते हैं। इसके बारे में हम जब एड्स में चलेंगे तब मैं आपको और गहराई से बताऊंगा एल टेल यू ऑल द डीटेल्स। 1 बार हम जब इसमें उतरेंगे तब है आपके पेज पर व्हाट्सएप का बटन या लीड का फॉर्म लगाओ ताकि किसी को आपसे संपर्क करना है तो आपसे बातचीत कर सके। अब व्हाट्सएप का बटन कैसे लगता है? मैं दिखा चुका हूं। हमने जब पेज बनाया था तब उसमें व्हाट्सएप ज्वाइन किया था और वहीं पर ऑप्शन था कि क्या आपके पेज पर बटन होना चाहिए। फेसबुक पर अगर ऑर्गेनिकली ग्रो करना है तो ये चीजें करो। इन्फ्लूएंसर्स के जो पेजेज हैं, जो बड़े बड़े पेजेज हैं, जिसमें हजारों फॉलोअर्स हैं, लाखों फॉलोअर्स हैं और जो आपके निश वाले हैं, यानि आपके क्षेत्र में जो बड़े इन्फ्लूएंसर्स हैं उनके पेजेज ढूंढ निकालो, उस पर जाओ। जो कुछ उन्होंने पोस्ट किया है उस पर कमेंट करो। आप देखोगे। कॉमेंट के साथ भी एंगेजमेंट बहुत बड़ी सारी होती है। इन फैक्ट। बहुत सारे लोग जो ट्रेनिंग इंडस्ट्री में आते हैं, कोचिंग इंडस्ट्री में आते हैं। क्योंकि इनिशियली एड्वटीजमेंट चलाने के लिए इतने ज्यादा पैसे नहीं होते। तो वो क्या करते हैं। दूसरों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में चले जाते हैं। मैं आपको करके दिखाता हूँ प्रैक्टिकली ताकि आपको समझ आए। मैं क्या कह रहा हूँ। अब मान कर चलो, मान कर चलो। मैं लोगों के लिए वेबसाइट बनाता हूँ। मान कर चलो। इस एन एग्जाम्पल ठीक, मैं लोगों के लिए वेबसाइट बनाता हूँ। अब कोई बिजनेस मैन होगा तो वो चाहेगा की उसकी वेबसाइट हो। तो मैं क्या करता हूँ। सोचता हूँ कॉमन सेंस की मुझे बिजनेस। मैन कहाँ मिलेंगे चलो, मैं पूना में रहता हूँ तो मैं काम करता हूँ यहाँ पर जाता हूँ फेसबुक पर और सर्च करता हूँ। पूणे बिजनेस पूने बिजनेस सिर्फ इतना सर्च करता हूँ पूणे और बिजनेस थोड़ा सा नीचे आ जाता हूँ और यहाँ पर देखता हूँ, पेजिस पेज तो पेज में जाओ या फिर ग्रुप में जाओ। जैसे भी अब लेट मी सी मैं देख रहा हूँ की किसके फॉलोअर ज्यादा हैं। मैं कहाँ पर जाऊँ तो मेरा काम चलेगा, अच्छा खासा लेट मी सी पूने बिजनेस ग्रुप पब्लिक ग्रुप है तो मैं इसे क्लिक करता हूँ और फिर मैं इसे देखता हूँ। मैं इसे ज्वाइन कर लेता हूँ। ज्वाइन जब मैं ज्वाइन करने जाता हूँ तो यह मुझे ज्वाइन करने देता है। वेरी गुड नीचे आ जाओ, वेरी गुड लेट मी सी। मैं यहाँ पर चुपचाप बैठकर देख रहा हूँ कि किसने क्या काम किया है। अब ये वीएस कलेक्शन है, ये मंगल सूत्र बेच रहा है, मुझे लगता है ये आर्टिफिशियल जूलरी का बिजनेस करता है। अब मैं यहाँ पर इसे कॉमेंट कर सकता हूँ। हाय आई थिंक आई थिंक यू शुड मेक अ वेबसाइट टू सेल tes ई हैव सीन अ लॉट ऑफ आर्tiफिciल जवैलरी स्टोर्स डूइंग वेल ऑन शॉपीफाई। मैंने इसको कॉमेंट कर दिया की भाई शॉपीफाई पर अगर तुम साइड बनाओगे तो मुझे लगता है तुम्हारा अच्छा चलेगा। ठीक है। अब यहाँ से मैं चाहूँ तो मैं ये वीएस कलेक्शन वाले के पास जा सकता हूँ। ये है इमिटेशन जूलरी वाला वी एस कलेक्शन 73 हजार फॉलोअर्स हैं इसके 73 हजार कै यू सी दिस सेवेंटी थ्री थाउजंड, फॉलोअर्स मिल गए मुझे इसके। अब मैं देखता हूँ कि यार इसमें पेज बनाया है। जुएलरी होलसेलर ये संभाजी नगर और ंगाबाद जो बाद भी संभाजी नगर है वहाँ पर है इसका ईमेल आईडी मुझे मिल गया, इसका फोन नंबर मुझे मिल गया। इसका यू ट्यूब चैनल भी है, मैं इसका यू ट्यूब चैनल भी कॉपी कर सकता हूँ और यहाँ पर डाल के चेक कर सकता हूँ। इसके यूट्यूब चैनल पर क्या है इसका यूट्यूब चैनल के यू ट्यूब चैनल में कुछ गड़बड़ लग रही है, उसकी लिंक सही नहीं है, ठीक है। और इसने न तो यहाँ पर कोई वेबसाइट दी है। चलो अबाउट देखते हैं क्या इसकी कोई वेबसाइट है? इसकी कोई वेबसाइट मुझे दिखाई तो नहीं दे रही। इसने यहाँ डाली तो नहीं है। अब आपको क्या लगता है क्या इस वी एस कलेक्शन को मैं कॉन्टैक्ट कर सकता हूँ। हाँ या ना इसे कह सकता हूँ। भाई तेरे फेसबुक पर 73 हजार फॉलोअर हैं लेकिन जब मैं तुम्हारी पोस्ट देख रहा हूं तो तुम्हारी फोटो में क्वालिटी नहीं है। तुम हेल्लो हैप्पी कस्टमर ऐसे लिख रहे हो कोई इसमें इंगेजमेंट नहीं है। 1 कॉमेंट आ रही है बस तो इसमें अगर अच्छी तरह पोस्टिंग करोगे तो आपको फायदा होगा आपको ऑर्डर मिलेगी क्या आप चाहते हो, मैं ये करूँ आपके लिए और ये मैडम हैं इनका नंबर भी है मेरे पास, मैं इन्हें कनेक्ट कर सकता हूँ। मैं इन्हें कह सकता हूँ कि मैडम आप 1 वेबसाइट बनाओ उस पर कस्टमर्स आना शुरू करेंगे। मैं आपकी वेबसाइट 5 10 हजार रुपए में बना दूंगा। अगर चाहिए तो और ये करने के बाद ज्यादा से ज्यादा ये वी एस कलेक्शन वाली जो मैडम हैं ये मुझे क्या कहेंगी, ज्यादा से ज्यादा क्या कहेंगी, वी आर, नॉट, इंटरेस्टेड थैंक यू बाई बाई ज्यादा से ज्यादा न कहेगी न और क्या करेगी। लेकिन मैं कोशिश तो कर रहा हूँ। मैं अपने घर में बैठकर अपने लैपटॉप कंप्यूटर से इंडिया के अलग अलग बिजनेस वालों को ढूंढ सकता हूँ, अप्रोच कर सकता हूँ। अगर दिन में सौ लोगों को अप्रोच करूंगा। महीने में 3, 4000 लोगों को अपरोच करूँगा। आपको नहीं लगता मुझे 24 काम तो मिल ही जाएंगे। प्रॉब्लम यह है। सवाल यह है कि पूरा दिन बैठकर रील हम देखते हैं लेकिन ऐक्चवली आउट रिच नहीं करते। हमें लगता है सर हमें काम नहीं मिल रहा। और अगर मैं पूछूँ कि कितने ढूंढे, कितने मैसेज भेजे, कितने लोगो को डीएम किया, कितने ग्रुप्स ज्वाइन किए, कितने पेजेस ज्वाइन किए, कहा कहाँ जा कर कमेंट किया तो आपको सर वो सब तो नहीं किया। इससे कुछ होता है क्या। अरे तुम करो तो सही लोगों से बातें तो करो। अपने आप को प्रेजेंट तो करो 5 मिनट मैंने आप लोगों के सामने रिसर्च किया 5 मिनट और मेरे पास 1 लीड आ गई। ये लीड है, ये मेरा 1 संभावित कस्टमर है, बिजनेस में है। फेसबुक पर 75 हजार लोग जुड़े हुए हैं। इसका मतलब सोशल मीडिया की ताकत जानती है। वो मैडम वो फेसबुक पर आती है, लाइफ आती है। और वो मंगल सूत्र बेच रही थी, मैं देख रहा था अब इसी बिजनेस को ग्रो करने की अगर मैं उनको स्ट्रैटेजीज दूं। अगर मैं उन्हें कहूं की मैडम आपको यह भी करना चाहिए, यह भी करना चाहिए, यह भी करना चाहिए। हो सकता है मेरी क्लाइंट बने, हो सकता है ना कह दे और क्या। लेकिन मैं कर तो रहा हूँ कोशिश तो करूँगा। अब ये है कि आप में से जो लोग पैसे कमाना चाहते हो, क्या शांति से बैठ कर, इस तरीके से अप्रोच करोगे। लोगो को क्या लीड इकट्ठा करना शुरू करोगे। यही काम इंस्टाग्राम पर भी होगा, यही काम फेसबुक पेज पर भी होगा, यही काम फेसबुक ग्रुप पर भी होगा। तो इसीलिए कहता हूं कि अलग अलग ग्रुप्स ज्वाइन करने चाहिए। बी एक्टिव 5, 10 पंद्रह 20 ग्रुप में एक्टिव रहोगे लोगों के सवाल के जवाब दोगे तो जान पहचान होने लगती है। आई यू अंडरस्टैंडिंग जब अपना कंटेंट डालोगे तो अपने दोस्तों को, क्लाइंट्स को टैक करो रीपोस्ट करो रील्स। आंसर पब्लिक क्वेश्चंस लोग जो सवाल पूछते हैं उसके जवाब 2 उनके साथ इंटरेक्ट करो। आपका रिलेशन बनेगा, आपको काम मिलेगा।
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