Episode 1: Unlock High Performance with Coach Nayan

High-performance coach Nayan Prajapati explains how NLP techniques like anchoring and reframing help overcome fear and procrastination. He separates fleeting pleasure from sustainable happiness through core values and gratitude practice, which he calls the most powerful habit for lasting performance.
Chapters
अगर किसी को ये चीज की नीड है तो वो कैसे समझे कि मुझे किस तरह से एनएलपी यूज कर के आई कैन बिकम।
अ हाई परफॉर्म स्टेज पर प्रेजेंटेशन देना है या पब्लिक स्पीकिंग करना है तो उनको डर लगता है। परेटशननहीदेपारहे जब हमने उनका कोचिंग किया तो हमने तब क्या किया कि
आपके साथ काम करेंगे तो वो वर्क करेगा। मतलब डिफ्रेंस क्या है क्यूँ नहीं उनके लिए फॉर्मेशन और विजुअलाइजेशन वर्क कर रहे
हैं तो लोग फॉर्मेशन करते हैं, विजुअलाइजेशन करते हैं, लेकिन
प्रोक्रेस्टिनेशन a बिग थिंग नाव के लोग चाहते हैं करना, लेकिन
नहीं कर पारहे सेवेंटी पर्सेंट प्रोफेशनल्स आर डीलिंग विथ ोकास्टिनेशनऐंड डिसीज दी मोस्ट कॉमन एंड डेंजरस सक्सेस ब्लॉक फियर की वजह
से बहुत सारे प्रोफेशनल्स जो हैं वो नहीं ग्रो कर पाते हैं अपने वर्क
प्रोफाइल में, ऐसा भी फिर ऑफ़ जजमेंट चल रहा होता है। अगर मैंने इंग्लिश में नहीं बोला तो मुझे जज करेंगे कि ये देशी है
यूँ इतने सक्सेसफुल लोगों को इतना स्ट्रेस एंग्जाइटी फेयर है द रेड्स आर इनक्रीजिंग पीपल आर इन अ लॉट ऑफ स्ट्रेस
ग्जाइटी अगर मैं आपको स्पेसिफिक आंसर दूं जो मैं खुद एकपीरियंस किया है, मैंने ऑबजर्व भी किया
1 तरह के नेगेटिव सेल्फ टॉक में लोग कंटेंस लूप में
रहते हैं, टी फाइव थाउजन्ड थॉर्ट्सप day me
hello everyone and welcome to a brand new episode of weryswelencepodcast today we have a very special guest coch, nayan prajapati with us, who is a high performance coch, and will be sharing a lot of his inside and college of over twenty years of exp erence from the industry, and from being a coach, so state and watch till the end, because we are going to roll out a lot of power packed in sites, from this episode, welcome coachny to the program, so happy to have you here
today thank you net for having me,
he its a real pleasure, you have spent more than two decades in the corporate before getting into coaching। what has been the journey like and what made you coming to coaching finally
netuoneslyyinrcolling ta yeah i have started my jerneancorporat live, two thousand and seven almost eighteen years, तो पहले से 1 इनर कॉलिंग था, भले ही मैंने अपना करियर स्टार्ट किया था, आज क्वालिटी एश्योरेंस इन क्लिनिकल रिसर्च, क्वॉलिट ऑडिटर मतलब मैं ऑडिटर का रोल प्ले कर रहा था, इन टू थाउजंड नाइन आई शिप्रे करियर फ्रॉम क्वॉलिटी इश्योरेंस तो ट्रेनर तब से अंदर लग रहा था कि यार मुझे कुछ तो ऐसा करना है जहाँ पर मैं कंट्रीब्यूशन कर पाऊं सो। तब मैंने स्टार्ट किया कि क्लिनिकल रिसर्च में जो गाइड लाइंस रूल्स रेगुलेशन है, उसकी ट्रेनिंग करना, तो कंट्रीब्यूशन हमेशा मेरी लाइफ में रहा? मुझे अच्छा लगता है टीचिंग करना, ट्रेनिंग करना, सेशंस कंडक्ट करना, देन इन ट्वेंटी फोर्टीन आई गोट एंड ओपोर्चुनिटी टू लीड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट जिस ऑर्गेनाइजेशन में मैं काम कर रहा था, बट, तब से पता नहीं 1 इनर कॉलिंग चल रहा था, इक आई वॉज ऑन स्टेज आई डोंट, नो वाट ई डोंट नो मतलब कुछ तो ढूंढ रहा था, सबसे बड़ा जो टर्निंग पॉइंट आया वो आया कोरोना के टाइम पे, कोरोना ने हम सबको बहुत सिखाया तो उस टाइम पे, मुझे लगा की इनर कॉलिंग कुछ और बोल रहा है जो इनर कॉलिंग था और जो प्रोफेशल मेरे इदगिदथे कॉरपोरेट लाइ में था तो बहुत सारे प्रोफेशनल को मैं ऑबजर्व भी कर रहा था, मैं एक्सपीरियंस भी कर रहा था, हम टारगेट के पीछे भागते हैं, डेडलाइन के पीछे भागते हैं, सही है इट इज पार्ट ऑफ जॉब और हम एच भी कर रहे होते हैं, अच्छा परफॉर्मेंस भी दे रहे होते हैं। लेकिन कहीं न कहीं 1 पीस नहीं होता है माइंड में, तो वो इनर कॉलिंग और ये पीस को ढूंढना। ये 2 थे जिन्होंने मुझे 1 रास्ता दिखा के यस मैन मुझे कोचिंग की
जर्नी स्टार्ट करनी है, स्टार्ट कैसे हुई आपके कोचिंग की जर्नी क्या किया? आपने कोई ब्रेकिंग पॉइंट था जब आपको लगा कि नहीं this is it and now i really need to move from my। कॉपरेट जर्नी तो कoचing lot of people, आर suffring from this i नाव दे वांट टू डू समथिंग मोर बात उनको समझ नहीं आ रहा है कि कैसे जाए तो आपकी क्या जर्नी रही है।
यू आर एबसोलूटली राइट, बहुत सारे प्रोफेसर्स मैंने देखे के दे, वांट टू डू, समथिंग बट दे आर, नोट एबल टू फाइंड वर्क दे वन टू डू। और फिर अगर पता भी चल गया तो वो कर नहीं पा रहे। तो जैसा की मैंने बताया की करुणा के टाइम पे मुझे थोड़ा टाइम मिला इंट्रोस्पेक करने का। तो मैंने बहुत सारे कोर्स इस ई लर्निंग को कोर्स इसलिए अपने आप में थोड़ा इनवेस्टमेंट किया, लेकिन मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे करना क्या है। तब जाके 1 टर्मिनोलॉजी मेरे ध्यान में आई, वो था कोचिंग था मैं ट्रेनिंग में, लेकिन ये कोचिंग वर्ड लाइव कोचिंग, यह सब कुछ मेरे ध्यान में आया। जब कोचिंग के बारे में मैंने रिसर्च किया तो 1 और टर्मिनोलॉजी ध्यान में आई एन एल पी it is नीरो लेंग्वेज प्रोग्रामिंग। तो फिर थोड़ा मैंने एन एल बी के बारे में सुना समझा पड़ा वीडियोज देखे। और फिर मुझे लगा की अच्छा यही तो है जो मैं ढूंढ रहा हूँ। क्यूंकी हमारे ट्रेनिंग में क्या होता है? जनरल ट्रेनिंग में वी हैव बीन टोल तो एटेंड ट्रेनिंग बट वन वी टॉक। अबाउट कोचिंग लोग हमें अप्रोच करते हैं, उनको कोचिंग चाहिए दूसरा वे आई टॉक। अबाउट ट्रेनिंग तो मैं बहुत सारी ट्रेनिंग कर रहा था, लेकिन ट्रेनिंग में कैसा होता है के एक्ट्रनल फैक्टर ज्यादा समझाए जाते हैं, सिखाया जाता है let me give you जामपल कम्यूनिकेशन स्किल ट्रेनिंग और पब्लिक स्पीक। तो उसमें हम सीखते हैं कि आपका बॉडी लैंग्वेज कैसा होना चाहिए योर फेशियल एक्प्रेशन आई कांटेक्ट सो i believe it is nedेडefinitलy नीडेड। लेकिन मैं ढूंढ रहा था कुछ इनर वाला, जैसे फियर है पब्लिक स्पीकिंग का, तो वो कैसे दूर करना है क्यों न मैं अपने कोर्स में यह डालू। तो ये एनएलपी जब मेरे ध्यान में आया तब मुझे लगा कि अभी तक मैंने क्लिनिकल रिसर्च के बारे में पढ़ा है बाय क्वॉलिफिकेशन आम बेच फार्मस तो फार्मसी, फार्मा वो सब पढ़ रहा था लेकिन तब मुझे लगा कि नहीं यार अगर साइकोलॉजी को थोड़ा समझा जाए न तो प्रोडक्टिविटी और पीस दोनों हमें साथ में मिल सकती है और उसके लिए नीरो लिंग्वस्टिक प्रोग्राम 1 अच्छी स् मोडालिटी है जो मुझे सीखने में इंट्रेस्ट आया तब मैंने यह डिसीजन लिया के एन एल पी सी के में लाइफ कोच
बनना चाहता हूं बहुत सारे कॉर्पोरेट में जो प्रोफेशनल्स हैं उनको हाई परफॉर्मेंस की नेट होती है राइट एंड यू आर अ हाई परफॉर्मेंस कोच स हाऊ डू यू यूज n एलपी फॉर हाई परफॉर्मेंस अगर किसी को ये चीज की नीड है तो वो कैसे समझे कि मुझे किस तरह से एनएलपी यूज करके आई कैन बिकम अ हाई परफॉर्मर बिकाज लीडरशिप में यह स्किल बहुत ज्यादा रिक्वायर होता है सो हव दू समवन अंडरस्टैंड मुझे एनएलपी यूज करना है तो बिकम हाई परफॉर्म कैसे हेल्प करोगे आप देखो उसके
लिए पहले सिम्पली समझना पड़ेगा कि एन एल पी है क्या its nero लिंग्विस्टिक प्रोग्राम हर 1 वर्ड को वन बाई वन समझते हैं newरोमतलब आपके थॉट्स आपके इमोशन के lagaजकomionso there र थ्री लेवल सब कम्यूनिकेशन न न्यू आर कम्युनिकेटिवित वर्ल्ड body language facial expression i contect level to venue communicate with yourself and level the wenयूकmunicatwith univers य हो गया लैंगवेज मतलब कम्यूनिकेशन का पार्ट है थर्ड इस प्रोग्रामिंग मतलब आपके बिहेवियर आपकी हैबिट आपके एक्शन तो ये है लैंग्वेज प्रोग्राम तो हम 1 लाइफ में हमारे 5 एरिया अलग अलग होते हैं तो हम हर 1 एरिया में अपना हाई परफॉर्मेंस एचीव कर सकते हैं नोट नली प्रोफेशनल लेकिन बाकी सारे लोग भी एच व कर सकते हैं जैसे की हेल्ड हो गया, रिलेशनशिप हो गया मनी है अपना पर्सनल डेवलपमेंट है तो ये सब एरिया में एनएलबी में कैसे काम आ सकता है कि हम 1 स्टेट पे दिस इज आवर कारण स्टेट एंड दिस इज आवर डिजायर स्टेट तो हम अपने थॉट इमोशन फीलिंग को कैसे कम्यूनिकेशन करके कम्यूनिकेशन विथ वर्ल्ड कम्यूनिकेशन विथ योर सेल्फ कम्यूनिकेशन विथ यूनिवर्स कैसे कम्यूनिकेट करके आप री प्रोग्रामिंग करके आपके बिहेवियर में आपके एक्शन में वो कैसे चेंजेस ला सकते हो ताकि आप 1 कारण स्टेट पर हो और आपको डिजायर स्टेट अचीव करना है जो भी है हाई परफॉर्मेंस अचीव करना है वो आप ऐसे एचीव कर सकते हो
कोई एग्जाम्पल दे सकते हैं आप जिससे मुझे ज्यादा क्लैरिटी आए कि इफ सपोज करोगी मैं कॉरपोरेट प्रोफेशनल हूं और मुझे हाई परफॉर्मेंस की नीड है तो वो क्या होगा मेरे साथ स्टेप बाय स्टेप जिससे मुझे लगेगा कि हां नो दिस इज फॉर मी and this will help me get माई डिजायर्ड आउट कम विच स हाई परफॉर्मेंस भी किसलिए चाहिए टू ग्रो अप इन कार्य तो अगर मुझे करियर में ग्रो करना है, आई हैव टू बी परसीव हाई परफॉर्मर वांट टू बी हाई परफॉरमर तो मुझे स्टेप बाय स्टेप क्या करना पड़ेगा देखो बहुत सारे
ऐसे एग्जाम्पल है मेरे बहुत सारे क्लाइंट्स ऐसे हैं जिनको वो प्रोफेशनल कॉरपोरेट में काम करते हैं उनको हाई परफॉरमेंस चाहिए कोई न कोई स्किल डेवलप करने के लिए जैसे की आपको 1 एग्जांपल 2 के मेरे क्लाइंट सीनियर पोजीशन पर तो उनको कभी कभी ऐसा होता था कि स्टेज पर प्रेजेंटेशन देना है या पब्लिक स्पीकिंग करना है तो उनको 1 डर लगता था फियर फेक्टर आता था बीच में तो वह प्रेजेंटेशन नहीं दे पा रहे थे जब हमने उनका कोचिंग किया तो ये जो मैंने बताया लैंग्वेज कम्युनिकेशन वाला पार्ट तो उनके माइंड में 1 ऑडियो चल रहा था मुझे डर लग रहा है इतने लोगों के सामने मैं कैसे बोल पाऊंगा तो हमने उस पोर्शन पर काम किया जैसे एनएलपी में बहुत सारी टेक्निक आती है एंकरिंग आती है रिफ्रेमिंग है तो हमने तब क्या किया कि उनका जो फियर फैक्टर था उसको रिप्लेस कर दिया वित कॉन्फिडेंस और हमने एंकरिंग टेक्निक अप्लाई किया है थोड़ा बहुत रिफ्रेमिंग भी अप्लाई किया तो जैसे की आप प्रोफेशनल सो और आपको ये फिर आ रहा है प्रेजेंटेशन देने में तो आपके माइंड में जो ऑडियो चल रहा है उस ऑडियो पर आप एन एल पी टेक्निक अप्लाई करके प्रेजेंटेशन करने का जो फियर है वो रिमूव कर सकते हो जैसे कि ऑडियो आ रहा है क्या आ रहा हैं ऑडियो मुझे डर लगेगा मैं फेल हो जाऊंगा तो तो उस ऑडियो को या तो आप लो कर 2 या उस ऑडियो को आप 1 फनी कैरेक्टर का कॉमेडी कैरेक्टर का वायस दे 2 ऐसे करके आप बहुत सारी एनएलपी टेक्निक अप्लाई करके उस फीयर को रिप्लेस कर सकते हो वित कॉन्फिडेंस और हाई परफॉरमेंस कर सकते हो ये
रिप्लेसमेंट होती कैसे है जैसे मैंने आपको
1 एग्जाम्पल दिया एंकरिंग टेक्निक है तो कई बार कैसा होता है कि हमारे पास्ट की कुछ मेमरीज होती है हमारे कुछ एकपीरियंस होते है तो वो एक्सपीरियंस की वजह से वो जो मेमरी है उसमे शायद कोई फिर आया है जैसे मेरे 1 प्लान थे तो उनको स्कूल टाइम पे उनके टीचर ने बोल दिया कि तुम लाइफ में कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे तुम स्टेज पर तो कभी बोल ही नहीं सकते और ऐसे इंसीडेंस उनके साथ 23 बार हुए तो अभी ये मेमरी 1 स्ट्रॉन्ग मेमरी उनके सब कांसेस माइंड में बन गई। अभी हमें क्या करना है एनएलपी की टेक्नीक अप्लाई करके वो जो मेमरी है या तो उसको डिसोसिएट करना है या दिन से एम्पॉवर करना है तो यहाँ पर हम एंकरिंग टेक्निक लगा के वो जो मेमरी है या तो उसका वाडियो जो आ रहा है उसको डल करना है मतलब उसका वॉल्यूम हमें कम करना है कि आती है जैसे थम टेक्निक तो उसमे वो वॉल्यूम आ रहा है उसकी वॉल्यूम की वजह से उसकी जो फीलिंग ट्रिगर हो रही है फिर की धीरे धीरे वो वॉल्यूम हम डाउन करते हैं फिर हम उसको विजुलाइजेशन करवाते हैं कि वो जो woल्यूmरहहैआपऐसे व्यजलाइज करो कि वो जो आवाज है वो किसी फनी कैरेक्टर की आ रही है कोई कॉमेडियन की आ रही है जहाँ पर उसका मतलब ट्राय करते हैं कि फील्ड फैक्टर धीरे धीरे जाए 1 आवाज एम्पॉवरमेंट वाली देते उसको देते हैं कि आप फील्ड करो के आप कॉन्फिडेंस में हो या कोई ऐसा इनसीडेंस याद करो जहाँ पर आपने कुछ अचीव किया है जब आपका कॉन्फिडेंस लेवल हाई पे है तो मतलब जो पुराना इंसीडेंस था उसके साथ एसोसिएशन था फिर का हमने क्या किया कि नया इनसीडेंस ये इसको डिसोसिएट कर दिया या डिसंपरडिसएमपावर कर दिया और जो नया एक्सपीरियंस है जहां पे उसको कॉन्फिडेंस आ रहा है उसको वहां पर एसोसिएट कर दिया अपने प्रेजेंटेशन स्किल के साथ तो प्रेजेंटेशन के साथ पहले था फिर अभी प्रेजेंटेशन के साथ है कॉन्फिडेंस तो इसको डिसोसिएट किया, डिसंबर किया और नई मेमरी या नई कॉन्फिडेंस से उसको यहाँ पर
एसोसिएट किया ये वर्क करता है मतलब और अगर करता है तो लॉजिक क्या है इसका वर्क करने का यह वर्क
करता है और इसके पीछे का लॉजिक बताता हूं जैसे मैंने एन एल पी में आपको बताया न्यूरो लिंगेसी प्रोग्राम लैंग्वेज में बताया मैंने बताया कि देयर आर थ्री लेवल सब कम्यूनिकेशन उसमें लेवल वन तो हम बहुत बार सीखते हैं लेकिन लेवल टू जो है वेन्यू कम्यूनिकेट वित योर सेल्फ अनफॉर्चुनेटली वी हैव नोट बीन डॉट जब हम अपने आप से कम्युनिकेशन करते हैं तो वो टोन कैसा होना चाहिए, वो वर्ड्स कैसे होने चाहिए और लेवल थ्री कoम्यuniकaशnlेवl थ्री वेन यू कम्यूनि लेवल टू की अगर हम बात करें तो आपने ऐसी बहुत सारी बुक देखी होगी हाऊ टू इन्फ्लुएंस, पीपल, हाऊ टू थिंग positive सेवnhेबिटस of hilीefective people, क्या कभी आपने ऐसी बुक देखी हाऊ टू
थिंग नेगेटिव why because its easy to
think negative एक्ली वी आर मास्टर ने हमें सीखने की जरूरत नहीं है इसीलिए ऐसी बुक मार्केट में नहीं तो 1 तो सेल्फ टॉक हमें किसी ने सिखाया नहीं है दूसरा सेल्बटॉक इज नेचुरली बायस negative नेगेटिव, सेल्फ टॉक हमेशा नेगेटिव आटोमेटिकली हो जाती है तो हमें काम करना है लेवल टू के हम जो सेल्फ टॉक कर रहे हैं अपने से जो बातचीत कर हे हैं क्या वो नेगेटिव है जैसे की मैंने आपको एग्जाम्पल दिया प्रेजेंटेशन वाला तो वहाँ पे जो मेरे क्लाइंट थे वो अपने आप से सेल्फ टॉक बार बार यही कर रहे थे नोट न म नोट एबल टू डू, इट मैं सबके सामने बोलूंगा तो क्या होगा मेरे सिमस्टेक हो जाएगी इंग्लिश में बोला, हिंदी में बोलो फेल हो गया तो ये ऑडियो उनके माइंड में चल रहा है और ये सब कुछ सब कांशेस लेवल पर हमारे सब कांशस माइंड में 3 ही डेटा होते हैं इधर, ऑडियो, विजिवल और फीलिंग। अभी उनके केस में हो रहा था ऑडियो मतलब बार बार ये आवाज आ रही थी what if i fail, फिरो फेलर फिर रिजेक्शन है हमे उस ऑडियो पर सेल्फ टॉप पर काम करना है तो एन एल पी की जो मैंने बताया अलग अलग टेक्निक्स होती है हम टेकनिक है रीफ्रेमिंग है जहा पे हम लैंग्वेज पर काम करते हैं स्विच टेक्निक है जहाँ पे हम आइडेंटिटी पर काम करते हैं तो यह टेकनिक सारी अप्लाई कर के वो जो ऑडियो आ रहा है वो ऑडियो जो डेटा माइंड में पढ़ा है वो डेटा हमें या तो रिमूव कर देना पड़ता है या उसको ऐसे डिसपार कर देते है। वो पढ़ा है तो भी मुझे फर्क नहीं पड़ेगा और फिर मुझे नया डेटा डालना है जहाँ से उसको कॉंफिडेंस आए। तो जो मैंने बताया की जहाँ पर वो कॉन्फिडेंस फील कर रहा है तो वो डेटा से मुझे उसको रिप्लेस रिप्लेस करना है तो बहुत सारी एनएलपी की टेक्निक है जहाँ पर हम या तो थॉट प्रोसेस पर काम करते हैं यूरोप पे, थॉर्ट्सपे इमोशन पे, फीलिंग पे या लैंग्वेज पर काम करते हैं और फिर भी प्रोग्रामिंग करते हैं।
इंटरस्टिंग अभी बहुत सारा कॉंसेप्ट्स आ गया है एफर्मेशंस का, विजुअलाइजेशन का। लेकिन बहुत सारे लोग इसको कर रहे हैं करने के बाद इस नोट वर्किंग फॉर देम देन। दे से दिस डज नोट वोर्क तो वहां पर क्योंकि आपने भी जो कहा 1 तरह से विजुवलाइजेशन कहा लेकिन क्यों उनके लिए काम नहीं कर रहा है। एंड क्यों आपके साथ काम करेंगे तो वो वर्क करेगा। मतलब डिफ्रेंस क्या है क्यों नहीं उनके लिए एफर्मेशंस और विजुलाइजेशन वर्क कर रहे हैं। एंड कैसे कोचिंग से यह वर्क कर सकता है।
देखो सीपऑफॉर्मेशन और विजुलाइजेशन से कुछ नहीं होगा हमें साथ में फीलिंग को भी लाना पड़ेगा। जैसे मोर बोला के सब कांशस। माइंड में 3 टाइप के डेटा होता है ऑडियो, विजुअल और फीलिंग। और चौथा कोई डेटा नहीं होगा।
आप सोचो मां सेंसरी ऑर्गंस हैं तो यही होगा हा आई नो स्टफ, टच स्किनर।
तो या तो कोई मेमरी है आपके माइंड में कुछ पुराना याद करो तो या तो आप कुछ इमेज दिख रही है, कुछ वीडियो दिख रहा है या तो आपको कुछ आवाज आ रही है और अगर वर्ड्स है तो वर्ड भी तरीके से उसको गिन लो ओरियो है या कुछ फीलिंग आ रही है तो लोग फॉर्मेशन करते हैं, विजुलाइजेशन करते है लेकिन फीलिंग मिस कर जाते हैं। अगर उसके साथ फीलिंग भी आप असोसिएट करोगे तो आपको रिजल्ट मिलेगा और उसके ऊपर 1 और चीज सिवापफॉर्मेशनकरो विजुलाइजेशन करो। लेकिन एक्शन नहीं लोगे तो कुछ नहीं होगा साथ में एक्शन भी रिक्वायर है आपका इंटेंशन क्या है वो इंटेंशन भी रिक्वायर है। मतलब 1 पूरा प्रोसेस होता है। जैसे अभी हम बहुत बात करते हैं मैनीफेस्टेशन की तो मैनीफेस्टेशन भी 1 प्रोसेस है एन एल बी भी काम करता है मैनीफेस्टेशन में जो डिजायर रिजल्ट अचीव करना है तो उसका 1 प्रोसेस है कि आपका इंटेंशन क्या है साथ में आपका ये व्यूजुलाइजेशन ऑफार्मेशन फीलिंग एक्शन लेना है वो पूरा प्रोसेस जब तक आप फॉलो नहीं करोगे। जैसे मैं अभी आपको बताऊं कि 1 न्यूरोलॉजिकल अलाइनमेंट हमारा होता है सबके नीचे आता है एनवायरमेंट आप कौनसे एनवायरमेंट में काम कर रहे हो चाहे वो आपका घर हो या ऑफिस है। उसके ऊपर आपका 1 बिहेवियर है जैसे कि आप 9 बजे वर्चुअली कनेक्ट करते हो या साढ़े 10 बजे चाय पी लेते हो। फिर 1 बजे का लंच होता है बिहेवियर आपका बन गया 1 पैटन आपकी बन गई है उसके ऊपर है स्किल या कैपेबिलिटी। तो आप जो भी काम करें उसमें आपकी क्या स्किल है कम्यूनिकेशन स्किल है, कोडिंग की, स्किल है फिर उसके ऊपर है आपकी वैल्यू आपकी कोर वैल्यूज क्या है, सबकी कोर वैल्यू अलग अलग हो सकती है। किसी का क्रिएटिविटी है, किसी का फ्रीडम में, किसी का फैमिली है, किसी का मनी है, फिर है बिलीव सिस्टम। आपकी बिलीफ क्या है जो भी जिस एरिया में, जिसे अनवाइनमेंट में आप काम कर रहे हो या जो गोल आप एच यू करना चाहते हो उसके ऊपर है आपने आइडेंटिटी मतलब आई एम के बाद जो लगाते हैं वो आपके आइडेंटिटी है और फिर उसके ऊपर आता है गोल ये सब कुछ जब तक अलाइनममेंनहींहोगा न तब तक ये विजुलाइजेशन फॉर्मेशन काम नहीं करेगा लेट मी गिव, यू इन सिम्पल एग्जाम कई लोगों को मैंने देखा की उनका गोल है आई वांट टू बिकम रिज
सबका गोल है सबका गोल
है सो, आई वॉंट टू बिकम रिच, यह उनका गोल है और उनकी बिलiफमें कहीं न कहीं ऐसा है रिज people आर नॉट गुड पैसे के पेड़ पे है रिज पीपल आर नॉट गुड और उनकी बिल में ऐसा है आ गुड देखो मैं फिर से रिपीट करता हूँ गोल इज आई वांट टू बिकम रिच, बिलीफ सिस्टम म गुड, पर्सन सोरी आइडेंटिटी म गुड और बिलि बना के रखिये रिज पीपल आर नॉट गुड, अभी रिज पीपल आर नोट गुड गुड और मुझे आइडेंटिटी मुझे गोल बना के मैंने रखा है वन टू बिकम रिच मतलब ये अलाइनमेंट ही सही नहीं है कॉन्फ्लिक्ट कान्फ्लिक्ट आ रहा है। तो जब हम कोचिंग करते हैं तो पहले हम ये न्यरोलॉजिकल अलाइनमेंट चेक करते हैं आपका जो भी गोल है हाई परफॉरमेंस जो जिस भी एरिया में आप करना चाहते हैं वो मनी है आपका करियर जॉब पर्सनल डेवलपमेंट है, हेल्थ है, रिलेशनशिप है कुछ भी है तो उसमें आपके गोल में सारे अलाइनमेंट में पहले आप कौन से स्टेट पे हो आपका करंट स्टेट क्या है और ये आपका डिजायर स्टेट है तो कहां पर मिस अलाइनमेंट हो रहा है क्या वो आइडेंटिटी लेवल पर है? क्या वो बिलीफ लेवल पर है। वैल्यूज को हमें आइडेंटिफाई करनी होती है कई बार हमें कोर वैल्यूज ही नहीं पता होती है तो ये मिस अलाइनमेंट जहाँ पर आडेंटिफाई होता है वहाँ पर हमें एन एल पी की टेक्निक अप्लाई करनी होती है और अलाइनमेंट को ठीक
करना होता है अंडरस्टूड और बहुत सारे अभी जैसे आपने बोला एक्शन लेना होता है तो लोगों का कम्पलेन ही यही है कि हम एक्शन मोड में नहीं आ पाते मैं बहुत प्रोक्रैस्टिनेट करता हूँ या करती हूँ तो वहाँ पर कैसे हम लोग एनएलपी को यूज करें बिकॉज प्रोक्रेस्टिनेशन हज बिकम अ वेरी बिग, थिंग नाव कि लोग चाहते हैं करना लेकिन नहीं कर पा रहे हैं क्यों हो रहा है यह और इसका सलूशन क्या
है आपने एकदम सही बताए प्रोफेशनल्स की अगर मैं बात करूं सिक्स्टी टू सेवेंटी परसेंटेज प्रोफेशनल्स आर डीलिंग विथ प्रोकास्टिनेशन एंड दिस इज द मोस्ट कॉमन एंड डेंजरस सक्सेस ब्लॉकर बहुत सारे एम्प्लॉय, बहुत सारे प्रोफेशनल्स, ये जो चैलेंज है वो फेस कर रहे हैं। तो प्रोकास्टिनेशन है क्या? पहले तो ये समझना पड़ेगा प्रोकास्ट िनेशन है क्या डीलें द टास्क। अब जो टास्क डीले करते हैं वो प्रोकास्टिनेशन है। तो प्रोकास्टिनेशन को अगर सॉल्व करना है तो उसके लिए पहले हमें प्रोकास्टिनेशन की साइकोलॉजी समझनी पड़ेगी, अपने माइंड की साइकोलॉजी समझनी पड़ेगी। तो माइंड हमारा 1 प्रिंसिपल पर काम करता है जिसको हम बोलते हैं, पेन प्लेजर, प्रिंसिपल, माइंड हमारा क्या करता है, पेन को अवॉयड करता है और प्लेजर जो आता है वो उसको अट्रैक करता है मैक्सिमाइजेशन और प्लेजर एंड मिनीमाइज पेन हेडोनिक पैराडाइम जिसको बोलते हैं तो कोई भी टास्क है आपका जिसमें आपको और वो भी फर्स्ट ऑर्डर सीक्वेंस और सेकंड ऑडर सीक्वेंस, हमारा माइंड इतना ज्यादा कुछ नहीं है फर्स्ट ऑर्डर सीक्वेंस में जो आएगा उसके ऊपर डिसीजन ले लेगा मतलब के फर्स्ट ऑर्डर में पहले क्या दिख रहा है, प्लेजर है या पेन है, प्लेजर होगा तो एक्सेप्ट कर लेगा, पेन होगा तो उसको अवॉयड करेगा जैसे कि बहुत सारे लोगो ने अपना 1 टारगेट बनाया कि मुझे हेल्थ पे काम करना है, जिम जाना है वर्क आउट करना है। तो देखो अगर आप जिम ज्वाइन करते हो या वर्कआउट स्टार्ट करते हो तो सबसे पहले क्या आता है, पेन आता है और प्लेजर आता है, पेन आता है आप पेन आएगा, आपके एक्सरसाइज करोगे, आपके मसल्स ब्रेक हो गया, मसल ब्रेक होगे तो पेन होगा और विदिन तो विक्स में आपको रिजल्ट ही देखेगा। आपका गोल है के मुझे एक्सरसाइज करके थोड़ा बॉडी शेप में लाना है, बॉडी शेप में लाऊंगा तो मेरे बाजू के लोग इंस्पायर होगे, मैं थोड़ा अच्छा दिखूंगा गोल है लेकिन जब आप एक्सरसाइज स्टार्ट करते हो तो पहले तो 20 कंफर्ट आता है, न, पेन आता है, सुबह जल्दी उठना पड़ेगा वही सबसे बड़ा पेन है, फिर जिम जाना है या घर पे वर्क आउट कर रहे हो तो वो एक्सरसाइज करना टाइम निकालना और उसके बाद मसल पहले ब्रेक होते हैं, वो पेन है और वो भी 1 दम सिर्फ पंद्रह दिन में या 1 महीने में रिजल्ट नहीं देखेगा वित कंसिस्टेंसी आपको 3 महीने के बाद थोड़ा लगेगा की। अच्छा मेरा बॉडी भी शेप में आ रहा है तो माइंड क्या करेगा कि उसका फर्स्ट ऑर्डर कंसीक्वेंसीज में पहले दिखा पेन और जो रिजल्ट मेरा टारगेट है जो गोल है कि मुझे अच्छे शेप में आना है वो तो सेकंड ऑर्डर शायद 2 महीने बाद, 3 महीने के बाद आएगा तो पेन पहले है, प्लेजर बाद में है, माइंड क्या करेगा उसको एवॉर्ड करेगा। ऐसे ही बहुत सारे प्रशन प्रकाशन इसलिए करते हैं मतलब बहुत सारे प्रोफेशनल को पता है कि आम इंटू, दिस रोल, सो, इफ, आई रियली, वन टू, गेट हाई परफॉमेंस आई हैव। टू डेवलप सम, शॉट, प स्किल्स। लेकिन स्किल एड करने के लिए सीखने के लिए पहले उनको एफर्ट्स लगाने पड़ेंगे, अपने कंफर्ट जोन से बाहर आना पड़ेगा कुछ पेन लेना पड़ेगा माइंड क्या करेगा, वो जो पेन है उसको तो पहले अवॉर्ड करेगा, रिजल्ट जो है प्लेजर वो बाद में आएगा। जब मैं स्किल सीख लूंगा, अपने आप में, कॉन्फिडेंस में पा लूंगा, फिर मेरा प्रमोशन होगा या चीज दूसरी जॉब मिलेगी या मुझे पैसे, मिलेंगे ज्यादा मिलेंगे तो पहले आ रहा है, पेन, बाद में आ रहा है प्लेजर इसलिए जनरली माइंड प्रोकास्ट ट करता है वो टास्क को अवॉर्ड करता है और उसके बहुत सारे रीजन भी हो सकते हैं।
1 टिप दीजिए मुझे अगर किसी को प्रोक्रेस्टिनेशन से बाहर आना है सेव फॉर एग्जांपल आम प्रोक्रेस्टिनेटिंग ऑन डूइंग समथिंग t work that i रियली नीड टू डू क्या करना चाहिए मुझे वैसे बहुत सारे
एनएलपी टेक्निक है अगर टाइम मिला तो हम एनएलपी टेक्नीक के बारे में डिस्कस करेंगे लेकिन अभी 1 क्विक आपको टीप चाहिए और अगर हमारे ऑडियंस को टीप चाहिए तो प्रोकास्ट नेशन के लिए मैं आपको 1 स्ट्रैटेजी दे सकता हूं ए आई ए आप अभी नोटबुक में लिख 2 ए आई ए यहाँ पर a है एक्सेप्टेंस अवेरनेस आप प्रोकास्टिनेशन कर रहे हो सबसे पहले तो आप कोलेज कर लो या अवैर हो जा मैं बोलू न सबका सबसे बड़ा प्रॉब्लम यह है एक्सेप्ट नहीं करते, एक्सेप्ट नहीं करते, या तो अवर नहीं होते, कई लोग तो अवैर हो जाते न। अंदर से एक्सेप्ट नहीं कर हे शायद उनका बीच में आ रहा है, मैं बहुत अच्छा प्रोकास्ट नेटर था आई वॉज ऑनेस्ट प्रोकास्टिनेटर क्योंकि मेरे में भी मैं नहीं उसको ब्रेक कर पा रहा था, क्योंकि सबसे बड़ा स्टेप पहला जो स्टेप है वो मैं नहीं कर पा रहा था, मैं कभी एक्सेप्ट नहीं कर पा रहा था, अवैरनेस थी अवेरनेस आई डोंट नो मतलब। मुझे पता नहीं था कि या तो अवैरनेस नहीं थी या एक्सेप्टेंस नहीं था, शायद एक्सेप्टेंस नहीं था, क्यूँ क्यूंकि जो मैंने बताया कि प्रो कास्टेशन के बहुत सारे रीजन हो सकते हैं, तो जो सबसे बड़ा रीजन है वो है। फिर मेरे में वो था, लेकिन मैं कभी उसको एक्सेप्ट नहीं कर पाया, क्यों एक्सेप्ट ही कर पाया। मुझे ऐसा लगता था कि यार मैं एम द हेड ऑफ ट्रेनिंग डिपार्टमेंट, इतने सारे एम्प्लोय का ट्रेनिंग में हैंडल कर रहा हू। अमदाबाद है, वडोदरा है, नोएडा है, बॉम्बे है, यू एस, ए, कनाडा इन सब जगह पर मैं ट्रेनिंग करता हूं। इतने सारे लोगों के सामने मैं पब्लिश स्पीकिंग कर सकता हूँ क्या मेरे में फियर हो सकता है? वो 11 मेरा क्या बोले वो माइंडसेट था जो मुझे कभी एक्सेप्ट नहीं करने दे रहा था कि फिर है। मुझमें भी क्यूंकि मैं अपना कोचिंग जर्नी स्टार्ट करना चाहता था। लेकिन शायद फिर ऑफ़ फेलर आ रहा था, जजमेंट आ रहा था, फिर ऑफ रिजेक्शन आ रहा था, तुम्हें कभी एक्सेप्ट नहीं कर पा रहा था कि यह फिर है। मुझ में तो बहुत सारे लोग पहले स्टेप पर अटके पड़े एक्सेप्टेंस और मैं हमेशा से बोलता हूँ, एक्सेप्टेंस इस दे फiर्स्tटेपऑफ इम्प्रूवमेंट आप पहले एक्सेप्ट कर लो के मैं कहाँ पे प्रोकास्टिनेशन कर रहा हूँ के यह है जो मैं प्रोकास्टनेट कर रहा हूँ में मतलब लिखने के बाद आप जैसे न तो वो आपके माइंड से बॉडी से डिटेच हो के पेपर में आ जाता है, दिखने लगता है, दिखने लगता है। फिर आपने उसको 1 ऑडियो दे दिया, शेर दे दिया, फीलिंग दे दिया जो एलबी में बता रहा हूँ तो डिटेच हो गया है, उससे थोड़ा बहुत डिसेस्टहोगएहोएक रिलेक्स मिलता है। तो वो पहला स्टेप है एक्सेप्टमेंट नेक्स्ट इज, इंटेंशन आई, अभी लिखो आप के आप जो ये काम करना चाहते हो, टास्क करना चाहते हो, उसका इंटेंशन क्या है? वाई वाई डू, यू वांट टू डू, दिस टास्क, फिर लिखो गेम ऑफ डूइंग, दिस टास्क। अगर आप ये टास्क करते हो तो उसके क्या क्या एडवांटेज से क्या क्या गेन और उसको डीटेल में लिखो। जैसे की अगर आप हेल्थ पर काम करना चाहते हो, चलो मैं हाई परफॉर्मेंस कोच हूं तो मैं कुछ हाई परफॉर्मेंस रिलेटेड एग्जाम्पल दे दूं। जनरली मेरे पास जो ज्यादा क्लाइंट आते हैं तो उनको या तो पब्लिक स्पीकिंग से डर लगता होता है या मीटिंग में सबके सामने बोलने से डर लग रहा होता है या कुछ नया स्ट टार्ट करना है तो डर लग रहा होता है। तो पब्लिक स्पीकिंग से, अगर आपको डर लग रहा है ये मेरा गोल है पब्लिक स्पीकिंग करना, इंटेंशन में लिखो वाह वाह क्यों पब्लिक स्पीकिंग करना चाहते हो तो अगर मैं पब्लिक स्पीकिंग करूंगा तो शायद मेरी रिच बढ़ेगी लोग, मुझे एक्नोलॉजकरेंगे मैं अपनी टीम को मोटीवेट कर, पाऊंगा एनकरेज कर, पाऊंगा पब्लिक स्पीकिंग। अगर मैंने अच्छे से कर पाया तो मेरा प्रमोशन होगा मेरी सैलरी बढ़ेगी या मैं अपना नया बिजनेस स्टार्ट करना चाहता हूँ तो वो कर पाऊंगा। जितने भी एडवांटेजिस आपको लग रहा है पहले लिख लो, इसको बोलते हैं गेम ऑफ डूइंग, फिर लिखो पेन ऑफ नोट डोइंग नहीं करोगे तो क्या होगा? और वो भी हो सके इतने डीटेल में लिखो कि नहीं करूंगा। तो मैं अपनी टीम के साथ पाऊंगा, अपने बॉस के साथ कम्युनिकेशन नहीं कर पाऊंगा, क्लिक के साथ कम्यूनिकेशन नहीं कर पाऊंगा, प्रमोशन नहीं होगा, प्रमोशन नहीं होगा। तो ये जो घर का चल रहा है, मुझे पैसे चाहिए वो सब कुछ नहीं होगा, मेरा करियर जो भी जितना आता है वो लिखो। तो यहाँ पे आई, पी आपने ले लिया। वाय इंटेंशन क्या है यह नया टास्क करने का। गन ऑफ डूइंग, पेन नोट डूइंग, वो भी आपने लिख लिया, ये हो गया। a आई लास्ट है एक्शन जो बहुत सारे लोग मिस करते हैं, यहाँ तक पहुँच जाते हैं। एक्सेप्ट भी कर लिया, इंटेंशन भी लिख दिया। फिर आप जो बोलते हैं फॉर्मेशन विजी लाइजेशन, उसके आगे लोग है, एक्शन में अटक जाते हैं और एक्शन में भी लोग गलती क्या करते हैं और वेलिंग एक्शन ले लेते हैं। हमारा माइंड ट्रेन नहीं है, जितने भी सक्सेसफुल पर्सन हैं या जो हाई परफॉर्मर्स है उन्होंने 1 स्किल एड अप किए, उस स्किल को बोलते हैं टू बी, इन, मोमेंटम, क्या वो बोर नहीं होते क्या उनको भी ऐसा नहीं होता? आज नहीं कल करता उनको भी ये फीलिंग आती है। लेकिन उन्होंने 1 स्किल एड प कर लिए जिसको बोलते हैं मोमेंटम में रहने की स्किल जो नेक्ट है हमारा एक्शन तो हमारा माइंड कभी भी पूरा प्लान विजुलाइज नहीं कर पाता है। आपने अगर प्लान किया है कि मुझे वर्क आउट करना है तो पहले आप 1 छोटा सा एक्शन लो। जैसे कि आप 1 छोटा सा एक्शन विजुलाइज करो कि मैं कल कुछ भी हो जाए जिम जाऊंगा बस इतना ही और कुछ ज्यादा प्लान नहीं करना है जितना बड़ा विजुलाइज करोगे आपका माइंड में पहले आयेगा फर्स्ट ऑर्डर कौनसी कौनसी में पेन आएगा वो आपको रोक देगा तो सिर्फ इतना प्लान करो की मैं सिर्फ जिम जाऊंगा फिर बरी भी जिम में जाकर मैं इंस्टाग्राम रेल कॉल करूंगा बाकी सबको देखूंगा फिर जब आप जिम जाओगे वहाँ पे आपको लगेगा मैंने फर्स्ट टास्क कंप्लीट किया जैसे आप फर्स्ट टास्क कम्पलीट करते हो 1 सेरेटनी रिलीज हो जाता है आपको 1 फूल मिल जाता है और ये फूल आपको काम में आता है ने जो नेक्ट टास्क है वो परफॉर्म करने के लिए फिर आपको लगेगा आ गया और थोड़ा वॉकिंग कर लेता
तो पहले वाले एक्शन पर ध्यान देना
पहले वाले एक्शन पर ध्यान 2 सिर्फ उसको विजुलाइज करो पूरा प्रोजेक्ट विजुलाइज मत करो उसको विजुलाइज करो और वो भी छोटा होना चाहिए 2 मिनट या 5 मिनट का बहुत बड़ा नहीं बस जूते
पहन के जिम पहुँचा बस इतना कर लो, सिर्फ सिर्फ जूते पहन लो, बस
सिर्फ जूते पहन लो और जिम चले जाओ और कुछ विजुलाइज नहीं करना क्योंकि ये आपके माइंड को क्या लगेगा ये तो छोटा टास्क है इसमें कोई पेन नहीं है तो वो एक्सेप्ट कर लेगा उसको जैसे ही लगेगा यह पेन है वो एक्सेप्ट नहीं करेगा और जैसे आप पहला टास्क कम्पलीट कर दोगे न तो 1 फ्यूल जनरेट होगा आपकी बॉडी में आपके माइंड में वो फ्यूल आपका दूसरा टास्क करने के लिए काम में आएगा फिर तीसरा चौथा ऐसे लुप क्रिएट होगी इसको बोलते हैं तो बी इन मोमेंटम तो जितने भी हाई परफॉर्मर्स है आप कोई भी सक्सेसफुल देखो, कोई क्रिकेटर देखलो, प्लेयर देख, लो सेलिब्रिटीज देख लो उन सबने ये स्किल एड अपकी टू बी इन मोमेंटम तो ये स्टेप है a i a सिम्पल स्टेप है अभी तो आप ये स्ट्रैटेजी में आपको दे सकता है और मेरे जितने भी क्लाइंट है उनके ऊपर में एन एल पी टेक्निक अप्लाई करता हूँ लेकिन बहुत सारे काम तो यही पर हो जाता है उन्होंने ए आई ए टेक्निक अप्लाई किया यह स्ट्रैटेजी अप्लाई की है एक्लीसट्ैटजोअप्लाई किया तो उनका काम हो जाता है तो ये
अच्छा टेकअवे हमारे व्यूस के लिए की भाई ए आई ए अप्लाई कीजिये ओवर कमिंग प्रोक्रेसटडफिनेटली इंटरस्टिंग 1 बहुत इम्पोर्टेंट चीज जो आपने अभी लास्ट कॉन्वरसेशन ने बताया मुझे फिर हम फेयर की वजह से बहुत सारे प्रोफेशनल्स जो हैं वो नहीं ग्रो कर पाते हैं अपने वर्क प्रोफाइल में एंड करियर ग्रोथ इस वाट एवरीबडी वॉन्ट्स राइट क्योंकि कोई 1 जगह पर स्टक नहीं होना चाहता है बहुत सारी क्वैरीज हमें भी आती हैं दैट वी फील स्टक इन आवर करियर and fire plays a big role तो वहां पर फियर को कैसे ओवर कम किया जाता है टो बिल्ड कॉन्फिडेंस to be able to grow in the next लेवल ऑफ
करियर you re aबसoलutलy राइट बहुत सारे प्रोफेशनल ये स्ट्रगल में हैं यह बहुत बड़ा चैलेंज है उनके लिए और ज्यादातर, यह होता है fir of failerfirofrejection, फीयर ऑफ जजमेंट एजवेल। वो हमेशा यही सोचते रहते हैं कि अगर मैं फेल हो गया तो और मैं तो बताओ उससे भी दूसरा फिर है, वो है फिर ऑफ़ जजमेंट लोग मुझे जज करेंगे, वह म फ्रॉम, एमदाबाद, तो वहां पर, तो ऐसा भी फिर ऑफ़ जजमेंट चल रहा होता है की अगर मैंने इंग्लिश में नहीं बोला तो मुझे जज करेंगे। तो देशी है, हिंदी में बात कर
रहा है, बहुत जनक होता है, यह
बहुत बहुत होता है, बहुत लोगों इफेक्ट में बताऊ तो मैं भी वैसे आम, फ्रॉम, पालनपुर, पालनपुर के बाजू में, थोड़ा सा गाँव में वहाँ से आता हूँ। जब मैं भी पहली बार अंदाबादआयाथा तो मुझे भी यह फियर था, यह मैं देख रहा हूँ। वो सब लोग इंग्लिश में बात कर रहे हैं। तो मुझे भी 1 थोड़ा आईसोलेशन, जैसा फील होता था, कॉलेज फिर ऑफ़ जजमेंट, तो ये फिर को ब्रेक करना न, वो 1 सबसे बड़ा चैलेंज है हम सब के लिए, लेकिन अभी जैसे मेरा कल 1 वर्क शॉप था, अबाउट hap्pीनेसतोवही पर मैंने 1 इन्फॉर्मेशन शेयर की थी, वो शायद यहाँ पे काम में आ सकती है। कई बार हम क्या करते है न, हम लोगों के ओपिनियन पर बहुत ध्यान देते हैं। लेकिन क्या लोगों का ओपिनियन आपके कंट्रोल में है? जैसे वो नहीं बोलते हैं कि 4 लोग क्या बोलेंगे, पता नहीं वो कौन
क्या, कहेंगे लोग, सबसे बड़ा रोग, सबसे
बड़ा रोग, क्या, कहेंगे लोग? तो हम बहुत ये माइंड में लेके चलते है की लोग क्या बोलेंगे। मैंने भी जब अपना जो सर्टिफिकेशन है अपने अवॉर्ड से, अपने वीडियोज, रील, सब यहाँ पर, सोशल मीडिया में शेयर करना स्टार्ट किया, लोगों से बोलता था, डिस्कस करता था तो मुझे भी कमेंट्स आते थे। तो क्यों अपना सब अचीवमेंट सर्टिफिकेशन अवॉर्ड्स सोशल मीडिया पर दिखा रहा है, तू तो शो अप कर रहा है। तो मुझे भी 1 टाइम तो लगा था, क्या मैं शो आप कर रहा हूँ, बुरा लगा। लेकिन फिर मैंने सोचा कि ये तो उनका opinion है, एनएवी में आता है स्टेटमेंट परसेप्शन इस प्रोजेक्शन। तो वो उनका परसेप्शन है। क्या उनके परसेप्शन पर मेरा कोई कंट्रोल है? शायद मैं जो पोस्ट कर रहा हूँ वो दूसरे लोगों के लिए इंस्पिरेशन हो सकता है। और वही मेरा इनटेंशन है। तो ये जो थॉट प्रोसेस है उसको ब्रेक करना पड़ेगा कि लोगों का ओपिनियन मेरे लिए क्या मेटर करता है? नहीं अगर कर पा रहे हो तो पहले 1 काम करो। तो मेरे जितने भी क्लाइंट है उनको सबसे पहले कुछ भी वो चैलेंज लेकर आते, पहले बोलता हूं, लिखो क्या है इन जर्नी करो, क्यूँ है पूछा पी फिनिटी, वर्क करते, अप्लाई भी करते है, वर्क करते हैं। लेकिन हर बार आपके पास कुछ नहीं है, आप एनलपीटेकनिकनहीअप्लाई कर पा रहे है। तो लिखो न की ये फिर है। तो क्या है से क्वेशन पूछकर, उसका रिफ्रे करो कि क्या अगर उसने सोचा तो उससे क्या अफेक्ट होगा। वो तो उसका सोच है, मेरे पास उसका कंट्रोल नहीं है, मेरे कंट्रोल में क्या है मेरे इंटेंशन क्या है मेरे कंट्रोल में यह है कि मैं क्या अच्छे से इंग्लिश सीख सकता हूँ क्या मैं कोई कोर्स कर सकता हूँ क्या इंग्लिश सीखना मेरे लिए जरूरी है है मेरी जॉब रोल के हिसाब से जरूरी है। ठीक है क्या हुआ अभी मुझे इंग्लिश नहीं आता है तो मैं कोर्स कर लूंगा उससे पहले एक्सेप्ट भी करना पड़ेगा की मुझे इंग्लिश नहीं आता है कोई एक्सेप्ट किया फिर आपके पास रिसोर्सेज बहुत सारे एक्शन लो ए आई ए मॉडल आई मॉडल आप यूज कर लो तो रहता है फिर 1 बहुत ही बड़ा चैलेंज है लेकिन उसको ओवर कम कर सकते हैं आप रिफ्रेमिंग कर लो एन एल पी टेक्निक अप्लाई कर लो लिख हो उसके पीछे का रीजन जानो ओपिनियन को बोते है ऑटोनोमी अपने आप को आप फ्री करो किससे लोगों के ओपिनियन से सो फ्री फ्रॉम बीइंग मिसअंडरस्टूड लोग आपको मिस कर रहे है उससे आप फ्री हो जाओ यह भी 1 तरीके की आजादी है और यह अगर आप फ्री होगे तो आपका फिर चला जाएगा
क्यूं इतने सक्सेसफुल लोगों को इतना स्ट्रेस एंग्जाइटी फेयर है मतलब क्या रीजन है स्पेशली आफ्टरकोविड वी हैव सीन दैट द रेट्स आर इनक्रीजिंग डेबाई डे एंड पीपल आर इन अ लॉट ऑफ स्ट्रेस एंड एंग्जाइटी कैसे इससे निकल सकते हैं एनएलपी को यूज करके क्यों है और कैसे
निकाल सकते हैं देखो एनएलपी के हिसाब से तो अगर आप 1 बार चेक कर लो कि आपका न्यरोलॉजिकल अलाइनमेंट ऑडिट कर लो आपको उसमें से ही सारे आंसर मिल जाएंगे ल लेकिन आपने मुझे स्पेसिफिकली पूछा है कि बहुत सारे सक्सेसफुल लोग हैं फिर भी वो स्ट्रेस एंग्जाइटी फेस कर रहे है उसका अगर मैं आपको स्पेसिफिक आंसर दूं जो मैंने खुद एक्पीरियंस भी किया है मैंने ऑब्जर्ब भी किया है के बहुत सारे ऐसे प्रोफेशनल्स हैं जो अपने टार्गेट, टाइमलाइंडडेडलाइंड नंबर्स सब एचयू कर रहे हैं अच्छा परफॉर्मेंस भी दे रहे हैं लेकिन the end of the डे उनको मजा नहीं आ रहा है मतलब पीस नहीं मिल रहा है फुल फिलमेंट नहीं मिल रहा है सेटिस्फेक्शन नहीं मिल रहा है क्यों? क्योंकि वो अपनी प्री इंस्टॉल्ड साइकोलॉजिकल नीड जिसको मन ल पी में बोलते हैं पी आई पी और आपकी कोर वैल्यूज उसको कहीं न कहीं आप कॉम्प्रोमाइज कर रहे हो आपको पता ही नहीं है कि मेरी पी आई पी क्या है या मेरी कोर वैल्यूज क्या है या कई बार तो पता होता है लेकिन हम कोंशेस नहीं होते और कहीं न कहीं 1 सिक्यूरिटी लेके चलते हैं सोसाइटी का प्रेशर फैमिली का प्रेशर लेके चलते हैं तो अपनी जो कोर वैल्यूज हैं पी आई पी उसको फॉलो नहीं कर पाते इसीलिए हमें वो अंदर से जो सटिस्फेक्शन मिलना चाहिए फुल फिल्म मिलना चाहिए वो नहीं मिलता है आप अगर चाहो तो मैं उसको डीटेल में थोड़ा समझा
सकता हूँ तो आप अपना एक्सपीरियंस शेयर करें सर।
तो जैसे की 1 स्टेज पर मैंने आइडेंटिफाई किया कि मेरा पी आई पी और कोर वैल्यू क्या है सबसे पहले मैं बता देता हूँ की पी आई पी क्या है प्री इंस्टॉल्ड साइकोलॉजिकल ने आप कोई मोबाइल परचेज करते हैं तो उसमें कुछ एप्लीकेशन प्री इंस्टॉल आती है वैसे ही हमारे माइंड में कुछ साइकोलॉजिकल नीट्स है जो प्री इंस्टॉल है जैसे किसी का सिग्निफिकेंस है, किसी का कॉन्ट्रिब्यूशन है, ग्रोथ है और वैसे ही आपकी है कुछ कोर वैल्यूज हर 1 पर्सन की अलग अलग कोर वैल्यूज होती है किसी का मनी है, किसी का ग्रोथ है, कांट्रीब्यूशन है, फैमिली है ऑन, एस टी ए तो यह सब कोर वैल्यूज हैं। तो मेरे पी आई पी और कोर वैल्यूज में आ रहा था डोमिनेंट सिग्निफिकेंस है, कंट्रीब्यूशन है मुझे अच्छा लगता है कॉन्ट्रिब्यूशन करना है, कहीं पर है तो अभी देखो मैं 1 ऑर्गेनाइजेशन में काम कर रहा था ऑर्गेनाइजेशन बहुत ही अच्छा था मैनेजमेंट भी बहुत अच्छा था और वहाँ पे मेरा रेगुलरली वैसे वैसे देखने जाए तो ग्रोथ हो रहा था के प्रमोशन भी मिल रहा है, इंक्रीमेंट भी हो रहा है, कंपनी ने बहुत अच्छा फैसिलिटी दिया है, कंपनी ने कर दिया है। तो अगर बाहर से देखो जैसे सोसाइटी मेजर करती है सोसाइटी कैसे मेजर करेगी मेरी सक्सेस का, उसके पास क्या है अभी फैसिलिटी क्या है प्रॉपर्टी क्या पैसे क्या कौनसी पोजीशन पे हा टेंजिबलहै तो उसमें सोसाइटी की कई गलती नहीं है क्योकि सोसाइटी तो अभ्योसलीटेनजिबल वैल्यू से ही हमें हमारा मेजरमेंट करेगी लेकिन मुझे कहीं न कहीं ईनोरकॉलिंग कुछ और था तो 2 आई वाज इन ट्रेनिंग डिपार्टमेंट में एम्बुलेस का ट्रेनिंग हैंडल कर रहा था 1 तो सबसे बड़ा प्रॉब्लम यह था कि मैं कंडक्ट नहीं कर रहा था ऐज आई वाज हेड ऑफ द ट्रेनिंग डिपार्टमेंट तो मैं मैनेज कर रहा था लेकिन मेरे पी आई पी और कोर वैल्यू से तो क्या है मुझे ट्रेनिंग करना है सिग्निफिकेंस के लिए कॉन्ट्रिब्यूशन के लिए तो जब मैं सेशन कंडक्ट करता था तब मुझे में 1 अलग एनर्जी रहती थी मेरा मटरबॉलिजमभीइंक्लीज जाता था दूसरा मेरे माइंड में यह भी आया और जो मेरे मेंटर हैं मेरे कोच उन्होंने मुझे 1 खतरनाक क्वेश्चन पूछा था कि तुम्हे जो भगवान ने स्किल दी है, जो 1 कोच के लिए रिक्वायर है, लिसनिंग है एम्प्टी है लिसनिंग विदाउट जजमेंट। तो तुम्हे क्या लगता है कि क्या वो स्किल सिर्फ पंद्रह सौ या 2000 एमप्लस तक सीमित रखना है या बहुत सारे लोगों के लिए यूज करना है और अगर तुम उसको यूज नहीं कर पाए तो तुम क्या जस्टिफिकेशन दोगे यूनिवर्स
को
1 तो क्वेश्चन मेरे माइंड में हिट कर गया और जो मेरा पी आई पी और कोर वैल्यू जा रहा था। तो क्योंकि मैं कॉरपोरेट वर्ल्ड में काम कर रहा था तो भले ही मैनेजमेंट अच्छा था सैलरी अच्छी थी, सब सही जा रहा था, टीम भी सही थी लेकिन कहीं न कहीं अंदर के लेवल पर मेरी कोर वैल्यूज और पी आई पी कॉम्प्रोमाइज हो रही थी जैसे फ्रीडम है वो मेरी कोर वैल्यू में बहुत हाय स्टेज पर आता है और क्रिएटिविटी भी हायर स्टेज पर आता है तो मुझे कुछ ऐसा काम करना पसंद है जहाँ पर मुझे फ्रीडम मिले और क्रिएटिविटी पब्लिक स्पीकिंग। मुझे बहुत पसंद है और ट्रेनिंग में अलग अलग इंटरस्टिंग ट्रेनिंग मेथड लेके आना जहां से मैं कॉम्प्लैक्स टॉपिक को सिंपल वे में समझा सकूं वो क्रिएटिविटी मुझे पसंद है। तो कॉर्पोरेट में कभी कभी क्या आता है की वो प्रोसेस है, एसओपी है टार्गेट टाइमलाइन वो सब नंबर से उसके पीछे भागना पड़ता है तो कहीं न कहीं अंदर से वो सटिस्फेक्शन नहीं आता था क्योंकि ये कोर वैल्यू में नहीं जी पा रहा था। ऐसे बहुत सारे प्रोफेशनल है जिनको या तो पता नहीं है कि उनका पी आई पी या कोर्ड वैल्यू क्या है यह पता है तो वो उसको फॉलो नहीं कर पा रहे और जैसे ही आप फॉलो नहीं करते तो 1 इनर कॉन्फ्लिक्ट चलता है आपका कि यह आपका कोर्ड वैल्यू है पी आई पी आप उसको फॉलो नहीं कर पा रहे हो तो आप कभी खुश नहीं रहोगे तब भले ही सोसाइटी की डेफिनेशन में आप सक्सेस फुल हो आपका अच्छा सैलरी है, पोजीशन है, कार है, बंगला है, सब कुछ सही है बट आप अंदर से खुश हो क्या और आपको यह क्वेश्चन कभी कोई नहीं पूछता है यही पूछेंगे कितना कमा रहे हो लेकिन जो केशन पूछता है कि जो काम कर रहे हो उससे खुश हो। क्या? तो ये था जो मेरा एक्सपीरेंस और ऐसे बहुत सारे प्रोफेशल मैंने देखे हैं जो कि वैसे देखने जाए। तो हाई परफॉर्मर हैं बट वो अंदर से खुश नहीं है।
बहुत सारे लोग इस चीज से ट्रबल्ड हैं की वो लोग 1 टिपिंग पॉइंट पे हैं लेकिन उनको क्लैरिटी नहीं है बहुत सक्सेसफुल है लेकिन खुश नहीं है, खुश नहीं है। एंड दे आर टिपिंग पॉइंट के यहां से आगे कैसे जाना है क्यों मैं खुश नहीं हूं सब कुछ तो है मेरे पास स्टेल इम नोट फीलिंग हैप्पी तो जितना भी वैलिडेशन चाहिए सोसाइटी का जितने भी टिक बॉक्सेस थे सारे बॉक्स टिक कर लिए उसके बाद पीपल री चार्ट पिनेकल जहाँ पर उनको लगता है कि आगे क्या आगे क्या क्या होता है ये और कैसे उस टिपिंग पॉइंट से कोई बाहर निकले क्लैरिटी कैसे आए टू टेक दैट डिसिजन क्या हुआ था आपके साथ जिससे आपको इतनी क्लैरिटी मिली आप अपना जॉब छोड़ पाए। एंड कोचिंग फुल टाइम आप परस्यू कर पा रहे हो अगर आप ये शेयर करेंगे हमारे साथ तो में भी व्यूअर्स को थोड़ा और 1 होप मिलेगा कि
आगे बढ़ सकते हैं शोर में शेयर करना चाहूंगा और मुझे भी अच्छा लगेगा। अगर आपके ऑडियंस को यह काम में आये तो उसका आंसर है कि पहले आपको आइडेंटिफाई करना पड़ेगा कि आपके कोर वैल्यूज क्या है तो वैसे तो एन एल पी बेस कोचिंग प्रोग्राम में आपके असेसमेंट आते हैं जहाँ पर आप इडेंटिफाई कर पाते हो कि ये मेरी इंस्टॉल साइकोलॉजिकल नीड है और ये पूरा 1 टेक्निक हम अप्लाई करते हैं जहाँ पर हम आपकी कोर वैल्यू और उसमें से भी फाइव डोमिनेंट कोड वैल्यू को एक्सट्रेक्ट कर पाते हैं। तो सब लोग ये नहीं कर पाएंगे। कोच चाहिए एन एल पी का जिसको नॉलेज एक्सपर्टज ऐसा कोच चाहिए तो वो एक्सट्रेक्ट कर पाएगा लेकिन ऑडियंस के लिए मैं 1 स्ट्रैटेजी दे सकता हूं कि वो कैसे आइडेंटिफाई करे कि मेरी कोर वैल्यूज क्या है तो एकदम सिंपल है अगर आप अपने कोर वैल्यू फॉलो नहीं कर रहे हो तो 1 तो है कि आप खुश नहीं होंगे मतलब वो काम आप नहीं कर रहे हो तो खुश नहीं है लेकिन उससे भी ऊपर 1 और चीज हैं तो 1 क्वेश्चन
का जवाब मिल गया कि मैं वैल्यू फॉलो नहीं कर रहा हूँ इसलिए मैं खुश नहीं हूँ। डिस्पाइट हैविंग ऑल द सक्सेस इन डेफिनिटली
व नेक्स्ट नेक्ट इस सिर्फ खुश नहीं है वो नहीं, अब गिल्टी भी फील करोगे सिंपल सी समझा जैसे की किसी के कोर वैल्यूज में है हेल्थ अभी उस पर्सन को कुछ भी रीजन है प्रोकास्ट नेशन कर रहा है या अपने आपको एक्सक्यूज दे रहा है कि मुझे टाइम नहीं मिल रहा है तो वो अपनी हेल्थ पर अगर काम नहीं कर रहा है अच्छा वर्कआउट नहीं कर रहा है या उसका जॉब रोल कुछ ऐसा है कि इतना ट्रेवलिंग है तो अच्छे से डायट नहीं कर पा रहा है। जितने भी हेल्थ रिलेटेड पिकोस नहीं ले पा रहा है तो मतलब वो अपनी हेल्थ पर काम नहीं कर रहा है और इसकी कोर वैल्यूज में क्या है हेल्थ अपनी हेल्थ को वो फॉलो नहीं कर पा रहा है तो न ही सिफ उसको अच्छा नहीं लगेगा, खुश नहीं होगा। 1 गिल्ट भी होगा एक्चुवल इसको बोलते हैं प्रोडक्टिविटी गिल्ड जो कि प्रकाश समझाते हैं कि प्रोडक्टिविटी गिल्ट भी आता है कि मुझे यह काम करना है लेकिन मैं नहीं कर पा रहा हूँ और वो मेरी कोर वैल्यूज में है जैसे मैंने बहुत सारे देखे है मेरा ही चलो एग्जामपल, दू फ्रीडम और क्रिएटिविटी से बहुत सारे प्रोफेशनल है जिनके कोर वैल्यूज में फ्रीडम है और क्रिएटिविटी है तो जॉब अच्छा चल रहा है सैलरी अच्छा है लेकिन शायद ऑफिस का जो कल्चर है वह टॉक्सिक है मेरा तो फिलहाल बहुत अच्छा था, मैनेजमेंट भी अच्छा था और फीडम भी थी। सब कुछ था
तो
माइक्रो मैनेजमेंट चल रहा होता है उनको फ्रीडम नहीं मिलती है और वो क्रिएटिविटी से जो काम करना चाहते हैं वो क्रिएटिविटी नहीं मिल रही है बल्कि सैलरी अच्छी है प्रमोशन, पोजीशन सब कुछ है। अभी वो काम नहीं कर रहे है तो वो ऑफिस में सिर्फ खुश नहीं हैं ऐसा नहीं है, खुश नहीं हैं और गिल्टी भी है तो जब आपको लगता है कि कोई काम मैं कर नहीं रहा हूँ उसकी वजह से मैं खुश नहीं हूँ और गिल्टी भी फील हो रही है मतलब कि वो आपकी कोर वैल्यू में और इसका मतलब ये नही की आप जॉब छोड़ 2 मैं आपके ऑडियंस को ऐसा नहीं बोल राह आप भी जोर छोड़ 2 फुल टाइम जर्नी स्टार्ट कर 2 लेकिन पहले तो आपको अवैर हो जाना है अच्छा ये मेरा कोर वैल्यू है और यह मैं नहीं फॉलो कर रहा हो तो आप पार्ट टाइम भी कर सकते हो या आप जॉब ही करना चाहते हो लेकिन कोई ऐसा जॉब करो जहाँ पर आपकी कोर वैल्यूज भी आप फॉलो करो। ऑफिस में अगर टॉक्सी कल्चर है और यह आपके कंट्रोल में नहीं है उस कल्चर को चेंज करना, तो दूसरा कंपनी ज्वाइन करो जहाँ पे आपको वो आपकी कोर वैल्यूज फॉलो करने को मिले।
this reminds me of a very powerful court that स्ट्रेस denot come from not doing something stress comes from not doing the thing that you really want to
there you really on it so i
think that some up। what you are tank exप्लainहeर। राइट बहुत 1 बहुत उभर की चीज आ रही है। आजकल नेगेटिव सेल्फ टॉक अ लॉट ऑफ़ पीपल हो रीच, आउट टू अस आलसो से दैट मेरे को अपने बारे में ही बहुत बुरा लगता है, फील द म नोट गुड, एनफ 1 तरह का नेगेटिव सेल्फ टॉक में लोग कंटिनियंसएक लूप में रहते हैं, क्यों होता है यह नेगेटिव सेल्फ टॉक एंड कैसे इससे बाहर आये क्योंकि ई थिंक दैट आलसो अ वेरी बिग कॉज ऑफ स्ट्रेस जो मैंने
बताया था कम्युनिकेशन लेवल वेन्यू कम्युनिकेट वित यorselfआपमुझे ये बताओ की आप दिन में सबसे ज्यादा कम्युनिकेशन किसके साथ करते हो, आपके कलीग से आपके, हसबेंड से, आपके, बच्चे से, खुद से, खुद से एब्साल्यूटली राइट हम दिन में सबसे ज्यादा कम्यूनिकेशन अपने साथ करते हैं और एप्रोक्सिमेट थर्टी फाइव थाउजेंड थॉर्ट्स पर डे हमें आते हैं दूसरा जो मैंने बताया था कि 1 तो सेल्फ टॉक, नेचरली बायस होती है नेगेटिव टेशन और इतने सारे जो थॉर्ट्स आरहे हैं आप जो नेगेटिव सेल्फ टॉक की बात करे मैं उससे भी ऊपर जाता हूं जो उसके बाद का रिजल्ट आता है वो है और जिससे बहुत ज्यादा लोग जूझ रहे हैं। तो जब हमें बार बार ये थार्ट्स आ रहे हैं और नेगेटिव आ रहे हैं सेल्फ टॉक और हमने कभी सीखा नहीं है कि हमारे अपने साथ कैसे कम्यूनिकेशन करना है ये थॉट जब बार बार आते हैं, र आप उसके ऊपर एक्शन नहीं लेते, वो बन जाता है। ovrinthैtइज डिफरेंस बिटवीन करेडिकl थिंकिंग and ओvrथिंगमतलबय सेल्फ टॉक जैसे आपको आ रहा है कि मुझे ये काम करना है, लेकिन अगर मैं फेल हो गया तो अच्छे से नहीं किया तो परफेक्ट करना है, मुझे मैं परफेक्ट नहीं कर पाया तो यह नेगेटिव टॉक सेल्फ टॉक, बार बार आ रहा है, बार बार आ रहा है और फिर क्या करते है, कास्टेशन
करते हो, ये परफॉर्मेंस को एफेक्ट करने लगता है। एट वर्क एट होम हर जगह पर,
रिफ्लेक, हर जगह पर, बहुत सारे लोग ये थॉट में घुसे रहते, एक्शन नहीं लेते, वो बोलते है जब परफेक्ट हूँगा तब एक्शन लूंगा, वो एक्शन नहीं लेते मतलब आप कुछ थॉट लगा रहे हो, थिंकिंग कर रहे, लेकिन उसके ऊपर एक्शन नहीं लेते हो तो वो बन जाता है। ओवर थिंकिंग। अगर एक्शन लेते हो तो वो क्रिटिकल थिंकिंग है। मतलब बहुत सारे प्रोजेक्ट है, उसमें थिंकिंग में करना पड़ता है, बहुत प्लानिंग करना पड़ता है, उसमें एक्शन नहीं है, उसमें
एक्शन नहीं है, ओवर थिंकिंग में एक्शन नहीं है, क्रिटिकल थिंकिंग में एक्शन है तो ऐसे आइडेंटिफाई कर, भाई का ऐसे आइडेंटिफाई कर।
तो जितने भी लोग ओवर थिंकिंग सीख रहे हैं न, उनका ये प्रॉब्लम है वो सी सोचते वो थॉट भी रपिटिवहोताहैवही थॉट आता है, वही थाट आता है। तो मैंने इनफैक्ट अपना 1 यूट्यूब वीडियो भी बनाया था जिसके ऊपर मैंने समझाया की ओवर थिंकिंग क्या है किस लिए मोर थिंकिंग करते हैं पोटेंट हाऊ टू स्टॉप, ओवर थिंकिंग।
जो लोग एक्शन के लिए वेट करते हैं, परफेक्ट टाइम का यह सब कुछ परफेक्ट हो जाए और उसके बाद काम करूंगा उनके लिए क्या कहना चाहते हो
आप परफेक्शन तो 1 प्यारा लिसी, सिंड्रा में नो बडी परफेक्ट आप कोई भी काम देख लो, मैं आपका एग्जाम्पल 2 या मेरा एग्जामपल 2, हम दोनों ने कोचिंग जर्नी स्टार्ट किया और 1 चीज तो मैं ऑडियंस को बताना चाहता हूँ की मैं नीतु से सीखा हो और नीतू हमेशा जो बताते हो। एस एस जी, सिंपल सादा घटिया देखने के लिए ये सिम्पल है। लेकिन ये बहुत ही पॉवरफुल स्टेटमेंट है जो बोलते है न सेल्फ टॉक कैसे एंकरिंग करना है। एससी एस जी बहुत बढ़िया है नीतू ने मुझे सीखा है सिम्पल सा घटिया क्यूँ परफेक्शन का वेट करना है और कौन परफेक्ट है यहाँ पे परफेक्शन, इस डेथ परफेक्शन पैदा पैदा ग्रो नहीं है, उसमें कोई ग्रोथ नहीं है, कोई ग्रोत नहीं है परफेक्शन का कभी वेट नहीं करना है। आपको यूट्यूब वीडियो बनाना है, जैसा भी कैमरा है आपके पास जो भी मोबाइल है, जैसे भी कपड़े, जैसे भी है।
पहले बना तो लो पहला बनाओ, फिर दूसरा बना, तीसरा बनाओ, चौथे में ठीक से प्रूव करने लगोगे, दसवे में अच्छे बन जाओगे।
अरे आ जाओ, आप यूट्यूब पे जाओ। और जो बड़े बड़े यूट्यूबर हैं उनके पहले वाले वीडियो देखो एक्शन लिया उन्होंने पहले वाले वीडियो और आज के विडियो में बहुत बड़ा डिफरेंस। अरे मेरे खुद के चैनल में देख लेना आप।
मेरे खुद के यूट्यूब चैनल में मेरे
पुराने वियो, मैं भी इसका शिकार था, मैं वेट कर रहा था, कब से के नहीं, मैं सब कुछ पहले सीख लेता हूँ। अच्छे से मेरे पास कैमरा होगा, अच्छा सा ये सेटअप होगा। फिर मैं यू टयूब चैनल स्टार्ट करूंगा, फिर अपना कोचिंग का जर्नी स्टार्ट करूँगा। तो यही परफेक्शन सिर मेरे प्रकाश नहीं रहा था।
फिर आपने यूज किया एस एस ए
जी, वो आपने सीखा है मोर पॉवर टू यू, थैंक यू एस एस मैंने
भी अपने मेंटर से ही सीखा है। एस एस जी और 1 मुझे बहुत अच्छा और 1 मूल मंत्र मिला था बी एम जी, एस मतलब भाड़ में जाए। ये दोनों मूल मंत्र मैंने पकड़ के रखा हुआ है। भाड़ में जाए सब सिम्पल सादा घटिया स्टार्ट करो।
ऐसे कितने मंत्र आपके पास मुझे भी चाहिए, मुझे भी सीखना है।
1 और एस टी एच जे सब
ठीक हो जाएगा, वाह बढ़िया सब ठीक हो जाएगा। यह सेल टॉक है। आमिर ने दिल तो बच्चा है। ऑल इज क्या है, वो है। लेकिन क्या है? अभी हम पढ़े रहे हैं डी डी जे और आप हमें सिखा रहे हैं एस एस डी डी डी एल जी काम में नहीं आने वाला। एसएसडी काम में
इट्स वेरी पावरफुल सुनने में बहुत इजी है। और बहुत नॉर्मल लगता है। बट वेरी पावरफुल इफ यू प्रैक्टिस ली
सुनने में सिंपल है। बहुत सारे प्रोफेशनल। नहीं समझ पाये कि इसमें कितना पॉवर है परफेक्शन का वे यह परफेक्शन शिकार हो जाते हैं। छोटी छोटी बातों में इतना डिस्कशन, इतना मीटिंग, इतना ब्रेन स्टिंग 22 घंटे मीटिंग चल रहा है। मीटिंग के एडम पूछते हैं फाइनल क्या हुआ? एक्शन क्या है, सौरी डोंट हैव एनी एक्शन इट वी हैव नेक्ट मीटिंग मीटिंग कितनी, मीटिंग कितना और कितना परफेक्शन पे जाओगे, काम कर लो, गलती हो जाएगी।
सो फेलर पार्ट ऑफ़ जली दै्सफॉरेटेलमईंटाय टीम आलसो भाई स्टार्ट stpalanलenनैनआपका 1 सिग्नेचर वर्कशॉप है द आर्ट एंड साइंस of happiness जरा बताएंगे उसके बारे में क्या है यह, क्योंकि सभी हम ढूंढ रहे हैं happiness
aबसोलयूटली एक्च्वालीयह मुझे भी पता नहीं चला कि कैसे सिग्नेचर वर्क शॉप हो गया। झ 1 ऑर्गेनाइजेशन से ऐसा रिक्वार्नमेंट आया के क्या आप मेरे एम्प्लॉय के लिए हैप्पिनेस का वर्कशॉप कर सकते हो? बहुत अच्छा सिटी ऑर्गेनाइजेशन का वो अपने एम्प्लॉय के मेंटल वैलनेस के लिए काम करना चाहते हैं। तो हैप्पीनेस इज सो पार्ट कोचिंग प्रोग्राम तो कैसा रहता है। शायद इस प्लेनेट पर कोई ऐसा होगा जो खुश नहीं रहना चाहता। हैप्पी नहीं रहना चाहता हम सबको एड दे एंड तो खुशी चाहिए, हैप्पीनेस चाहिए राइट। लेकिन फिर भी कैसा होता है न कि हैप्पीनेस आती है और फटाक से चली जाती है। वो जैसे नवाजुदीन सीधी बोलते हैं, न आया टच करके वापस चला गया। तो ऐसे हैप्पीनेस का है। हम सब ने कभी न कभी तो हैप्पीनेस को टेस्ट किया है, लेकिन वो फ्लीटिंग आई चली गई, कोई मेहमान आया गया सस्टेनिबिलिटी नहीं है हमारे पास जो हैप्पीनेस की सस्टेनिबिलिटी वो नहीं है।
कैसे करें हैप्पीनेस को सस्टेन उसके पीछे।
पहले तो ये समझना पड़ेगा कि हैप्पीनेस मतलब है क्या? जैसे अगर मैं आपको क्वेश्चन पूछ ऑडियंस को क्वेशन पूछूं कि वाट इज द सोर्स ऑफ हैप्पीनेस, फॉर, यू सबका अलग अलग होगा। कोई बोलेगा if i have the amount of salary, then i m happy, if i have my dream हाउस या साल में 1 बार का ट्रैवलिंग करता हो तो वह मेरे लिए happines है मेरे
लिए बहुत clear कट है। im traveling the world someone else ias being for it आपकी happiness for me, because i have done that if exपीरिंसdiट ड yes that i travel in someone s pad for it like organizations pay for my travel, so this is something that i want to keep doing all my life that happiness wamibutyesplease let no more about your workshop के लिए हप्पिनेस
अलग अलग है, आपका सोच अलग है, मेरा अलग है, ऑडियंस का कुछ अलग है, ऐसा क्यूं है वी डोंट हैव कलिर डेफिनेशन ऑफ happines हैप्पीनेस का क्लियर डेफिनेशन नहीं है और नहीं है तो हम क्या करते वो अपनी डेफिनेशन बनाते हैं और ज्यादातर हमारी डेफिनेशन क्या बनी है इफदेनफihaव then आई विल बी देखो सब कोंसिसमाइंड को आपने 1 मैसेज दिया इफ देन और सब कांसेस माइंड को समझ में नहीं आता कि ये सही है, गलत है। वो तो अब जो डेटा आपने दिया है वो उसने एक्सेप्ट कर लिया। तो जैसे आपने बोला, इफ देन सब कॉंसेसमैंडकोलगेगा अच्छा अभी हैप्पी नहीं हो प्रेजेंट टेंस में ही नहीं ईफदेनमतबयहोगा तो आप खुश होंगे, फ्यूचर टेंस में, हमने डाल दिया, सब कॉंसेसमाइंड सारे स्टेट देगा, एक्सेप्ट ह, happiness डिसपोइंटमेंट, आएगा, स्प्रेस, आएगा सब कुछ, लेकिन हैप्पीनेस नहीं आएगा क्योंकि आपने ही अनकोंसिसलीअपने सब कॉंसे माइंड को ये मैसेज दे दिया है और डेफिनेशन नहीं है इसलिए हम क्या करते हैं कि हैप्पिनेस को प्लेजर के साथ कनेक्ट कर लेते है। thereis a डिफरेंस बिटवीन happines प्लेजर सेंसर ्टिमयलेशनहैया प्लेजर है और प्लेजर या सेंसर स्टिमुलेशन टेम्पररी होता है। किसी से ट्रिगर हुआ होता है जैसे कि मैं आईस्क्रीम खाता हूँ तो मुझे अच्छा लगता है। तो आईस्क्रीम जैसे ही मैं टेस्ट करता हूँ तो मेरे टंग में सेंसेशन आते हैं, ट्वेंटी, मिलियन एटम्स खुश हो जाते हैं, हैप्पी हो जाते है। वाट अबाउट सिक्सटी ट्रिलियन सेल्स अभी ओडियन
सबके बैंड पानी आ गया है तो वो क्या है?
वो सेंसर सिमुलेशन है प्लेजर ऐसा नहीं कर रहा हूँ, मैं बता नही रहा हूँ कि प्लेजर जरूरी नहीं है, प्लेजर भी जरूरी है। भगवान ने हमको सारे सेंसर्स दिए हुए है तो अगर वो आप सेंसर को एक्टिवेट कर रहे हो, आपको प्लेजर मिल रहा है, अच्छा लग रहा है तो वो अच्छा है, गुड है बट ये अवैरनेस जरूरी है कि ये प्लेजर है, ये हैप्पिनेस है कैसे ये प्लेजर है, वो टेम्पररी है, आएगा चला जाएगा, वो डिपेंडेंट है किसी ट्रिगर के ऊपर, ये हुआ तो प्लेजर आया और वो चला भी जाएगा बट हैप्पीनेस है वो सस्टेनेबल होनी चाहिए और हम ने कनेक्ट कर लिया है प्लेजर को हैप्पीनेस के साथ, ये कनेक्टिविटी को बोलते हैं। haडniकparाdाip hedniक aराdाइपमतलब, मैक्सिमाइजेशन p्lेजरमिनिमाइजेशन पेन तो इसको बोलते हैं, हैडर्निकपेराडाइम तो यही 1 वजह है कि आज लोग इतने ज्यादा खुश नहीं है क्योंकि वो सस्टेनेबल हैप्पीनेस नहीं है, वो टेम्पररी वाली है, प्लेजर है या सेंसर स्टिमुलेशन है।
तो ये जो है इफ और देन इसको ब्रेक कैसे करे अगर ये होगा तो ही मैं खुश होंगा, इसको ब्रेक
कैसे करें जिससे कि ये होगा तो ही मैं खुश होंगा। मतलब आपका 1 तरीके से अटेचमेंट है आपके गोल के साथ और वो जो अटेचमेंट है वहीं आपका हैप्पीनेस नहीं लग रहा है क्योंकि जब वो है तो आप खुश हो और जब नहीं है तो आप कुछ नहीं है 1 तरीके से अटेचमेंट हो गया तो पहले तो यह अवैरनेस होनी चाहिए कि ये तो टेम्पररी प्लेजर हैप्पीनेस नहीं है। और फिर जो मैंने आपको बताया था कि हमारी कुछ कोर वैल्यूज भी होती है, पीआईपी होती है ऐसे वो अगर आपने आइडेंटिफाई कर लिया और वो आप अगर फॉलो कर रहे हो तो भी 1 सस्टेंड हैप्पीनेस आपको मिल जाती है कुछ कुछ जगहों पर हमें काम करना पड़ेगा जैसे की हमें समझना पड़ेगा 1 तो है ऑटोनॉमी जो मैंने अभी बताया था कि फ्री फ्रॉम द, फिर ऑफ बीइंग जज तो हम हमारे अंदर ये फिर रहता है कि लोग क्या बोलेंगे तो वो फिर से हमें आजादी चाहिए, वो। सेकेंड है सेल्फ एक्सेप्टेंस लोग क्या करते है की अपनी अच्छा योग को एक्सेप्ट कर लेते है लेकिन अपनी बुराई को एक्सेप्ट नहीं कर पाते है। जैसे की आम नोट गुड पब्लिक स्पीकर तो मैं 1 अच्छा ट्रेनर नहीं बन पाऊंगा या जो भी रोल में में काम कर रहा है सो नोट गुड प्रोफेशनल। तो लोग क्या करते है की ऐसे करके मतलब अपने आप से ही प्यार नहीं कर रहे। अगर आप अपने अच्छे योग को एक्सेप्ट कर रहे तो अपनी बुराई को भी एक्सेप्ट करो न। पहले तो एक्सेप्ट कर लो अच्छा ठीक है दिस इज माई एरिया ऑफ इम्प्रूवमेंट और फिर जो भी आपके पास रिसोर्सिस है उसका यूज करके उसका इम्प्रूवमेंट आप स्टार्ट करो। लेकिन मुझे जो सबसे ज्यादा पसंद है और जो मैं अपने सारे कोची को बताता हूं वो प्रैक्टिस है ग्रैटीट्यूड की प्रैक्टिस ऑफ ग्रैटिट्यूड। यह 1 पॉवरफुल एक्सरसाइज है मतलब मैं तो अगर एनएलपी की बात करूं न तो एनएलपी की सारी टेक्निक बहुत इम्पोर्टेंट है वर्क भी करती है लेकिन अगर मेरे लिए सारी टेक्निक में सबसे ऊपर कोई आता तो वो है ग्रैटीट्यूड तो ग्रैटिटयूटप्रैक्टिस अगर आप रेगुलरली कर रहे हो तो आपके पास सस्टेनेबल हैप्पीनेस होगी कैसे
करें ग्रैटिट्यूड प्रैक्टिस ग्रेट प्रैक्टिस करने की।
1 स्ट्रैटेजी ऐसी है जो मैंने पहले बताया था की कम्युनिकेशन लेवल थ्री, हमने लेवल टू के बारे में बात कर दी। अभी हम लेवल थ्री पर जाते हैं तो पहले समझते हैं क्या हम ये रूम में बैठे हैं और समझ लो कि हमारे सामने टीवी स्क्रीन है और अभी आपने चैनल लगाया है कपिल शर्मा का शो आ रहा है तो आपको कैसी फीलिंग आएगी हंसी, आएगी हंसी, आएगी फील गुड। लेकिन फिर मैंने चैनल चेंज किया और 16 मूवी का लास्ट सीन आ रहा है जिसमे अमिता बच्चन की डेत हो रही है कल हो ना हो में शाहरुख की डेत हो रही है कैसा फील होगा, दुख होगा, दुख होगा और फिल्म ने लगाया चकदे इंडिया जिसमे लास्ट वो हॉकी वाला फाइनल मैच है और इंडिया वर्ल्ड कप जीत जाती है तो कैसा फील होगा एक्साइटमेंट एक्साइट होगा सास बहु वाला सीरियल लगा लिया आपको तो बोरिंग फील होगा जिस तरीके से मैं आपको जानता हूँ तो मतलब ये रूम में वो सारी फ्रीक्वेंसी तो थी न। डिसीजन किसने लिया कि मुझे हंसी वाली फीलिंग चाहिए या सेड वाली फीलिंग चाहिए या एकदम एनकरे मोटिवेशन वाली फीलिंग चाहिए या बोरिंग वाली फीलिंग चाहिए।
डिसीजन किसने लिया जिसने चैनल चेंज किया,
आपने चैनल चेंज किया, आपने डिसिजन लिया। ऐसे ही आप डिसाइड करते हो कि मुझे यूनिवर्स के साथ कौन सी फ्रीक्वेंसी में बातचीत करनी है, कौन कम्यूनिकेशन करना है दैट इस कॉलेज कम्यूनिकेशन लेवल थ्री। तो अगर आप यूनिवर्स के साथ विक्टिमाइजेशन ब्लेम दुखी होने का ही कम्यूनिकेशन कर रहे हो कि मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है मेरे साथ ही ऐसा होता है। भगवान तुने ये किया लाभ लाभ लाभ इसकी जगह आप ग्रैटिट्यूट की फ्रीक्वेंसी से कम्यूनिकेशन करो यूनिवर्स के साथ आपको ग्रैटिट्यूड ही मिलेगा तो आप 1 प्रैक्टिस कर सकते हो जो मैं अपने सारे कोची को समझाता हूँ कि आप अपना ग्रेटिटूड जनरल बनाओ। दिन के 5 चीज सिचूशनयापर्सन आपको नोट डाउन करना है यू आर ग्रेट फुल। अबाउट माइक ग्रेटफुल मेरे पास ये माइक है तो मैं अच्छा परकाश कर पा रहा हूँ कैमरा मेरे कपड़े ये सारी चीजें हो गई। snimगरेdfulटोयू नीतु आपने मुझे इन्वाइट किया है यहा पे पोडकास्ट के लिए या कुछ सिचुएशन भी हो सकती है। i m grेdfulforthe tim आई हैव स्पैंड वित यू ऐसे 5 चीजें पर्सन सिचुएशन कुछ भी आपको रोज लिखने है और हर रोज नया चाहिए डू इट फॉर सिक्सटी सिक्स डे बिकज पहले ट्वेंटी टू डेज में क्या होगा कि आपका जो हार्ड वायरिंग है वो रजिस्टेंस लेके। आएगा क्या बोरिंग चीज में कर रहा हूँ नेक्ट ट्वेंटी टू डेज इंस्टॉलेशन होगा उसके बाद का जो नेक्ट ट्वेंटी टू डेज है वो इंटिग्रेशन होगा उसके बाद तो फिर आप ऑटोमेटिकली फ्रीक्वेंसी में आ जाओगे तो इससे क्या होगा आपके माइंड का पूरा री वायरिंग होगा मतलब अभी आपको कहीं पर ब्लेम विकेटमाजेशन नहीं देखे आप ग्रैटिट्यूड की फ्रीक्वेंसी में जीना स्टार्ट कर लोगे। तो ये है ग्रैटीट्यूड जर्नल और जैसे होता है न की किसी 1 एरिया में बहुत बड़ा बिल्डिंग बन रहा है और वहाँ पर ऐसा कुछ नहीं है लेकिन जैसे वो बिल्डिंग बनता है टी पी रोड बनता है। फिर वहा पे गार्डन बनेगा, टेम्पल बनेगा, हॉस्पिटल, स्कूल आएगा सब कुछ डेवलप होना स्टार्ट हो जाता है। ऐसे ही जैसे ही आपने ग्रेटिट्यूड फ्रीक्वेंसी से कम्यूनिकेशन स्टार्ट कर लिया न बाकी सारे रास्ते आपके ओपन होना चालू हो जाएंगे। चाहे वो फीर है, स्ट्रेस है, प्रोकाशिनेशनहै हैबिट श्यूज सब कुछ धीरे धीरे धीरे धीरे ऑटोमेटिक ली, आपको रास्ते मिलना स्टार्ट हो जाएगा क्योंकि आपने वो फ्रीक्वेंसी से कर ली ग्रे यूनिवर्स के साथ और अभी तक क्या था रिसोर्सिस हमारे आजुबाजू रिसोर्सिस थे लेकिन आपने उस रिसोर्सिस को ब्लॉक करके रखा था, फॉग क्रिएट हो गया था। अनकोंसियसली अभी वो फॉग रेमू हो रहा है। अभी सब कुछ दिख रहा है। अभी सारे रिसोर्सिस का एक्सेस आपको मिलना स्टार्ट हो गया है। फिर आपको एक्शन लेना है तो 1 है ग्रैटिट्यूड जरनल दूसरा भी आप मेडिटेशन भी कर सकते हो।
मेडिटेशन बको बहुत डिफिकल्ट लगता है तो कुछ इजी तो स्टार्ट विथ बता सकते हैं।
इजी टू स्टार्ट तो 1 तो यह जर्नल है लेकिन ग्रैटिट्यूड मेडिटेशन भी इजी है। मेडिटेशन सबको क्यों डिफिकल्ट लगता है क्योंकि सबने 1 परसेप्शन बना लिया है कि मेडिटेशन करना मतलब मुझे ऐसे 7 जगह पर कंधे सीधे नेक्सटेटस्पाइनस्टेट करके बैठना है। फिर कोई थॉट आया तो नहीं थॉट नहीं आना चाहिए, थॉट नहीं आना चाहिए। इसीलिए बोरिंग लगता है। अगर आप पहले मेडिटेशन नहीं कर पा रहे हो ना तो मैं सजेस्ट करता हूँ कि आप गाइडेड मेडिटेशन करो। गाइडेड मतलब कोई म्यूजिक भी चल रहा है साथ में आपको इंस्ट्रक्शन भी मिल रहा है। आपको गाइडेड ग्रेट मेडिटेशन मिल जाएंगे। बहुत सारे मेरे यू ट्यूब चैनल पर भी मैंने गाइडेड ग्रेटिड्यूड मेडिटेशन रखा है। इससे क्या होता है कि आप जो इंस्ट्रक्शन मिल रहा है उसके फ्लो में जाते हो और अगर बीच में फ्लो से भटक भी गए। सो डोंट वरी नेचरल वी आर यूमन बिंग थार्स। तो हमें आयेंगे न 1 और लोग क्या करते है मेडिटेशन को क्या समझते मेडिटेशन हमें थौर्ट ही आने चाहिए, थॉटगयाडिस्ट्रेक्ट हो रहे है आते तो आने 2 और इसलिए मैं बोलता हूँ की बेस्ट प्रैक्टिस है आप गाइडेड मेडिटेशन में, आज की डेट में भी गाइडेड मेडिटेशन करता हूँ ताकि जो इंस्ट्रक्शन मिल रहा है मैं वो फॉलो कर रहा हूँ और गाइडेड ग्रेट मेडिटेशन में बहुत सारी चीजों को आप ग्रेड फुल फील कर रहे हो, ग्रैटीट्यूड कर रहे हो। मैं तो अपने कोच को यहाँ तक भी बोलता हूँ की नींद आती है तो सो जाओ अच्छा सोते सोते करना है तो सोते सोते कर लो, ड्राइविंग करते करते नहीं करना है मतलब लोगों को मेडिटेशन में बोरिंग इसलिए लगता है क्योंकि उन्होंने मेडिटेशन अपने आप में टफ बना लिया है, माइंड में परसेप्शन बना लिया है मेडिटेशन मतलब ये जंगल में आगे करना पड़ेगा नहीं सिम्पल चीज है बोलता हो कुछ नहीं करना ही ध्यान है। अगर आप जिस काम में मग्न हो गए वो मेडिटेशन है डांस कर, मेडिटेशन रीडिंग कर, मेडिटेशन है सो आई वुड सजेस्ट गाइडेड ग्रेटिटूड मेडिटेशन तो इतनी सारी
चीजों के बारे में हमने बात किया if you have to wrap up and some up everything that one thing that you would want to live the ordienc which would help them become a hi performer, what would be that tip?
हाई परफॉर्मर बनने के लिए हमें सबसे पहले तो यह माइंडसेट बना देना पड़ेगा कि मुझे हाई परफॉर्मर बनना है, सक्सेसफुल बनना है। तो लोगों के माइंड में ऐसा होता है की प्रोडक्टिविटी और पीस सातवें नहीं मिलेंगे प्रोडक्टिविटी और पीस दोनों साइट में मिल सकते हैं। हमें अपने साइकोलॉजी को, अपने माइंडसेट को, समझना पड़ेगा, अपनी जो कोर वैल्यूज हैं, अपनी जो कैपिबिलिटी है आडेंटिटी है उसको आप लाइन करो हैप्पीनेस के कुछ फॉर्मूला उस करो द। मोस्ट इमपोरटेंट ग्रेट की फ्रीक्वेंसी में रहो तो आप हाई परफॉर्मर बनोगे सक्सेसफुल भी होगे और देखो दोनों रास्ते हैं दोनों में चैलेंजिस आएंगे स्ट्रगल भी आयेंगे लेकिन अगर आप ये वाला फार्मूला यूज कर हे हो जहाँ पे आप कोर्ड वैल्यू भी फॉलो कर रहे हो, आप अपनी आइडेंटिटी से भी अवेयर हो, ग्रेटिटूड भी फॉलो कर रहे हो तो वो जो चैलेंजिस आ रही हैं ऑफटिकलआरहेहैउसमें आपको स्ट्रेस महसूस नहीं होगा, आपको फिर नहीं आएगा, एग्जैट नहीं आएगी तो यही मेरा लास्ट मैसेज है कि आपके कोर्ड वैल्यूज को ऑललाइन करो happiness follow करो sm sm,
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