Day 15 - 20th July - Free Digital Marketing Training - Digital Bharat

In the final segment of the Day 15 session, Sandeep Sir guides the cohort through the practical steps required to launch a website. He begins by offering a special affiliate discount for hosting and domain services, explaining his role as an affiliate and his commitment to recommending only what is best for students. He then outlines the three core components needed for any website: a domain name, a hosting environment, and a content‑management system (CMS). The concept of a CMS is defined, with WordPress highlighted as a free, beginner‑friendly option alongside paid alternatives like Wix and Shopify. Sir walks the participants through the process of checking domain availability, evaluating hosting providers, and conducting competitor research by creating a “scrap book” of designs, copy, and images from existing sites. He stresses the importance of documenting these findings in a single document for future reference. Practical considerations such as required hardware (laptop/desktop versus mobile), security basics, and the relevance of building a website even for non‑business individuals (e.g., housewives, retirees) are discussed. The session ends with a promise to deliver a concrete hosting/domain recommendation the next day, reinforcing the hands‑on, supportive tone of the training.
Chapters
लीड जेनरेशन में बड़े आराम से कर सकता हूँ, एस सी ओ कर सकता हूँ उसमें मैंने विवेक जी की मदद ली उनसे भी सीखा और वो मैं बड़े आराम से कर सकता हूँ कनवर्ट किट वगैरह जो मैंने आपकी जो ऑटोमेशन है पल के साथ जो आपने सारा सिखाया है वो भी मैं किसी को, अगर किसी को लगना है तो वो भी मैं लगा के दे सकता हूँ यह सारा काम मैं इंडेपेंडेंट कर सकता हूँ और चैट जी पी टी की वजह से कोई भी काम कर सकता हूँ।
फैंटास्टिक जी अभी मैंने क्या क्या करते हैं कहाँ कहाँ यूज़ कर रहे हैं
डिजिटल मार्केटिंग और डिजिटल मार्केटिंग सिर में यूज़ कर रहा हूँ। 1 तो लीड जनरेशन के लिए और दूसरा मैं इसको प्रॉपर्टी के काम में बहुत ज्यादा यूज़ कर रहा हूँ। और तीसरा सर कुछ कंपनी ऐसी है क्यूंकी मेरे लिंक बड़े अच्छे हैं मन की कंपनी की वजह से उनके वहाँ पर लड़के तो थे लेकिन काम नहीं करते थे ईमेल मार्केटिंग में दिक्कत आ रही थी, लीड जनरेशन में दिक्कत आ रही थी, फेसबुक में कोई खास चलता नहीं था मेरे को खाली उनको बैठ के गाइड किया उनके गाइड तो क्या वो काम पहले ही जानते थे लेकिन बैठ कर क्यूँ नाली तो थी मेरे को और मैंने उनको समझाया की आप इस तरीके से काम करो। ऐसे करो डेली आपको यह करना है कनवर्ट कीट में किस तरीके से मैंने उनको अपने आप मे जाते बनाकर रखो आर्टिशन लगा। 2 इसके अन्दर और वो इतनी कंपनी खुश हुई इतनी कंपनी खुश हुए की साढ़े 3 लाख का चैक मेरे को इमीजेट मिल गया था। उन्होंने कहा साहब ये चैक में आपको दे रहा हूँ। 6 महीने आपने ये काम करने कहीं जाना नहीं है आपको
वेलकम सलमान सबसे पहले कोंग्रेस लेशंस, अब डिजिटल लखपति बन चुके हैं, हाउ डर्स, दैट, फील ये
सब आपकी टीचिंग का और गाइडेंस का फल है जो मिल रहा है आपने इतनी अच्छी नॉलेज जो प्रोवाइड की है कोर्सेज में जिससे की इम्प्लीमेंट करके हर कोई पैसा कमा सकता है।
थैंक यू सलमान, थैंक यू सो मच इन फैक्ट। मुझे याद है की डिजिटल आजादी में जब मैंने रचेता का टाइटल निकाला था मतलब हमने जब ये कांसेप्ट किया था की आप अपना इको सिस्टम बनाइए तब मेरे खयाल से पहले बैच में 6 रचेता थे और उसमे से आप 1 दे फर्स्ट बैच ऑफ़ रचेता पहले कुछ स्टूडेंट्स में थे जिन्होंने यह किया है सी जर्नी मैंने आपका पहला वाला वीडियो भी मुझे याद है कुछ ग्रीन कलर का बैकग्राउंड था जहाँ आप बैठे हुए थे और आज आप बिल्कुल प्रोफेशनल माइक लगाकर। अच्छे ऑफिस में सो इम्प्रेस्ड वित, यो ग्रोथ, मी मोर। अबाउट दिस ये सफर कैसा रहा पिछले
2 ढाई सालों का, देखिये सर जब हम किसी भी बिजनेस को या फिर किसी भी फील्ड को टारगेट करते हैं, उसमें आगे बढ़ते हैं तो उतार चढ़ाव तो आते ही हैं जैसे की आप ग्राफ दिखाते हैं जी, उस तरह का पाप तो हर किसी के सामने आता ही है। कभी अप, कभी डाउन और फैमिली से भी बहुत सारी प्रॉब्लम्स आती हैं हर किसी को किसी भी नए बिजनेस में जाने के लिए क्योंकि हम इतने स्टेबल नहीं होते हैं। पहली बात तो हम पीछे से 1 सोर्सेज करते आए हैं उसे छोड़ना और दूसरे बिजनेस में जाना, ये अलग मैटर रखता है करेक्ट और फिर उसे सीखकर इम्प्लीमेंट करना, वो 1 अलग चीज है। तो स्टार्टिंग में थोड़ी प्रॉब्लम तो आई लेकिन आने के साथ साथ आपकी गाइडेंस से और हमारी सपोर्ट से जो सपोर्ट टीम है वो भी बहुत हेल्पफुल है। अगर कोई चीज डाउट होता है तो उसका क्लियरेंस हो जाता है तो उस तरह से यह सारा इम्प्लीमेंट हो पाया है और यह अर्निंग क्रिएट हो पायी है। जैसे की आप
नमस्ते मयांक कांग्रेचुलेशंस थैंक, यू सर, आप तो लखपति बन गए,
थै, दैट फील, आसम, फीलिंग एंड, ये सबका श्रेय सबसे पहले आप को जाता है क्योंकि यू मैं सो हुमच चीजें देख रहा था डिजिटल मार्केटिंग के बारे में, 12 पहले भी कोर्स किए मैंने ओके जो नॉलेज मुझे मिलनी चाहिए थी, वो यहाँ पर मुझे जो लोकनीति है वही मिल गई।
फैंटास्टिक हम जानना चाहते हैं आपकी कहानी मयंक। लेकिन मैं चाहता हूँ की पहले आप अपना 1 इंट्रोडक्शन दीजिये, आपका नाम आप किस शहर से हैं, क्या करते थे, क्या करते हैं और डिजिटल आजादी में
कैसे आये सभी को नमस्कार मेरा मैं। मयंक अग्रवाल अभी मैं काटफंडू नेपाल में हूँ। मैं मास्टर प्रैक्टिस ऑफ ग्राफोलॉजी हूँ। मतलब राइटिंग के थ्रू के थ्रू लोगों के बिहेवियर के बारे में एनालाइज करता हूँ और उनको हम ग्राफ थेरेपी, देते हैं उनके मां सेट को चेंज करने के लिए जो सिंपल हर कोई 1 पेन यूज ही करता है। पेन से मैं लोगों के बारे में डिकोड करना चालू किया, उसके साथ साथ मैंने फिर डिजिटल आजादी में जुड़ के मैंने पढ़ना चालू किया।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल पैसे कितने कमाए अभी
तक आज ही 1 और डील हुआ है। तो लाख ट्वेंटी फाइव थाउजंड, क्रॉस हो गया है, सुबह तक सरवन स सेवेंटी टू था, अभी आई ट्वेंटी फाइव हो गया है।
8 लाख पचीस हजार रुपया। आपने कमा लिया। ये सब डिजिटल आया है, ये सब ग्राफोलॉजी से आया है। जी सर डिजिटल ग्रैफोलॉजी फैंटास्टिक कोंग्रेचुलेशन मयांक थैंक यू, सर हार्टस कोंग्रेचुलेशन थैंक यू इस अमेजिंग, इस अमेजिंग दे वे यू आर टॉकिंग जो क्लैरिटी आपके अन्दर है, जो शांति है, आपके अन्दर जो ठहराव है, जो फोकस है आपका, वो मैं अंदाजा लगा पा रहा हूँ। इस अमेजिंग सवा 8 लाख रुपया कमाना मजाक नहीं है। कुछ लोगों को कई साल लग जाते हैं क सर नमस्ते, नमस्ते, नमस्ते नमस्ते सेकेंड इंटरव्यू कर रहा हूँ आपके साथ जी सर पहली बार रचेता के लिए। और आज मिलियनेयर मतलब आपने लखपति का स्टॉप लिया ही नहीं। सीधा मिलियनेयर अमेजिंग अगशिसाहबप्लीज अपना इन्टरडक्शन दीजिये, आपका नाम आप कहाँ से हैं, क्या करते हैं ताकि सब लोग आपको पहचान ले सर।
मायसेल्फ बीटी आगा से आम डायरेक्टर आगा से ग्रुप आई टी है, मैं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहता हूँ जी, और मुझे टेक्निकल एजुकेशन देते हुए फिफ्टी
फाइव ईयर हो चुके है।
एड प्रेजेंट मेरी उम्र सेवंटी फॉर यर
रनिंग है ये पूरा आपने जो डिजिटल कॉन्टेंट बनाया और इसकी मदद से अभी रेवेन्यू कितना क्लॉक किया बिटिया का वो
तो रेवेन्यू देखिये आई टिया को पैसा तो जो है वो आईटीया जाता है और चूँकि आईटीया को रन सोसाइटी करती है नो लॉस नो प्रोफिट में करती है जी। लेकिन उसके सहारे से मुझे एक्स्ट्रा जो रेवेन्यू मिला वो लास्ट फाइनल सीलर में 13 लाख से अधिक था, 13 लाख और 14 लाख के बीच में था। ओके और अभी इस साल 25 लाख से भी ज्यादा रहेगा। इस फाइनल में सिर्फ भी दिया नहीं है सीए को अभी वो आईटीआई के इंटर बना रहे है। अभी पर्सनल जो इंडिजुअली रिटर्न फाइल नहीं हो रही है उसके लिए आनी ऑपशन जी मैं जानता हूँ इनकम टैक्स से
पिछेले साल 13 लाख के आस पास था, इस साल पार लाख क्रॉस था
और वो 6 महीने में कमाया था।
में सिक्स मंच में वाह जी साल
मेरा पचीस लाख से ऊपर जायेगा
या
नहीं तो वो आराम से 1 करोड़ रूपए कमाना कोई बड़ी बात नहीं है मैं आगे इसको बढ़ाऊंगा अपने लड़कों को मैं उस ऊँचाई पर ले जाना चाहता हूँ मेरे कॉमेंटेटर को खत्म कर
अंजलि सबसे पहले तो कांग्रेचुलेशंस आपकी कहानी जानकर मुझे इंस्पिरेशन मिली है यू आर अ फाइटर टेल यू दैट कांग्रेचुलेशंस आप लखपति बन चुकी है हर 10 दैट फील
इस अमेजिंग ऐक्चवली और इसके पीछे आपका भी बहुत बड़ा हाथ है। थैंक यू सो मच 23 साल की उम्र में ढूंढना बहुत बड़ी बात है और जो आपके पीछे मेरे पापा जैसे लगे रहते है मेरे काम के लिए करो इसको करो जी।
इसलिए थैंक यू फैंटास्टिक अंजलि से प्लेजर एंड ऑनर टू बी ऑफ़ एनी हेल्प टू यू चलिए 1 बार फॉर्मली अपना
इंटोडक्शन दे दीजिए मैं अंजली शुक्ला हूँ फ्रॉम जाला औरंगाबाद में फैशन डिजाइनर और
स्टाइलिस्ट हूँ चलो 1 सिम्पल सवाल अभी तक कितने पैसे कमाए मैंने थ्री लाख डिजिटल मार्केटिंग की हेल्प से फैंटास्टिक सारी
डिजाइन करके और सारी के बाकी एक्सप्लोर
कर रही हूँ काफी कुछ फैंटास्टिक वी आर एक्स्ट्रीमली प्राउड ऑफ यू जो लोग ये वीडियो देख रहे हैं चैट और कमेंट में लिखिए एम पी टी वाई अंजली मो पॉवर्टी अंजली मो पॉवर
व
जस्ट गोइंग टू कम दैट कम टू दैट की। मुझे पता चला कि आपको 1 हेल्थ का इशू भी हुआ था जिसकी वजह से आपने काफी स्ट्रगल किया। टेल लिटल अबाउट दैट प्लीज इफ यू
आर के वित ओ ऐक्चवली जब मैं सब कुछ खुद डिजाइन की थी, मेरी डिजाइन खुद की है, मैं खुद डिजाइन करती हूँ मार्केट में जाके फैब्रिक पर्चेस करती हूँ और मेरे गैर लगवाती हूँ सूरत भी घूमना पड़ा मुझे बहुत बड़ा फैब्रिक के लिए, तो वो ऐक्चवली थ्री में मुझे सिरदर्द बहुत हो रहा था तो मुझे लगा चश्मा का प्रॉब्लम होगा क्यूँकी मीटिंग हो रही है काम भी बहुत है तो डॉक्टर ने तो मुझे बोला की 3 बार टेस्ट करना है तो हाई की नॉर्मल है और मैं 1 दिन अचानक चक्कर खाकर की दी तो वो हॉस्पिटल जाने के बाद मुझे। उन्होंने
नमस्ते गोमती जी, स्वागत है। आपका आज के इस इंटरव्यू में सबसे पहले सीधा मुद्दे की बात अभी तक डिजिटल मार्केटिंग से कितना पैसा कमा लिया।
सर हमारा लोकल मार्केट कवर करते हैं तो इसके लिए बता पाना पॉसिबल नहीं है की हम कितना पैसा कमा पाए। लेकिन हम यह बता सकते हैं की पहले, आज के 1 साल पहले हमारी 3 लोगो की टीम थी, आज हमारे पास 10 की टीम है और जो हमारा ग्रोथ में देखा जायेगा, जो हमारे काम के प्रति देखा जाएगा। ग्रोथ किया हुआ तो सिटी हमारा ग्रोथ हुआ है।
सिक्स्टी पर्सेंट से ज्यादा आपका ग्रोथ हो चूका है और क्यूंकी ये इंटरव्यू कर रहे तो ये तो कह ही सकते हैं की लाख रूपए से तो ज्यादा
आपने कर लिया, 5, 6 लाख रुपए
हो गया होगा फैंटास्टिक कांग्रेचुलेशंस व in a फैंटास्टिक गोमती जी, आपका बहुत, बहुत, बहुत, बहुत कांग्रेचुलेशंस है, बहुत बहुत शुभकामना है मेरी आपको। आपने मेरे खयाल से कुछ ही दिन पहले रचेता का इंटरव्यू दिया था, जहाँ डिजिटल मार्केटिंग सीख कर अपने इको सिस्टम कम्पलीट किया था और आई थिंक वितिन फ्यू, मंच आज आपने लाखों की इनकम कर ली है। ये सब कुछ इम्प्लीमेंट करते हुए तो मैं और सारी ऑडियंस। अब बहुत ज्यादा। आपको सुनना चाहते हैं की एग्जैक्ट ली, आपने क्या क्या सीखा कहाँ कहाँ, उसे यूज किया, कैसे यूज किया और यह इनकम कैसे हुई। आप बताओगे तो हम सब का मार्गदर्शन होगा।
प्लीज बताइए सर सबसे पहले तो मैंने आपका सबसे पहले मैं देखता हूँ जीवन साथ का, हमारा कोर्स, हमारे कोर्स के में मैंने, जिस दिन आज लगभग 6 अवॉर्ड लिया, उसी समय हमने इसको देखा, उसे बहुत सारा, हमारे पास
हम खुद
को नहीं, हमारे पास क्या क्या है है। लेकिन हमने देखा उसे बहुत सारा क्लेरिटी मिलता है। नहीं, हम क्या क्या कर सकते हैं, कैसे कैसे कर सकते हैं।
जी
थोड़ा करते ही रहता था, फेसबुक
पर लोग पैन
बनाया और उसके हमारा जो वाट्सएप है तो वॉट्सएप में हमने बल्क मैसेज कर से भेजते हैं। यह सब करके इसमें हमलोग ने सीखा। तो सबसे ज्यादा सपोर्ट हमको यह वाट्सएप किया हुआ है।
2000, 8 का मार्केट क्राइसेस जहाँ मार्केट था, डाउन और सारे बिजनेसिस थे, ठप या डी मोनेटाइजेशन जहाँ सारे, बिजनेस, ओनर्स से लेकर आम जनता तक हैरान थी। या इंडिया पाकिस्तान की वार सिचुएशन जो अभी हुई और सबसे भयंकर कोविडपैंडेमिक जहाँ पूरा इंडिया घर पे था। आधे से ज्यादा जॉब्स वर गॉन, स्मॉल, बिजनेस, ओनर्स के बिजनेस बंद हो चुके थे और लाज बिजनेस वर इन एक्सट्रीम लॉसेस पर 1 प्रकार के लोग थे जिन्हें कोविडपें्डेमिक ज्यादा इफेक्ट नहीं कर पाया, क्या लगता है, कौन थे वो लोग। वो लोग थे जिनका बिजनेस ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन भी था। वो लोग थे जिन्होंने अपने प्रोफेशनल जॉब के साथ 1 डिजिटल स्किल भी सीखी थी यानि इवेंचुली वही लोग टिके जिन्हें आता था कंटेंट क्रिएशन वेबसाइट बिल्डिंग और ऐसी ही और चीजें जिससे आप अपना काम ऑनलाइन कर पाए यानि वो लोग थे जिन्हें डिजिटल मार्केटिंग का कोई न कोई पार्ट आता था। यानि आप इतना समझिए हर क्राइसिस के बाद 1 नया मौका निकालता है। जैसे कोविड के बाद जिनका बिजनेस ऑफलाइन में नहीं चल रहा था उनका बिजनेस ऑनलाइन ले जाने के बाद चल पड़ा जिसका यही अर्थ है की क्राइसिस शांत होने के बाद मार्केट रिसेट होता है और शायद आप लास्ट मार्केट रिसेट में कुछ कर नहीं पाए। लेकिन इस बार आपके पास मौका है ये सारी चीजें आप भी सीखें और अपने आप को अपग्रेड करें जिससे जब भी ऐसी क्राइसिस आए और मार्केट रिसेट हो तो आप या आपका बिजनेस और आपका जॉब तैयार रहें और बाद में आप रेस में सबसे आगे हो और यही सीखने के लिए मैं मदद करता हूँ मेरे डिजिटल मार्केटिंग के कोर्स से हिंदी में सिम्पल ईजी और आपके टाइम के हिसाब से ये कोर्स आपको सिखाएगा कैसे आप अपने बिजनेस को ऑनलाइन ले जा सकते हैं। कैसे डिजिटल शिखर पर पहुँचे और मार्केट के हर रीसेट में लीडर्स बने शायद आपने लास्ट मौका खोया होगा लेकिन इस बार नहीं और यही से इंस्पायर होकर हमारे बहुत सारे स्टूडेंट्स महीना लाखों रुपया कमा रहे हैं। तो चलिए इन में से कुछ लोगों से मिलते हैं। सबसे पहले है दिल्ली से बवनीत कौर
सिर सबसे बेस्ट मेल को आपकी। मोटीवेशन लगी है की आप यह नहीं है कि आप कोर्स दे दिया और बच्चे ने ले लिया और बस बाई बाई टाटा ऐसा नहीं है सर वो जो 1 टेलिग्राम का आपका ग्रुप है उसमे हम अगर कुछ पोस्ट करते हैं तो आप रिस्पांड करते हो। वो मेरे को नंबर वन लगता है बहुत अच्छा लगता है और सिर आपके कोर्सेज में से मुझे। सबसे अच्छा ये लगता है सेकेंड की आपने जितने भी हमें कोर्सेस बताए है सिर वो स्पून फीडिंग है। वो आप 1 लॉगिंग करने से लेकर आपको वेबसाइट कैसे सर्च करनी है। वो वो जो आप बेसिक बताते हो न वो सबसे बेस्ट लगता है की आप अगर ये बता दू की फेसबुक पेज बनता है। ऐसे क्रिएट होता है नहीं आपने उसको स्टार्टिंग से बताया अपने इंस्टाग्राम पर अकाउंट कैसे बनाना है। वो भी बताया है, वो भी बहुत बेस्ट है क्यूंकि कोर्सेज सिखाने वाले यू ट्यूब पर भी बहुत है, बहुत सारी चीजें हैं आपकी लैंग्वेज बिल्कुल सरल जो होती है। बिल्कुल सिम्पल है कि 1 ले मैन आम, इंसान राम ऐसी सीख ट्वेल्थ क्लास का पास आउट होगा या कॉल टेट पास आउट होगा। मूव भी कर सकता है।
बिहार से विवेक कुमार मेरे तरह 5
हज़ार रूपए लगा कर करोड़ रूपया कमाना चाहते है, आज हम 1 करोड़ 16 लाख 20 हजार 290 रूपये कमाये हैं। इसलिए मैं बता रहा हूँ क्यूँ की हम हमेशा जैसे सर रहे थे, कुछ लोग महीने महीने ऑडिट करते है, कुछ लोग वीकली करते है और बिजनेस मैन है, रोज तो हम रोज ऑडिट करते है और रोज हम तो 2 लिस्ट लगभग कहा जाए तो 3 साल से हम लगे हुए हैं और 1 साल तो स्ट्रगल की दुनिया रही, काफी स्ट्रगल की दुनिया रही, और इस 2 साल में लगभग हम ये पूरा अचीव किए है तो हम टारगेट किए क्या अगर उसको हम टारगेट करके दिखाए तो हो सकता है। और लोग है मेरे कोर्स में आई और मैंने ऐसे ही किया जैसे मैंने एड बनाया 2 महीने जमकर मेहनत किया लगभग 1 महीना में पता है मेरे पास 5 लीट आई है लेकिन अगले महीने में मेरे पास 10 गुना लीड और ऐसे करते करते पहले हम अपने बिज़नेस को ग्रो किये और उसी पोर्टफोलियो को लेकर हम लाइन को दिखाए तो देखिये अब इतना महिना, मे इतना हम ली जनरेट किए है, इतना रेवेनु जनरेट किए है और वही मुझे आगे ले जाकर ना हमको क्लाइंट दिलाने में हेल्प किया है और ये जो हम अचीव किया है लगभग ब्लॉगिंग से की है अफलेटमार्केटिंग सर्विस और अनिमेशन मेरा 4 जो कोड मेरा इनकम का सोर्स है ह अब इससे हम पूरा अचीव किए हैं।
हिमाचल प्रदेश से ममता वर्मा मतलब जो
आप जिस तरह से गाइड करते हैं, जो वन बाई वन, जो आपका जो पाठ है आपका जैसे आप हर उसमे बोलते हैं की ये आपका पाठ रहेगा तो सब वो मुझे पर्सनली बहुत अच्छा लगता है। मैं सबको यही कहती हूँ की जो सर बोल रहे हैं वो आप करो अगर वो कह रहे है की ये चीज नहीं करनी है तो मत करो। हाऊ टू बाउंस बैक फ्रॉम फेलियर सिर। तो मैंने वो फेलियर पहले फेस किया और अब मैंने उसको बाउंस बैक किया है। सर आज रिजल्ट सर आपके सामने उसके लिए सिर थैंक यू सो मच सर मैं आपको बहुत बहुत थैंक्यू करना चाहत हूँ उसके लिए थैंक यू सो मच सर फर्स्ट टाइप टू फॉरवर्ड हो चूका है। सिर बस ये है कि अब वो जो ऑन लाक 30 था वो माइनस होता जा रहा है तो भी उसे अगर मैं बात करूँ सर तो आई होप कि ये जल्दी हो जाएगा।
आम शोर बस कुछ ही दिनों की बात है बी वेरी ईजिली एबल टू डू इट कांग्रेचुलेशंस ममताजी आप हमारी डिजिटल आजादी के रचयता है। उत्तर प्रदेश से राकेश गुप्ता जी में
1 आर्टिस्ट हूँ, मैं 1 पेंटर में 1 पेंटिंग करता था। मेरी बेटी मुझसे कहती थी पापा आप भी अपने वीडियोज बनाओ पेंटिंग सिखाओ लोगो को और यू ट्यूब पर डालो। अब मुझे यही चीज क्या कहते हैं डिस्टल मार्केट। अब मैंने सर्च शुरू किया की भाई यू ट्यूब चैनल बेहतर कैसे बनाया जाता है और मुझे सर बताए डिस्टल मार्केटिंग शब्द नहीं मालूम मैं सर्च करता था यू ट्यूब चैनल कैसे बनाये और कैसे उसके 23 दिन बाद सर आप आ गए वो इंग्लिश सिखाते हो और आप हिंदी एकदम जैसे वरदान मिल गया गुजरात
से अंजली विराट सिर उसी वक्त मैंने
बिना सोचे समझे आपके कोर्स को ज्वाइन कर लिया था भी तक नहीं पता था क्योंकि डिजिटल मार्केटिंग से मेरा कोई लेना देना नहीं था कभी भी मैंने कभी मतलब ये यू ट्यूब के वीडियो बनाना कटेंटराइटिंगये वो कुछ भी मतलब कभी मैंने सोचा ही नहीं था। और जब आपने ये सारी 11 करके चीज बताना स्टार्ट किया तो अंदर से 1 कॉन्फिडेंस बिल्ड अप हुआ कि न हम 1 बार कोशिश तो करें और सिर कोशिश करते करते लगा की नई आई, कैन, डू इट मतलब कर सकते हैं। ये कोई हार्ड टास्क नहीं है, हार्ड होता है हमारे दिमाग की मेंटालिटी में सब कुछ हार्ड जो हम बनाते हैं वो हम खुद बनाते हैं। इंटरनली हम दिमागी तौर पे मतलब हर चीज को टफ बनाते हैं। वरना vरीthiंग, s, sy जैसे आप बोलते हो न कि इस हार्ड no, it, is, it, is स पंजाब से राकेश
वर्मा पूरे 1 साल पहले सर जनवरी मंथ में ही मैंने मतलब डिजिटल आजादी को ज्वाइन किया था और उस टाइम सिर मतलब जब आपको मैंने देखा न सिर्फ 3 दिन में मैंने डिसाइड कर लिया था की ये मुझे यही करना है, यही मेरा फाइनल डेस्टिनेशन है। जब मैं मंथन में आया तो मैंने देखा यार ये अपॉर्चुनिटी जाने नहीं देनी है, तो मंथन में मैं आया वहाँ पे और जैसे मैंने इतने सारे वहाँ पर अचीवर्स को देखा तो सर वहीं बैठ कर सोच लिया था की मेरको मेरको ये चाहिए सिर जो मुझे यहाँ पर मिलता है न वो कहीं पर भी ही मिलता क्यूँ सिर कहीं न कहीं 1 जो हिंदी वाला सर हमारा अटेचमेंट है, जो हिंदी स्पीकिंग बेल्ट है वो अटेचमेंट यहीं पर मिलता वो पूरी क्लैरिटी यही पर मिलती है हम जहाँ मर्जी घूम ले घूम फिर के जो मेरको यहाँ पर मिला सिर वो कहीं पर भी नहीं अवेलेबल है। तो यू सो मच सर बहुत बहुत शुक्रिया इतने प्यार से आप सिखाते हो की तरह हम सबको और मुझे तो आपने बहुत कुछ दिया सिर मतलब ये मैंने सोचा नहीं था की मुझे ये सब कुछ मिलेगा सो थैंक यू सो
मच और इनसे भी मिलिए राजस्थान से राजकुमार सक्सेना नमस्ते। राजकुमार जी सबसे पहले तो कांग्रेचुलेशंस आप लखपति बन चुके हैं, अभी तक जो
भी मैंने आपसे सीखा इम्प्लीमेंट किया और
इम्प्लीमेंट करके जैसा कि आपने बताया सिर्फ और सिर्फ डिजिटल आजादी की फ्रीलांसिंग वेबसाइट बना कर के करीब करीब 3 लाख 80 हजार के आसपास मैंने अभी तक कमा लिया है।
फैंटास्टिक क्या बात है, सो पर राज
कुबाजी फैंटास्टिक आपसे इंस्पायर हो कर के
ही मैंने अपना बिजनेस प्रोफेशन डाला प्रैक्टिस
की
और मैं अपने दोनो आईटीआर से जब देखता हूँ की मैंने कितना रेवेन्यू
जनरेट किया है
तो वो करीब करीब
सिक्टी लै के आस पास हो जाता है।
अब मिलते हैं उनसे जो महाराष्ट्र से हैं जिनका साडियों का होलसेल और रिटेल का बिजनेस था। पर जब उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग को सीखा तो उन्हें लगा की ये नॉलेज तो सबके साथ शेयर होना चाहिए और वो और कोई नहीं। मैं खुद हूँ संदीप बंसाली पूना महाराष्ट्र से 2010 ऐसे में पूना में सारी स का बिजनेस करता हूँ। मेरा होलसेल और रिटेल का बिजनेस है। प्रॉब्लम तब आया जब कोविड ने हमारी
जिंदगी में दस्तक दी।
2020 में 22 मार्च को जब जनता लॉकडाउन अनाउंस हुआ तब अचानक से सभी बिजनेस की तरह हमारे बिजनेस को भी कुछ समय के लिए बंद रहना पड़ा और तब रियलाइज हुआ कि 1 फिजिकल बिजनेस कितना नाजुक होता है, थोड़ा सा कुछ हो जाए और हमारे बिजनेस पर प्रॉब्लम आ सकते हैं। ढाई सौ परिवार थे, मुझ पर निर्भर सारे, एम्प्लॉइज को 1 महीने की सैलरी देने जितने भी पैसे नहीं थे। और पहली बार मैंने टेंशन महसूस किया। और मैं सोच रहा था कि इतना बड़ा बिजनेस होने के बाद भी हम कुछ कर नहीं पा रहे। और तभी बलवान हुआ कि डिजिटल मार्केटिंग सीखना चाहिए कि अपने बिजनेस को कैसे ऑनलाइन ले जाए।
और मैंने सीखना शुरू किया।
जब डिजिटल मार्केटिंग सीख रहा था तब ऐसा लगा की यार ये नॉलेज आम लोगों तक पहुचना चाहिए, हर बिजनेस मैन में यह नॉलेज लेना चाहिए। लेकिन तब डिजिटल मार्केटिंग सिर्फ इंग्लिश में होता था। तो मैंने सोचा कि मैं इसे हिंदी में सिखाऊं और मैंने डिजिटल मार्केटिंग सिखाना शुरू कर दिया। अपने कोर्सेज बनाए पिछले 4 साढ़े 4 सालों से अपने कोर्सेज बेचता हूँ। और इन साढ़े 4 सालों में मैंने 22 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया है। सिर्फ डिजिटल मार्केटिंग से। तो मुझे लगता है कि 4 साल पहले जैसे डिजिटल मार्केटिंग का डर भी नहीं आता था, जैसे कंप्यूटर कैसे चलाना है, वो भी ज्यादा पता नहीं था। अगर मेरे जैसा व्यक्ति यह सीख कर अपने लिए 20, 22 करोड़ रुपए का रेवेन्यू कर सकता है। सिर्फ 4 सालों में। तो हम में से हर कोई इससे बेनिफिट ले सकता है, अपने लिए 1 एडिशनल इनकम बना सकता है, इन फैक्ट, मल्टीपल, सोर्सेज, ऑफ इनकम हम इसमें बना सकते हैं। क्योंकि मुझे यू ट्यूब से भी पैसा आता है, एफिलिएट से भी पैसा आता है, सिखाकर भी पैसा आता है। अब पब्लिक टॉक से पैसा आता है। मुझे ऐसा लगता है कि यह नॉलेज मेरे लिए बहुत ही इम्पोर्टेंट रहा। इसने मेरी जिंदगी चेंज की है और हम में से हर कोई इसे सीख कर अपनी लाइफ को बेटर बना सकता है। तो चलिए ज्यादा वक्त जाया नहीं करते हैं। और शुरू करते हैं हमारा लाइफ क्लास इन, थ्री टू, ऑन
सो, हेलो, नमस्ते, एवरीवन, स्वागत, है आप सभी का डिजिटल। आजादी के आज के इस सेक्शन में ये जो चल रहा है इसका नाम है डिजिटल भारत अभियान और ये वो जगह है जहाँ पर हम सब 1 साथ आकर डिजिटल मार्केटिंग सीख रहे हैं, डिजिटल मार्केटिंग सीखते हुए अगर आप सबको मजा आ रहा है, इफ यू आल आर हैविंग, फन तो 1 बार चाट पे मुझे येस लिखकर बता दीजिये। अगर ये सारी ट्रेनिंग लेते हुए आपको मजा आ रहा है तो ये लिखकर बता दीजिये। येस फैंटास्टिक फैंटास्टिक फैंटास्टिक, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच। एव्रीवन थोड़ा सा सेट अप चेंज हो गया है। इस समय हैदराबाद में हूँ और मेरी बहुत ही अच्छी दोस्त और मेरी गाइड मेरे मेंटर हैं। दिनाज वर्वत वाला जी तो आज दिनाज के घर से अभी अगले 2 दिन दिन आपके लिए ये साइसेंस हम कंडक्ट करने वाले हैं। सो वेल्कम टू द कॉल गाइज 1 इम्पोरटेंट सेशन आज शुरू कर रहे हैं। जहाँ पर हम अब वेबसाइट की तरफ अपनी जर्नी जो है, वो शुरू करने वाले हैं। तो आप में आप में से कितने लोग एक्साइटेड हैं? वेबसाइट बनाना सीखने के लिए वर्ड प्रेस पर और अगले 5 से 7 दिनों में अपनी वेबसाइट क्रिएट करके रेडी करने के लिए 1 बार चार्ट में एक्साइटेड लिखकर बता सकते हैं। फैंटास्टिक फैंटास्टिक थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच, थैंक यू सो मच। वेबसाइट बिल्डिंग की जो जर्नी है। ये थोडी सी टेक्निकल होती है। तो अभी तक हमने कॉन्टेंट क्रिएशन के बहुत सारे मुद्दे देख लिए प्रैक्टिकल हैंड जॉन हमने चीजें की हैं। उसके बाद हमने सोशल मीडिया की तरफ रुक किया, हमने इंस्टाग्राम और फेसबुक को गहराई से समझा। हमने यू ट्यूब पर बहुत सारा अध्ययन किया। एंड आई थिंक। अब आप कॉन्फिडेंट महसूस कर रहे हैं। अब मुझे लगता है कि शायद आप में से किसी को आप कोई डर नहीं है। आपको सिस्टम समझ में आ गए हैं, मेरी बातें समझ में आ रही हैं। कैसे काम करना है, कैसे इम्प्लीमेंट करना है, दिमाग बिल्कुल क्लियर है। तो अब आई थिंक इस द राइट टाइम की। हम थोड़ा सा टेक्निकल और थोड़ा सा वेबसाइट वाला काम शुरू करे।
ओके।
तो आइये शुरू करते हैं आज का ये सेशन, लेकिन हमेशा की तरह अपने प्रिंसिपल से स्टार्ट करेंगे। तो डिजिटल आजादी में हमारी प्रथा है की हम अपने हर ट्रेनिंग, हर मीटिंग, हर सेशन 1 बार अपने प्रिंसिपल को याद करते हैं, फिर ही आगे बढ़ते हैं। डिजिटल आजादी के हर स्टूडेंट के अंदर सत्य प्रेम, सेवा है। सत्य माने सच, हम हमेशा सच बोलते हैं, सच्चा काम करते हैं। कभी ऐसा कोई काम ही नहीं करते जहाँ हमें झूठ का सहारा लेना पड़े और हमारी सच्चाई दिखाई देती है। हमारे प्रोडक्ट्स में, हमारी सर्विसेज में, हमारे कॉंटेंट में, हमारी बातों में, हर जगह सत्य के साथ, हमारे अन्दर प्रेम की भावना है, रिस्पेक्ट है, प्यार है, इज्जत है, सबके लिए चाहे, सामने वाला, हमारे बारे में जो कहना चाहे, कहे, जो सोचना चाहे, सोचे, हमें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम हमेशा सभी के लिए अच्छा सोचते हैं, क्योंकि ये करने से हम अपना मेंटल बैलेंस बनाकर रखते हैं। इमोशनली हम स्टेबल है, पाते हैं। और कहीं न कहीं यह हमें हमारे काम में फोकस करने में हेल्प करता है। सत्य और प्रेम के साथ हमारे अंदर सेवा की भावना है। हम अपना बिजनेस, अपनी सर्विसेज, अपने प्रोडक्ट्स, अपना कॉन्टेंट, सब कुछ जो भी क्रिएट करते हैं, इस इन्टेंशन से करते हैं कि इनसे हम किसी का कोई प्रॉब्लम सॉल्व कर सके। तो अगर लोगों को सॉल्व करना हमारा काम है तो हमारा काम हमारी सेवा बन जाता है। और अगर काम ही सेवा है तो सेवा करने से हम घबराए क्यों, शरमा, क्यों, थके, क्यों, रुके, क्यों, इसलिए कहता हूँ, हम सबके अन्दर सत्य, प्रेम, सेवा है। हम हर कार्य करते हैं शक्ति, भक्ति और युक्ति से, जहाँ पर शक्ति यानी ताकत स्ट्रेंथ। तो हमारी असली ताकत चीजों को जल्दी से सीख कर जल्दी से इम्प्लीमेंट करने में है। हमारी असली ताकत अपने आप को सही समय पर अपग्रेड करने में है, अपने प्रॉब्लम्स को खुद सॉल्व करने में है। यह है शक्ति का सही।
स्वरूप।
शक्ति के साथ बड़े अच्छे रिजल्ट मिलते हैं। जब आप इसे भक्ति का साथ देते हैं। भक्ति यानी कंसिस्टेंसी, जब आप निरंतर लगातार, बिना रुके, बिना थके, बिना थमे काम करते हो, फिर कोई फर्क नहीं पड़ता की आप बहुत ज्यादा काम कर रहे हो या थोड़ा कर रहे हो। मैं कहता हूँ थोड़ा करो या कम करो इस के, लेकिन अगर लगातार करोगे नॉन स्टॉप करोगे तो आपको रिजल्ट जो है। यह मल्टिपल में मिलेगा यानि कई गुना मिलेगा कम्पाउंडिंग होनी शुरू हो जाएगी। ये ताकत है। भक्ति, शक्ति और भक्ति के साथ हम युक्ति में विश्वास रखते हैं। युक्ति यानी आइडियास टाइम सेविंग, एफर्ट सेविंग, मनी सेविंग, आइडियास कम से कम ताकत, कम से कम समय और कम से कम पैसे लगा कर हम ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कैसे निकाल सकते हैं। इस तरफ हमारा ध्यान होता है। और इन्ही आइडियाज और युक्तियों की वजह से हम अपनी जिंदगी में मल्टीपल सोर्सेज ऑफ़ इनकम बना पाते हैं। तो हमारे अंदर सत्य प्रेम सेवा है। हम हर कार्य शक्ति, भक्ति, युक्ति से करेंगे और हमेशा ध्यान रखेंगे तन मन, धन का तन सेहत शरीर शरीर को संभालिए, क्योंकि अगर आपका शरीर तंदुरुस्त नहीं है तो वो आपका साथ इस लंबे प्रोसेस में शायद कभी कभी छोड़ दे और 1 बार गाड़ी पटरी से उतर जाए तो उसे दोबारा ट्रैक पर लाने में बड़ी मेहनत करनी पड़ती है। तो प्लीज अपनी सेहत को संभालिए तन के साथ साथ अपने मन पर फोकस कीजिये मन चंचल है। अब जब हम वेबसाइट बनाना शुरू करेंगे तो आपका मन आपसे कहेगा मैं क्या करूँगा, वेबसाइट बना कर मेरा क्या फायदा, मेरे पास तो कोई प्रोडक्ट नहीं है, मेरे पास तो कोई सर्विस नहीं है, वाई विल आई डू दिस। तो ध्यान रखना मन आपके साथ बहुत सारे खेल खेलने वाला है, बहुत अलग अलग दिशाओं में आपको ले जाने की कोशिश करने वाला है। और मैं पहले से ही सतर्क कर देता हूँ कि अपने मन को काबू करना शुरू कीजिए। वेबसाइट बिल्डिंग 1 स्किल है। अगर आपके पास आपका बिजनेस है, आपकी सर्विसेज हैं, आपके प्रोडक्ट्स हैं, तो ठीक है, आप अपने लिए वेबसाइट बनाओ, आपके पास चाहे कुछ नहीं हैं, आप स्टूडेंट हैं, हाउसवाइफ हैं, रिटायर्ड है या कोई भी एंगल से रहे वेबसाइट बनाना सीखिए। क्यूंकि यही काम अगर दूसरों के लिए भी करोगे तो यू कैन मेक गुड मॉनिंग इस a वेरी गुड इनकम सोर्स। तो अपने मन को संभालना और तन मन के साथ अपने धन पर फोकस कीजिये। फिर 1 बार वेबसाइट बनाना करना, इकोसिस्टम क्रिएट करना जो अब आप सीख रहे हो। 1 बहुत अच्छा सोर्स ऑफ इनकम बन सकता है। अपने पैसे पर ध्यान रखिये क्योंकि पैसा कमाना जरूरी है, इम्पोर्टेंट है। और मेरा यह मानना है कि पैसे कमाने के पीछे अगर हमारा मकसद सही है, इंटेंशन सही है तो इससे अच्छा, इससे पवित्र और दूसरा काम हो नहीं सकता। हम पैसे से अपने लिए थोड़ी कमा। रहे हैं। हम अपने परिवार के लिए कमाना चाहते हैं, समाज के लिए, गाँव के लिए, देश के लिए कमाना चाहते हैं। तो ये मेरी के 9 प्रिंसिपल्स हैं। मैं इन्हीं के बेसिस पर काम करता हूँ। मुझे बड़े अच्छे रिजल्ट मिलते हैं। अगर आपको भी लगता है कि सिर ये हम भी रिजोनेट कर रहे हैं इन नाइन प्रिंसिपल्स के साथ, तो चैट में इस समय मुझे नाइन पी लिख कर बता सकते है। ya fantes्टiक fantastic, yes, very good, very good, verygodverygodvery god। तो गाइस क्या अपनी वेबसाइट की जर्नी शुरू करने के लिए बिल्कुल तैयार है, yu abसoluूटली, रेडी तैयार है, तो रेडी लिखकर, बता 2 लेट्स स्टार्ट, वित बिल्डिंग और वेबसाइट lets start by building or website। तो ऑफिcियलली हमने आधे से ज्यादा डिजिटल, भारत का अभियान जो है, वो कम्पलीट कर दिया है। we are enti third week and today is section number fifteen actually and then i think, we have a not the eight और नाइन sense। ओके चलो वेबसाइट की बातें करते हैं, वेबसाइट वेबसाइट, वेबसाइट, वेबसाइट। तो सबसे पहले तो यह बात करते हैं कि वेबसाइट क्यों जरूरी है, वाय इस वेबसाइट इम्पोर्टेंट, ये बात मैं कई बार बता चुका हूं, 1 बार दोबारा रीआइट्रेट कर, दूंगा गाइज वेबसाइट जो होती है, वो आपकी डिजिटल प्रेजेंट्स होती है, डिजिटल दुकान या इसे कहो ऑनलाइन ऑफिस, इस नें द सेम दिन मैं हमेशा ये एक्जाम्पल देता हूँ की अगर फिजिकल दुनिया में, ऑफलाइन दुनिया में आपको कोई काम करना है, कोई बिजनेस शुरू करना है, तो क्या हम सबसे पहले दुकान नहीं लगाते सोचो? हम मार्केट प्लेस देखते हैं, मार्केट प्लेस कहाँ है? फिर वहाँ पर हम 1 हाथ दुकान या ऑफिस या वर्क शॉप या फैक्ट्री या जो भी आपके बिजनेस की रिक्वायरमेंट है, उसकी 1 फिजिकल प्रेजेंस क्रिएट करते हैं, उसकी 1 फिजिकल उपस्थिति क्रिएट करते हैं, क्यों करते हैं, अरे दुकान क्यों लगाते हैं, वाई टू, बी क्रिएट, शॉप और फैक्ट्री और office सोचो कॉमन सेंस ये कहता है कि अगर दुकान नहीं होगी, ऑफिस नहीं होगी तो लोग कहाँ आयेंगे, वैर विल कस्टमर्स कम, वो हमसे बातें कहाँ करेंगे, हमारे प्रोडक्ट्स कहाँ देखेंगे सवाल, जवाब कहाँ करेंगे? हमसे खरीदेंगे कैसे दुकान होगी? तो आएंगे डिस्प्ले देखेंगे, प्रोडक्ट्स के बारे में पूछेंगे समझेंगे। और फिर अच्छा लगता है तो खरीदेंगे सेम थिंग आप ऑनलाइन दुनिया में सोचिए ऑनलाइन दुनिया में अगर आप अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज सेल करना चाहते हैं तो क्या 1 जगह नहीं होनी चाहिए, 1 जगह होनी चाहिए जहाँ पर वो आयेंगे, लोग आयेंगे, आपके प्रोडक्ट्स देखेंगे, आपकी सर्विसेज देखेंगे, आपसे बातें करेंगे, सवाल जवाब करेंगे और फिर अगर उन्हें अच्छा लगता है तो वो आपके प्रोडक्ट या सर्विसेज खरीद सकते हैं। तो हमें अपनी डिजिटल प्रेजेंस क्रिएट करनी है हमे अपनी डिजिटल दुकान, अपना ऑनलाइन ऑफिस चाहिए। कुछ लोग कहते हैं सर, लेकिन हमारा फेसबुक हैं, न, फेसबुक का पेज है, फेसबुक का ग्रुप है, फेसबुक का मार्केट प्लेस है, इंस्टाग्राम पर हमने अपने प्रोडक्ट्स डाले हुए है, इतने सारे, फोटो, इतनी सारी रील्स शेयर की हुई है, यू ट्यूब पर भी है सर। तो yes सोशल मीडिया पर जो भी आपने अपनी प्रेजेंट्स क्रिएट की है वो 1 प्रेजेंट्स है। मैं मना नहीं कर रा हूँ that is a प्रेजेंस, क्या आपका उस पर कंट्रोल है? सोचो कल को आपका फेसबुक का अकाउंट बैन हो गया, कल का आपका पेज फेसबुक ने हटा दिया। ग्रुप कल को फेसबुक ने ही बंद कर दिया। ग्रुप्स नहीं होंगे या कोई भी ऐसा चेंज अगर आ जाता है तो आपके एग्जिस्टिंग बिजनेस पर आफत आ सकती है और आप उसे कंट्रोल नहीं कर सकते। तो हमें न सिर्फ टाइम पास के लिए डिजिटल इको सिस्टम नहीं बनाना है। हम 1 सस्टेनेबल सिस्टम बनाना चाहते हैं। समझ रही हम 1 फ्यूचर बनाना चाह रहे है। हम अपना भविष्य बना रहे हैं। हम चाहते हैं कि जो भी हम क्रिएट करे वो लंबे समय तक हमें रिटर्न्स दे, पैसे दे, इन्क्वायरीज दे लीड्स, दे तो लंबे समय तक अगर कुछ चाहिए तो उस पर आपका कंट्रोल होना जरूरी है। सोशल मीडिया पर आपका कंट्रोल है नहीं किसी का नहीं है। तो जो 1 मात्र चीज डिजिटल। दुनिया में जो आपका एसेट होती है वो होती है आपकी वेबसाइट क्योंकि आप उसके मालिक हो, आप जो चाहे वो उस पर डाल सकते हो, जब चाहे चेंजेस कर सकते हो और वो कोई आपसे छीन नहीं सकता। हाँ देखो हरिश चंद्र जी ने जो लिखा है वो पड़ो टिकटॉक नाम का 1 ऐप था, बहुत सारे लोग उसपर काम करते थे। 1 दिन अचानक गवर्नमेंट ने डिसाइड किया की हम चाइना के ऐप्स बंद कर देंगे। टिकटॉक बंद हो गया। रातों रात अब आप सब को पता है कि होर्मूज में जो लड़ाई चल रही है, ईरान इजरैलइरापकसारी कंट्रीज जो 1 दूसरे से भिड़ रहे हैं, इसमें भारत को भी घसीटा जाता है। वहाँ से अमेरिका अलग प्रेशर करता है। अगर कभी सामान्य प्रधानमंत्री जी ने अनाउंस कर दिया कि हम अमेरिका के ऐप्स नहीं यूज करेंगे। जैसे टेलीग्राम को बीच में बंद कर दिया था। कल को फेसबुक बंद करते हैं या इंस्टाग्राम बंद कर दे हैं या यू ट्यूब बंद करते हैं। या ये सारे मन कर दे। क्या करेंगे फिर बिजनेस कैसे चलाएंगे इन आल द सेंस 1 सिम्पल चीज बता रहा हूँ। आपकी वेबसाइट होनी चाहिए। फिर चाहे आप उसपे कुछ बेचो मत बेचो खरीदो मत खरीदो ज्यादा काम करो, कम काम करो, वो सब चलेगा। लेकिन पहले अपनी 1 प्रेजेंस क्रिएट कर,
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बेसिक 1 प्रेजेंस क्रिएट कर, 2 कर सकते हैं करोगे। हाँ ना क्या लगता है गाइज चाट में बताओ करोगे अरे करोगे, क्या करेंगे थैंक यू तो वेबसाइट अगर आप बनाते हैं तो वेबसाइट पर आप बाकी के लोगों के साथ कम्युनिकेशन कर, पाओगे लीड जनरेशन कर, पाओगे इंफॉर्मेशन ले, पाओगे दे, पाओगे एंड ट्रांजेक्शन भी हो, पाएगा ट्रांजेक्शन
यानी पैसा
यानि पैसा सुनाओ। क्या वेबसाइट का इम्पोर्टेंट समझ में आ गया है? क्या वेबसाइट का इम्पोर्टेंट समझ में आ गया गई और कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका बैकग्राउंड क्या है, आपकी क्या है, आप क्या करते हो, इट डजनो मैटर, आपके पास वेबसाइट होनी चाहिए, आपको वेबसाइट बनानी आनी चाहिए। a simple as that now let s लुक at what the एसेंशियल स्टोबल वेबसाइट 1 वेबसाइट को बनाने के लिए क्या क्या चीजें हमारे पास होनी चाहिए मुख्यतः, हमारे पास 3 चीजें होनी चाहिए। पहला है उसमें से डोमेन डोमेन, ये शब्द याद रखना डोमेन। इसका मतलब क्या है? डोमेन का मतलब है आपकी वेबसाइट का नाम जैसे मेरी वेबसाइट का नाम है डिजिटल आजादी डॉट कॉम, ये मेरी 1 वेबसाइट है, मेरे पास। दूसरी वेबसाइट है डिजिटल डिजिटल आजादी डॉट इन, मेरे पास 1 और वेबसाइट है संदीप बंसाली कॉम, मेरे पास 1 और वेबसाइट है हरि ओम कोलसे com, ये क्या है। ये सारे एग्जैम्पल्स हैं दीज, आर ऑल एग्जैम्पल, समझ में आ रहा गाईज डोमेन क्या होता है, समझ में आ गया आईसीआईसीआई बैंक डॉट कॉम, एचडीएफसी बैंक डॉट कॉम, फेसबुक डॉट कॉम, इंस्टा म ये जो नाम हैं इनके उसे हम कहते हैं डोमेन सो, ये डोमेन क्यों इम्पोर्टेंट
है
मान कर चलिए, मान कर चलिए। मैं सोचता हूँ कि मैं 1 मार्केट प्लेस बनाऊं वेबसाइट जिस पर मैं सारी चीजें बेचूं मुझे उसका नाम रखना है अमaजoनडटकॉम कोई कहेगा अरे लेकिन एमाजॉन कम तो पहले से है हाँ तो क्या हुआ मैं डुप्लीकेट बनाऊंगा amazon तो क्या बना सकते है। क्या लगता है यस या नो क्या मैं दोबारा एमाजोन बना सकता हूँ
द
आंसर इज नो नो आप दोबारा एमाजोन कॉम नहीं बना सकते क्योंकि किसी ने आलरेडी बना के रखी हुई है तो ये कौन चेक करता है ये नाम देता कौन है और ये नाम मिलता कैसे है तो इस पूरी दुनिया में 1 ऑर्गेनाइजेशन है जो इन नामों को कंट्रोल करती है। ये नाम जो है न ये आपको खरीदना पड़ता है। तो जैसे खरीदने की बात आती है दिमाग में आता है की सर कितना नॉर्मल डोमिन अगर है नॉर्मल सा कोई तो में भी 800 रुपए, हजार रुपये, साल के 1200 रुपए मैक्सिमम वित जीएसटी तो हजार 1200 रुपया अगर आप साल का दोगे तो जो नाम आपको चाहिए वो आपको मिल जाए अगर तो फिर वो आप रख सकते हो और उस नाम पर दूसरा कोई काम नहीं कर पाएगा वो नाम आपका हो जाएगा जब तक आपने पैसे भरे तो आप 1 साल के पैसे भरो, 2 साल के भरो, 5 साल के भरो, 10 साल के भरो, जितने सालों के आप पैसे भरोगे उतने साल वो नाम आपका हो जाएगा। तो अगर साल का सपोज हजार रुपया देना है यानि महीने का 80 ₹90 देना है तो क्या ये अफोर्डेबल है क्या हम दे सकते हैं हाँ या
ना
अरे दे सकते हो 80 सौ रुपया तो हम दे सकते हैं महीने
का
तो ये होता है। 4 तो ये कैसे खरीदेंगे कहाँ से खरीदेंगे कहाँ से मिलेगा सब बताऊंगा लेकिन सबसे पहले आपको ये सोचना है कि आपको नाम रखना क्या है सबसे पहले आपको सोचना है कि मुझे नाम रखना क्या है और फिर सेकंड स्टेप होगा कि हमें ये देखना होगा कि पहले किसी ने तो नहीं यूज किया ये नाम अवेलेबल है क्या वो नाम अगर किसी ने पहले ही बना कर रखा होगा तो फिर आपको नहीं मिलेगा। फिर आपको थोड़ा बहुत उसमें कुछ चेंज करना पड़ेगा। सो ये नाम जो हम सेलेक्ट करते हैं इसके पीछे सोच क्या होती है, वाट डू वी थिंक। तो ये है फैक्टर्स टू रिमेम्बर, मैं आपको 10 फैक्टर्स बताता हूँ। ये याद रखना जब आप अपना नाम सेलेक्ट करोगे पहले फैक्टर सुन लो, मैं सब कुछ समझाऊंगा फिर अगर कोई सवाल होगा तो सवालों के जवाब भी देने वाला हूँ जस्ट होल लॉ अंडरसटैंडआलदिस कॉमन सेंस ये कहता है की आपकी वेबसाइट का नाम ऐसा होना चाहिए जो थोड़ा सा अलग हो जो शोर्ट हो। बहुत लम्बा नाम न 2 या 3 शब्द ज्यादा से ज्यादा एचडीएफसी कॉम, 1 शब्द है स्विगी डॉट कॉम, जोमेटो डॉट कॉम या फेसबुक कॉम सब 11 शब्द है मेरा डिजिटल, आजादी कम 2 शब्द
हैं
सर के ऊपर पानी, 3 शब्द उससे ज्यादा नहीं, 3 शब्द चलेगा, 2 शब्द अच्छा है, 1 मच बेटर तो 1 से तो अभी आजकल ज्यादा काम नहीं होता क्योंकि मिलते नहीं है नाम इजीली, लेकिन 2 शब्द आप फोकस करो और अगर आपका कोई बिजनेस है या कोई ऐसा नाम है जिस में 3 शब्द हैं तो 3 शब्द तक आप कर सकते हो। समझ में आ रहा गई, अरे समझ में आ रहा है क्या ये लो 1 बार चैट में अगर समझ में आ रहा है तो मेरे साथ साथ चलो और यह इम्पर्टंटहैककथोड़ी देर बाद आप में से हर कोई बताने वाला है की सर मैं ये नाम रखूँ क्या पर मैं ये नाम रखूँ क्या सर मेरे पास 2 ऑप्शन हैं ये भी है, ये भी है। मैं इन दोनों में से कौन सा करूँ। तो मैं किसी के भी ऐसे सवालों का जवाब नहीं देने वाला क्योंकि आपको खुद डिसाइड करना होता है। ओके ठीक है ना नाम आपका यूनिक हो, नाम आपका शार्ट हो, दैन इट, शुड, बी, ईजी टू रिमेम्बर, सामने वाले को याद रखने के लिए आसान हो, सामने वाले को कहने के लिए आसान हो। it sold be easy वरना लोग भूल जाएंगे अब किसी का अगर नाम डिफिकल्ट है खास करके कुछ लोगों के नाम थोड़े डिफिकल्ट होते हैं या स्पेलिंग में स्टेक होने के ज्यादा चांसेस होती है तो फिर वहाँ पर आपको ध्यान देना चाहिए डोमेन लेते समय, क्योंकि अगर लोग स्पेलिंग मिस्टेक करेंगे या उनको नहीं आएगा टाइप करना तो ट्रैफिक आपका कम हो जाएगा। फिर आपको ध्यान रखना है कि आपके नाम में कोई नंबर नहीं होना चाहिए, कोई स्पेशल कैरेक्टर नहीं होना चाहिए, कोई एटदरेट हैस्टैक डॉलर का साइन, पर्सेंटेज का साइन एंड अंडरस्कोर डैश, ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए, आप उसे डिजिटल डॉट आजादी नहीं बना सकते। आपको नाम जो है वो डिजिटल आजादी ही रखना होगा। अगर स्पेशल कैरेक्टर डाल दिया तो सामने वाले को बताने के लिए, समझाने के लिए याद रखने के लिए, इस गोइंग टू बी even more dिficल्टऔरयह बात समझ में तो कीप सिंपल, फिर आइडियाज दे रहा हूँ दीज आर सम आइडियाज, दीज आर नॉट कम्पलसरी बट, दीज आर सम आइडिया आप ऐसा नाम ले सकते हो जो आपके बिजनेस को रिप्रेजेंट करे, फॉर एग्जाम्पल, सूरज इलेक्ट्रॉनिक्स, कॉम सूरज उसका नाम होगा शायद, इलेक्ट्रॉनिक्स का, उसका काम होगा शायद, ये दुकान का ही नाम सूरज इलेक्ट्रॉनिक्स होगा। तो अगर आप सूरज इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम सुनते हो, पढ़ते हो या कोई आपको कहता है तो क्या इस नाम से समझ में आ जाता है कि उसका काम क्या होगा। आ अंडरस्टैंड आप चाहो तो की वर्ड भी यूज कर सकते हो जैसे डिजिटल मार्केटिंग, एजेंसी काम तो डिजिटल मार्केटिंग, यह आपका कीवर्ड है। तो यहाँ पर 3 शब्द होगे डिजिटल मार्केटिंग, एजेंसी, आप चाहो तो आप अपना जोग्राफिक लोकेशन यूज कर सकते हो, फॉर एग्जामपल, डिल्ली कार्स, कॉम पूणे, कार स्टोर, न कार स्टोर पूरने, कॉम? तो ये क्या करते हैं? क्योंकि इनका जो बिजनेस है वो लोकल है। दिल्ली के दिल्ली में अगर ये काम करते हैं तो उन्होंने दिल्ली कार्ज डॉट कॉम ले लिया। आसान हो जाता है लोगों को समझने के लिए, ये कर्ज बेचते हैं दिल्ली वाले। तो आप अपना बिजनेस, अपना कीवर्ड, अपनी जोग्राफिकल लोकेशन अपने नाम में यूज कर सकते हो, देर नो प्रॉब्लम फिर आती है बारी की भई किसी ब्रैंड को कॉपी मत करना। भई इसने जोमैटो कर दिया तो मैं मेटो कर लेता हूँ या टोमैटो कर लेता हूँ या डोमैटो कर लेता हूँ। भई ये फेसबुक है तो मैं नोज बुक कर लेता हूँ, एयर बुक कर लेता हूँ, हेड बुक कर लेता हूँ, ऐसे मत करना, यह थोडी सी स्पेलिंग सेन्स कर, ता हूँ इसका डबल है तो मैं सिंगल हो कर लेता हूँ। कुछ लोग करते हैं इसे मेक माई, ट्रिप, इतना बड़ा ब्रांड है। तो ये लोग करते हैं माय, मेक ट्रिप या फिर डिजिटल। आजादी का बीच में डबल लगा देंगे या फेसबुक में बढ़ा देंगे तो ये सब ये सब छिछोरापन है। और इससे न इससे ऐक्चवली न लोगों का भरोसा आप पर टूट जाता है। ध्यान दीजिए हम चाहते हैं कि हमारी डिजिटल प्रेजेंट्स हो और क्यों चाहते हैं क्योंकि वी वॉन्ट, पीपल, टू, ट्रस्ट, अस ये सब भरोसे का काम है न। तो अगर आप पहले ही दिन किसी का कॉपी कर रहे हैं तो सामने वाला समझेगा की यार ये वैसे ही रिलायबल लग नहीं रहा है, इसकी खुद की आइडेंटिटी नहीं है और कल को आप कई साल काम करोगे, कई साल आप डिजिटल प्रेजेंट क्रिएट करोगे और आप उसमे मेहनत करोगे, यूलर्। और फिर वो नाम जो है वो अगर गड़बड़ है और आपको आगे चलके लगा यार इससे तो अच्छा मैं अपना ही नाम ले लेता या अपना कुछ कर लेता तो इस वेस्ट ऑफ टाइम, एनर्जी एंड मनी। तो मेरी रेकमेंडेशन है कि कभी किसी ब्रैंड को कॉपी मत करो, last बट नॉट लीस्ट। स प्रोपर एक्सटेंशन तो कोई पूछ रहा था न कि डॉट कॉम और इन में क्या अंतर है। तो ये जो होता है न, डॉट कॉम ने ऐसे जो शब्दों के बाद में लिखा होता है। इसमें अगर आपको डॉट कॉम मिलता है डॉट कॉम तो ये सबसे पहले ले लेना। ये ग्लोबल है। जब इन्टरनेट शुरू हुआ था तब डॉट कॉम था जो सबसे पहले आया था डॉट कॉम था जो सबसे पहले आया था। तो सब लोग डॉट कॉम पर अपने नाम सेट अप करते थे। दिस इस ग्लोबल। लेकिन जब कम खत्म होने लग गए नाम ही नहीं बच्चे डॉट कॉम में, तो फिर उन्होंने डॉट नेट ओपन किया, डॉट नेट ओपन किया, डॉट नेट का मतलब है इंटरनेट। फिर वो भी खत्म होने लगे। तो फिर उन्होंने 1 बार बैठ कर समझा दिया कि भाई हम क्या करेंगे, हम मल्टीपल एक्सटेंशन्स बना देते हैं, कंट्री वाइज हम एक्सटेंशंस बनाते है। डॉट इन हो गया, इंडिया का डॉट यूके बन गया, यूनाइटेड किंगडम्स का, डॉट ए यू एस हो गया ऑस्ट्रेलिया का। तो ऐसे हर 1 कंट्री के लिए उन्होंने एक्सटेंशंस बना दिए, कंपनीज के लिए, उन्होंने डॉट को बना दिया। डॉट को का मतलब है कंपनी डॉट डी यू यूनिवर्सिटी वेजुकेशन से रिलेटेड यूनिवर्सिटी इन बिजनेस rg ngo होता है। गवर्नमेंट का समझ आर है गाइज। तो अब आप कंफ्यूज नहीं होंगे, मैं आपको थम रूल बना देता हूँ, थम रूल क्या है, थम रूल ये है। जो भी नाम आप डिसाइड कर रहे हो अगर उसमें डॉट कॉम अवेलेबल है तो वो ले लो बिना सोचे समझे क्योंकि यह ग्लोबल है। देन अगर कॉम अवेलेबल नहीं है तो आप डॉट इन लेना, डॉट इन स, फॉर इंडिया इंडियन बिजनेसेस के लिए यह बहुत अच्छा है। इट इज वेरी गुड। आज इसमें अच्छा खासा लोग ट्रैक्शन देखते हैं। अगर आपके पास डॉट इन भी अवेलेबल नहीं है तो आप डॉट नेट के बारे में सोचना न थर्ड लेवल, इसके नीचे मत जाना इनमें से और कोई मत लेना। हाँ अगर आपकी कोई संस्था है जहाँ पर आप एन जी ओ चलाते हो, सोशल सर्विस वाला कुछ करते हो तो आप डॉट ओ आर जी ले सकते हो। अगर आप मान कर चलो कोई स्कूल है, आपकी, कोई कॉलेज है, कोई यूनिवर्सिटी है तो डॉट डी ले लेता। लेकिन इसमें भी काम चलता है। ऐसा नही है की नहीं चलता मैं प्रेफर नहीं करता, मुझे लगता है डॉट कॉम मिले, डॉट इन मिले या फिर सर के ऊपर पानी डॉट मिनट इससे ज्यादा नहीं चाहिए। समझ में आ रहा गाई और अंडरस्टैंडिंग
दिन
समझ में आ रहा है क्या इसका 1 स्क्रीनशॉट ले लो, इसका 1 स्क्रीनशॉट ले लो, स्क्रीनशॉट ले लो, 1 ले लिया ओके वेरी गुड। अब सवाल है कि सर ये हम कहाँ ढूंढेंगे, यह हमें कहाँ ढूंढने। मिलेगा कि ये नाम हमारा अवेलेबल है या नहीं। तो देखो डोमेन बेचने वाली बहुत सारी वेबसाइट्स हैं आपने गो डाडी का नाम सुना है गोडाडी गो डाडी की। अगर आप वेबसाइट पर चले जाओगे तो यहाँ पर लिखा है टाइप द डोमेन यू वॉन्ट कौन सा आपको डोमेन चाहिए। आप में से किसी को अगर कोई आइडिया है कि मुझे सिर इस पर बनाना है। जरा चाट में लिखो मैं 23 डोमेन आपको चेक करके बताता हूँ की कैसे सोचते हैं, आपको एग्जाम्पल दिखा रहा हूँ, ताकि आपको हैंडजन। समझ में आया कि रिसर्च कैसे करेंगे? तो श्रीदेव त्रिपाठी ने कहा है किराना स्टोर कॉम ओके किराना स्टोर कॉम लेट। मी सी के आईआर ए एन ए किराना स्टोर कॉम एंटर। तो ये कहता है डोमेन इज टेकन डोमेन, इस टेकन मतलब, डोमेन अवेलेबल नहीं है किराना स्टोर कम इस नोट अवेलेबल और ये कहता है कि वी माइट बी एबल टू हेल्प यू गेटेट ब्रोकर की फी है 17 हजार रुपए मतलब, अगर आप इनको 17 हजार रुपए दोगे तो इनका 1 आदमी जो कोई किराना स्टोर डॉट कॉम को ओन करता है उसे फ़ोन करके पूछेगा भाई तुम्हें बेचना है क्या? तो डोमेन बिकते भी हैं ओके पर मैं नहीं रेकमेंड करता। और इतना कॉमन नाम किराना स्टोर डॉट कॉम तो मिलने से रहा। फिर ये क्या कहता है? यह कहता है तिराना डैश स्टोर कॉम अवेलेबल है। तो क्या ये अच्छा नाम है? हाँ न। तो अगर आप लोगों को याद है, मैंने आपको कहा था की ये डैस वगैरह जो होता है न, बीच में ये बिल्कुल नहीं होना चाहिए क्योंकि ये समझाने जाओगे तो गड़बड़ हो जाएगी। अगर आप किसी को कहने जाओगे न मेरा मेरी दुकान का डोमेन है कि राना डैश कम तो वो क्या करेगा, वो लिख देगा, वहाँ पे पिराना डैश स्टोर कम, वो डायस को डायस कर देगा। तो बोलेगा यार तो कुछ समझ नही आ रहा। website to people we re going to make a mistak, सो, i will not recommend this के नीचे आओ देखो यह क्या कहता है किराना स्टोर कॉम अवेलेबल है, ये किरन स्टोर देखो, इसने कैसे गड़बड़ किया आप बोलोगे अरे सिर किराना स्टोर मिल रहा है, ये किरन स्टोर है के आर आर एन किरन स्टोर डॉट कॉम। तो इसमें फंसना मत, गाई ओके फंसना मत। इसे बहुत ध्यान से आपको देखना है। स्पेलिंग में स्टेटस अगर होती है, डोमेन में तो वो चेंज नहीं होती, 1 बार आपने खरीद लिया डोमेन इट विल नोट चेंज, ओके लेट मी ट्राई समथिंग जोजफ सर कहते हैं, हेल्थ सूत्रम, एच, ए, एल टी, एच एस टी, आर ए एम, हेल्थ सूत्रम एंटर, so as jos of helt, sutra com is available, okay it is available, it is available hel्tsutrmcoम। इस अवेलेबल नेट भी अवेलेबल है, इन का क्या है डॉट इन, dot in is taken, डॉट इन अवेलेबल नहीं है, लेकिन डॉट कॉम अवेलेबल है, सो it is available, ओके लेट मी सी है। अब देखो किसी ने लिखा है चैट में और मैं वो नाम यहाँ पर लिखता हूँ। ए डी, ई, एस, आई, जी, ई एस टी, ये नाम अवेलबल है, यह नाम अवेलबल है। लेकिन मेरी बात ध्यान से सुनो, गाइज ध्यान से सुनो, मेरी बात इसको बोल कर। बताओ ये क्या लिखा हुआ है बोलो
इसे
एड ईसाइज़ एसटी क्या लिखा ये एड ईसाइज़ एस टी कॉम, एड ई, साईज, एस टी कॉम, यह ये हैं, ऐडइजीएसइजीएस में यहाँ पर a नहीं है, ठीक है जीएसकम और एस की जगह पर जेड है एड ईजीएस कॉम, ये नाम है, क्या नाम है यह ये है आइडीसाइसआइडीसाइज एस टी, डॉट कॉम गॉडआलडोअंडरस्टान के ये नाम क्या है? और सोचो अगर मुझे इसे समझने में इतना टाइम लग रहा है, मुझे तो घंटा याद नहीं रहने वाला ये नाम और जब मैं यह टाइप करने जाऊंगा तो नाइनटी नाइन परसेंट में मिस्टेक करने वाला हूँ। आय अंडरस्टैंडिंग गई तो जो फैक्टर्स मैंने आपको दिए हैं उन फैक्टर्स पर ध्यान देना, ये अवेलेबल है लेकिन क्या ये ईजी है लोगों को समझने के लिए
नहीं है।
अब देखो किसी और ने 1 नाम लिखा है मैं यहाँ पर देखता हूँ एमएम, एम ए डीडी आई डॉट कॉम, एम एम एम एडीडीआई डॉट कॉम अवेलेबल है पढ़ो उसे क्या नाम है ये पड़ो ऐसे देखो मैं जानता हूँ आपका नाम मड्डी है, आपका सरनेम मड्डी है मममड्डीडॉटकॉम ऐसा आपने सोचा है लेकिन जब कोई पहली बार देखेगा और उसे नहीं पता अगर मड्डी नाम का सरनेम होता है तो वो क्या देखेगा m, m, m, a dीdीicomक्यायe कंफ्यूजिंग नहीं लगता को dontuthing this is confusing और 3 एम और 4 एम डालने में लोग गड़बड़ करने वाले हैं, see there is nothing ritऔररॉngइनदe। वर्ल्ड theres thing right or rong in the world। आपको देखना है की वो कितना easy है और कितना useful है। समझ आ रहा है गज आयू अंडरसटैंडिंg this अरे समझ में आ रहा है, क्या you अnderstanding this समझ में आ रहा है, इसका मतलब समझ में आ रहा है। अंडरसtाnding दिस सो शांत दिमाग से बैठ कर आपको सोचना होता है।
ओके
अब मैं सबके लिए चेक करने वाला हूँ, सर मेरा भी चेक करो सर मैं सबके लिए चेक करने वाला आपको खुद को करना है और आप चाहो तो चाट जीपीटी में इसका हेल्प ले सकते हो। आप चाट जीपीटी को जाकर कह सकते हो कि मेरा नाम ये है, मैं ये काम करता हूँ मैं इस जो ग्राफिकल एरिया में हूँ यहाँ मेरा ऑफिस है और कैन यू सजेस्ट मी सम names, फॉर माई वेबसाइट चार्जिबिटीभी आपको बहुत सारे नाम बता देगा समझ में आया गईरिडोअंडरसटैंड हा ना क्या है वेरी गुड गुड क्वेशन विशाल अग्रवाल विशाल अग्रवाल कौनसा डोमेन है जो प्रीमियम बता रहा है बताओ चाट में लिखो कौनसा लो मैंने ओके my wings सो देखो। अब मैं यहाँ पर सर्च करता हूँ माय विंग्स तो ये कहता है माई विंग्स कॉम ये 1 प्रीमियम डोमेन है, प्रीमियम डोमेन है इसका मतलब है की भाई ये नाम बहुत अच्छा है
माई
विंग कॉम मेरे पर माई विंग कम बहुत ही अच्छा नाम है वेरी गुड नेम यह इतना अच्छा नाम है की इसे नाइंटी सिक्स लैक्स फिफ्टीन टी फोर में बेचा जा रहा है। तो जो प्रीमियम डोमेन्स होते हैं वो ये कंपनीज जो हैं ये बहुत बड़ी रकम पर बेचते हैं समझ में रहा है। तो अगर आपने शार्क टैंक देखा है तो शार्क टैंक में वन ऑफ द शाक्स जो हैं वो कहते हैं कि मेरी जो वेबसाइट है शादी डॉट कॉम तो वो शादी कॉम के लिए हमने 20 लाख रुपए दिए और तब हमारी कंपनी में 20 लाख रुपए दे
सो
सम टाइम डोमेन इज, सो इम्पोर्टेंट, सो इम्पोर्टेंट, इतना इम्पोर्टेंट होता है डोमेन की आप सोच नहीं पाओगे बडी बडी कंपनियां क्या करती हैं जब वो अपना नया कुछ लॉन्च करने वाली है तो वो अपना नाम पहले डिक्लेयर नहीं करते क्योंकि नाम पहले डिक्लेयर कर देंगे तो ये डोमेन खरीदने वाले लोग बैठे हैं। वो फटाक से हजार 2000 रुपए में डोमेन खरीद लेते हैं और बाद में इन कंपनियों को बेचते हैं बहुत बड़े पैसे में। और अंडरस्टैंडिंग तो जिओ का भी 1 बार ऐसे ही हुआ था। रिलायंस का जो है न मायजिओ तो उसका भी डोमेन किसी ने खरीद लिया था। और फिर बाद में उसे उन्होंने बेचा जिओ कंपनी समझ में आया गाइज। तो हम प्रीमियम डोमेन में नहीं जाएंगे, हम जो मैंने आपको फैक्टर्स दिए हैं, इन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए डोमेन ढूंढे। ओके 9 कुछ लोग कहेंगे लेकिन सर मेरे पास कोई बिजनेस नहीं है मेरे पास, मुझे पता भी नहीं। आगे चलकर मैं क्या करने वाला हूँ या क्या करने वाली हूँ। मैं तो बस ऐसे ही सीख रहा हूँ, सीख रही हूँ। what डू, आई डू, व डू, आई डू। मैं कहता हूँ कि अगर आपके पास बिजनेस नहीं है, सर्विस नहीं है तो आप अपने नाम का डोमेन खरीद ले। तो जब मैं डिजिटल मार्केटिंग सीख रहा था तब मुझे थोड़ी देर पता था कि मैं डिजिटल आजादी खोलने वाला हूँ, मुझे थोड़ी पता था तो मैंने क्या किया, मैंने संदीप बंसाली डॉट कॉम खरीद लिया और उस पर मैंने वेबसाइट बनाने की प्रैक्टिस की। क्यूं आगे चलकर चाहे कुछ भी बदल जाए, मेरा नाम थोडी बदलेगा समझ आया गई, आगे चलकर दुनिया में कुछ भी बदल जाए, मेरा नाम थोड़ी न बदलेगा, मेरा नाम तो वही रहेगा। तो मैंने संदीप बंसाली डॉटकॉम लिया और प्रैक्टिस करनी शुरू की। और जब मुझे डिजिटल आजादी का खयाल आया तो मैंने उसे कर लिया। ओके सो, इस तरीके से आपको यहाँ पे, आप अपना नाम भी सर्च कर सकते हो। अगरवाल जी, आपने मुझसे पूछा कि इसका सॉल्यूशन क्या है? आई डोंट सी ह सॉल्यूशन माई विंग्स, ये बहुत ही कॉमन नाम है, इसमें डॉट कॉम भी प्रीमियम है, डॉट नेट भी प्रीमियम है, आम शोर डॉट इन भी नहीं होगा। इन टेकन किसी ने बना दी है। वेबसाइट सो इट्स dificult, दैन यू हैव टू, थिंक ऑफ सम न्यू नेम कुछ नया नाम आपको ढूंढना पड़ेगा। ठीक है ये देखो माई विंस बिज वगैरह है लेकिन डजनो मेक सेंस। अब देखो इसने कहा माई विंग्स में ऐसे एड कर। 2 फिर डॉट इन कर लो। हम ये देखो, ये अच्छा ऑप्शन है माय विंग्स की जगह पर यार विंग्स डॉट इन, आई डोन्ट नो आपका बिजनेस क्या है। लेकिन अगर आप चाहे तो सोच सकते हो यार विंग इन, आल विंग्स डॉट इन तो सोचना पड़ेगा थोड़ा सा इसपर रिसर्च करना पड़े। समझ में आ गया गाई। अब किसी ने पूछा की सर हम कितने डोमेन खरीदे कम वो बंडल मिल रहा है, ये सब खरीद लें नहीं
नो
आपको सिर्फ कॉम खरीदना है, वो भी तब जब मैं कहूँगा अभी आपको सिर्फ रिसर्च करना है, गाइस अभी आपको सिर्फ रिसर्च करना है, मेरे पास 1 डील है, उस डील में ये जो डोमेन है आपको फ्री मिलने वाला है, समझ में आ रहा है। मेरे पास 1 डील है, उस डील में आपको ये डोमेन जो है, ये आगे चलकर फ्री मिलने वाला है। तो आप खरीदना मत प्लीज। आप सिर्फ रिसर्च करके रखो, रिसर्च करके रखो की भाई कौन सा अच्छा है, कौन सा आपके लिए सही है। क्योंकि जब मैं आपको कहूँगा कि अब यहाँ से आप ये खरीद लो, यहाँ जो भी फ्री में आपको दूंगा तो यहाँ से ले लो। तो तब न सोचना, मत तो रिसर्च पहले ही करके रखना। ठीक है दन गाज रिसर्च करके रखोगे, जस्ट डिमेट, डन इन, द चार्ट बॉक्स, दन दना दन दन दन,
very good,
very good, verygood वेरड, वेरी, गुड, वेरी गुड, फैंटास्टिक चलो। अब आगे बढ़ते हैं। मैंने आपसे कहा था कि आप तो डोमेन के लिए ये 10 चीजें याद में याद रखनी है। और मैं आपको कुछ टिप्स भी दे देता हूँ। टिप्स क्या है डोमेन आपके बिजनेस का नाम यहाँ आपका नाम हो सकता है। एक्सटेंशन कॉम इन डॉट नेट इसी का कॉम्बिनेशन बना जैसे डिजिटल संदीप कॉम। अगर मुझे संदीप बंसाली नहीं मिलता तो मैं डिजिटल संदीप बना लेता। संदीप केक्स कॉम, बेस्ट केक्स डॉट इन, संदीप बंसाली, कॉम पूने केक्स कॉम, संदीप बंसाली डॉट इन। तो डॉट कॉम मिलता है। तो अच्छा है, नहीं तो डॉट इन ले लेना। तो इस तरीके से आपको अपना नाम बनाना पड़ेगा। तो मैंने ये सब बता दिया। आपको ऑलरेडी एक्सेस
ना
डोमेन, आपने समझ लिया। वेबसाइट बिल्ड करने के लिए जो पहली चीज है वो है आपकी वेबसाइट का नाम डोमेन मैंने समझा दी। जो दूसरी चीज आपको चाहिए वो है होस्टिंग या सर्वर। आपकी जो वेबसाइट है उसे आप रखोगे कहाँ? पर वर यूकीepiटतो कुछ लोग कहते हैं सर वो हमारे पास हमारा लैपटॉप है, कंप्यूटर है या हमारा मोबाइल है, उसमें रख देते है। क्या दिक्कत ऐक्चवली कहूँ तो ऐसा नहीं है कि इट इज नॉट पॉसिबल। इस पॉसिबल आप अपने लैपटॉप, अपने कंप्यूटर, अपने मोबाइल में भी वेबसाइट को रख सकते हो। दर इज नो प्रॉब्लम। लेकिन सोचो हम वेबसाइट जब बनाते हैं तो हम चाहते हैं। हमारी वेबसाइट 24 घंटा चालू रहे। ताकि गूगल से या पूरी दुनिया से, कहीं से भी कोई सर्च करे। एनी टाइम तो उसे हमारी वेबसाइट चालू मिलनी चाहिए। मान कर चलो आपने अपने लैपटॉप में रखी है। और उसे बंद कर दिया। लैपटॉप को तो वेबसाइट बंद मोबाइल में रख दिया और मोबाइल समझो स्वीच ऑफ हो गया। या फिर जहां नेटवर्क नहीं है वहां चले गए। तो वेबसाइट बंद अगर आपकी वेबसाइट बंद हो जाएगी। अगर आपकी वेबसाइट के साथ इंटरनेट का कनेक्शन तगड़ा नहीं रहेगा तो फिर गूगल उसे लोगों को नहीं दिखाएगा। गूगल विल नोट शो, इट टू people समझ में आ रहा गई, सो वाट यू नीड इज होस्टिंग। यह 1 सर्वर होस्टिंग या सर्वर क्या होता है। ये होती है जगह स्पेस जैसे आपका आईक्लाउड होता है। कोई भी आप क्लाउड सर्विस यूज करते हो वैसे ही होस्टिंग या सर्वर, स्पेस होती है, जगह होती है। ये खास करके बनाई गई होती है ताकि आप यहाँ पर अपनी वेबसाइट रख सको। इट स्पेशली मेड की आप अपनी वेबसाइट वहाँ पर रख सको। तो अब कौन सी होस्टिंग या कौन सा सर्वर सबसे अच्छा रहेगा। कुछ फैक्टर्स बता देता हूँ वो होस्टिंग सबसे अच्छी रहेगी। जिसकी कंपनी की रिलायबिलिटी अच्छी हो ऐसे भी आप पैसे 2 वो आपको होस्टिंग दे दे और 24 महीने बाद कंपनी बंद हो जाए या भाग जाए। फिर क्या करोगे तो कंपनी नामचीन होनी चाहिए, रिलायबल होनी चाहिए सेकेंड वो जो भी आपको होस्टिंग देंगे न उसे उस करना आसान होना चाहिए ताकि आम इनसान कर सके। तीसरा जो सॉलूशन वो आपको दे रहे हैं वो कॉम्प्लेक्स नहीं होना चाहिए। उसमें ज्यादा टेक्निकल चीजें, कोडिंग वाली चीजें या वेब मास्टर वाली चीजें ज्यादा नहीं होनी चाहिए। थोड़ी सी तो होती है टेक्निकल चीजें लेकिन बहुत ज्यादा जटिल नहीं होना चाहिए, सिम्पल होना चाहिए देन फ्लेक्सिबिलिटी होनी चाहिए। फ्लेक्सिबिलिटी का मतलब क्या है? आज आप 1 वेबसाइट बना रहे हो तो आप होस्टिंग ले लो। कल को आपको 2345 वेबसाइट्स डालनी है तो उसका बड़ा प्लान अवेलेबल होना चाहिए। कुछ कुछ कंपनियां ऐसी होती है जिनका प्लान भी बहुत बड़ा होता है। कुछ कुछ कंपनियां ऐसी होती हैं जो 1 ही वेबसाइट बनाने का प्लान देती है। फिर आप दूसरी वेबसाइट बनाने जा तो लेंगे फिर खरीदो तो ऐसा नहीं होना चाहिए। थोड़े बहुत पैसे देकर। अब ग्रेड वाले ऑप्शन है, वो होना चाहिए, फ्लेक्सिबल होना चाहिए। उनका सपोर्ट अच्छा होना चाहिए। कल को कोई प्रॉब्लम आ जाए तो आप उनसे बात कर, सको, चैट कर सको, ईमेल कर सको। कुछ सपोर्ट उनका अच्छा होना चाहिए। एंड फाइनली एसेंशियल्स बताता हूँ क्योंकि जब आप होस्टिंग या सर्वर खरीदने जाओगे तो आपको बहुत सारी चीजें वहाँ पर बताई जाएंगी। ओके पहले मैं आपको एग्जाम्पल दिखाता हूँ फिर समझाता हूँ की क्या अब अगर आप होस्टिंग कंपनी देखने जाओगे तो आप गूगल को कह सकते हो बेस्ट होस्टिंग फॉर इंडिया। तो जैसे ही मैंने लिख दिया बैग बेस्ट होस्टिंग फॉर इंडिया, इसने मुझे कुछ कुछ दे दी माई मैं इसे खोल दूंगा, इसे ओपन कर दूंगा, होस्टिंग कॉम इसे ओपन कर दूंगा देन। we have गोड। आइडी इसे ओपन कर दूंगा होस्टिंग राजा इसे ओपन कर दूंगा। बिट चाचा बिट चाचा नहीं चाहिए भाई होस्ट इंडिया अच्छा लग रहा है और क्या है होस्टगेटर और 1 होस्टिंगर भी होता है। होस्टिंगर का नाम ही नहीं आ रहा है, होस्टिंगर का प्रॉब्लम चल रहा है। ठीक है तो 1 होस्टिं जर भी होता है होस्टेज 11 करके उनको थोड़ा समझने की कोशिश करते हैं। ठीक है अब यह क्या कहता है? ये कोई कंपनी है जिसका नाम है माइल्स वेब lancar website in mints sixty nine रुपीस पर best अरे बेस्ट ये क्या get ity परसेंट ऑफ, hosting with free domain गुड तो यहाँ पर देखो प्लान्स दे रहा है सिक्सटी नाइन रुपीज में आप 1 वेबसाइट बना पाओगे और ये आपको फ्री डोमेन दे रहा है 1 साल के लिए, फिर नाइनटी नाइन रुपीज पर मंथ में यह आपको 25 वेबसाइट बनाने दे रहा है 25 वेबसाइट ट्वेंटी फाइव वेबसाइट, नाइनटी नाइन रुपीज में वर्ल्ड प्रेस रेडी फ्री एसएसएल, ये सब इसने लिखा है 50 जीबी, यह देखो 50 जीबी जगह दे रहा है, 50 जीबी की जगह 50 ईमेल अकाउंट दे रहा है। वो भी फ्री, फॉर, एवर, वर्ल्ड, प्रेस, रेडी, फ्री, एसएसएल सब कुछ इसने लिख दिया है। देख लो, अभी सिर्फ हम रिसर्च कर रहे हैं तो यह कोई मायलस्वेबहै ठीक है। फिर आते हैं हम, ये कौन है? ये है ब्लू होस्ट, ब्लू होस्ट कहता है कि भाई हम आपको देंगे वर्डप्रेस
ओके
स्टार्टर वेन यू जस्ट नीड वन वेबसाइट 199 रुपए महीना, ये कितना था 99 रुपए महीना, ये कितना है 199 रुपए, महीना, इसमें क्या मिल रहा है, 10 वेबसाइट मिल रही है, 10 जीबी, स्टोरेज मिल रहा है, पहला फ्री डोमेन मिल रहा है, एस, एस, एल फ्री मिल रहा है, सारे फीचर, इन्होंने टिक मार्क किए हैं, यहाँ पर, सब फ्री मिल रहा है। सर पहले जो 199 था वो 99 था, वो यहाँ पर 199 रुपए है। फिर आ जा ये तीसरे पर तीसरा कौन है? भाई, ये है होस्टिंग डॉट कॉम, इसका क्या कहना है? इसका कहना है की भाई 1 वेबसाइट बनानी है तो वन फोट्टी नाइन रूपीस पर 5 वेब वेबसाइट बनानी है तो टू फोर्टी नाइन और हम आपको पंद्रह जीबी देंगे पंद्रह जीबी, ये, पहला वाला तो 50 जीबी दे रहा था, यहाँ पर 50 जीबी दे रहा था। और यहाँ पर ये वाला जो ये पंद्रह जीबी दे रहा है, सिर्फ फिर गोडाडी पे जाओ। godadpehosting hosting hosting, रहा, hosting, होस्टिग फॉर, vरdp्रesयेदेखो, ये कहते है 1 वेबसाइट के लिए मैं थ्री सिक्स्टी नाइन रुपीस चार्ज
करूँ
और वर्डप्रेस के लिए फोर नाइनटी नाइन तो महंगा है। फिर आप जाओगे होस्टिंग राजा पर इसके प्लान्स अलग है, फोट्टी नाइन रूप से शुरू हो रहा है। और देखो वर्डप्रेस होस्टिंग अलग, वेब होस्टिंग अलग, प्रीमियम होस्टिंग अलग, डेडिकेटेड होस्टिंग अलग, वीपीएस होस्टिंग अलग, क्लाउड होस्टिंग अलग, रिसेलर होस्टिंग अलग। अब इन सब का मतलब क्या है? रमजान हे भगवान जाने, फिर यहाँ आ जाओ। होस्टिंग इंडिया डॉट टू, देखो यहाँ पर होस्टिंग डॉट इंडिया डॉट टू, ये नाम पढ़के क्या आप इसपर भरोसा कर पाओगे? सोचो होस्ट इंडिया, तू तू नहीं भरोसा कर हे हो समझ में आ रहा है, डोमेन का कंपनी कैसे, वो छोड़ो नाम पढ़ कर ही मुझे लग रहा है कि डब्बा है, यह गड़बड़ है, कुछ तो पंगा है। फिर यहाँ पर ये कहता है कि भाई लिनक्स होस्टिंग, विंडोज होस्टिंग, रीसेलर होस्टिंग।
यह क्या है?
पता नहीं अब इसमें कितना जीबी है, 20 जीबी है, सौ जीबी है, 5 जीबी है। थोड़ा कंफ्यूजिंग है? नई समझ में आ रहा अलग, चलो बिग, रॉक, बिग रॉक वाला कहता है, मेरी होस्टिंग, ले लो, सिक्सटी नाइन रुपीज में 1 वेबसाइट, वन फिफ्टी नाइन रुपीज में 5 वेबसाइट, वन नाइनटी नाइन रुपीज में 10 वेबसाइट। और होस्टिंगर पर आ जाए तो होस्टेंजर की भी आप स्टडी कर सकते हो। होस्टिंग वेब होस्टिंग, होस्टिंग कहता है, सिक्स्टी नाइन रुपीज में मैं 1 वेबसाइट, दूंगा वन, थर्टी नाइन रुपीज में मैं 3 वेबसाइट, दूंगा वन, नाइनटी नाइन रुपीज वाला। जो लोगे तो यह सबसे अच्छा है। इसमें आप अनलिमिटेड वेबसाइट बना सकते हो, कितनी भी बनाओ, कितनी भी कोई प्रॉब्लम नहीं है, कितनी भी वेबसाइट बनाओ, 50 जीबी। हम देंगे
ना गई।
ये सारी चीजें जब मैंने आपको दिखाई, आप में से कितने लोगों को डर लगने लग गया, कनफ्यूजन आने लग गया की अरे यार सर, हम कैसे पता करेंगे की कौन सी अच्छी है, कौन सी खरीदनी चाहिए? हमे तो कोई आइडिया ही नहीं है, हमने तो आज पहली बार ही यह देखा है, जो आपने दिखाया। हमें थोड़ी पता है की ये क्या चाहिए, कंफ्यूजन होता है, डर लगता है विच इस एक्सपेक्टेड ओके देखिये, होस्टिंग के लिए जो फैक्टर्स हमें ध्यान में रखने हैं, वो इतना है कि कितने वेबसाइट बनाने दे रहा है और क्या वर्डप्रेस हमें इनस्टॉल करने दे रहा है। हमें सिर्फ 5 सौ एमबी की जगह चाहिए, 500 एमबी। मतलब आधा जीबी। तो ये लोग जो बोल रहे थे न, हम 50 जीबी देंगे, 20 जीबी देंगे, 10 जीबी देंगे, हमारी रिक्वायरमेंट आदे जीबी की है, एसएसएल सर्टिफिकेट इम्पोर्टेंट है और प्राइस की वो क्या दे रहे हैं। तो कंपनी रिलायबल होनी चाहिए, आसान होना चाहिए। ज्यादा कॉम्प्लेक्स न हो, फ्लेक्सिबल हो, अगर आपको बड़ा प्लान चाहिए, छोटा प्लान चाहिए, सपोर्ट इसका अच्छा हो, एसेंशियल्स इसके अच्छे होने चाहिए
ना।
अगर आप ये देखोगे तो आप ये समझ पाओगे कि ये सारी चीजें, आपको सिर्फ तभी पता चलेगी जब आप उसे यूज करके देखोगे। अभी किसी कंपनी का सपोर्ट कितना अच्छा है, ये बिना उस कंपनी से बातें किए, उसका प्रोडक्ट लिए और जब हमें प्रॉब्लम आएगी तब हम बात करेंगे। तभी तो सपोर्ट के बारे में पता चलेगा। पहले कैसे पता चलेगा सो इन दिस। मैं आपको कल 1 रेकमेंडेशन देने वाला
हूँ,
ओके, मैं आपको 1 रेकमेंडेशन देने वाला हूँ, प्लस जो रेकमेंडेशन में दूंगा उसका 1 स्पेशल डिस्काउंट है। डिजिटल। आजादी के स्टूडेंट्स के लिए। तो उनकी वेबसाइट पर जो प्राइस होगी, उससे कम प्राइस हमें मिलेगी, क्योंकि मेरा उनके साथ टाइप है, मैं उनका एफिलिएट हूँ और मैं सारी कंपनियों का एफिलिएट हूँ, ऐसे नहीं मैं किसी भी कंपनी को प्रमोट करूँगा तो मैं प्रमोशन कर सकता हूँ। दैट इज नॉट, अ प्रॉब्लम। लेकिन मैं चाहता हूँ कि आपके लिए जो अच्छा हो, आपके लिए जो आसान हो, वो मैं आप लोगों को रेकमेंड करूँ। तो ये जो रेकमेंडेशन होगी, ये कल होगी। तो कल मैं आपको बताऊंगा की कौन सी होस्टिंग लेनी है और कौन सा डोमेन लेना है, कहाँ से डोमेन लेना है, कौन सा डोमेन लेना है, यह आपने डिसाइड करना है। और अगर आप में से कोई एनालिटिकल है सर तो कुछ भी बताएंगे या फिर सर के पास तो फिलेटलिक होगी। मतलब सर को कमीशन मिलेगा तो सर कुछ न कुछ चिपकायेंगे नहीं, हम अपना स्टडी करेंगे। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। आप अपनी स्टडी कर सकते हो, इन फैक्ट। मैं चाहता हूँ कि आप स्टडी करो। ताकि कल जब मैं आपको रेकमेंडेशन दूं तो आपको समझ आए कि मैं ये रेकमेंडेशन क्यों दे रहा हूँ। ठीक है सो, आज का दिन मैं आपको देने वाला हूँ, ये सब रिसर्च करने के लिए आपका नाम क्या होना चाहिए? वेबसाइट का वो अवेलेबल है की नहीं होस्टिंग में कौन कौन अच्छा लग रहा है आपको जस्ट गो इन चेक आउट and then to more wil, i will tेlयूkywhat। आज हमने डोमेन और होस्टिंग समझा है और फिर तीसरी चीज जो आपके पास होनी चाहिए वेबसाइट बनाने के लिए वो है सीएमएस, सीएमएस का मतलब है कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम, कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम का मतलब क्या है? देखो आप जब अपनी वेबसाइट बनाओगे तो वेबसाइट कुछ ऐसे दिखेगी यहाँ पर आपका लोगो आएगा, फिर आपका नाम आएगा, फिर यहाँ पे होम। अबाउट स प्रोडक्ट सर्विस कुछ न कुछ मेन्यू होगा, फिर 1 लाइन होगी, फिर 1 फोटो आएगा या वीडियो आएगा, फिर यहाँ पर कुछ लिखा होगा, फिर यहाँ पर कुछ बड़ा लिखा होगा, फिर छोटा लिखा होगा, फिर यहाँ पर 1 बटन होगा बटन दबाने के लिए होगा फिर ये सेक्शन खत्म हो जाएगा, फिर दूसरे सेक्शन के बीचों बीच कुछ लिखा होगा, फिर यहां पर 1 फोटो होगा फिर यहाँ पर दूसरा फोटो होगा, फिर यहाँ पर तीसरा फोटो होगा। ऐसे ही बनती है वेबसाइट अरे ऐसे ही बनती है वेबसाइट तो ये अगर फोटो है। तो ये कॉन्टेंट है यहां अगर कुछ लिखा है तो ये भी कॉन्टेंट है यहां पर अगर लोगो है तो ये भी कॉन्टेंट है। तो हर चीज जो आप देखोगे आपके वेबसाइट पर सब कुछ कॉन्टेंट है। तो हमें मैनेज कर रहे हैं न कि मुझे फोटो यहाँ चाहिए या थोड़ी सी आगे ले जाकर मुझे फोटो यहाँ चाहिए, बड़ी चाहिए, छोटी चाहिए। ये सब हमें मैनेज करना पड़ता है। तो इसी को कहते हैं कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम। 1 सॉफ्टवेयर होता है जिससे आप कॉन्टेंट भई यहां फोटो लगाओ इसका कलर ऐसा करो इसको ऐसे चेंज करो ये सब चेंजेस करने के लिए 1 सॉफ्टवेयर चाहिए। तो ये कोंटे मैनेजमेंट का जो सॉफ्टवेयर है ये है वर्ल्ड प्रेस जो हम सीखेंगे और वर्ल्ड प्रेस जो है यह फ्री है वर्ल्ड प्रेस जो है ये फ्री है। कुछ पेड सॉफ्टवेयर भी होते है जैसे विक्स 1 पेड सॉफ्टवेयर है शॉपिफायएक पेड सॉफ्टवेयर है। तो कॉन्टेंट मैनेजमेंट सिस्टम बहुत सारे लेकिन वर्डप्रेस फ्री है और हम वर्डप्रेस पर वेबसाइट बनाएंगे। नाव इस प्वाइंट पर गई, ये समझ में आया कि वेबसाइट बनाने के लिए 3 चीजें चाहिए, 1 चाहिए वेबसाइट का नाम, 1 चाहिए जगह जहाँ पर वेबसाइट रखोगे और 1 हमें चाहिए वर्ड प्रेस कि जिससे हम अपनी वेबसाइट बनाएं समझ में आ गई ndrsendtiसgyesinthe cैकबox्स अगर समझ में आ गया तो समझ में आ
गया
ना
बीफोर एड सेशन ऑफ टुडे मैं वेबसाइट प्लानिंग के बारे में आपको बताना चाहता हूँ वेबसाइट प्लानिंग क्या होती है। तो हम जो अपनी वेबसाइट बनाएंगे तो आपको ये सोचना होगा कि आप अपनी वेबसाइट का नाम क्या रखोगे। फिर आप वो डोमेन अवेलेबल हैं कि नहीं वो चेक करोगे उसके बाद आप अपने 5 कॉम्पिटीटर्स को स्टडी करना जैसे आपकी सोने चांदी की दुकान है तो सोने चांदी की और दुकानें किस किस की हैं जिनकी वेबसाइट है उन्होंने अपनी वेबसाइट कैसे बनाई है। अगर आपका साडियों का काम है। तो साड़ियां ऑनलाइन कौन कौन बेच रहा है, उनकी वेबसाइट कैसे बनी हुई है। अगर आप एल आई सी एजेंट हो तो बाकी एजेंट्स की वेबसाइट कैसे बनी हुई है। थोड़ा जाकर स्टडी करो, थोडा सा अपने कॉम्पिटिटर को स्टडी करोगे तो समझ में आएगा कि आपके बिजनेस में आपकी सर्विस में लोग क्या कर रहे हैं, दुनिया क्या कर रही है, मार्केट क्या कर रहा है। समझ में आ रहा गाई अंडरस्टैंड 10 तो कॉम्पिटीटर्स को स्टडी करो एंड देन, उनकी वेबसाइट देखो और प्रिपेयर अ स्क्रैप बुक, स्क्रैप बुक स्क्रैप बुक क्या होता
है
भला आप किसी वेबसाइट पर गए, आपको कुछ अच्छा लगा, उसका फोटो निकाल के रख 2 यह बड़ा अच्छा था, आप किसी वेबसाइट पर गए, वहाँ पर आपको नाम अच्छा लगा। हेडलाइन अच्छी लगी, कॉपी करके रख लो। किसी वेबसाइट पर गए, वहाँ पर फोटो बड़े अच्छे थे। फोटो निकाल के रख 2 जमा करो चीजें और उसे 1 किताब में 1 इसमें डाल 2 क्या करता है, गूगल डॉक्यूमेंट में डाल 2 या माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में डाल 2 जस्ट पुट एवरीथिंग इन वन। जब आप अपनी वेबसाइट क्रिएट करने जाओगे, अगर उस रफ बुक को आप देखोगे तो आपको आइडिया दोबारा याद आ जायेंगे। सारे वरना जब आप स्क्रोल कर रहे हो तो आप देख रहे हो और फिर बाद में भूल जाओगे तो 1 स्क्रैप बुक 1 फोल्डर बना लो, 1 स्क्रैप बुक बना लो या 1 फोल्डर बना लो। यह 1 डॉक्यूमेंट बना लो और उसमें ये सारी चीजें जमा करना शुरू करो। क्योंकि हम अपनी वेबसाइट बनाएंगे
डन।
अरे दन है। क्या गाइज समझ में आया, क्या? अनीता जी पूछ रहे है मैं हाउसवाइफ हूं। मुझे वेबसाइट बनानी चाहिए। क्या? क्या जवाब दोगे। बाकी सब लोग क्या। आज के लेक्चर में मैंने इसका जवाब दिया था। अनिता जी को वेबसाइट बनानी चाहिए की नहीं बनानी चाहिए। येस बनानी चाहिए क्यों? अगर बनाओगे नहीं तो सीखोगे कैसे। अगर सीख जाओगे तो लोगों के लिए वेबसाइट बनाकर, पैसा कमा सकते हो। अपने दोस्तों के लिए, रिलेटिव्स के लिए जान, पहचान के लोगों के लिए वेबसाइट बना सकते हो। अपने पति के लिए सीख गए तो फिर कुछ भी कर सकते हो। लेकिन अगर सीखना है तो बनानी तो पड़ेगी सिर्फ देख कर तो नहीं सीख सकते। समझ में आ रहा है, मोबाइल से वेबसाइट बनेगा क्या हैं? बदलती है मोबाइल से वेबसाइट। लेकिन मैं नहीं सिखाऊंगा, मैं नहीं सिखाऊंगा क् वेरी कॉम्प्लिकेटेड और वो छोटी सी। 23 इंच की स्क्रीन में ऐसे आंखे डालकर पूरा खेलते बैठना पड़ता है। सौरी वेबसाइट बनाने के लिए आपके पास लैपटॉप या कंप्यूटर होना चाहिए। ओके हिंदी में बना सकते हैं, हा बना सकते हो। आपको जिस भाषा में चाहिए, आप बना सकते हो। दर्ज नो, प्रॉब्लम, रितु, आर्या के लिए सिर। कई बार वेबसाइट हैक हो जाती है। तो रितु अभी। पहले तो हम बनाये सिक्योरिटी का भी बताउंगा डोंट, वरी परची सिंद, सर क्या एडिट कर सकते हैं, फोटो पॉट कर सकते हो। निलेश। ई कॉमर्स वेबसाइट का भी आप मार्गदर्शन करें। तो नीलेश जी पहले हम थोड़ा बेसिक वाला काम कर लें। आशा गुप्ता कहते हैं हाऊ टू स्टडी अदर वेबसाइट google पर जाओ भाई google पर जाओ वहाँ पर टाइप करो जैसे आप एलआईसी एजेंट तो टाइप करो एलआईसी एजेंट वेबसाइट आने लगेंगी आप सर्च करो शॉप डेट कैसा है मुझे नहीं पता, मैंने नहीं यूज किया, मुझे नहीं पता उल्लास जैसवाल उल्लास जैसवाल कहते हैं वर्ल्ड प्रेस और फ्रेमर आई में क्या फर्क है यार ऐसे सवाल क्यों पूछते हो
मुझे
जो मैं सिखा रहा हूँ उससे रिलेटेड अगर कोई सवाल है तो पूछो
नीतू।
जैन प्रभात सिंह के सर हमारे पास लैपटॉप नहीं है वेबसाइट मत बनाना गाईज ओके वेबसाइट मत बनाना। फनीषसिनहा कहते हैं कि आर नेम ऑफ वेबसाइट केस सेंसेटivानकैपिटल या छोटा तो नो वेबसाइट इस ऑलवेज इन स्मॉल कैपिटल में नहीं होती। to it s always in sco niti, what if we are not using the website afertrmaking it, if e are not using we are not using pre o सुभाष चंद्र सक्सेना कहते हैं रिटायर्ड पर सं क्या वेबसाइट बनाए, अपने बारे में बताओ सुभाष चंद्र सक्सेना कौन था, क्या करता था, क्या क्या किया जिंदगी में वो सब डालो अपनी वेबसाइट पर अपना पोर्टफोलिय बनाओ। if somebody has no business वाट दे शुड स्टडी हैज, कॉम्पिटिटर देखो मैं सिम्पल चीज बताता हूँ गाइस अगर आपके पास आपका नीस नहीं है, बिजनेस नहीं है, कुछ भी नहीं है आप अपने नाम का डोमेन खरीद लो। सबसे पहले तो ठीक है अपने नाम की वेबसाइट बनाने। अब जैसे उन्होंने पूछा की सर लेकिन हमारा कोई बिजनेस ही नहीं है तो हम किसे कॉम्पिटिटर की तरह स्टडी। तो अपने दिमाग में ऐसे कंसिडर कर लो की आप कोई 1 काम करने वाले हो कंसिडर कर लो जैसे मैं कंसिडर करूँगा की चलो मुझे डिजिटल मार्केटिंग की एजेंसी करनी है, आगे चल कर मुझे डिजिटल मार्केटिंग सिखाना है। ऐसे रोल मुझे संदीप सर की तरह डिजिटल मार्केटिंग सिखाना है। तो संदीप सर की वेबसाइट को ऐसे कॉम्पिटिटर मैंने स्टडी कर लिया और संदीप सर के कितने कॉम्पिटिटर है ढूंढ के सबको स्टडी कर दिया की हर किसी की वेबसाइट पर क्या क्या है ndrstandingguis यू हैव टू यूज योर कॉमन सेंस आपको अपना कॉमन सेंस यूज करना पड़ेगा और फिर अपने मन को न थोड़ा काबू करना पड़ेगा क्योंकि मन जो है न अब बहुत अलग अलग दिशा में भागने वाला है बहुत अलग है। सर 1 साल के बाद क्या होगा अगर मैंने रिन्यू नहीं किया तो सर 3 साल के बाद क्या होगा। अगर ये हो गया तो अरे भाई तुम बना तो सही पहले अभी तुम लोग पहली कक्षा में नहीं आये हो अभी अपर केजी लोअर केजी में हो और तुम बोल रहे हो मैं ग्रेजुएशन के बाद क्या करूँगा पहले जो है वो सीखो तो सही पहले जो बेसिक है वो सीखो तो सही समझ में आ रहा गाइस सुहास साकारकर कहते हैं सिर कान वेबसाइट नेम हैव। अंडरस्कोर special carेctrdosmesuprd question suhas बड़े न, अभी सिखाया मैंने इसी सेशन में क्या कर रहे हो तो इसीलिए न मैं फिर सवाल नहीं लेता फिर मैं सवाल बंद कर देता हूँ कुछ भी पूछते हो। मन मर्जी से टाइम पास
समझ में आया गाई।
तो चलो आज यहाँ पर रुकेंगे। मैं चाहूँगा कि आज आप थोड़ा सा पंद्रह मिनट पहले छोड़ रहा हूँ, अब भी यहीं पर बैठ कर रिसर्च करो। अभी उठो मत जहाँ बैठे हो वहीं पर बैठ कर सर्च करो। गुड डी पर जाकर के आपको क्या काम चाहिए, डोमेन या होस्टिंग खरीदना मत मैं कल आपको रेकमेंडेशन देने वाला हूँ, अच्छा डील देने वाला हूँ, शायद आपका फायदा होगा, गड़बड़ी हडबडी में गड़बड़ मत कर देना। ठीक है, हैव पेशेंट्स कल मैं आप लोगों को बताऊंगा क्या करना है। आज का जो कोर्ड है वो है फॉर 8 जीरो जीरो, फोर एट जीरो, जीरो, आज का कोर्ड है, फोर ए जीरो, जीरो, लिखो, फोर जीरो, जीरो, फॉर 8 जीरो, जीरो, फॉर 8 जीरो, जीरो, फॉर ए जीरो, जीरो लि देखा येस फैंटास्टिक तो कल हमारी मुलाकात होगी इसी जगह। इसी तरह जब तक नहीं मिलता तब तक क्या करोगे रिसर्च करोगे रिसर्च जाकर रिसर्च कीजिये कॉम्पिटिटर्स का भी और अपने डोमेन के नाम का भी। प्लीज सीखते रहिये इम्प्लीमेंट करते रहिये आई लव यू आल प्लीज स्टेक गुड कर ऑफ योर सेल्फ बाबाए नमस्ते जय हिन्द।
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