Shocking Truth: Are You Following a Fake Guru? | FAKE VS REAL COACHES | Avi Arya

Avi Arya breaks down the difference between fake and real coaches, and how to spot which one you're actually following. He emphasizes ownership and discernment when choosing a mentor for personal or professional growth.
रोज 1 किताब पढते थे, रोज 2 घंटे जिम जाते थे, सही काम करते थे, कोई गलत काम नहीं किया। 1 आदर्श पुरुष बन गए और 2 साल के अन्दर आपकी जिंदगी बदल रही है, दिस बेसी वेरी इम्पोर्टेन पॉइंट 2 टाइप के कोचेस हैं। आजकल दुनिया में कुछ लोग कहते हैं। 1 आदमी बहुत बड़ी फैक्ट्री चला रहा है, हजार लोगों की कल को, मेल को फैक्ट्री सेट अप करने में उनकी मेंटरशिप दे देता हूँ। दूसरे लोग कंसल्टेंट के पास जाते है। 1 कंसल्टेंट फैक्ट्री के ओनर नहीं है, तीसरा वो आदमी है, कंसल्टेंट के अन्दर भी कोचिंग कर चूका है, दूसरे का है, उसने अपनी खुद की कोचिंग स्टार्ट कर दिया है, क्या वो गलत है, फ्रेट दुनिया क्या कर रही है, दुनिया क्या बेच रही है, लॉ है सोसाइटी है सब लोग जो गलत कर रहा है उसको देख रहे। अब आगे बात की अगर ये सब कुछ ठीक है तो सेल गुरु कौन है। आज के वीडियो में हम बात करेंगे की कैसे आप अगले 2 महीने में 1 बहुत रिक्ष फेक दुरु बन सकते है देखिये बहुत सिम्पल है। 1 अच्छा सा स्टूडियो अपार्टमेंट हायर कर दीजिये, ऐसा लगेगा की आपका खुद का घर है। 23 गाड़ियां किराये पर मिलती है, बहुत अच्छी, अच्छी दुकाने है, किराए पर 1 दिन की गाड़ी पंद्रह 20 हजार रुपए की मिलती है, सारा कंटेंट ले लीजिये। 1 अच्छी सी विडियो टीम लीजिये और विडियो बनाना शुरू कर दीजिये, मेरा घर कितना अच्छा है, मेरी गाडी कितनी अच्छी है, मेरी घड़ी कितनी अच्छी है, मेरी लाइफ कितनी अच्छी है। पहले मैं बहुत गरीब था, उसके बाद पहले आपने रिचनेस की बात करी, फिर सेकंड फेस पर जाइए दिखाइए पुरानी आपकी स्टोरी कितनी खराब थी, पहले आप कितने गरीब थे। 11 पैसे के लिए मोताज थे, पसीने निकलते थे, रोज नौकरी ढूंढने जाते थे। 1 दिन आपके अन्दर रौशनी आई और आपने कहा बस बहुत हो गया और उस दिन के बाद आपने कहा अब मैं बनूंगा और फिर आपने किताबें पढ़नी शुरू कर दी, रोज ये किताब पढ़ते थे, रोज 2 घंटे जिम जाते थे, सही काम करते थे, कोई गलत काम नहीं किया। 1 आदर्श पुरुष बन गए और 2 साल के अन्दर आपकी जिंदगी बदल गई, ये 3 चीजों को आप अपनी लाइफ में बना लीजिये और 3 से 4 महीने के अन्दर लोग आपको फॉलो करने लग जायेंगे और आप उसके बाद कोई भी कोर्स बेचो कुछ भी बेचो लोग खरीदना शुरू कर देंगे तो ये था फार्मूला हो तो बिकम, फेक कोच गाईज, ये सब मजाक था आई होप आपको यह बात समझ आ गई होगी लेकिन इस टॉपिक के बारे में इस से मैं बात कर रहा हूँ बिकज आज की डेट में हर आदमी ये कह रहा है की फेक कौन है और सही कौन है और इस क्वेश्चन का आंसर देने के लिए हमने ये वीडियो बनाया है और मैं चाहता हूँ की आप स्पेशली यंगस्टर्स अपने पैरेंट्स के साथ इस वीडियो को देखो, अपने स्पाउस के साथ, अपने बेस्ट फ्रेंड्स के साथ इस वीडियो को देखो और समझने की कोशिश करो की गलती किसकी है, जो बेच रहा है, उसकी कितनी गलती है और जो खरीद रहा है उसकी कितनी गलती है। मेरे हिसाब से बहुत आसान है दुनिया पर ब्लेम करना, वो ऐसे कर रहे है, वो ऐसे कर रहे हैं। अरे यार, दुनिया को तो हम रोक नहीं सकते न, लेकिन अपनी कोई जजमेंट तो यूज करो। उस दिन मैं गीता में की 1 किताब पढ़ रहा था, उसमें लिखा था डोंट मेक, डिसीजन, फ्रॉम योर, सेंसिस, मेक डिसीजन, फ्रॉम योर, सेंस, सेंस को, यूज कीजिए सेंसिस को नहीं सेंसेज, मतलब आँखों से देखना, स्मेल करना, सुनना। जब कोई दिखाता है हमको की, हम बहुत रईस दिख रहे हैं, बढ़ी दिख रहे हैं। अच्छा खासा घर, गाडी, बंगला देख के, हम सेंसिस से डिसीजन बनाते हैं। अरे वाह देखने में, तो बिल्कुल सही लग रहा है। हम अपने सेंस को भूल जाते हैं। सेंस बहुत सिम्पल है, बचपन में आपके पास ट्यूटर थे, मैथ्स के, जिम के, हर चीज के, आपके पास टीचर थे, वो लोग थे जो वो कर चुके थे, जो आप करना चाहते थे, और वो हजारों स्टूडेंट्स को वहाँ तक ले जा चुके थे जहाँ तक आप जाना चाहते हो। तो आज भी अगर आप किसी कोच के पास जाओ तो सबसे पहले ये देखो की क्या वो कोच वहाँ गया है जहाँ आप जाना चाहते हो, फॉर एग्जाम्पल, आप अपनी बॉडी बनाना चाहते हो, आप अपना बिजनेस बनाना चाहते हो, रेलवे स्टेट में, आप अपना बिजनेस बनाना चाहते, फोटोग्राफी में, विडियो एडिटिंग में, डिजिटल मार्केटिंग में 2, चीजें 1 तो वो आपसे आगे पहुँचा है वहाँ जहाँ आप पहुँचना चाहते हो। दूसरा वो और लोगों को वहाँ ले के जा चूका है। उसके बाद आप उसको चूस कीजिए हम क्या करते हैं, कोई भी रिच आदमी, कोई भी रईस, आदमी किसी की भी अच्छी गाड़ी अच्छा घर देख के, हम कहते है क्यूंकि इसके पास मेरे से ज्यादा धन है, क्यूँकि इसके पास मेरे से ज्यादा दौलत है, इसके पास मेरे से ज्यादा फॉलोवर्स है तो वो ही अच्छा कोच होगा। अच्छा कोच हो सकता है के फॉलोवर्स और पैसे के साथ आये, लेकिन अच्छा कोच बिना फॉलोवर और पैसे के भी आ सकता है। तो आपने क्या करना है। मेरे हिसाब से मेरे भी बच्चे हैं, घर में, वो भी कोच को ढूंढते हैं, वो भी करते है, मेरे पास खुद जिम का कोच है, मेरे पास कुछ माइंडसेट के कोच है, 3 कोचेस के साथ मैं भी काम करता हूँ, और मेरे राइट कोच वर्सेस फेक कोच देखने का नजरिया, ऐसा है नंबर वन, मैं उनको कहता हूँ, कहना मीट और उनके मिलने के जो पैसे होते हैं सबके अलग फीस होती है, मिलने की वन ऑन वन, मैं उनको मिलने की उनकी फीस देता हूँ, मैं जाके उनसे मिलता हूँ। जब 2 लोग आपस में बात करते हैं न मिल के पता लगता है की क्या मैं इनके साथ अगले 1 साल निकाल सकता हूँ। दैट इस नंबर वन ज्यादातर लोग हम कहते है की हम उनको मिलना नहीं चाहते हैं, इंटरनेट पर हम उनको देखेंगे, उनको समझेंगे हजार, लोगों के सामने वो बातें कर रहे हैं, उसी चका चौंद उसी रौशनी को हम खरीद लेते हैं। वाइ नोट स्पेंड मानी। जब आप एनबी करने जाते हो, बी, बी, ए करने जाते हो, तो स्कूल में जाते हो, कॉलेज में जाते हो, वहाँ के छात्रों को मिलते हो, टीचर्स को मिलते हो, सबको समझते हो, तब जाके 8, 10, 15 लाख रूपए अपने पापा से मांग के एमबीए में देते हो। तो अगर किसी कोच ने आपसे कुछ पैसे मांगे, अगर उनकी मिलने की, वन की कोई फीस है दीजिये, उस फीस को जाके उनको मिली है समझिए कि वो आपके लिए क्या कर सकते हैं। और 4, 5, 10 कोचेस के पास पैसे खर्चे हैं। देखिये उनमें से आपको कौन पसंद है। हम पैसे खर्चना नहीं चाहते अपने करियर के लिए और हम चाहते है सबसे पहले हमको रिजल्ट मिल जाए। सो नंबर वन, थिंग 1 ओनरशिप ऑन योर सेल्फ फ्रगेट दुनिया क्या कर रही है, दुनिया क्या बेच रही है। लॉ है सोसाइटी है सब लोग जो गलत कर रहा है उसको अपने आप देख लेंगे। आपका काम यह है सतर्क रहना सेंसिस को यूज करना देखो। 45 कोचेस को इंटरव्यू करो जा के देखो की आपको सबसे ज्यादा आप किसके साथ एेदोनेट करते हो। नंबर टू उनसे पोलि सिर क्या में पंद्रह 10 पंद्रह लोगों से बात कर सकता हूँ जो आप ही के स्कूल से निकले हैं। आप ही के कोचिंग प्रोग्राम से निकले, उनको जाके मिली है उनसे बात कीजिए क्या चल रहा है। और उसके बाद कोच का यह भी देखिए कि जो कोच हैं वो अपने बिजनेस को कैसे चला रहे हैं। उनके ऑफिस जा के देखिये, उनका कारोबार देखिये, सब को देखिये। दिस बेंसमे टो, वेरी इम्पोर्टेन्ट पॉइंट 2 टाइप के कोचेस हैं। आजकल दुनिया में 1 कोच वो है जिसका आज कोई कारोबार नहीं है, शायद पहले था, आज वो अपने तजुरबे से आपको सिखा रहा है। दूसरा कोच वो है जो आज अपना कारोबार भी चला रहा है। लेकिन आपको भी सिखा रहा है। तो आपने ये देखना है की किस टाइप के कोच के पास आपके लिए ज्यादा टाइम होगा। कुछ लोग कहते हैं 1 आदमी बहुत बड़ी फैक्ट्री चला रहा है। हजार लोगों की कल को, मेरे को फैक्ट्री सेट अप करने में, उनकी मेंटरशिप दे देता हूँ, क्यूंकी वो आलरेडी करंटली फैक्ट्री चला रहे हैं। वो 1 प्रैक्टिशनर है उनको काम करना आता है तो मेरे को उनसे बेहतर कोई नहीं मिल सकता। दूसरे लोग कंसल्टेंट के पास जाते है। 1 कंसल्टेंट फैक्ट्री का ओनर नहीं है लेकिन वो 10 फैक्ट्री में नौकरी कर चुका है, वो 10 फैक्ट्रीज में कंसल्टिंग कर चूका है तो उसे भी तजुर्बा है। तीसरा वो आदमी है जो इन दोनों से बातें कर चुका है। वो कंसल्टेंट के अन्दर भी कोचिंग कर चुका है, दूसरी कोचिंग कर चुका है। उसने अपनी खुद की कोचिंग स्टार्ट कर दिया है। क्या वो गलत है मेरे ख्याल से नहीं। जिस भी आदमी ने अपना समय लगा के कुछ तजुर्बा खरीदा है और वो आपको अपना तजुर्बा बेच रहा है उसमें मेरे ख्याल से कुछ गलत नहीं है लेकिन आपको यह बात में सतर्कता होनी चाहिए की मैं किस के पास जा रहा हूँ, क्या फैक्ट्री के ओनर के पास जा रहा हूँ जो चलाते हुए प्रैक्टिशनर है, चलाते हुए मेरे को दिखा रहे हैं, या वो है जो फैक्ट्री में काम कर चुके है, कंसल्टेंट हैं या 1 वो आदमी है जो बहुत समझदार आदमी है और बहुत इंटेलिजेंट आदमी है। वो देख रहा है कि किसकी क्या क्या गलतियां हैं, उनकी गलतियों से सीख के। उसने अपने खुद का ये प्रोग्राम निकाला है, मेरे ख्याल से कोई भी चीज गलत नहीं है लेकिन अकॉर्डिंग टू मी, आई वो तो चूस आई वुड चूस प्रैक्टिशनर समबडी हो, इस करंटली, रनिंग, द, बिजनेस, दैट ही टेलिंग यू हाऊ टू रन बिकज वो फील्ड के अन्दर आज भी है और वो रोज गलतियाँ कर रहे हैं, हायरिंग कर रहे हैं, फायरिंग कर रहे हैं, ग्रोथ कर रहे हैं, सोशल मीडिया कर रहे हैं, एड्स कर रहे हैं, डिजिटल मार्केटिंग कर रहे हैं, सब कुछ कर रहे है। तो वो रोज की रोज मर्रा के बिजनेस से साथ जुड़े हुए हैं और आपकी मदद कर सकते तो आई वुड चू प्रैक्टिस्नर, बट ये तीनों टाइप की कोचिंग ठीक है। अब आगे बात की, अगर ये सब कुछ ठीक है तो फेक गुरु कौन है। देखिये फेक गुरु मेरे हिसाब से वो है, जिनको कुछ भी नहीं आता और वो सिर्फ बेच रहे है और वो मेरे ख्याल से वो मात्रा बहुत कम है जिस नजर से मैं देखता हूँ, जिस लें ऐसे में देख रहा हु। इस कोचिंग इंडस्ट्री को पहले भी होता था, पहली बार ये नई इंडस्ट्री नहीं है, द्रोनाचार्य भी कोच थे, पाण्डव भी कोचिंग के लिए गए थे, कौरव भी कोचिंग के लिए गए थे, कोचिंग कब से चल रही है, हम सब कोचिंग के लिए जाते है, जो भी आदमी जिंदगी में कभी कहीं पहुँचना चाहता है वो कोचिंग के बिना आगे नहीं पहुँच सकता। सचिन तेंदुलकर के कोच नहीं है क्या आज विराट कोहली का कोच नहीं है, रफाल का कोच नहीं है, आज हर सक्सेसफुल आदमी का कोच है। और अगर आप सबने सक्सेसफुल होना है तो अकेले जाने की जगह कोच होना मेरे हिसाब से बहुत जरूरी है और कोच को ढूंढना अगेन यूज योर सेंस, नोट योर सेंसिस फॉलोवर दिखा रहे है, लोग अपना घर दिखा रहे है, अगर उसका अपना घर है, उसके अपने खुद के फॉलोवर्स है, बहुत अच्छी बात है इसका मतलब उसका कंटेंट क्रिएशन की तरह दिमाग चल रहा है, वो सब कुछ कर रहे है, लोगो तक पहुँचा है, उसमें कोई गलत नहीं है लेकिन सिर्फ चौन को देख कर पीछे कोई सब्स्टेंस न हो, उसको देख कर आप गलत कोच के हाथ में पढ़ सकते हो तो मेरे खयाल से जिंदगी में हर चीज अपने हाथ में होती है। ओनरशिप हम दूसरों को ब्लेम करने की जगह अगर ओनरशिप अपने हाथ में ले लेंगे न कि आज मेर को स्राइक चोस करना है। अगर आप ये गलत एमबीए कोर्स में चले गए तो गलती किस की आपने 5 कोर्सेज में नहीं गया आपने 10 लोगो से नहीं पूछा इसी हिसाब से जिस तरीके से आप अपने माँ बाप का हार्ड मनी 10 15 लाख रूपए एम, बी, ए या इंजीनियरिंग कॉलेज या मेडिकल कॉलेज में यूज करते है उसी हिसाब से अपने कोचिंग के मनी को भी टाइम लगाइए 5 वेबिनार्स पर जाइए 10 कोच को मिली पंद्रह उनके स्टूडेंट से मिलिये और जहाँ दिल से लगे यार ये बंदा ठीक नहीं है या प्रैक्टिसनर नहीं है दूसरे के पास जाइए थ्री टू सिक् मंच टू डिसाइड हो और कोच इस गोन टू बी बिक दिस गाय हैज। पॉवर टू चेंज और माइंड सेट ऑफ़ लाइफ सो दैट विडियो इन जेनरमेंटोडेआप। मुझे कमेंट करके बताना की आपके हिसाब से 1 फेक और 1 रेल गुरु के बीच में डिसाइफर करने के लिए आप कौन सा फार्मूला उस करते हो। मुझे कमेंट में जरुर बताना थैंक यू वेरी मच फोर वॉचिंग दिस विडियो लुक फोर आवर टू सी यू इन द नेक्ट वन बाय ना।
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