Digital Marketing Career Roadmap For Beginners | Digital Marketing Jobs Are Exploding

Sandeep Sir breaks down digital marketing salaries in India: freshers earn ₹15-35k monthly, those with 1-2 years make ₹25-50k, and 3-4 years of experience brings ₹1-2 lakh. He covers how to build a portfolio, avoid interview mistakes like false experience claims, and why honesty matters more than overconfidence when landing your first role.
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डिजिटल मार्केटिंग आज के समय में 1 इतनी इम्पॉर्टेंट स्किल बन चुकी है कि लगभग हर कंपनी में, हर ऑर्गेनाइजेशन में, हर प्रकार के बिजनेस में, हर कोई जहाँ मार्केटिंग करना चाहता है वह डिजिटल मार्केटिंग ही सोचता है, रीजन सिम्पल है, ऑडियंस कस्टमर्स क्लायंट्स, सभी लोग तो अपने मोबाइल में घुसे हैं, हर कोई अपने डिवाइसिस पर हैं। तो अब अगर उन तक बात पहुँचानी है तो हमें उन मोबाइल के अन्दर या उन डिवाइसेस के अन्दर जाकर अपनी बात बतानी होगी। यह आज हर कोई समझता है। और इसी लिए डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में इतनी डिमांड बढ़ चुकी है कि आज लोग नहीं मिलते डिजिटल मार्केटिंग करने के लिए। लेकिन अगर आप उनमें से हैं जो डिजिटल मार्केटिंग सीख रहे हैं या सीख चुके हैं या इन प्रोसेस हैं तो प्लीज नोट कि आज के समय में मार्केट में डिजिटल मार्केटिंग का जॉब मिलाना बिल्कुल आसान है और भले ही आप 1 फ्रेशर हैं, आप पंद्रह से 35 हजार रुपए की सैलरी एट द स्टार्ट कमांड कर सकते हैं और जैसे जैसे आपका एक्सपीरियंस होगा वैसे वैसे और भी ज्यादा पैकेजेस पर आप काम कर सकते हैं। ऑनलाइन एवरेज 1 फ्रेशर पंद्रह 25, 35 हजार रुपए तक कमाता है। 1 से 2 साल का एक्सपीरियंस वाला बंदा जो होता है वो 25, 35, 50 हजार रुपए तक कमाता है और जिसे 3 से 4 साल का एक्सपीरियंस हो। अनी वेर फ्रॉम, वन, लाख, टू, टू, लाख रूपीस पर मंथ की बात कर रहा हूँ, यह उनका पैकेज होता है। ये एवरेज मार्केट रेट, मैं एक्स्ट्रा ऑडनरी रेट्स नहीं बोल रा हूँ। ये एवरेज मार्केट के रेट्स है। साथ ही साथ डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में वर्क फ्रॉम, एनीवेयर, वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन ऑफिसेज अटेंड करना भी आजकल बहुत ट्रेंड में है। इन शार्ट में ये कहने की कोशिश कर रहा हूँ की इस फील्ड में आज इतनी डिमांड बढ़ चुकी है की अगर आप 1 जॉब ढूंढ रहे हैं तो डिजिटल मार्केटिंग स्किल की वजह से आपको बहुत आसानी से, बहुत जल्दी और वेरी गुड पेइंग जॉब मिल सकती है। लेकिन इन जॉब्स के लिए कई बार हमें इंटरव्यू के प्रोसेस से गुजरना होता है, हमें अप्लाई करना पड़ता है अपना सीवी सी वी का मतलब है रेज्यूमे, रेज्यूमे का मतलब है आपका बायो डेटा, तो सी वी रेज्यूमे, बायो डेटा, जो भी आप बनाओगे, डॉक्यूमेंट, वो आपको पहले भेजना पड़ता है, वो आपका सीवी पढते हैं। अगर उन्हें ऐसा लगता है कि चलो इनसे मिला जाए तो फिर वो आपको इंटरव्यू के लिए बुलाते हैं या ऑफलाइन या जूम पर जैसे भी और फिर बातें होती है, डिस्कशन होती है और 1 प्रोसेस से आप गुजरते हो और फिर अगर आप सिलेक्ट हो जाए तो आपको जॉब मिलती है। नाव आइए समझते हैं कॉमन मिस्टेक्स जो यूजुअलली लोग करते हैं, जॉब लेते समय क्लियर रोल डिफाइन नहीं होता। या इंटरव्यू में कहते हैं कि हाँ हाँ मुझे सब पता है, मुझे सब पता है। आई नो एवरीथिंग इज, अ वेरी रौंग स्टेटमेंट तो से न न इंटरव्यू। क्योंकि जब आप कहते हो की हाँ हाँ मुझे सब पता है सामने वाला चैलेंजिंग मोड में आ जाता है कि चलो देखते हैं इसको कितना पता है। तो ऐसे वाक्य कभी यूज नहीं करने चाहिए, कभी टूल हेवी आंसर नहीं देने चाहिए। जो इंटरव्यू ले रहा है उससे ज्यादा आपको पता है। ये दिखाने की कोशिश कभी नहीं करनी चाहिए। अपने एक्सपीरियंस में कभी कोई फेंक एक्सपीरियंस न डालें ध्यान में रखना जो भी आपने लेटर में लिखा है कंपनी का जो एच आर होता है वो उन कंपनियों को फोन करता है छोटे छोटे जॉब्स के लिए लेकिन अच्छे अच्छे जॉब्स के लिए और कुछ लोग तो छोटे जॉब्स के लिए भी जैसे डिजिटल आजादी में हमारे पास रूल है। अगर हम किसी को जॉब पे ले रहे हैं और अगर उन्होंने पहला एक्सपीरियंस का हमें कुछ दिखाया है तो हम उन्हें क कॉल करके पूछते हैं कि भाई इसने जो लिखा है यह सही है या नहीं? क्या ये सचमुच ये काम कर रहा था आपके पास? क्या इसने सही तरीके से आपके यहाँ पे काम छोड़ा है? क्या आपके रिलेशन्स इनके साथ अच्छे थे, क्या एक्सपीरियंस था। और ऐसा नहीं कि हर कोई हमें बताता है में भी देर। 10 में से 4 लोग हमें कहते कि नहीं सर हम मारे 100 एम्प्लॉय के इन्फॉर्मेशन नहीं देते इस ओके लेकिन अगर किसी ने कुछ गड़बड़ की है तो वो उसकी बैंड बजाने के लिए जरूर बताता है। तो ये कंपनी वाले करते हैं ओके। तो फेक एक्सपीरियंस अपने रेज्यूमे में बिल्कुल नहीं डालना चाहिए और बिना पोर्टफोलियों के अगर आप जा रहे हो तो गड़बड़ है डिजिटल मार्केटिंग सीख रहे हो तो इम्प्लीमेंट करो, अपने ऊपर इम्प्लीमेंट करो, अपनी वेबसाइट बनाओ और थोड़ी बहुत सौ दोषों की आड रन करके देखो जो मैं कहता हूं हमारे सिल्वर मेंबरशिप में कि ये सब करो, ये क्यों इम्पोर्टेंट है कहीं पर भी जाओगे तो दिखा पाओगे कि मैंने यह किया है। ऐसा नहीं कि सिर्फ यू ट्यूब के वीडियो देखकर सीखा है ऐक्चवली प्रैक्टिकल ली कुछ किया भी है। यह दिखाना पड़ता है और कॉमन मिस्टेक होती है। अंडर कॉन्फिडेंट होना या ओवर कॉन्फिडेंट होना, अंडर कॉन्फिडेंट यानि डरा डरा सा व्यक्ति बहुत टेंशन प्रेशर स्ट्रेस में आकर इंटरव्यू देता है, ऐसा कभी नहीं करना चाहिए, न ही बहुत कैजुअल होना चाहिए। प्लेन सिम्पल जैसे हो वैसे जाओ और चुपचाप इंटरव्यू। 2 ध्यान में रखना कि इंटरव्यू में अगर आप नाटक नौटंकी करोगे तो वो ज्यादा दिनों तक चलेगी नहीं आपको वहां पर कई महीने कई साल काम करना है तो यू शुड बी नैचुरल जैसा है, वैसा है कोई दिखावा नहीं, न अंडर प्ले करेंगे, न ओवर प्ले करेंगे, समझ आ रहा है, गाइज समझ आ रहा है एंड देन फाइनली फाइनली कीप इन माइंड इंटरव्यू देने जब जाते हैं तो नर्वस होना 1 आम बात है। हर कोई नर्वस होता है। एवरी बॉडी बिकम्स नर्वस इट, इज, ओके इंटरव्यू सिर्फ बातचीत है। इट इस जस्ट अ कॉन्वर्जेशन। 2 लोग बैठकर बात कर रहे हैं। बस इतना ही होता है। पहला इंटरव्यू किसी का भी परफेक्ट नहीं जाता। इंटरव्यू में अच्छा इंटरव्यू देने के लिए भी इंटरव्यू की प्रैक्टिस होती है जो इंटरव्यू देकर ही होता है। तो ज्यादा इंटरव्यूज देने चाहिए इंटरव्यू और देखता है क्लैरिटी के लिए क्या आपको क्लैरिटी है। और अगर सामने वाला आपको नौकरी नहीं देता तो इसे पर्सनल रिजेक्शन नहीं समझना चाहिए। सी ट्रायन अंडरस्टैंड सामने वाले के दिमाग में 1 छवि है कि उसे किसी 1 पर्टिकुलर टाइप का व्यक्ति चाहिए। और अगर आपकी छवि उस छवि के साथ मैच नहीं हो ही है तो वह रिजेक्ट करेगा इट इज ओके डजनौटमीनकि उसे उसने आपको ऐसा आदमी या या ऐसा औरत रिजेक्ट कर दिया, ऐसा नहीं होता। इट्स नॉट अ पर्सनल रिजेक्शन आप एसईओ के हिसाब से गए थे, मैं भी उन्हें एस ओ प्लस एड्स वाला चाहिए था। कोई कुछ भी हो सकता है। और यू अंडरस् तो इसे पर्सनली कभी नहीं लेना चाहिए। क्वेश्चन जो पूछे जाते हैं, यह आपकी सोच को चेक करने के लिए पूछे जाते हैं। क्वेश्चंस विल आलवेज टेस्ट थिंकिंग 1 इंटरव्यू जो होता है वो रिस्क इवैलुएशन होती है। कंपनी भी सोच रही होती है कि मैं इसमें इतना इन्वेस्ट करुंगा तो मुझे रिटर्न मिलेगा या नहीं। मिलेगा। और कई इंटरव्यूज का हमारा एक्सपीरियंस ये कहता है कि काम माइंडसेट इस मोर इम्पोर्टेंट द परफेक्ट प्रीपरेशन कि आप सोचोगे मैं बहुत प्रिपेयर करता हूँ, बहुत पढ़ के जाता हूँ, बहुत तैयारी के साथ जाता हूँ, तैयारी के साथ जाइए। लेकिन इससे कहीं ज्यादा जरूरी है कि जब इंटरव्यू हो रहा है तब दिमाग ठंडा रखो। काम माइंडसेट के साथ, पेशेंस के साथ आप जवाब 2 और ये जो कॉन्फिडेंस है ये हमेशा प्रैक्टिस के साथ ही आएगा प्रैक्टिस जितनी करोगे, उतना ज्यादा कॉन्फिडेंस आएगा उतना ज्यादा कंफर्टेबल आप महसूस करोगे इंटरव्यू देते समय और जो डिजिटल। आजादी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण प्रिंसिपल है सत्य। तो मैं हमेशा कहता हूं कि ऑनेस्ट जवाब आब 2 उसे ज्यादा वेटेज है राधा दैन गिविंग स्मार्ट आंसर मैंने देखो। कैसे स्मार्ट जवाब दिया, स्मार्ट जवाब देना। 1 लेवल तक ठीक होता है सच्चा जवाब अगर आप दोगे, असली जवाब आप दोगे तो आपकी अच्छाई और सच्चाई झलकती है। और सामने वाला सिर्फ 1 एम्प्लॉई नहीं चाहता। सामने वाला 1 लंबे समय के लिए आपके साथ रिलेशनशिप बनाना चाहता है। वो ये देख रहा है कि क्या आप दोनों 1 दूसरे के लिए इन द लौंग टम परफेक्ट हो या नहीं। ट्राई टू मेक द बेस्ट यूज ऑफ योर पोटेंशियल। कभी जिंदगी में यह मत सोचना कि मुझे कितने पैसे मिल रहे हैं और मैं उसके लिए कितना काम करूं। क्योंकि मेरी फिलोसॉफी जिंदगी में 1 है। आपकी बैटरी कितने वोल्ट की है। अगर आपकी बैटरी 3 वोल्ट की है तो आप 3 वोल्ट का ही करंट मारोगे। और अगर आपकी बैटरी 12 वोल्ट की है तो आप 12 वोल्ट का ही करंट मारोगे। मुझे पैसे कम मिलते हैं तो मैं कम करंट दूंगा। ऐसे कभी नहीं होता। जो ऐसा सोचता है उसका पोटेंशियल कम होता है। अगर आप किसी और के बिजनेस के लिए अच्छा मुनाफा कमा सकते हो, सामने वाले की कंपनी में जॉब करके उसे अच्छे प्रॉफिट्स दिला सकते हो तो आगे चलकर आप खुद के लिए काम करके अपने प्रॉफिट्स भी बना पाओगे सो। कभी अपने आप को रोकना मत हंड्रेड परसेंट पोटेंशियल पर काम करना क्योंकि मैं जानता हूँ की डिजिटल आजादी के हर स्टूडेंट के अन्दर 440 वोल्ट की बैटरी चलिए इस थॉट पर यहाँ पर रुकते हैं। और ये ट्रेनिंग आपको कैसी लगी, क्या सीखा, क्या बलबन हुआ, क्या मजा आया, चैट कमेंट में मुझे जरूर लिख कर बताना आपका हर कमेंट में पढता हूँ और उस पर रिप्लाई भी देता हूँ।
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