Day 15 - 20th July - Free Digital Marketing Training - Digital Bharat

Sandeep Sir walks through building a website from scratch: picking a domain, choosing hosting (shared, VPS, cloud, or dedicated), and selecting a CMS like WordPress. He teaches a scrap-book method for researching competitors and emphasizes SSL security before the next class's hosting recommendation.
Chapters
ocalaacee uurcka aacolaaa harocacc cugoacara haahaa aoeaoaa c a taraat caaketurt lldceocuaa hahaha cuucetataoac adebeeocu ggccugaka ohejleerleo caa caledealca lcattetao brcrckar kaacoulaae haha couger cartcaraaceaa tulihacahaatहै elaaeaaatea omg use ahaahaalar calelkalpe coldeeesote rlaaaaal jaha chetak ladebeco ggguguug caaeoheaba cardio teale callao gdcattet uglecckara colggluleaca a ugceurucr caadcaraalaoaea laacahaaaaa hotatohelto aaccaa gutta aaaaaaaaa hecakekar kalele calocuaa jagha guacecataa aoakkacaatadea co a ohealeerao caco lltealeacl ocalaoccuaede alia cacecaaacolel ruulallal halka cugaucaraa goaaaaaawa pacataकै atolaota a a
रोज सुबह जब भी मैं कुछ अच्छा सुनता हूँ, अच्छा देखता हूँ और अच्छा सोचता हूँ तो मेरा पूरा दिन अच्छा होने की संभावना बढ़ जाती और जब 11 करके मेरा हर दिन अच्छा गुजरता है तो मेरी जिंदगी अच्छी हो जाती है। मैं पूरे दिल से आज के इस दिन का स्वागत करता हूँ। आज का ये दिन मेरी आने वाली जिंदगी का पहला दिन है और मुझे पूरा यकीन है कि ये दिन मेरी जिंदगी के स सबसे अच्छे दिनों में से 1 होने वाला है। मैं बहुत खुश हूँ क्योंकि मुझे पूरा विश्वास है आज कुछ न कुछ ऐसा जरूर होगा जो आज से पहले मेरे साथ नहीं हुआ। मैं आज कुछ नया सीखूंगा, कुछ नया देखूंगा, कुछ नया सुनूंगा, कुछ नया सोचूंगा और कुछ नया बनूंगा। आज मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूँ। अतीत में मुझसे जाने अनजाने में जो भी गलतियां हुई हैं या मेरे साथ जो कुछ भी गलत हुआ है उसके लिए मैं खुद को और दूसरों को पूरी तरह से माफ करता हूँ। मेरा ध्यान गुजरे हुए कल पर नहीं बल्कि आने वाले पल पर है। आज मुझे जो कुछ भी करना है उसके बारे में मैंने अच्छे से सोच लिया है और अपने हर लक्ष्य को पाने के लिए आज मैं पूरी तरह से तैयार हूँ। मेरा मन बिल्कुल शांत है और मेरा ध्यान पूरी तरह से अपने लक्ष्य पर केंद्रित है। मेरी सोच पूरी तरह से सकारात्मक है। मेरा ये मानना है कि मेरे साथ जो कुछ भी होता है वो अच्छे
के लिए होता है।
मेरी जिंदगी में जो भी मुश्किलें हैं, मैं उन्हें मुश्किलों की तरह नहीं बल्कि 1 अफसर की तरह देखता हूँ। खुद को आगे ले जाने का अवसर, खुद को जानने का अवसर, खुद को अंदर से और शक्तिशाली बनाने का अवसर। आज जो भी चुनौतियाँ मेरे सामने आने वाली हैं, उनका सामना करने के लिए मैं पूरी तरह से तैयार हूँ। मुझे अपनी जिंदगी से बहुत प्यार है। मेरा शरीर अंदर से पूरी तरह से स्वस्थ है और मेरी बुद्धि किसी भी परिस्थिति में सही फैसले लेने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। मेरा मन आनंद से भरा हुआ है और मैं हमेशा खुश रहता हूँ, मस्त रहता हूँ, हंसता, खेलता रहता हूँ। मेरे लिए मेरी जिंदगी 1 खेल के जैसी है और मैं इस खेल का पक्का खिलाड़ी। मुझे हार या जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरा सिर्फ 1 ही मकसद है कि जिंदगी के इस खेल में मैं खुद को इस काबिल बनाना चाहता हूँ कि दुनिया की जितनी भी खुशियाँ हैं, वो खुद चल कर मेरे पास आए। आज जो कुछ भी मेरे पास है। और जो लोग मेरे साथ हैं, मैं उन सभी के लिए पूरे दिल से शुक्र गुजार हूँ। आज मुझे किसी तरह की कोई कमी नहीं है। मुझे खुद की काबिलियत पर पूरा भरोसा है। पूरे ब्रह्माण्ड में सारी शक्तियां मेरे साथ हैं और मेरे अंदर ऊर्जा का पूरा क पूरा भण्डार है। अब चाहे जो भी हो जाए, मुझे आगे बढ़ने से इस दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। मेरे लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है, सब कुछ मुमकिन है। जो भी मैं सोच सकता हूँ, मैं वो कर सकता हूँ, वो कर सकता हूँ, वो कर सकता हूँ।
सो हेलो नमस्ते एवरीवन स्वागत है आप सभी का डिजिटल। आजादी के आज के इस सेक्शन में ये जो चल रहा है इसका नाम है डिजिटल भारत अभियान और ये वो जगह है जहाँ पर हम सब 1 साथ आकर डिजिटल मार्केटिंग सीख रहे हैं। डिजिटल मार्केटिंग सीखते हुए अगर आप सबको मजा आ रहा है इफ यू ऑल आर हैविंग फन तो 1 बार चैक में मुझे येस लिखकर बता दीजिये। अगर ये सारी ट्रेनिंग लेते हुए आपको मजा आ रहा है तो यस लिखकर बता दीजिये येस फैंटास्टिक फैंटास्टिक फैंटास्टिक थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच। एवरीवन थोड़ा सा सेट अप चेंज हो गया है। इस समय हैदराबाद में हूँ और मेरी बहुत ही अच्छी दोस्त और मेरी गाइड मेरे मेंटर हैं दिनाजवर्वतवालाजी, तो आज दिनाज के घर से अभी अगले 2 दिन दिन आपके लिए ये साइसेंस हम कंडक्ट करने वाले हैं। सो वेलकम टू द कॉल गाइज 1 इम्पोरटेंट सेशन आज शुरू कर रहे हैं। जहाँ पर हम अब वेबसाइट की तरफ अपनी जर्नी जो है वो शुरू करने वाले हैं। तो आप में आप में से कितने लोग एक्साइटेड हैं? वेबसाइट बनाना सीखने के लिए वर्डप्रेस पर और अगले 5 से 7 दिनों में अपनी वेबसाइट क्रिएट करके रेडी करने के लिए 1 बार चार्ट में एक्साइटेड लिखकर बता सकते हैं। फैंटास्टिक फैंटास्टिक थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू थैंक यू सो मच। वेबसाइट बिल्डिंग की जो जर्नी है यह थोडी सी टेक्निकल होती है। तो अभी तक हमने कॉन्टेंट क्रिएशन के बहुत सारे मुद्दे देख लिए प्रैक्टिकल हैंड। जान हमने चीजें की हैं। उसके बाद हमने सोशल मीडिया की तरफ रुक किया, हमने इंस्टाग्राम और फेसबुक को गहराई से समझा। हमने यू ट्यूब पर बहुत सारा अध्ययन किया। एंड आई थिंक अब आप कॉन्फिडेंट महसूस कर रहे हैं? अब मुझे लगता है कि शायद आप में से किसी को कोई डर नहीं है, आपको सिस्टम समझ में आ गए हैं, मेरी बातें समझ में आ रही हैं, कैसे काम करना है, कैसे इम्प्लीमेंट करना है, दिमाग बिल्कुल क्लियर है। तो अब आई थिंक इस द राइट टाइम की हम थोड़ा सा टेक्निकल और थोड़ा सा वेबसाइट वाला काम शुरू करे। ओके। तो आइए शुरू करते हैं आज का ये सेशन लेकिन हमेशा की तरह अपने प्रिंसिपल से स्टार्ट करेंगे। तो डिजिटल आजादी में हमारी प्रथा है की हम अपनी हर ट्रेनिंग, हर मीटिंग, हर सेशन 1 बार अपने प्रिंसिपल को याद करते हैं, फिर ही आगे बढ़ते हैं। डिजिटल। आजादी के हर स्टूडेंट के अंदर सत्य प्रेम सेवा है। सत्य माने सच, हम हमेशा सच बोलते हैं, सच्चा काम करते हैं, कभी ऐसा कोई काम ही नहीं करते जहाँ हमें झूठ का सहारा लेना पड़े और हमारी सच्चाई दिखाई देती है। हमारे प्रोडक्ट्स में, हमारी सर्विसेज में, हमारे कॉंटेंट में, हमारी बातों में, हर जगह, सत्य के साथ, हमारे अन्दर प्रेम की भावना है, रिस्पेक्ट है, प्यार है, इज्जत है, सबके लिए, चाहे, सामने वाला। हमारे बारे में जो कहना चाहे, कहे, जो सोचना चाहे, सोचे, हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम हमेशा सभी के लिए अच्छा सोचते हैं, क्योंकि ये करने से हम अपना मेंटल बैलेंस बनाकर रखते हैं। इमोशनली हम स्टेबल है, बाते हैं, और कहीं न कहीं यह हमें हमारे काम में फोकस करने में हेल्प करता है। सत्य के साथ हमारे अंदर सेवा की भावना है। हम अपना बिजनेस, अपनी सर्विसेज, अपने प्रोडक्ट्स, अपना कॉन्टेंट, सब कुछ जो भी क्रिएट करते हैं, इस इन्टेंशन से करते हैं कि इनसे हम किसी का कोई प्रॉब्लम सॉल्व कर सके। तो अगर लोगों को सॉल्व करना हमारा काम है, तो हमारा काम हमारी सेवा बन जाता है। और अगर काम ही सेवा है तो सेवा करने से हम घबराए क्यों, शरमा क्यों, थके क्यों, रुके, क्यों, इसलिए कहता हूँ, हम सबके अन्दर सत्य, प्रेम, सेवा है। हम हर कार्य करते हैं शक्ति, भक्ति और युक्ति से। जहाँ पर शक्ति यानी ताकत स्ट्रेंथ, तो हमारी असली ताकत चीजों को जल्दी से सीख कर जल्दी से इम्प्लीमेंट करने में है। हमारी असली ताकत अपने आप को सही समय पर अपग्रेड करने में है, अपने प्रॉब्लम्स को खुद सॉल्व करने में है। यह है शक्ति का सही। स्वरूप। शक्ति के साथ बड़े अच्छे रिजल्ट मिलते हैं। जब आप इसे भक्ति का साथ देते हैं। भक्ति यानी कंसिस्टेंसी, जब आप निरंतर लगातार, बिना रुके, बिना थके, बिना थमे काम करते हो, फिर कोई फर्क नहीं पड़ता की आप बहुत ज्यादा काम कर रहे हो या थोड़ा कर रहे हो। मैं कहता हूँ, थोड़ा करो या कम करो, इट्स ओके, लेकिन अगर लगातार करोगे नॉन स्टॉप करोगे तो आपको रिजल्ट जो है। यह मल्टिपल में मिलेगा यानि कई गुना मिलेगा कम्पाउंडिंग होनी शुरू हो जाएगी। ये ताकत है भक्ति, शक्ति और भक्ति के साथ हम युक्ति में विश्वास रखते हैं। युक्ति यानि आइडीएस टाइम सेविंग, एफर्ट सेविंग, मनी सेविंग, आइडियास, कम से कम ताकत, कम से कम समय और कम से कम पैसे लगा कर हम ज्यादा से ज्यादा रिटर्न, कैसे निकाल सके। इस तरफ हमारा ध्यान होता है। और इन्ही आइडियाज और युक्तियों की वजह से हम अपनी जिंदगी में मल्टीपल सोर्सेज, ऑफ़ इनकम बना पाते हैं। तो हमारे अंदर सत्य प्रेम सेवा है। हम हर कार्य, शक्ति, भक्ति, युक्ति से करेंगे और हमेशा ध्यान रखेंगे। तन मन, धन का तन सेहत शरीर शरीर को संभालिए, क्योंकि अगर आपका शरीर तंदरुस्त नहीं है तो वो आपका साथ इस लंबे प्रोसेस में शायद कभी कभी छोड़ते और 1 बार गाड़ी पटरी से उतर जाए तो उसे दोबारा ट्रैक पर लाने में बड़ी मेहनत करनी पड़ती है। तो प्लीज अपनी सेहत को संभालिए तन के साथ साथ अपने मन पर फोकस कीजिये मन चंचल है। अब जब हम वेबसाइट बनाना शुरू करेंगे तो आपका मन आपसे कहेगा, मैं क्या करूँगा, वेबसाइट बना कर मेरा क्या फायदा, मेरे पास तो कोई प्रोडक्ट नहीं है, मेरे पास तो कोई सर्विस नहीं है। वाई विल आई डू दिस। तो ध्यान रखना मन आपके साथ बहुत सारे खेल खेलने वाला है, बहुत अलग अलग दिशाओं में आपको ले जाने की कोशिश करने वाला है। और मैं पहले से ही सतर्क कर देता हूँ कि अपने मन को काबू करना शुरू कीजिए। वेबसाइट बिल्डिंग 1 स्किल है। अगर आपके पास आपका बिजनेस है, आपकी सर्विसेज हैं, आपके प्रोडक्ट्स हैं, तो ठीक है, आप अपने लिए वेबसाइट बनाओ, आपके पास चाहे कुछ नहीं है, आप स्टूडेंट हैं, हाउसवाइफ हैं, रिटायर्ड है, कोई भी एंगल से वेबसाइट बनाना सीखिए। क्यूंकि यही काम अगर दूसरों के लिए भी करोगे तो यू कैन मेक गुड मॉनिंग इस a वेरी गुड इनकम सोर्स। तो अपने मन को संभालना और तन मन के साथ अपने धन पर फोकस कीजिए। फिर 1 बार वेबसाइट बनाना करना, इको सिस्टम क्रिएट करना जो अब आप सीख रहे हो। 1 बहुत अच्छा सोर्स ऑफ इनकम बन सकता है। अपने पैसे पर ध्यान रखिये क्योंकि पैसा कमाना जरूरी है, इम्पॉर्टेंट है। और मेरा यह मानना है कि पैसे कमाने के पीछे अगर हमारा मकसद सही है, इंटेंशन सही है तो इससे अच्छा, इससे पवित्र और दूसरा काम हो नहीं सकता। क्योंकि हम पैसे से अपने लिए थोड़ी कमा रहे हैं। हम अपने परिवार के लिए कमाना चाहते हैं, समाज के लिए, गाँव के लिए, देश के लिए कमाना चाहते है। तो ये मेरी वाइफ के 9 प्रिंसिपल्स हैं, मैं इन्हीं के बेसिस पर काम करता हूँ, मुझे बड़े अच्छे रिजल्ट मिलते हैं। अगर आपको भी लगता है कि सिर ये हम भी रिजोनेट कर रहे हैं इन नाइन प्रिंसिपल्स के साथ, तो चैट में इस समय मुझे नाइन पी लिख कर बता सकते हैं। ya fantes्टiक fantastic yes very good, very good, verygudverygod very god। तो गाइस क्या अपनी वेबसाइट की जर्नी शुरू करने के लिए बिल्कुल तैयार है a u absolutली, रेडी तैयार है तो रेडी लिखकर बता 2 लेट्स स्टार्ट वित बिल्डिंग और वेबसाइट lets start by building or website तो ऑfिcियलली हमने आधे से ज्यादा डिजिटल भारत का अभियान जो है, वो कम्पलीट कर दिया है। we are eंtinगrthirdweek and today s section number, fifteen actually and then i think, we have the eight और नाइन sexinslओक। चलो वेबसाइट की बातें करते हैं वेबसाइट वेबसाइट, वेबसाइट, वेबसाइट, तो सबसे पहले तो यह बात करते हैं कि वेबसाइट क्यों जरूरी है, वाय इस वेबसाइट, इम्पोर्टेंट,
ये
बात मैं कई बार बता चुका हूं, 1 बार दोबारा रीआइटरेट कर दूंगा गाईज वेबसाइट जो होती है वो आपकी डिजिटल प्रेजेंट होती है, डिजिटल दुकान या इसे कहो ऑनलाइन ऑफिस ने द सेम थिंग। मैं हमेशा ये एक्जाम्पल देता हूँ की अगर फिजिकल दुनिया में, ऑफलाइन दुनिया में आपको कोई काम करना है, कोई बिजनेस शुरू करना है। तो क्या हम सबसे पहले दुकान नहीं लगते सोचो? हम मार्केट प्लेस देखते हैं, मार्केट प्लेस कहाँ है? फिर वहाँ पर हम 1 हाथ दुकान या ऑफिस या वर्क शॉप या फैक्ट्री या जो भी आपके बिजनेस की रिक्वायरमेंट है उसकी 1 फिजिकल प्रेजेंस क्रिएट करते हैं, उसकी 1 फिजिकल उपस्थिति क्रिएट करते हैं?
क्यों करते हैं,
अरे दुकान क्यों लगते हैं? वाई टू, बी क्रिएट, अ शॉप और फैक्टरी ऑन office सोचो कॉमन सेंस ये कहता है कि अगर दुकान नहीं होगी, ऑफिस नहीं होगी तो लोग कहाँ होंगे? वे विल कस्टमर्स कम, वो हमसे बातें कहाँ करेंगे, हमारे प्रोडक्ट्स कहाँ देखेंगे, सवाल जवाब कहाँ करेंगे? हमसे खरीदेंगे कैसे, दुकान होगी? तो आएंगे डिस्प्ले देखेंगे, प्रोडक्ट्स के बारे में पूछेंगे समझेंगे और फिर अच्छा लगता है तो खरीदेंगे सेम थिंग आप ऑनलाइन दुनिया में, सोचिए ऑनलाइन दुनिया में अगर आप अपने प्रोडक्ट या सर्विसेज सेल करना चाहते हैं तो क्या 1 जगह नहीं होनी चाहिए, 1 जगह होनी चाहिए जहाँ पर वो आयेंगे, लोग आयेंगे, आपके प्रोडक्टस देखेंगे, आपके सर्विसेज देखेंगे, आपसे बातें करेंगे, सवाल जवाब करेंगे और फिर अगर उन्हें अच्छा लगता है तो वो आपके प्रोडक्ट या सर्विसेज खरीद सकते हैं। तो हमें अपनी डिजिटल प्रेजेंस क्रिएट करनी है, हमें अपनी डिजिटल दुकान, अपना ऑनलाइन ऑफिस चाहिए। कुछ लोग कहते हैं सर, लेकिन हमारा फेसबुक है न, फेसबुक का पेज है, फेसबुक का ग्रुप है, फेसबुक का मार्केट प्लेस है, इंस्टाग्राम पर हमने अपने प्रोडक्ट्स डाले हुए हैं, इतनी सारी, फोटो, इतनी सारी, डील्स शेयर की हुई है, यू ट्यूब पर भी है सर। तो ये सोशल मीडिया पर जो भी आपने अपनी प्रेजेंट्स क्रिएट की है वो 1 प्रेजेंट्स है। मैं मना नहीं कर रहा हूँ that is a प्रेजेंट, क्या आपका उस पर कंट्रोल है? सोचो कल को आपका फेसबुक का अकाउंट बैन हो गया, कल का आपका पेज, फेसबुक ने हटा दिया, ग्रुप कल को फेसबुक ने ही बंद कर दिया, ग्रुप्स नहीं होंगे या कोई भी ऐसा चेंज अगर आ जाता है तो आपके एग्जिस्टिंग बिजनेस पर आफत आ सकती है
और
आप उसे कंट्रोल नहीं कर सकते। तो हमें न सिर्फ टाइम पास के लिए डिजिटल इको सिस्टम नहीं बनाना है, हम 1 सस्टेनेबल सिस्टम बनाना चाहते हैं, समझ रहे, हम 1 फ्यूचर बनाना चाह रहे हैं, हम अपना भविष्य बना रहे
हैं,
हम चाहते हैं कि जो भी हम क्रिएट करे वो लंबे समय तक हमें रिटर्न्स दे, पैसे दे, इन्क्वायरीज दे लीड्स, दे। तो लंबे समय तक अगर कुछ चाहिए तो उस पर आपका कंट्रोल होना जरूरी है। सोशल मीडिया पर आपका कंट्रोल है नहीं, किसी का नहीं है। तो जो 1 मात्र चीज डिजिटल। दुनिया में जो आपका एसेट होती है वो होती है आपकी वेबसाइट, क्योंकि आप उसके मालिक हो, आप जो चाहे वो उस पर डाल सकते हो, जब चाहे चेंज कर सकते हो और वो कोई आपसे छीन नहीं सकता। हाँ देखो हरीश चंद्र जी ने जो लिखा है वो पड़ो टिकटॉक नाम का 1 ऐप था, बहुत सारे लोग उसमे काम करते थे। 1 दिन अचानक गवर्नमेंट ने डिसाइड किया कि हम चाइना के ऐप्स बंद कर देंगे। टिकटॉक बंद हो गया। रातों रात। अब आप सब को पता है कि होरमूज में जो लड़ाई चल रही है, ईरान इजरैलइरापकीसारी कंट्रीज जो 1 दूसरे से भिड़ रहे हैं, इसमें भारत को भी घसीटा जाता है। वहाँ से अमेरिका अलग प्रेशर करता है। अगर कभी सामान्य प्रधानमंत्री जी ने अनाउंस कर दिया कि हम अमेरिका के ऐप्स नहीं, यूज करेंगे। जैसे टेलीग्राम को बीच में बंद कर दिया था। कल को फेसबुक बंद करते हैं। या इंस्टाग्राम बंद कर दे या यू ट्यूब बंद कर दें। या ये सारे बंद कर दे। क्या करेंगे। फिर बिजनेस कैसे चलाएंगे। इन आल द सेंस 1 सिम्पल चीज बता रहा हूं। आपकी वेबसाइट होनी चाहिए। फिर चाहे आप उसपर कुछ बेचो मत बेचो खरीदो, मत खरीदो, ज्यादा काम करो, कम काम करो, वो सब चलेगा। लेकिन पहले अपनी 1 प्रेजेंस क्रिएट कर,
2
बेसिक 1 प्रेजेंस क्रिएट कर, 2 कर सकते हैं। करोगे। हाँ ना। क्या लगता है। गाइस चाट में बताओ करोगे अरे करोगे, क्या करेंगे। थैंक यू। तो वेबसाइट अगर आप बनाते हैं तो वेबसाइट पर आप बाकी के लोगों के साथ कम्युनिकेशन कर, पाओगे लीड, जनरेशन कर, पाओगे इंफॉर्मेशन ले, पाओगे दे, पाओगे एंड ट्रांजेक्शन भी हो पाएगा ट्रांजेक्शन यानी पैसा यानि पैसा सुनाओ। क्या वेबसाइट का इम्पोर्टेंट समझ में आ गया है। क्या वेबसाइट का इम्पोर्टेंट समझ में आ गया गाईज। और कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका बैकग्राउंड क्या है, आपकी एज क्या है, आप क्या करते हो? इट डजनो मैटर, आपके पास वेबसाइट होनी चाहिए, आपको वेबसाइट बनानी आनी चाहिए। as simple as that now let s look at, what are the eसेंsिlसटुबलड वेबसाइट 1 वेबसाइट को बनाने के लिए क्या क्या चीजें हमारे पास होनी चाहिए मुख्यत। हमारे पास 3 चीजें होनी चाहिए। पहला है उसमें से डोमेन डोमेन। ये शब्द याद रखना डोमेन। इसका मतलब क्या है? डोमेन का मतलब है आपकी वेबसाइट का नाम। जैसे मेरी वेबसाइट का नाम है डिजिटल। आजादी डॉट कॉम, ये मेरी 1 वेबसाइट है। मेरे पास। दूसरी वेबसाइट है डिजिटल डिजिटल, आजादी डॉट इन, मेरे पास 1 और वेबसाइट है। संदीप बंसाली कॉम। मेरे पास 1 और वेबसाइट है। हरी ओम कोलसेलcom ये क्या है। ये सारे एग्जैम्पल्स हैं। दीज, आर, ऑल, एग्जैम्पल। समझ में आ रहा गाईज डोमेन का होता है। समझ में आ गया। आईसीआईसीआई बैंक कॉम, एचडीएफसी, बैंक डॉट कॉम, फेसबुक डॉट कॉम, इंकम। ये जो नाम हैं, इनके उसे हम कहते हैं डोमेन सो। ये डोमेन क्यों इम्पोर्टेंट है। मान कर चलिए, मान कर चलिए। मैं सोचता हूँ कि मैं 1 मार्केट प्लेस बनाऊं वेबसाइट जिस पर मैं सारी चीजें बेचूं, मुझे, उसका नाम रखना है। अमaजoनडॉटकॉम कोई कहेगा अरे, लेकिन एमाजॉन कम तो पहले से है। हाँ, तो क्या हुआ। मैं डुप्लीकेट बनाओ। amazon तो क्या बना सकते है। क्या लगता है यस या नो क्या। मैं दोबारा एमाजॉन कॉम बना सकता हूँ? द आंसर इज नो नो। आप दोबारा एमाजॉन कॉम नहीं बना सकते? क्योंकि किसी ने आलरेडी बना के रखी हुई है तो ये कौन चेक करता है। ये नाम देता कौन है। और ये नाम मिलता कैसे है
तो
इस पूरी दुनिया में 1 ऑर्गेनाइजेशन है जो इन नामों को कंट्रोल करती है। ये नाम जो है न ये आपको खरीदना पड़ता है। तो जैसे खरीदने की बात आती है दिमाग में आता है की सर कितना नॉर्मल डोमिन अगर है नॉर्मल सा कोई तो में भी 800 रुपए, हजार रुपये, साल के 1200 रुपए मैक्सिमम वित जीएसटी तो हजार 1200 रुपया। अगर आप साल का दोगे तो जो नाम आपको चाहिए वो आपको मिल जाए अगर तो फिर वो आप रख सकते हो और उस नाम पर दूसरा कोई काम नहीं कर पाएगा वो नाम आपका हो जाएगा जब तक आपने पैसे भरे तो आप 1 साल के पैसे भरो, 2 साल के भरो, 5 साल के भरो, 10 साल के भरो, जितने सालों के पैसे भरोगे, उतने साल वो नाम आपका हो जाएगा। तो अगर साल का सपोज हजार रूपया देना है यानि महीने का 80 ₹90 देना है तो क्या ये अफोर्डेबल है क्या हम दे सकते हैं हाँ या
ना
अरे दे सकते हो 80 सौ रुपया तो हम दे सकते हैं महीने
का
तो ये होता है 4 तो ये कैसे खरीदेंगे कहाँ से खरीदेंगे कहाँ से मिलेगा सब बताऊँगा लेकिन सबसे पहले आपको ये सोचना है कि आपको नाम रखना क्या है। सबसे पहले आपको सोचना है कि मुझे नाम रखना क्या है और फिर सेकंड स्टेप होगा कि हमें ये देखना होगा कि पहले किसी ने तो नहीं यूस किया ये नाम अवेलेबल है क्या वो नाम अगर किसी ने पहले ही बना कर रखा होगा तो फिर आपको नहीं मिलेगा फिर आपको थोड़ा बहुत उसमें कुछ चेंज करना पड़ेगा सो ये नाम जो हम सेलेक्ट करते हैं इसके पीछे सोच क्या होती है वात डू वी थिंक। तो ये है फैक्टर्स टू रिमेम्बर में आपको 10 फैक्टर्स बताता हूँ ये याद रखना जब आप अपना नाम सेलेक्ट करोगे पहले फैक्टर, सुन, लो, मैं सब कुछ समझाऊंगा फिर अगर कोई सवाल होगा तो सवालों के जवाब भी देने वाला हूँ जस्ट हो लॉक अंडरस्टैंड आल द कॉमन सेंस ये कहता है की आपकी वेबसाइट का नाम ऐसा होना चाहिए जो थोड़ा सा अलग हो जो शोर्ट हो बहुत लम्बा नाम 92 या 3 शब्द ज्यादा से ज्यादा एचडीएफसी कॉम, 1 शब्द है स्विगी, डॉटकॉम, जोमेटो कॉम या फेसबुक कॉम सब 11 शब्द है मेरा डिजिटल आजादी कम 2 शब्द हैं सर के ऊपर पानी, 3 शब्द उससे ज्यादा नहीं,
3
शब्द चलेगा, 2 शब्द अच्छा है, 1 मच बेटर तो 1 से तो अभी आजकल ज्यादा काम नहीं होता क्योंकि मिलते नहीं है नाम इजीली लेकिन 2 शब्द आप फोकस करो और अगर आपका कोई बिजनेस है या कोई ऐसा नाम है जिस में 3 शब्द है तो 3 शब्द तक आप कर सकते हो। समझ में आ रहा गई अरे समझ में आ रहा है क्या ये लिखो 1 बार चैट में अगर समझ में आ रहा है तो मेरे साथ साथ चलो और ये इम्पोर्टेंट है क्यूंकी थोड़ी देर बाद आप में से हर कोई बताने वाला है की सर मैं यह नाम रखूँ क्या पर मैं ये नाम रहूँ क्या सर, मेरे पास 2 ऑप्शन है, ये भी है, ये भी है। मैं इन दोनों में से कौन सा करूँ। तो मैं किसी के भी ऐसे सवालों का जवाब नहीं देने वाला क्योंकि आपको खुद डिसाइड करना होता है। ओके ठीक है ना नाम आपका यूनिक हो, नाम आपका शॉर्ट हो, दैन इट, शुड बी, ईजी टू रिमेम्बर, सामने वाले को याद रखने के लिए आसान हो, सामने वाले को कहने के लिए आसान
हो,
it should be easy वरना लोग भूल जाएंगे और किसी का अगर नाम डिफिकल्ट है खास करके कुछ लोगों के नाम थोड़े डिफिकल्ट होते हैं या स्पेलिंग में स्टेक होने के ज्यादा चांसेज होती है तो फिर वहाँ पर आपको ध्यान देना चाहिए डोमेन लेते समय, क्योंकि अगर लोग स्पेलिंग मिस्टेक करेंगे या उनको नहीं आएगा टाइप करना तो ट्रैफिक आपका कम हो जाएगा। फिर आपको ध्यान रखना है कि आपके नाम में कोई नंबर नहीं होना चाहिए, कोई स्पेशल कैरेक्टर नहीं होना चाहिए, कोई एटदरेट हैस्टैक डॉलर का, साइन, पर्सेंटेज का साइन एंड अंडरस्कोर डैश, ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए, आप उसे डिजिटल आजादी नहीं बना सकते, आपको नाम जो है वो डिजिटल आजादी ही रखना होगा। अगर स्पेशल कैरेक्टर डाल दिया तो सामने वाले को बताने के लिए, समझाने के लिए याद रखने के लिए गोइंग टू बी, even more डिफिकल्ट और यह बात समझ में तो सिम सिम फिर आइडियाज दे रहा हूँ दीज सम, ideas, दीज आर, नॉट, कम्पलसरी, बर, दीज आर सम आइडिया आप ऐसा नाम ले सकते हो जो आपके बिजनेस को रिप्रेजेंट करे, फॉर एग्जाम्पल, सूरज इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम सूरज उसका नाम होगा शायद इलेक्ट्रॉनिक्स का, उसका काम होगा शायद या दुकान का ही नाम सूरज इलेक्ट्रॉनिक्स होगा। तो अगर आप सूरज इलेक्ट्रॉनिक्स, डॉट कॉम सुनते हो, पढ़ते हो या कोई आपको कहता है तो क्या इस नाम से समझ में आ जाता है कि उसका काम क्या होगा। आ र अंडरसटेnडिंग आप चाहो तो की वर्ड भी कर सकते हो जैसे डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी कॉम तो डिजिटल मार्केटिंग, यह आपका कीवर्ड है। तो यहाँ पर 3 शब्द होगे डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी। आप चाहो तो आप अपना जोग्राफिक लोकेशन यूज कर सकते हो, फॉर एग्जांपल, डेल्ली कार्स, कॉम पूणे, कार, स्टोर कार, स्टोर पूरने, डॉट कॉम तो ये क्या करते है? क्योंकी जो बिजनेस है वो लोकल है दिल्ली के दिल्ली में अगर ये काम करते हैं तो उन्होंने दिल्ली कार्ज डॉट कॉम ले लिया। आसान हो जाता है लोगों को समझने के लिए, ये कारज बेचते हैं दिल्ली वाले। तो आप अपना बिजनेस अपना कीवर्ड अपनी जोगराफिकललोकेशन अपने नाम में यूज कर सकते हो। देर इज नो प्रॉब्लम फिर आती है मारी की भई किसी ब्रैंड को कॉपी मत करना। भई इसने जोमैटो कर दिया तो मैं मेटो कर लेता हूँ या टोमैटो कर लेता हूँ या डो मैटो कर लेता हूँ। भई ये फेसबुक है तो मैं नोज बुक कर लेता हूँ, र बुक कर लेता हूँ, हेड बुक कर लेता हूँ। ऐसे मत करना। यह थोड़ी सी स्पेलिंग से हूँ, इसका डबल है तो मैं सिंगल हो कर लेता हूँ। कुछ लोग करते हैं। इसे मेक, माई, ट्रिप, इतना बड़ा ब्रांड है। तो ये लोग करते हैं माय, मेक ट्रिप या फिर डिजिटल। आजादी का, बीच में डबल एल लगा देंगे या फेसबुक में बढ़ा देंगे। तो ये सब ये सब छिछोरा पन है। और इससे न इससे ऐक्चवली ने लोगों का भरोसा आप पर टूट जाता है। ध्यान दीजिए हम चाहते हैं कि हमारी डिजिटल प्रेजेंट्स हो और क्यों चाहते हैं क्योंकि वी वॉन्ट, पीपल, टू, ट्रस्ट, स, ये सब भरोसे का काम है न। तो अगर आप पहले ही दिन किसी का कॉपी कर रहे हैं तो सामने वाला समझेगा की यार ये वैसे ही रिलायबल लग नहीं रहा है, इसकी खुद की आइडेंटिटी नहीं है। और कल को आप कई साल काम करोगे, कई साल आप डिजिटल प्रेजेंट क्रिएट करोगे और आप उसमे मेहनत करोगे। और फिर वो नाम जो है वो अगर गड़बड़ है और आपको आगे चलके लगा यार इससे तो अच्छा मैं अपना ही नाम ले लेता या अपना कुछ कर लेता तो इस वेस्ट ऑफ टाइम एनर्जी एंड मनी। तो मेरी रेकमेंडेशन है कि कभी किसी ब्रैंड को कॉपी मत करो। last but not लिस्ट 10 प्रॉपर। एक्सटेंशन तो कोई पूछ रहा था न कि डॉट कॉम और इनमें क्या अंतर है। तो ये जो होता है न, कॉम इन नेट ऐसे जो शब्दों के बाद में लिखा होता है। इसमें अगर आपको डॉट कॉम मिलता है डॉट कॉम तो ये सबसे पहले ले लेना। ये ग्लोबल है। जब इन्टरनेट शुरू हुआ था तब डॉट कॉम था जो सबसे पहले आया था, डॉट कॉम था जो सबसे पहले आया था। तो सब लोग डॉट कॉम पर अपने नाम सेट अप करते थे। दिस इज ग्लोबल। लेकिन जब काम खत्म होने लग गए नाम ही नहीं बच्चे डॉट कॉम में, तो फिर उन्होंने डॉट नेट ओपन किया, डॉट नेट ओपन किया, डॉट नेट का मतलब है इंटरनेट। फिर वो भी खत्म होने लगे। तो फिर उन्होंने 1 बार बैठ कर समझा दिया कि भाई हम क्या करेंगे, हम मल्टीपल एक्सटेंशन बना देते हैं, कंट्री वाइज हमें एक्सटेंशंस बनाते है। इन हो गया इंडिया का, डॉट यूके बन गया यूनाइटेड किंगडम्स का, डॉट ए, यू एस हो गया ऑस्ट्रेलिया का। तो ऐसे हर 1 कंट्री के लिए उन्होंने एक्सटेंशंस बना दिए, कंपनीज के लिए, उन्होंने डॉट को बना दिया। डॉट को का मतलब है कंपनी डॉट डी, यू, यूनिवर्सिटी रेजुकेशन से रिलेटेड, यूनिवर्सिटी इन बिजनेस rgngओजओवीहोता है। गवर्नमेंट का समझ आर है गाइज। तो अब आप कंफ्यूज नहीं होंगे, मैं आपको थम रूल बना देता हूँ, थम रूल क्या है, थम रूल ये है। जो भी नाम आप डिसाइड कर रहे हो, अगर उसमें डॉट कॉम अवेलेबल है तो वो ले लो बिना सोचे समझे क्योंकि यह ग्लोबल है। देन अगर कॉम अवेलेबल नहीं है तो आप डॉट इन लेना। डॉट इन स फॉर इंडिया, इंडियन बिजनेसेज के लिए यह बहुत अच्छा है। इट इज वेरी गुड। आज इसमें अच्छा खासा लोग ट्रैक्शन देखते हैं। अगर आपके पास डॉट इन भी अवेलेबल नहीं है तो आप डॉट नेट के बारे में सोचना। on थर्ड लेवल। इसके नीचे मत जाना, इनमें से और कोई मत लेना। हाँ अगर आपकी कोई संस्था है जहाँ पर आप एन जी ओ चलाते हो, सोशल सर्विस वाला कुछ करते हो तो आप डॉट ओ आर जी ले सकते हो। अगर आप मान कर चलो कोई स्कूल है, आपकी, कोई कॉलेज है, कोई यूनिवर्सिटी है तो डॉट डी ले लेना। लेकिन इसमें भी काम चलता है। ऐसा नहीं कि नहीं चलता, मैं प्रेफर नहीं करता, मुझे लगता है डॉट कॉम मिले, डॉट इन मिले या फिर सर के ऊपर पानी, डॉट नेट इससे ज्यादा नहीं चाहिए। समझ में आ रहा गाईज आर यू अंडरस्टैंडिंग दिस समझ में आ रहा है, क्या इसका 1 स्क्रीनशॉट ले लो, इसका 1 स्क्रीनशॉट ले लो, स्क्रीनशॉट ले लो, 1 ले लिया ओके वेरी गुड। अब सवाल है कि सर ये हम कहाँ ढूंढेंगे, ये हमें कहाँ ढूंढने। मिलेगा कि ये नाम हमारा अवेलेबल है या नहीं। तो देखो डोमेन बेचने वाली बहुत सारी वेबसाइट्स हैं आपने गो डाडी का नाम सुना है गोडाडी गो डाडी की। अगर आप वेबसाइट पर चले जाओगे तो यहाँ पर लिखा है टाइप द डोमेन यू वांट कौन सा आपको डोमेन चाहिए। आप में से किसी को अगर कोई आइडिया है कि मुझे सिर इस पर बनाना है। जरा चाट में लिखो मैं 23 डोमेन आपको चेक करके बताता हूँ की कैसे सोचते हैं आपको एग्जाम्पल दिखा रहा हूँ, ताकि आपको हैंडजन समझ में आया कि रिसर्च कैसे करेंगे? तो श्रीदेव त्रिपाटी ने कहा है किराना स्टोर कॉम के किराना स्टोर कॉम लेट, मी सी के आईआर ए एन ए किराना स्टोर कॉम एंटर। तो ये कहता है डोमेन टेकन डोमेन टेकन मतलब डोमेन अवेलेबल नहीं है किराना स्टोर कॉम इस नोट अवेलेबल और ये कहता है कि वी माइट भी एबल टू हेल्प यू गेटेट ब्रोकर की फ्री है 17 हजार रुपए मतलब, अगर आप इनको 17 हजार रुपए दोगे तो इनका 1 आदमी जो कोई किराना स्टोर डॉट कॉम को ओन करता है उसे फ़ोन करके पूछेगा भाई तुम्हें बेचना है क्या? तो डोमेन बिकते भी हैं ओके पर मैं नहीं रेकमेंड करता। और इतना कॉमन नाम किराना स्टोर डॉट कॉम तो मिलने से रहा, फिर ये क्या कहता है? ये कहता है तिराना डेस स्टोर कॉम अवेलेबल है। तो क्या ये अच्छा नाम है? हाँ ना। तो अगर आप लोगों को याद है, मैंने आपको कहा था की ये डैश वगैरह जो होता है न, बीच में यह बिल्कुल नहीं होना चाहिए, क्यूंकि ये समझाने जाओगे तो गड़बड़ हो जाएगी। अगर आप किसी को कहने जाओगे न मेरा मेरी दुकान का डोमेन है कि राना डैश स्टोर तो वो क्या करेगा, वो लिख देगा, वहाँ पे पिराना डैश स्टोर कॉम वो डायस को डायस कर देगा। बोलेगा यार, ये तो कुछ समझ नहीं आ रहा वेबसइट to people we re going to make a mistake, so, i will not recommend this। ओके नीचे आओ देखो यह क्या कहता है किराना स्टोर कॉम अवेलेबल है, ये किरन स्टोर देखो, इसने कैसे गड़बड़ किया आप बोलोगे अरे सिर किराना स्टोर मिल रहा है, ये किरन स्टोर है के आर आर। एन किरन स्टोर कॉम तो इसमें फंसना मत गई। ओके फंसना मत इसमें बहुत ध्यान से आपको देखना है। स्पेलिंग में स्टेट्स अगर होती है, डोमेन में तो वो चेंज नहीं होती। 1 बार आपने खरीद लिया डोमेन इट विल नोट चेंज, ओके लेट मी ट्राई समथिंग जोसर कहते हैं हेल्थ सूत्रम एच, ई, एल टी, एच एस यू टी, आर, ए, एम, हेल्थ सूत्रम एंटर, so as, josofseheltsutrm com is available, okay it is available, it is available heltsutrmcoम। इस अवेलेबल नेट भी अवेलेबल है, इन का क्या है डॉट इन dot in is taken, dot in available नहीं है, लेकिन डॉट कॉम अवैलबल सो it is available okay let me se। हां अब देखो किसी ने लिखा है चैट में और मैं वो नाम यहाँ पर लिखता हूँ। ए डी ई, एस आई जी, ई, एस टी, ये नाम अवलेबल है, यह नाम अवेलबल है। लेकिन मेरी बात ध्यान से सुनो, गाइज ध्यान से सुनो, मेरी बात इसको बोल कर। बताओ ये क्या लिखा हुआ है, बोलो
इसे
एड ईसाइज़ एसटी क्या लिखा ये एड ईसाइजएसटीकॉम, एड, ई, साईज, एसटी कॉम, यह ये हैं ऐडiजीएसइजीएस में यहाँ पर a नहीं है, ठीक है जीएसकम और एस की जगह पर जेड है एड ईजीएस कॉम, ये नाम है? क्या नाम है यह या, ये हैं एडीसाइसआडीसाइजएसटी कम गोल्ड अंडरस्टानकेये नाम क्या है और सोचो अगर मुझे इसे समझने में इतना टाइम लग रहा है मुझे तो घंटा याद नहीं रहने वाला ये नाम। अब जब मैं यह टाइप करने जाऊंगा तो नाइनटी नाइन परसेंट में मिस्टेक करने वाला हूँ। अंडरस्टैंडिंग गई। तो जो फैक्टर्स मैंने आपको दिए हैं उन फैक्टर्स पर ध्यान देना, यह अवेलेबल है। लेकिन क्या ये ईजी है, लोगों को समझने के लिए
नहीं है।
अब देखो किसी और ने 1 नाम लिखा है मैं यहाँ पर देखता हूँ म ए डी डी आये काम म म, म, एडीडीआई डॉट कॉम अवेलेबल है पढ़ो उसे क्या नाम है यह पड़ो मम्मा मम्मा डाकरडीडी, ऐसे देखो मैं जानता हूँ आपका नाम मड्डी है, आपका सरनेम मड्डी है एम एम मड्डी डॉट कॉम ऐसा आपने सोचा है। लेकिन जब कोई पहली बार देखेगा और उसे नहीं पता अगर मड्डी नाम का सरनेम होता है तो वो क्या देखेगा एम एम एम ए डी डी आर डॉट कॉम a confusing नहीं लगता को dont ing this is confusing और 3 और 4 एम डालने में लोग गड़बड़ करने वाले हैं। see there is nothing rit or rong in the world, theres nothing rit or rong in the world। आपको सिर्फ ये देखना है की वो कितना ईजी है और कितना यूजफुल है, समझ र है गाइज़ आई यू अंडरस्टैंडिंग दिस अरे समझ में आ रहा है। क्या you अndrstanding this समझ में आ रहा है, इसका मतलब समझ रहा
आ
यूँ अंडरस्टैंडिग this सो शांत दिमाग से बैठ कर आपको सोचना होता है। ओके अब मैं सबके नहीं चेक करने वाला, सब सर मेरा चेक करो, मैं सबके नहीं चेक करने वाला, आपको खुद को करना है और आप चाहो तो चाट जीपीटी में इसका हेल्प ले सकते हो आप चाट जीपीटी को जाकर कह सकते हो की मेरा नाम ये है, मैं ये काम करता हूँ, मैं इस जोग्rफिकल एरिया में हूँ यहाँ मेरा ऑफिस है और क यू sjes्ट me सम names फॉर मई। वेबसाइट तो चैट टी भी आपको बहुत सारे नाम बता देता हू। समझ में आया गाईज अंडरस्टैंड देस है ना क्या है वेरी गुड गुड क्वेश्चन विशाल अग्रवाल विशाल अग्रवाल कौनसा डोमेन है जो प्रीमियम बता रहा हैं, बताओ चाट में लिखो कौनसा डोमेन है ओके माई vin सो देखो। अब मैं यहाँ पर सर्च करता हूँ माय विंग्स। तो ये कहता है माई विंग्स कॉम यह 1 प्रीमियम डोमेन है, प्रीमियम डोमेन है इसका मतलब है कि भाई ये नाम बहुत अच्छा है माई विंग्स कॉम मेरे पर माई विंग काम बहुत ही अच्छा नाम है वेरी गुड नेम ये इतना अच्छा नाम है की इसे नाइंटी सिक्स लैक्स फिफ्टीन टी फोर में बेचा जा रहा है। तो जो प्रीमियम डोमेन होते हैं वो ये कंपनी जो है यह बहुत बड़ी रकम पर बेचते हैं। समझ में रहा। तो अगर आपने शार्क टैंक देखा है तो शार्क टैंक में वन ऑफ द शक्स जो हैं। वो कहते हैं कि मेरी जो वेबसाइट है शादी डॉट कॉम तो वो शादी डॉट कॉम के लिए हमने 20 लाख रुपए दिए और तब हमारी कंपनी में 20 लाख रुपए दे सो। सम टाइम डोमेन, इज, सो इम्पोर्टेंट, सो इम्पोर्टेंट, इतना इम्पोर्टेंट होता है। डोमेन की आप सोच नहीं पाओगे, बड़ी बड़ी कंपनियां क्या करती हैं। जब वो अपना नया कुछ लॉन्च करने वाली है तो वो अपना नाम पहले डिक्लेयर नहीं करते क्योंकि नाम पहले डिक्लेयर कर देंगे। तो ये डोमेन खरीदने वाले लोग बैठे हैं। वो फटाक से हजार 2000 रुपए में डोमेन खरीद लेते हैं और बाद में इन कंपनियों को बेचते हैं। बहुत बड़े पैसे में आर यू अंडरस्टैंडिंग तो जिओ का भी 1 बार ऐसे ही हुआ था। रिलायंस का जो है न माय जीओ, तो उसका भी डोमेन किसी ने खरीद लिया था और फिर बाद में उसे उन्होंने बेचा जियो कंपनी समझ में आया गाइज। तो हम प्रीमियम डोमेन में नहीं जाएंगे, हम जो मैंने आपको फैक्टर्स दिए हैं, इन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए डोमेन ढूंढेंगे। ओके ना कुछ लोग कहेंगे, लेकिन सर मेरे पास कोई बिजनेस नहीं है मेरे पास, मुझे पता भी नहीं। आगे चलकर मैं क्या करने वाला हूँ या क्या करने वाली हूँ। मैं तो बस ऐसे ही सीख रहा हूँ, सीख रही हूँ, वा डू, आई डू, डू, आई डू। मैं कहता हूँ कि अगर आपके पास बिजनेस नहीं है, सर्विस नहीं है तो आप अपने नाम का डोमेन खरीद लो। तो जब मैं डिजिटल मार्केटिंग सीख रहा था तब मुझे थोड़ी देर पता था कि मैं डिजिटल आजादी खोलने वाला हूँ। मुझे थोड़ी पता था तो मैंने क्या किया, मैंने संदीप बंसाली डॉट कॉम खरीद लिया और उस पर मैंने वेबसाइट बनाने की प्रैक्टिस की। क्यूं आगे चलकर चाहे कुछ भी बदल जाए, मेरा नाम थोड़ी बदलेगा समझाया गई, आगे चलकर दुनिया में कुछ भी बदल जाए, मेरा नाम थोड़ी न बदलेगा मेरा नाम तो वही रहेगा। तो मैंने संदीप बंसाली कॉम लिया और प्रैक्टिस करनी शुरू की। और जब मुझे डिजिटल आजादी का खयाल आया तो मैंने उसे कर लिया। ओके सो, इस तरीके से आपको यहाँ पर आप अपना नाम भी सर्च कर सकते हो। अगरवाल जी, आपने मुझसे पूछा कि इसका सॉलूशन क्या है? आई डोंट सी, यह सॉलूशन माई विंग्स, ये बहुत ही कॉमन नाम है एंड इसमें कॉम भी प्रीमियम है, नेड बी प्रीमियम है, आम शोर डॉट इन भी नहीं होगा, inistaknकिसी ने बना दी है website so it s difficult then you have to think ऑफ सम new name कुछ नया नाम आपको ढूंढना पड़ेगा mायvinगबिजवगैरह है, लेकिन डeजनौट मेक सेंस। अब देखो। इस ने कहा माई विंग्स में एस 1 एड कर, 2 फिर डॉट इन कर लो, हम ये देखो ये अच्छा ऑपशन है माई विंग्स की जगह पे यार विंग्स न आई, डोंट नो आपका बिजनेस क्या है। लेकिन अगर आप चाहो तो सोच सकते हो यार विंग्स डॉट इन ऑल विंग तो सोचना पड़ेगा थोड़ा सा इसपर रिसर्च करना पड़ेगा। समझ में आ गया गाई। अब किसी ने पूछा की सर हम कितने डोमेन खरीदे, वो बंडल मिल रहा है, एक्वा डॉटनेट ये सब खरीद लें नहीं नो आपको सिर्फ कम खरीदना है। वो भी तब जब मैं कहूँगा अभी आपको सिर्फ रिसर्च करना है गाज। अभी आपको सिर्फ रिसर्च करना है, मेरे पास 1 डील है, उस डील में ये जो डोमेन है आपको फ्री मिलने
वाला है,
समझ में आ रहा मेरे पास 1 डील है, उस डील में आपको ये डोमेन जो है यह आगे चलकर फ्री मिलने वाला है। तो आप खरीदना मत प्लीज आप सिर्फ रिसर्च करके रखो रिसर्च करके रखो की भाई कौन सा अच्छा है, कौन सा आपके लिए सही है। क्योंकि जब मैं आपको कहूँगा की अब यहाँ से आप ये खरीद लो या जो भी फ्री में आपको दूंगा तो यहाँ से ले लो। तो तब न सोचना मत तो रिसर्च पहले ही करके रखना, ठीक है, न गई रिसर्च करके रखोगे जस्ट मिट डन इन द चार्ट बॉक्स दन दना दन दन। dn very good, verygood verygood verygodवeरीगुड, वेरी गुड फैंटास्टिक चलो अब आगे बढ़ते हैं। मैंने आपसे कहा था कि आपको डोमेन के लिए ये 10 चीजें याद में याद रखनी है और मैं आपको कुछ टिप्स भी दे देता हूँ। टिप्स क्या है, डोमेन आपके बिजनेस का नाम यहाँ आपका नाम हो सकता है। एक्सटेंशन कॉम इन डॉट नेट इसी का कॉम्बिनेशन बना। जैसे डिजिटल संदीप, डॉट कॉम। अगर मुझे संदीप बंसाली नहीं मिलता तो मैं डिजिटल संदीप बना लेता। संदीप केक्स कॉम, बेस्ट केक्स डॉट इन, संदीप बंसाली कॉम, पुणे के बंसाली डॉट इन। तो डॉट कॉम मिलता है। तो अच्छा है, नहीं तो डॉट इन ले लेना। तो इस तरीके से आपको अपना नाम बनाना पड़ेगा। तो मैंने ये सब बता दिए है। आपको ऑलरेडी ना, डोमेन, आपने समझ लिया। वेबसाइट बिल्ड करने के लिए जो पहली चीज है वो है आपकी वेबसाइट का नाम, डोमेन मैंने समझा दी जो दूसरी चीज आपको चाहिए होस्टिंग या सर्वर आपकी जो वेबसाइट है उसे आप रखोगे कहाँ पर वर व यू कीप। तो कुछ लोग कहते हैं सर वो हमारे पास हमारा लैपटॉप है, कंप्यूटर है या हमारा मोबाइल है, उसमें रख देते है। क्या दिक्कत ऐक्चवली कहूं। तो ऐसा नहीं it is नॉट पॉसिबल इट इस पॉसिबल आप अपने लैपटॉप, अपने कंप्यूटर, अपने मोबाइल में भी वेबसाइट को रख सकते हो। दर इज नो प्रॉब्लम लेकिन सोचो हम वेबसाइट जब बनाते हैं तो हम चाहते हैं हमारी वेबसाइट 24 घंटा चालू रहे। ताकि गूगल से या पूरी दुनिया से। कहीं से भी कोई सर्च करे एन टाइम तो उसे हमारी वेबसाइट चालू मिलनी चाहिए। मान कर चलो आपने अपने लैपटॉप में रखी है। और उसे बंद कर दिया। लैपटॉप को तो वेबसाइट बंद मोबाइल में रख दिया और मोबाइल समझो स्विच ऑफ हो गया। या फिर जहां नेटवर्क नहीं हैं वहां चले गए। तो वेबसाइट बंद अगर आपकी वेबसाइट बंद हो जाएगी। अगर आपकी वेबसाइट के साथ इंटरनेट का कनेक्शन तगड़ा नहीं रहेगा तो फिर गूगल उसे लोगों को नहीं दिखाएगा। गूगल विल नॉट सो इट टू पीपल समझ में आ रहा गई सो वाट यू नीड इज होस्टिंग। यह 1 सर्वर होस्टिंग या सर्वर क्या होता है। ये होती है जगह स्पेस। जैसे आपका आईक्लाउड होता है। कोई भी आप क्लाउड सर्विस यूज करते हो वैसे ही होस्टिंग या सर्वर स्पेस होती है। जगह होती है। ये खास करके बनाई गई होती है ताकि आप यहाँ पर अपनी वेबसाइट रख सको, स्पेशली मेड की आप अपनी वेबसाइट वहाँ पर रख सको। तो अब कौन सी होस्टिंग या कौन सा सर्वर सबसे अच्छा रहेगा। कुछ फैक्टर्स बता देता हूँ वो होस्टिंग सबसे अच्छी रहेगी। जिसकी कंपनी की रिलायबिलिटी अच्छी हो ऐसे नहीं आप पैसे 2 वो आपको होस्टिंग दे दे और 24 महीने बाद कंपनी बंद हो जाए या भाग जाए। फिर क्या करोगे तो कंपनी नामचीन होनी चाहिए, रिलायबल होनी चाहिए सेकेंड वो जो भी आपको होस्टिंग देने उसे यूज करना आसान होना चाहिए ताकि आप इनसान कर सकें। तीसरा जो सॉल्यूशन वो आपको दे रहे हैं वो कॉम्प्लेक्स नहीं होना चाहिए। उसमें ज्यादा टेक्निकल चीजें, कोडिंग वाली चीजें या वेब मास्टर वाली चीजें ज्यादा नहीं होनी चाहिए। थोड़ी सी तो होती है टेक्निकल चीजें लेकिन बहुत ज्यादा जटिल नहीं होना चाहिए। सिम्पल होना चाहिए। देन फ्लेक्सिबिलिटी होनी चाहिए। फ्लेक्सिबिलिटी का मतलब क्या है? आज आप 1 वेबसाइट बना रहे हो तो आप होस्टिंग ले लो। कल को आपको 2345 वेबसाइट डालनी है तो उसका बड़ा प्लान अवेलेबल होना चाहिए। कुछ कुछ कंपनियां ऐसी होती है जिनका प्लान ही बहुत बड़ा होता है। कुछ कुछ कंपनियां ऐसी होती हैं जो 1 ही वेबसाइट बनाने का प्लान देती है। फिर आप दूसरी वेबसाइट बनाने जाओ तो बोलेंगे फिर खरीदो। तो ऐसा नहीं होना चाहिए। थोड़े बहुत पैसे देकर। अब ग्रेड वाले ऑप्शन जो है वो होना चाहिए, फ्लेक्सिबल होना चाहिए। उनका सपोर्ट अच्छा होना चाहिए। कल को कोई प्रॉब्लम आ जाए तो आप उनसे बात कर, सको, चाट कर सको, ईमेल कर सको, कुछ सपोर्ट उनका अच्छा होना चाहिए। एंड फाइनली एसेंशियल्स बताता हूँ क्यूंकि जब आप होस्टिंग या सर्वर खरीदने जाओगे तो आपको बहुत सारी चीजें वहाँ पर बताई जाएंगी। ओके पहले मैं आपको एग्जाम्पल दिखाता हूँ, फिर समझाता हूँ की क्या अब अगर आप होस्टिंग कंपनी देखने जाओगे तो आप गूगल को कह सकते हो बेस्ट होस्टिंग फॉर इंडिया। तो जैसे ही मैंने लिख दिया बेस्ट होस्टिंग फॉर इंडिया, इसने मुझे कुछ कुछ दे दी माई मैं इसे खोल दूंगा, ब्लू इससे ओपन कर दूंगा, होस्टिंग कॉम इसे ओपन कर दूंगा, then we have गोडाडी इसे ओपन कर दूंगा, होस्टिंग राजा इसे ओपन कर दूँगा। बिट चार्चा बिट चर्चा नहीं चाहिए भाई होग इंडिया अच्छा लग रहा है और क्या है होस्ट गैटर और 1 होस्टिंजरभी होता है। होस्टिंगर का नाम ही नहीं आ रहा है, होस्टेज का प्रॉब्लम चल रहा है, ठीक है तो 1 होस्टिंजरभी होता है। होस्टेंजरडॉट यह तो अब 11 करके उनको थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं। अब ये क्या कहता है, ये कोई कंपनी है जिसका नाम है माइल्स वेब, लॉनच वेबसाइट। इन मिनट्स। सिक्स्टी नाइन रुपीस पर मन बेस्ट अरे बेस्ट ये क्या गेट एटी परसेंट ऑफ होस्टिंग वित, fre doman गुड। तो यहाँ पर देखो प्लान्स दे रहा है। सिकटी नाइन रुपीज में आप 1 वेबसाइट बना पाओगे और ये आपको फ्री डोमेन दे रहा है 1 साल के लिए फिल्म नाइनटी नाइन रुपीज पर मंथ में यह आपको 25 वेबसाइट बनाने दे रहा है। पचीस वेबसाइट, ट्वेंटी, फाइव वेबसाइट, नाइनटी, नाइन रूपीज में वर्ड, प्रेस, रेडी, फ्री एसएसएल, ये सब इसने लिखा है 50 जीबी। यह देखो, 50 जीबी जगह दे रहा है, 50 जीबी की जगह 50 ईमेल अकाउंट दे रहा है। वो भी फ्री, फॉर, एवर, वर्ड, प्रेस, रेडी, फ्री एसएसएल, सब कुछ उसने लिख दिया है। देख लो, अभी सिर्फ हम रिसर्च कर रहे हैं तो ये कोई माल है। फिर आते हैं हम, ये कौन है, ये है ब्लू होस्ट, ब्लू होस्ट कहता है की भाई हम आपको देंगे वर्ल्ड प्रेस ओके, स्टार्टर वेन्यू जस्ट नेट, वन वेबसाइट 199 रुपए महीना, ये कितना था 99 रुपए महीना, ये कितना है 199 रुपए महीना, इसमें क्या मिल रहा है। 10 वेबसाइट मिल ही है। 10 जीबी स्टोरेज मिल रहा है, पहला फ्री डोमेन मिल रहा है, एस, एस, एल फ्री मिल रहा है, सारे फीचर, इन्होंने टिक मार्क किए हैं। यहाँ पर सब फ्री मिल रहा है। सिर्फ पहले जो 199 था वो 99 था, वो यहाँ पर 199 रुपए है। फिर आ जाये। तीसरे पर, तीसरा कौन है भाई, ये है होस्टिंग कॉम, इसका क्या कहना है? इसका कहना है कि भाई 1 वेबसाइट बनानी है तो वन फोट्टी नाइन रुपीज पर मंत 5 वेब वेबसाइट बनानी है तो टू फोट्टी नाइन और हम आपको पंद्रह जीबी देंगे। पंद्रह जीबी, ये पहला वाला तो 50 जीबी दे रहा था, यहाँ पर देखो 50 जीबी दे रहा था। और यहाँ पर ये वाला ये पंद्रह जीबी दे रहा है। फिर गोडाडी पे जाओ, गो डाडी, पे, होस्टिंग का भाई, होस्टिंग देरा गया, होs्टinगयहरहा, होस्टिंग, होस्टिंग फॉर वर्डप्रेस
देखो।
ये कहता है। 1 वेबसाइट के लिए मैं थ्री सिक्स्टी नाइन रुपीस चार्ज करूँ और वर्डप्रेस के लिए फोर नाइनटी नाइन तो महंगा है। फिर आप जाओगे होस्टिंग राजा पर इसके प्लान्स अलग है, फोट्टी नाइन रुप से शुरू हो रहा है। और देखो वर्डप्रेस होस्टिंग अलग, वेब होस्टिंग अलग, प्रीमियम होस्टिंग अलग, डेडिकेटेड होस्टिंग अलग, वीपीएस होस्टिंग अलग, क्लाउड होस्टिंग अलग, रीसेलर होस्टिंग अलग। अब इन सब का मतलब क्या है? राम जाने, भगवान जाने पर यहाँ आ जाओ। होस्टिंग इंडिया डॉट टू। देखो यहाँ पर होस्टिंग इंडिया डॉट टू, ये नाम पढ़ के क्या आप, इस पर भरोसा कर पाओगे? सोचो होस्टिंग इंडिया डॉट, तू क्यूँ नहीं भरोसा कर रहे हो? समझ में आ रहा है डोमिन कंपनी कैसे है, वो छोड़ो नाम पढ़कर, मुझे लग रहा है कि डब्बा है या गडबड, कुछ तो पंगा है। तो यहाँ पर ये कहता है की भाई लिनक होस्टिंग, विंडोज होस्टिंग, रीसेलर होस्टिंग, यह क्या है? पता नहीं अब इसमें कितना जीबी है, 20 जीबी है, सौ जीबी है, 5 जीबी है। थोड़ा कंफ्यूजिंग है, नई समझ में आ रहा है अलग। चलो बिग, रॉक, बिग रॉक वाला कहता है, मेरी होस्टिंग, ले लो, सिक्स्टी नाइन रुपीस में 1 वेबसाइट, वन फिफ्टी नाइन रुपीज में 5 वेबसाइट, वन नाइनटी नाइन रुपीज में 10 वेबसाइट और होस्टिंगर पे आ जाओ। तो होस्टिं जर की भी आप स्टडी कर सकते हो। होस्टिंग होस्टिन 45, सिक्स्टी नाइन रुपीज में मैं 1 वेबसाइट, दूंगा वन, थर्टी नाइन रुपीज में में 3 वेबसाइट, दूंगा वन, नाइन्टी नाइन रुपीज वाला। जो लोगे तो ये सबसे अच्छा है, इसमें आप अनलिमिटेड वेबसाइट बना सकते हो। कितनी भी बनाओ, कितनी भी कोई प्रॉब्लम नहीं है, कितनी भी वेबसाइट बनाओ, 50 जीबी। हम देंगे ना गाइस, ये सारी चीजें जब मैंने आपको दिखाई, आप में से कितने लोगों को डर लगने लग गया, कंफ्यूजन आने लग गया की अरे यार सर, हम कैसे पता करेंगे कि कौन सी अच्छी है, कौन सी खरीदनी चाहिए। हमें तो कोई आइडिया ही नहीं है, हमने तो आज पहली बार ही देखा है, जो आपने दिखाया, हमें थोड़ी पता है कि ये क्या चाहिए, कंफ्यूजन होता है, डर लगता है विच इज, एक्सपेक्टेड ओके देखिये, होस्टिंग के लिए जो फैक्टर्स हमें ध्यान में रखने हैं, वो इतना है कि कितने वेबसाइट बनाने दे रहा है और क्या वर्डप्रेस हमें इनस्टॉल करने दे रहा है। हमें सिर्फ 5 सौ एमबी की जगह चाहिए 500 एमबी। मतलब आधा जीबी। तो ये लोग जो बोल रहे थे न, हम 50 जीबी देंगे, 20 जीबी देंगे, 10 जीबी देंगे, हमारी रिक्वायरमेंट आधा जीबी की है, एसएसएल सर्टिफिकेट इम्पॉर्टेंट है और प्राइस की वो क्या दे रहे हैं। तो कंपनी रिलायबल होनी चाहिए, आसान होना चाहिए। ज्यादा कॉम्प्लेक्स न हो, फ्लेक्सिबल हो, अगर आपको बड़ा प्लान चाहिए, छोटा प्लान चाहिए, सपोर्ट इसका अच्छा हो, एसेंशियल्स, इसके अच्छे होने चाहिए ना। अगर आप ये देखोगे तो आप यह समझ पाओगे कि ये सारी चीजें, आपको सिर्फ तभी पता चलेगी जब आप उसे यूज करके देखोगे। अभी किसी कंपनी का सपोर्ट कितना अच्छा है, ये बिना उस कंपनी से बातें किए, उसका प्रोडक्ट लिए। और जब हमें प्रॉब्लम आएगी तब हम बात करेंगे। तभी तो सपोर्ट के बारे में ब, पता चलेगा। पहले कैसे पता चलेगा सो इन ऑल दिस। मैं आपको कल 1 रेकमेंडेशन देने वाला
हूँ,
ओके, मैं आपको 1 रेकमेंडेशन देने वाला हूँ। प्लस जो रिकमेंडेशन में दूंगा उसका 1 स्पेशल डिस्काउंट है डिजिटल आजादी के स्टूडेंट्स के लिए तो उनकी वेबसाइट पर जो प्राइस होगी उससे कम प्राइस हमें मिलेगी क्योंकि मेरा उनके साथ टायअप है, मैं उनका एफिलिएट हूँ और मैं सारी कंपनियों का एफिलिएट हूँ। ऐसे नहीं है मैं किसी भी कंपनी को प्रमोट करूंगा तो मैं प्रमोशन कर सकता हूँ। दैट इज नॉट अ प्रॉब्लम, लेकिन मैं चाहता हूँ कि आपके लिए जो अच्छा हो, आपके लिए जो आसान हो वो मैं आप लोगों को रेकमेंड करूँ। तो ये जो रेकमेंडेशन होगी ये कल होगी? तो मारो कल मैं आपको बताऊँगा की कौन सी होस्टिंग लेनी है और कौन सा डोमेन लेना है, कहाँ से डोमेन लेना है, कौन सा डोमेन लेना है यह आपने डिसाइड करना है और अगर आप में से कोई एनालिटिकल है सर तो कुछ भी बताएंगे या फिर सर के पास तो एफिलिएट लिंक होंगी मतलब सर को कमीशन मिलेगा तो सर कुछ न कुछ चिपकाएंगे नहीं हम अपना स्टडी करेंगे मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है, आप अपनी स्टडी कर सकते हो, इन फैक्ट। मैं चाहता हूँ की आप स्टडी करो। ताकि कल जब मैं आपको रेकमेंडेशन दूं तो आपको समझ जाए की मैं ये रेकमेंडेशन क्यों दे रहा हूँ। ठीक है सो आज का दिन मैं आपको देने वाला हूँ ये सब रिसर्च करने के लिए आपका नाम क्या होना चाहिए? वेबसाइट का वो अवेलेबल है कि नहीं, होस्टिंग में कौन कौन अच्छा लग रहा है आपको 10 गो इन चेक आउट and then to more wil i will tell you, what is to tan? आज हमने डोमेन और होस्टिंग समझा है और फिर तीसरी चीज जो आपके पास होनी चाहिए वेबसाइट बनाने के लिए वो है सीएमएस सीएमएस का मतलब है कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम, कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम का मतलब क्या है देखो आप जब अपनी वेबसाइट बनाओगे तो वेबसाइट कुछ ऐसे दिखेगी यहाँ पर आपका लोगो आएगा, फिर आपका नाम आएगा, फिर यहाँ पे होम। अबाउट स प्रोडक्ट सर्विस कुछ न कुछ मेन्यू होगा, फिर 1 लाइन होगी, फिर 1 फोटो आएगा या वीडियो आएगा, फिर यहाँ पर कुछ लिखा होगा, फिर यहाँ पर कुछ बड़ा लिखा होगा, फिर छोटा लिखा होगा, फिर यहाँ पर 1 बटन होगा बटन दबाने के लिए होगा, फिर ये सेक्शन खत्म हो जाएगा, फिर दूसरे सेक्शन के बीचों बीच कुछ लिखा होगा, फिर यहाँ पर 1 फोटो होगा, फिर यहाँ पर दूसरा फोटो होगा, फिर यहाँ पर तीसरा फोटो होगा। ऐसे ही बनती है वेबसाइट अरे ऐसे ही बनती है वेबसाइट। तो ये अगर फोटो है। तो ये कॉन्टेंट है यहां अगर कुछ लिखा है तो ये भी कॉन्टेंट है यहाँ पर अगर लोगो है तो ये भी कॉन्टेंट हैं। तो हर चीज जो आप देखोगे आपके वेबसाइट पर सब कुछ कॉन्टेंट है। तो हमें मैनेज कर रहे हैं न की मुझे फोटो यहाँ चाहिए या थोड़ी सी आगे ले जाकर मुझे फोटो यहाँ चाहिए बड़ी चाहिए, छोटी चाहिए। ये सब हमें मैनेज करना पडता है। तो इसी को कहते हैं कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम। 1 सॉफ्टवेयर होता है जिससे आप कॉंटेंट भई यहां फोटो लगाओ, इसका कलर ऐसा करो इसको ऐसे चेंज करो, ये सब चेंजेज करने के लिए 1 सॉफ्टवेयर चाहिए। तो ये कोंटेन मैनेजमेंट का जो सॉफ्टवेयर है, ये है वर्ल्ड प्रेस जो हम सीखेंगे और वर्ल्ड प्रेस जो है, ये फ्री है, वर्ल्ड प्रेस जो है, ये फ्री है। कुछ पेड सॉफ्टवेयर भी होते हैं जैसे विक्स 1 पेड सॉफ्टवेयर है, शॉपिफाइ 1 पेड सॉफ्टवेयर है। तो कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम बहुत सारे लेकिन वर्डप्रेस फ्री है। और हम वर्डप्रेस पर वेबसाइट बनाएंगे। नाव इस प्वॉइंट पर गई, ये समझ में आया कि वेबसाइट बनाने के लिए 3 चीजें चाहिए, 1 चाहिए वेबसाइट का नाम, 1 चाहिए जगह जहां पर वेबसाइट रखोगे और 1 हमें चाहिए वर्ड प्रेस कि जिससे हम अपनी वेबसाइट बनाएं। समझ में आ गया ndrsandtisgysinthe चैक बॉक्स अगर समझ में आ गया तो समझ में आ गया हम नाव बीफोर वी एड सेशन ऑफ टुडे मैं वेबसाइट प्लानिंग के बारे में आपको बताना चाहता हूँ। वेबसाइट प्लानिंग क्या होती है। तो हम जो अपनी वेबसाइट बनाएंगे तो आपको ये सोचना होगा कि आप अपनी वेबसाइट का नाम क्या रखोगे। फिर आप वो डोमेन अवेलेबल है कि नहीं वो चेक करोगे उसके बाद आप अपने 5 कॉम्पिटीटर्स को स्टडी करना। जैसे आपकी सोने चांदी की दुकान है तो सोने चांदी की और दुकानें किस किस की हैं जिनकी वेबसाइट है उन्होंने अपनी वेबसाइट कैसे बनाई है। अगर आपका साडियों का काम है तो साड़ियां ऑनलाइन कौन कौन बेच रहा है, उनकी वेबसाइट कैसे बनी हुई है। अगर आप एलआईसी एजेंट हो तो बाकी एजेंट्स की वेबसाइट कैसे बनी हुई है। थोड़ा जाकर स्टडी करो, थोड़ा सा अपने कॉम्पिटिटर को स्टडी करोगे तो समझ में आएगा कि आपके बिजनेस में आपकी सर्विस में लोग क्या कर रहे हैं, दुनिया क्या कर रही है, मार्केट क्या कर
रहा है,
समझ में आ रहा गई। अंडरस्टैंड दिस स तो कॉम्पेटिटर्स को स्टडी करो एंड देन, उनकी वेबसाइट देखो और प्रिपेयर स्क्रैप बुक स्क्रैपबुक स्क्रैप बुक क्या होता है। आप किसी वेबसाइट पर गए, आपको कुछ अच्छा लगा उसका फोटो निकाल के रख 2 यार ये बड़ा अच्छा था। आप किसी वेबसाइट पर गए वहाँ पर आपको नाम अच्छा लगा, हेडलाइन अच्छी लगी कॉपी करके रख लो किसी वेबसाइट पर गए वहाँ पर फोटो बड़े अच्छे थे, फोटो निकाल के रख 2 जमा करो चीजें और उसे 1 किताब में 1 इसमें डाल 2 क्या करता है, गूगल डॉक्यूमेंट में डाल 2 या माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में डाल 2 जस्ट पुट एवरीथिंग इन वन जब आप अपनी वेबसाइट क्रिएट करने जाओगे, अगर उस रफ बुक को आप देखोगे तो आपको आइडिया दोबारा याद आ जायेंगे। सारे वरना जब आप स्क्रोल कर रहे हो तो आप देख रहे हो और तुम बाद में भूल जाओगे तो 1 स्क्रैप बुक 1 फोल्डर बना लो, 1 स्क्रैप बुक बना लो या 1 फोल्डर बना लो। यहाँ 1 डॉक्यूमेंट बना लो और उसमे ये सारी चीजें जमा करना शुरू करो। क्योंकि हम अपनी वेबसाइट बनाएंगे अरे दन है। क्या गाईज समझ में आया।
क्या?
अनीता जी पूछ रहे हैं मैं हाउसवाइफ हूं। मुझे वेबसाइट बनानी चाहिए। क्या? क्या जवाब दोगे बाकी सब लोग। क्या के लेक्चर में। मैंने इसका जवाब दिया था। अनिता जी को वेबसाइट बनानी चाहिए कि नहीं बनानी चाहिए? यस बनानी चाहिए। क्यों? अगर बनाओगे नहीं तो सीखोगे कैसे। अगर सीख जाओगे तो लोगों के लिए वेबसाइट बनाकर, पैसा कमा सकते हो। अपने दोस्तों के लिए, रिलेटिव्स के लिए जान, पहचान के लोगों के लिए वेबसाइट बना सकते हो। अपने पति के लिए सीख जाए तो फिर कुछ भी कर सकते हो। लेकिन अगर सीखना है तो बनानी। तो पड़ेगी सिर्फ देख कर तो नहीं सीख सकते। समझ में आ रहा है। मोबाइल से वेबसाइट बनेगा। क्या है, बनती है मोबाइल से वेबसाइट। लेकिन मैं नहीं सिखाऊंगा, मैं नहीं सिखाऊंगा। क्यों इज वेरी कॉम्प्लिकेटेड और वो छोटी सी। 23 इंच की स्क्रीन में। ऐसे आंखें डालकर पूरा खेलते बैठना पड़ता है। सौरी वेबसाइट बनाने के लिए आपके पास लैपटॉप या कंप्यूटर होना चाहिए। ओके हिंदी में बना सकते हैं, हां बना सकते हो। आपको जिस भाषा में चाहिए, आप बना सकते हो। दरज नो प्रॉब्लम रितु आर्या के लिए सर। कई बार वेबसाइट हैक हो जाती है। तो रितु अभी पहले तो हम बनाए सिक्योरिटी का भी बताउंगा डोंट। वरी प्राची सिंध कहती है कि सिर क्या एडिट कर सकते हैं, फोटो पॉट कर सकते हो। निलेश। शक्कर कहते हैं ई कॉमर्स वेबसाइट का भी आप मार्गदर्शन करें। तो निलेश जी पहले हम थोड़ा बेसिक वाला काम कर लें। आशा गुप्ता कहते हैं हाऊ टू स्टडी अदर वेबसाइट google पर जाओ, भाई, google पर जाओ, वहाँ पर टाइप करो। जैसे आप एलआईसी एजेंट तो टाइप करो एलआईसी एजेंट वेबसाइट आने लगेंगी, आप सर्च करो। शॉप डेट कैसा है, मुझे नहीं पता, मैंने यूस किया, मुझे नहीं पता। उल्लास जैसवाल उल्लास। जैसवाल कहते हैं वर्ल्ड प्रेस और फ्रेमर ईआई में क्या फर्क है। या ऐसे सवाल क्यों पूछ रहे हो
मुझे
जो मैं सिखा रहा हूँ उससे रिलेटेड। अगर कोई सवाल है तो पूछो नीतू। जैन प्रभात सिंह कहते है सर, हमारे पास लैपटॉप नहीं है, वेबसाइट मत बनाना, गाईज के वेबसाइट मत बनाना। फनीश सिन्हा कहते हैं कि आर नेम ऑफ वेबसाइट के सेंसेटिव कैपिटल या छोटा। तो नो वेबसाइट इस ऑलवेज, इन स्मॉल कैपिटल में नहीं होती। to its always in sco netigen, what if we are not using the website fattr, making it, if you re not using, we are not using। पढी सुभाष चंद्र सक्सेना के हैं रिटायर्ड पर्सन क्या वेबसाइट बनाए, अपने बारे में बताओ सुभाष चंद्र सक्सेना कौन था, क्या करता था, क्या क्या किया, जिंदगी में वो सब डालो अपनी वेबसाइट पर अपना पोर्टल बनाओ। if somebody has no business वाट दे, शुड स्टडी, ऐज अ, कॉम्पिटिटर देखो, मैं सिम्पल चीज, बताता, हूँ, गाइस अगर आपके पास आपका नीस नहीं है, बिजनेस नहीं है, कुछ भी नहीं है। आप अपने नाम का डोमेन खरीद लो। सबसे पहले तो ठीक है अपने नाम की वेबसाइट बनाने। अब जैसे उन्होंने पूछा की सर लेकिन हमारा कोई बिजनेस ही नहीं है तो हम किसे कॉम्पिटिटर की तरह स्टडी
तो
अपने दिमाग में ऐसे कंसिडर कर लो की आप कोई 1 काम करने वाले हो कंसिडर कर लो जैसे मैं कंसिडर करूँगा की चलो मुझे डिजिटल मार्केटिंग की एजेंसी करनी है आगे चल कर मुझे डिजिटल मार्केटिंग सिखाना है ऐसे रेल के मुझे संदीप सर की तरह डिजिटल मार्केटिंग सिखाना है तो संदीप सर की वेबसाइट को ऐसे कॉम्पेटिटर मैंने स्टडी कर लिया और संदीप सर के कितने कॉम्पिटिटर से ढूंढ कर सबको स्टडी कर दिया की हर किसी की वेबसाइट पर क्या क्या
है
understand ing gis, यू हैव टू यूज योर कॉमन सेंस आपको अपना कॉमन सेंस यूज करना पड़ेगा और फिर अपने मन को न थोड़ा काबू करना पड़ेगा क्योंकि मन जो है न अब बहुत अलग अलग दिशा में भागने वाला है बहुत अलग सर 1 साल के बाद क्या होगा अगर मैंने रिन्यू नहीं किया तो सर 3 साल के बाद क्या होगा अगर ये हो गया तो अरे भाई तू बना तो सही पहले अभी तुम लोग पहली कक्षा में नहीं आए हो अभी अपर केजी लोअर केजी में हो और तुम बोल रहे हो मैं ग्रेजुएशन के बाद क्या करूँगा पहले जो है वो सीखो तो सही पहले जो बेसिक है वो सीखो तो सही समझ में आ रहा गाइस सुहास साकारता कहते हैं सर कैन वेबसाइट नेम हैव अंडरस्कोर special carेctrgoasmis question सुहास न कभी सिखाया मैंने इसी सेशन में क्या कर रहे हो तो इसीलिए न मैं फिर सवाल नहीं लेता मैं सवाल बंद कर देता हूँ कुछ भी पूछते हो मर्जी समझ में आ गई तो चलो आज यहाँ पर रुकेंगे मैं चाहूँगा कि आज आप थोड़ा सा पंद्रह मिनट पहले छोड़ रहा हूँ अब भी यहीं पर बैठकर रिसर्च करो अब उठो मत जहाँ बैठे हो वहीं पर बैठ कर सर्च करो गुरु डाडी पर जाकर के आपको क्या काम चाहिए डोमेन या होस्टिंग खरीदना मत मैं कल आपको रेकमेंडेशन देने वाला हूँ अच्छा डील देने वाला हूँ शायद आपका फायदा होगा गड़बड़ी हडबडी में गड़बड़ मत कर देना ठीक है हैव पेशेंस कल मैं आप लोगो को बताऊंगा क्या करना है आज का जो कोड है वो है फॉर ए जीरो जीरो, फोर ए जीरो जीरो, आज का कोर्ड है फोर ए जीरो जीरो लिखो, फोर ए जीरो जीरो, फॉर 8 जीरो जीरो, फॉर 8 जीरो जीरो, फॉर ए जीरो जीरो लिखा येस फैंटास्टिक तो कल हमारी मुलाकात होगी इसी जगह इसी तरह जब तक नहीं मिलता तब तक क्या करोगे रिसर्च करोगे रिसर्च जाकर रिसर्च कीजिये कॉम्पिटिटर्स का भी और अपने डोमेन के नाम का भी प्लीज सीखते रहिये इम्प्लीमेंट करते रहिये आई लव यू आल लीज स्टेट गुड कैर ऑफ योर सेल्फ बाबाए नमस्ते जय हिन्द।
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