
TCE Kolkata's virtual celebration of India's 74th Independence Day features patriotic performances in Hindi, Bengali, and regional languages. Speakers deliver chants, recitations, and songs honoring freedom and national pride, with references to Bhagat Singh and the slogan Inquilab Zindabad throughout.
Chapters
सर्वरोशित
की तमन्ना अब हमारे दिल में
देखाना है जोर कितला, बाजू एक कातिल में.
इनकलाब जिन्दाबार, इनकलाब जिन्दाबार.
Hello everyone.
Today on this 74th Independence Day, I
have come to share my story with you.
I am Bhagat Singh. I was born in Punjab. I was born in a Sikh family in Punjab on 28th September 1970.
I was brave and courageous to fight for the freedom of my country, India.
साधी नता तुम्ही साधा होसाइन सोहिलानी साधी नता तुम्ही बिजोयेर मला रक्ते पुटाकुरी तागेर बिनी माई छिनी आना रक्तो स्नातो नुरी साधी नता तुम्ही सिसीर भेजा नरम दूर्बा खास लाखो सोहिलेर रक्ते बडा बेदुना
शंकुछेरो बियो बलोता निजिरे अपुमान, शंकुछेरो कल्पुनाते हुयो नम्रियो माना आहा मोक्तो काड़ो भाइ, आपना माझे शक्ति धाड़ो, निजरे काड़ो जया। आहा, संकुछेर भेवलता, निजरे अपुमान।
आमार नाम भारुत पर्शो।
स्टेंगानीरी बुलेते-बुलेते, आमार झाँचेडा बुकेर उपरे, फुटे
उठेछे जेमान चि
तार नाम भारुत परशुर। आमारे प्रतिती रक्तेर फुटा दिये चाबागी चाय, कफी खेती, कोईला खादानी, पहारी अरुन्नी, लेखा
हुईछे जे भादु बाशा।
तार नाम भारुत परशुर। आमार उस्तुर जलशेची आर हारेरी फस्फेटी खुणीर चेऊ रुख्खो कथर माटी ते बोना होईछे जे अन्तोहीन धानु गानेरी शप्नु तार नाम भर्व बर्शो। आमार धान्दा मुखेर उपूर गार्हु हुए जमी आछी भाक्रा नांगालीर पाथुरे बाध
शाधिनता तुमी काजी नजरूल जाक्रचुलेर बाब्रिदोलानु महान पुरुष। स्रिष्टि सुखेर उल्लाशे कापा। शाधिनता तुमी सोहीत मिनारे अमुर एकुषे फेब्रैरीर उज्जल सभा। शाधिनता तुमी पताका सभीतो स्लोगान मुखरो जहाजलो मिछ शाधिनता तुमी रोदेला दुपुरे मुध्धपुकुरे ग्राम्ममेर अबाध शातार। शाधिनता तुमी मजुर जुबार रोदे छुलशितो तक्खो बाहुर ग्रंथेल पेशी। शाधिनता तुमी अन्धोकारी खाखा शिमान तेमुकति शेनार छोखेर छिनी। शाध बटीर छायाइ तोरुन मिधाबिशिक्खारतीर सुनितो कथारे छलशानी लागा सतीज़ भासो। साधिनता तुमी चाखानाई आर माठे मैधानी जोरु संगला।
कैनुचे आछो गोमा मुखो पाने कैनुचे आछो गोमा इरा चाहे ना तुमारे चाहे ना जे, आपनों माईरे नाही जाने। इरा तुमारे किछु देवे ना, देवे ना, मिठ्था कहे तवु कतो की भाने।
शामुगेरी, कांतार, मौरु, दुष्टर, बालाबार। लोग गीते होबे जात्तिवी भीलीदे, रात्तिवी रावतियार। तुलीदेजी तोरी, पुलीदेजे जाल।
पुली आछे माझी बद्ध।
छी आछे बाली, केदरी बेहाली।
अच्छी तारी हुम्मात।
याज़
बोलते जाओनाचिनाच, दालाओन एदवा, हाई, अही
फूल करते बने जाई मठू हहरन। दाराबा, सुमाय जनाई।
छटन पाखी, छटन पाखी, छिछी, मिछी, ताकी, ताकी, पखा जाओ, बले जाओ, सुनी।
एककर नकवब�
दामुदर सेटकी मुर्की मुर्काई चाई बाजा बेटकी आनवे कोट कीछो तमुर्की ते गीयेनो जल पाई गुरी तेके एनो कोई जीयेनो चाजे निते पाँचाबे बौलेर बेटकी चिने बाजे डेट तेके एनतन खरुं चाई काक्रार दिन चाई चाई जे गरुम चा, ना हमारे कर्छा होबे, माता होबे इतकी? मुने देखो, बड़ो मापे कोरा चाई आयेजोर, खलेबोर खाटो ना, धीन, मौन, प्रायेजोर। उजनियो जोरियाते छिलिपीर रेटकी, नमस्कार।
दन्दा मुन नरादी हूँ, एसका शीबाधी हूँ, और तुम्हेरे साथ जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन,
जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन,
जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन, जेहिन,
जेहिन, जेहिन, जेहि
फ़ुटपाते एक मरा छील।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।� गुम्बुच्छी खरे बाश करतो इचील, निजेके जाहिर करतो सुतिखनो चितकारे, हलका हावाये डाना मेले दीतो आकाशेर निले, अनेक के छारिये, एक अक, पृतिपी ठेके अनेक, अनेक। नाये
दान बाये, आली बायार दान अमी
बंगलाई गन्दाई, अमी बंगलाई गन्दाई, अमी आमार अमी केछी रोलिन से बंगलाई खुझे
Thank
you
for watching.
आजा आजा जिन्दुशामियान के तले आजा जरीबाले नीले आसमान के तले जेहो जेहो चक दे चक दे इंडिया
मात्रम्बन्दे
अगर
आपका
අපි ස්තූතියි ස්තූතියි
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