Episode 46 - Abhishek Agarwal

Abhishek Agarwal shares how he used aerobic exercise, journaling, and understanding neurotransmitters like endorphins and serotonin to work through depression after a breakup while finishing his CA studies. He argues that every problem pushes you toward a better version of yourself, and that building excellent habits compounds into success more reliably than chasing it directly.
Chapters
hello everyone, hello everyone and welcome to a new episode of vedas, venes podcast and today, i have abichekagrwal with me, abichek is a memory coach, he is a digital market, he is a content, creator, charted, accountant, registred, valuer and a lot more, welcome abisek to the podcast, im so excited to have you with me today,
thank you so much for inviting me to your post podcast, yeah
it s lovely to have you abisek and i would really i m really interested in knowing about your story of how you became a memory coach, please tells about that okay।
एक्प्लेनेटइन इंग्लिश और एक्सपेनेट इन हिंदी वाटएवर
इस कंफोर्टेबल फॉर यू अच्छा।
तो मुझे अपना क्या जेल के बारे में बताना था।
आपको आपकी मेमरी कोच बनने की जर्नी के बारे में बताएं।
ओके बेसिकली ये 1 आइडिया मेरे अंदर से आया था क्योंकि मैं खुद 1 बहुत गंगा स्टूडेंट था। एंड मुझे रेलाइज हुआ कि ला ऐसा कुछ नही है कि मैं गंदा स्टूडेंट है, जस्ट की मुझे टेक्निक्स नहीं पता है। एंड यही जो मेरे अंदर जो प्रॉब्लम है। मुझे लगा कि बाकी सारे स्टूडेंट्स लोग के सपना भी यही इशू होता होगा। लाइक वो लोग भ्रम मे जी रहे होंगे, उन्हें लगता होगा कि कि मैं अच्छा स्टूडेंट नहीं हूँ। मैं ऐसा ही पैदा हुआ हूँ, मैं मंद बुद्धि हूँ लेकिन एक्वल होता क्या कि लोगों के पास में स्किल्स नहीं होता है। जैसे की मेरे पास में तो भी ऑनेसमेराममरीएकद अच्छा नहीं है, बहुत खराब है मेरा मेरी, लेकिन मेरे पास में जो जो स्किल्स है लेकिन मैं वो स्किल्स करके कोई भी एग्जाम में शोर हो के हाँ अगर ये एग्जाम दूंगा तो मैं इजीली क्लियर कर लूंगा। तो अल्टीमेटली इट्स ऑल। अबाउट स्किल्स मुझे। बहुत सारे स्टूडेंट लोग इसी प्रबल साथ में जूझ रहे हैं, उन्हें नहीं समझ में आ रहा है कि प्रेम ऐक्चवली स्किल्स में ना कि उनमें। तो मुझे लगा कि मेरे पास में ये जो स्किल्स मैंने जो इकट्ठा किए हैं सालों साल प्रैक्टिस के बाद में एक्सपीरियंस के बाद में वो मैं बाकी सारे स्टूडेंट्स लोक बताओं ताकि उन्हें फिर स्टडीज में बहुत ज्यादा हेल्प आउट मिले। एंड देखा जाए तो मैं बचपन में बहुत ज्यादा गंदा स्टूडेंट था। लाइक क्लास फोर में में 11 में से 7 सब्जेक्ट में फेल हुआ था। उस समय 1 फनी इंसीडेंट हुआ था। मैं क्लास में ढिंडोरा पीट दिया था की मैं क्लास में टॉप करने वाला है। नाइंटी फाइव परसेंट लाऊंगा एंड। हुआ यह कि मैं 11 में से 7 सब्जेक्ट में फेल हो गया था। तो वो उस काइंड ऑफ़ स्टूडेंट था। मैं इतना गंदा स्टूडेंट था उस समय। फिर वहाँ से फिर मैं धीरे धीरे करके थोडा सा इम्प्रूव करना स्टार्ट किया। खुद को धीरे धीरे मुझे पता चला की हाँ की क्या क्या गलती कर रहा हूँ। मैं एंड सबसे ज्यादा मेजर प्रोग्रेस हो मेरा लाइक आफ्टर माई फादर्स डे की। उसके बाद में ऐसा हो गया था कि थोड़ा सा सीरियसनेस और बढ़ गया था कि मुझे अब पढाई इम्प्रूव करना पड़ेगा। एंड उस समय वो भी था कि रिलेटिव लोग बोल रहे थे कि पढाई छुडवा 2 पढाई में तो अच्छा नहीं है, बिजनेस करवाओ तो वो ज्यादा सही रहेगा। तो फिर मम्मी उस समय डिसाइडेड थे की इसे पढ़ाना ही है। मुझे भी यह चीज हो रहा था कि मै पढाई करके साबित करूंगा खुद को एंड। फिर मैं मैं पहले धुपगुड़ी में रहता था, फिर में वहाँ से मैं सिलुगुडी में आया था, ठीक है तो धुबड़ी बहुत स्मॉल टाउन एरिया है, फिर भी थोड़ा डेवलप है एंड, मैं सिलुगुड़ी में आया था, व सिटी एरिया है एंड, देखा जाए तो मुझे बहुत ज्यादा पसंद भी था, सिगोडी तो मेरे मन में था कि हाँ सिलगडमेंमेरापढाई बहुत ज्यादा अच्छा हो सकता है। तो सिलुगुड़ी में जब मैं आया तो उस समय मेरे पास उतने फ्रेंड्स हैं और ये सब थे नहीं, मैं बहुत फ्री था तो मेरे पास किताब के अलावा और कोई दोस्त था ही नहीं। उस समय तो मैं बंद कमरे में मैं धीरे धीरे पढ़ता रहता था और धीरे धीरे वो जो पढाई करने का जो था, जो लोगो से छुपने के लिए पढ़ता था वो मेरा 1 आदत बन गया बहुत अच्छा आदत में। फिर दिन रात में पढता रहता था और धीरे धीरे मुझे और और नए नए स्किल्स के बारे में पता चला है कि किस तरीके से कोई भी चीज को मेमराइज किया जा सकता है। तो मेरी मेमरी भले ही अच्छा नहीं हो। देखिये मेरे पास जो ट्रिक्स है की अगर मुझे कोई कांटैक्ट करे और बोले की मेरा मेरी बहुत खराब है मैं 1 घंटे के अन्दर अन्दर उसे टॉपर बना सकता हूँ। मैं इतना शोर हूँ क्यूंकि में सेम प्रॉब्लम के साथ में जूझते जूझता था एंड मैं फिर वो सब चीज को अप्लाई किया तो मुझे दिखा के की ऐक्चवली क्या करते है की वो लोग ये सोचते हैं की मेरा जो नेचुरल मेमरी वो ही स्ट्रोंग होना चाहिए। लेकिन दी स्किल्स में समझा तो जब मेरा क्लास टू मेरा एग्जाम हुआ तो मैं फर्स्ट टाइम लाइफ में अपना नाइटी के ऊपर माक्स लाया था और बिजनेस में नाइटी नाइन माता और ऑल इंडिया हाईयस्ट था। फिर जब में सेंस में पढाई में थोड़ा बहुत अच्छा हुआ तो फिर लोग मुझे बोलने लगे की भाई तुम सी लो ं मे उतना ज्यादा इंटरनेट नहीं था मुझे उतना कुछ खास आइडिया भी नहीं था बाकी सारे कोर्सेज के बारे में लोग बोल रहे थे। कोर्स में 1 लोग ही होते है जो सीए बन पाते हैं एंड मुझे थोड़ा सा वैसा था विराट कोहली वाला अग्रेशन ठीक है तो मैं करके दिखाऊंगा तो ऊपर से ऊपर ऐसी 1 इंसीडेंस ये भी था की मेरा वर्ड दे जो है वो फर्स्ट जुलाई है इट बिंग सेलिब्रेटेड सी ए डे। तो मुझे ऐसा लग रहा था कि दिस इज डिवाइन कॉल फॉर मी की इंडिकेशन है पैदा होने के साथ साथ टू बी सी ए। तो फिर मैं सोचा चलो ठीक है मैं स्टार्ट कर ही लेता हूँ इस जर्नी को। तो फिर मैं सीए का जब जर्नी स्टार्ट किया तो फिर मुझे नए नए और स्किल्स पता चला उसमें की जो जिससे मैं अपने स्टडीज को रिफाइन कर सकता हूँ। फिर सीए फाउंडेशन फर्ट शॉट में निकल गया था। एक्वल उस टाइम में सी पी टी था तो मेरा वो सी पी टी निकल गया था। फिर आई पी सी सी मैंने दिया था तो उसमें मेरा नॉर्थ बैंगल हाईएस्ट और काउंटिंग में नाइनटी आया था। एंड टू बी ऑन। जब मैं टॉप किया तो उसमे मुझे ये लग रहा था की मैं फेल भी हो सकता हूँ। तो यह चीज होता है टॉपर लोग के साथ में उन्हें भी डाउट होता है की वो फेल हो सकता है। लेकिन ये 1 चीज था कि मैं स्किल्स प्रॉपरली इम्प्रूव करते जा रहा था। जो स्टडिंग स्किल्स था वो दिन पर दिन मेरा इम्प्रूव हुए जा रहा था। एंड फिर सीए फाइनल में आया। सी फाइनल में मैं फेल हो गया था। लेकिन उस समय मतलब की हमलों के एरिया में भूकंप आया था। थे एंड 3 दिन कंटिन् उसे एग्जाम से 3 हफ्ते पहले मेरा आंख भी खराब हो गया था। तो इट वाज लाइक सोने का सुहागा वाला सिचुएशन के कि जो खराब हो सकता था मेरे साथ में हो रहा है तो लाइक हेल्थ भी खराब हो रहा है, माइंडसेट भी खराब हो जा रहा है और कुल के कारण। तो फिर उस समय तो ये था की भाई की जान है तो जहान है एग्जाम। तो फिर थोड़ा सा खराब ही चल गया। सेकेंड अटेंप में मुझे सिर्फ 1 महीने का छुट्टी मिला था एंड थैंक्स टू माई स्टडिंग स्किल्स ऐक्चवली टू माई मदर ऑफ़ कोर्स। क्योंकि मुझे उस समय चिकन पॉक्स था टेकिंग कैर ऑफ मी रटिेल एंड मेरे पास में 1 महीने की छुट्टी था तो आई लाइक हैविंग चिकन पॉक्स इन सोनिया डिप्रेशन। मेरा। उस समय ब्रेकअप भी हो गया था। तो मैं वैसे ही पागलों वाला मेरा माइंड सेट हो के रखा हुआ था। आर्टिकल िप से मुझे छुट्टी बस 1 महीने का ही मिला था तो 1 महीने के छुट्टी में सीए का बोध ग्रुप मुझे निकालना था। अभी तो 6 सब्जेक्ट है। उस समय तो 8 सब्जेक्ट थी। बस ये था कि मैंने सारा का सारा चीज जो मैने जो करना होता है वो प्रॉपर्ली। मैनेज किया कि कब कैसे, क्या पढ़ना है, कैसे पढ़ना है सब कुछ मैंने प्रॉपरली कर 300 पेज के चैप्टर को थ्री पेज में कैसे कन्वर्ट करना है ये सब करके रखा होता है की मुझे 300 पेज नहीं पढ़ना, थ्री पेज पढ़ना मेरा काम हो जायेगा तुम्हें उस करके रखा होता। चीजों को की ताकि मुझे कोई दिक्कत नहीं है। एंड विन उस हालात के साथ पर रहा है। बोर्ड ग्रुप मेरा क्लियर हो गया। मैं टॉपर तो नहीं बना लेकिन ठीक है सी में क्लियर हो गया। वो भी बहुत था। उस समय 1 महीने की छुट्टी में चिकन, पॉक्स, डिप्रेशन ये सब के साथ में पास करना बहुत मुश्किल था। मैं बहुत ज्यादा अच्छा ऐक्चवली सीए बनने से पहले भी 2 महीना था। जब एग्जाम मेरा खत्म हुआ था तो जब तक एग्जाम चल रहा था वो भी मेरे लिए ऐसा था की चाहे कुछ भी हो जाए अभिषेक तेरे को मेहनत करते जाना है चाहे पढने का मन हो या नहीं हो क्योंकि 12 माक्स के लिए अगर तू फेल हो गया न तो कभी तो खुद को माफ नहीं कर पाएगा, मैं खुद से यही बात करते रहता था लोग बहुत ज्यादा बोलते है पॉजिटिव मेनिफेटेशनकीमेनिफेस्ट करो नेगेटिव बोलोगे तो फेल हो जाओगे, कभी कबार नेगेटिव चीज को मोटीवेट किया जा सकता है लाइक की खुद को वो रियलाइजेशन दिया जा सकता है। तो मैं खुद को रियलाइजेशन देता रहता था कि अगर तुम मेहनत नहीं किया तो 12 मास के लिए अगर फेल हो गया तो तुम माफ़ नहीं कर पाएगा, एंड उस चक्कर में क्या होता था कि मैं भले मुझे पढने का मन ही होता था मैं उस डर से मैं फिर पढने लग जाता, एंड एग्जाम का रिजल्ट भी वैसा ही था रिजल्ट आने से पहले, लेकिन जो जर्नी था 2 महीने का और था जो छुट्टी था जब एग्जाम खत्म हो गया है तो ये सारा चीज जो बात था खुद को बोला की भाई 12 माक्स के लिए फेल हो जाएगा तो क्या होगा। ये बात मैंने खत्म कर दिया था क्योंकि इटवसलाकएग्जाम दे चुका और मुझे आगे का सोचना है। तो मैं यही सोचा था कि जब मैं फर्स्ट टाइम में 5 बार पढ़ के फेल हो गया था तो मैंने यह सोचा कि जब मैं 5 बार पढ़े फेल हो गया तो सेकेंड टेंट में 1 ही बार पढ़ा हूँ तो कहाँ से पास हो जाऊंगा। तो अब उस समय में यह सोचा की चलो ठीक है। अब मैं वापस से पढाई स्टार्ट कर देता हूँ, में अच्छा से दूंगा और ऑल इंडिया रैंक वन बनूंगा तो मैंने वापस पढाई स्टार्ट कर दिया। अब मैं रियल दुनिया में आ गया की भाई नहीं ठीक है, वो अकाउंटिंग होता है हम लोग का प्रूडेंस वाला, तो मैं वही प्रूडेंट कंसेप्ट लेके चल रहा था नहीं हो सकता है कि शायद मैं फेल हो जाऊं तो ठीक है चलो पढ़ना स्टार्ट कर देते है। अब जिस दिन रिजल्ट वाला डे था वो बहुत फनी था ऐक्चवली उस दिन मैं मूवी देखने के लिए गया था, मूवी का नाम था वजीर एंड मैं यही सोचता था कि रिजल्ट तो डिक्लेयर होगा मैं पक्का पी लूंगा इससे अच्छा 1 मूवी तो आराम से देख लो वरना फिर मूवी भी नहीं देख पाऊँगा एंड जब मैं मूवी देखने के लिए गया था मैं तो कुछ समय 1 सेकेंड मेरा ध्यान मूवी में था नहीं मोबाइल सुच लेकिन मैंने फिर क्या बोलू मैं फिर धीरे धीरे कर कर के मैं मुझे छोड़ो यार मैं मोबाइल स्विच किया एंड जैसे ही मैंने मोबाइल स्वीच न किया तो उस समय मेरे फ्रेंड का कॉल आया की अभिषेक सी मुझे रिलाइज नहीं हो रहा था, मैं सपना देख रहा हूँ ये रियलिटी है या मैं सही सुना हूँ की नहीं सुना। तो फिर उसके बाद मूवी हॉल के बाहर गया, फिर मैं वापस से पूछा क्या हुआ बोलता है एंड शी वाज लाइक अभिषेक तो सी ए बन गया। एंड कुस पर्टिकलरमोमेंट में मैं वही मूवी हॉल के बाहर दरवाजे के सामने गिर पड़ा रो रहा हूँ। एंड फ्लैशबैक में चला गया हूँ कि क्या हुआ था मेरे साथ, कैसे कैसे, क्या, क्या चीज हो के मैं इस मुकाम पर पहुंचा। हालांकि इस प्वाइंट तक में भी मैंने कोई मेमरी को वैसे बनने का नहीं सोचा था। हाँ ये सब लेते रहता था की स्टडिंग स्किल्स कैसे इम्प्रूव किया जा सकता है। लेकिन न टू बी ओनेस में अगर उस समय बन पाता तो मैं बनने की कोशिश करता। क्योंकि उस समय इतना ज्यादा डिजिटल, लाइक, इक्विटमेंट कैसे यूज करना, ये सब चीजे आइडिया नहीं था। उस समय तो मैं सेमिनार धन समय भी ले रहा था। एंड जैसे ही मेरा सीए के लिए हुआ, फिर जो स्टडिंग स्किल्स था कंटिन्यूस अप्लाई किए जा रहा था नए नए कोर्सेज में, तो उसके बाद मैंने पोस्ट क्वालिफिकेशन कोर्सेज में मैंने दीसा। क्लियर किया, डी आई एम, क्लियर किया, रजिस्टर्ड वैल्यू बी कॉम एम कॉम यू जी सी एन टी सोशल ऑडिटर एफ एफ डी सर्वेयर लॉस सर। मुझे पता भी नहीं है, क्वालिफिकेशन में भूल भी गया हो।
तो वो जब आदत पड़ जाती ने की तो फिर आप छोड़ नहीं पाते। व आलसो इन दैट, वोल्ड आफ्टर बिकमिंग सी क्यूंकि इतना पढने के बाद अचानक से जब कुछ नहीं होता, न देन यू वांट टू डू, मोर एन मोर डिग्रीज तो वो बहुत जन के साथ होता है। मैंने देखा है कि सीए के साथ बहुत सारी डिग्रीज फिर वो करते हैं, बाद में है वो।
एक्च्ालीदेखाजाए तो सबको 1 यू एस पी वाला चीज भी आ जाता है कि लोगों को क्या चीज करना ज्यादा पसंद है। हालांकि टू बी ऐसा भी नहीं है कि मुझे पढाई करना ही पसंद था। मुझे लालच ज्यादा क्वालिफिकेशन की थी तो ऐसे बुक्स मुझे पढ़ना स, लेकिन वो नॉन फिक्शन बुक्स होती है। लाइक न्यूरो साइंस के बुक्स हो गए, सेल्फ बुक्स हो गए, बायोग्राफी हो गए तो मैं वो करीब करीब डेढ़ सौ से 200 बुक्स मैंने वो पढ़ी है। लेकिन क्वॉलिफिकेशन के बुक्स मैंने जस्ट। इसलिए पढ़ी क्यूँ की मुझे डिग्री का लाल सा एंड ये स्किल की ये सारी जितने स्किल्स जो मैंने सीखी है पढाई को लेकर, मेमराइजेशन ये सब चीज को लेकर, वो काम करता है, नहीं करता है। तो मुझे समझ में आया कि हाँ की भाई मैं इसे कॉपी पेस्ट करता रहूँगा। मैं बार बार एग्जाम ईजीली क्लियर कर लूंगा। तो ऐसा भी नहीं है की मेरा हैबिट बना ही रहता था। लेकिन मुझे इतना पता रहता था की ये स्टडी हैबिट को मैं वापस से कैसे ला सकता हूँ। आप देखेंगे की बहुत सरे लोग होते है, वो लोग गोल बनाते हैं, होता क्या बोला जाता चाहिए। लेकिन अब गोल्स के साथ में प्रॉब्लम का होता है। 1 बार वो गोल अचीव हो गया तो अब उसके आगे क्या। तो जैसे की अब मैं सी ए बन गया तो अब सी के आगे क्या। तो मेन चीज होता है की वो अंदर का हैबिट डेवलप करना और हैबिट डेवलप करना 1 कला होता है लोगों के पास में पेशेंस होता नहीं है, मुझे ये चीज पता है कि जब मेरा क्वालिफिकेशन अचीव जाएगा उसके बाद मेरी 12 महीने का गैप हो जाएगा तो मुझे पता मुझे पढ़ने का मन नहीं करेगा। एंड इट्स कम्प्लीटली नॉर्मल एंड ऐसे आपने भी देखे होंगे बहुत सारे टॉपर स्टूडेंट लोग, वो लोग बोलते होंगे की पहले तो मैं बहुत ज्यादा पड़ता था, नाइंटी फाइव परसेंट लाता था अब पता नहीं फिर बाद में मैं अचानक बहुत खराब स्टूडेंट हो गया। मुझे पढ़ने का मन नहीं करता है यह कंप्लीटली नॉर्मल है। लेकिन लोग ये चीज एक्सेप्ट नहीं कर पाते है। इस आल अबाउट द न्यूरो क्लासिसिट की आप पढ़ना छोड़ दिए, आप पढ़ना छोड़ दिए तो न्यूरोंस का जो कनेक्शन वो भी खोता गया। तो अब न्यूरो क्लासिसिट चेंज हो गया। एंड यही चीज है कि मुझे पता है कि काफी टाइम से कोई क्वालिफिकेशन नहीं कर रहा हूँ। अब मैं कोई पढने के लिए बैठूंगा मुझे मन नहीं करेगा। मुझे बहुत घटिया लगेगा एंड आई एक्सेप्ट मतलब माईसेल्फ। आज डेट मैं एक्सेप्ट कर लेता हूँ की हाँ ठीक है में अभी टाइम बिंग पढाई में खराब रहूंगा, मैं पढ़ाई में खराब रहूंगा, कम्प्लीटली नॉर्मल ये जो स्टेज होता है ये स्टूडेंट्स एक्सेप्ट नहीं कर पाते है कि भई की फलाना स्टूडेंट जो है वो तो 12 12 घंटा पद रहा है, मैं तो सिर्फ 1 घंटा पढ़ रही हूँ या पढ़ रहा हूँ तो मैं कैसे कर पाऊंगा इस चीज को तो वो जो स्टेज है जिसमें एक्सेप्ट करना है। तो ठीक है कि नोट गुड एट दिस पर्टिकुलर मोमेंट लेकिन आई जस्ट नीड टू एक्सेप्ट माई सेल्फ एंड कीप ऑन गोइंग एंड ये जो समय है इस समय ही न्यूरो प्लास्टिक सिटी हो रहा होता है अगेन आपको वो जो हैबिटहै वो डेवलप होना होना स्टार्ट हो जाता है। एंड फिर अगर चीज को कंटिन्यू रखेंगे कि आप 1 घंटा फिर डेढ़ घंटा, फिर 2 घंटा ऐसे धीरे धीरे हल्का हल्का पुश करेंगे या फिर 1 हफ्ता 2 घंटा करके पढ़ रहे है। फिर उसके बाद में मान लीजिये की अगला हफ्ता फिर 4 घंटा करके, फिर 6 घंटा करके आप धीरे धीरे खुद को करके पुश करेंगे तो ऑव्यस बात है की आप वापस उस फ्लो में आ जायेंगे जिस फ्लो में आप पहले थे। लेकिन ये जो स्लो होता है न स्लो चीज लोगों को पसंद नहीं है, लोगों को चाहिए इंस्टेंट ग्रैटिफिकेशन भाई अभी के अभी अभी के अभी तो वो लोग चाहिए फटाफट कुछ हो जाए, कुछ जादू ऐसे चुटकी काम हो जाए लेकिन वैसा वैसा होता नहीं है।
थैंक बलिंकेट
ये सब की वजह से ये इंस्टेंट ग्रैटिफिकेशन जो है बल्कि थोड़ा नेगेटिव वे में इम्पैक्ट कर रहा है। लेकिन हाँ मैं इंस्टेंट ग्रैटिफिकेशन इन द सेंस में मेमरी मेमराइजेशन कोई भी चीज को मेमराइज करने के बेसिस में चाहे तो इंस्टेंट ग्रैटिफिकेशन दे सकता हूँ। इतना तो मुझे पता है लेकिन ये पता है की हैबिट डेवलपमेंट जब करना है, हैबिट डेवलपमेंट जब करना है तो इट विल ऐक्चवली टेक सम टाइम एन यू नीड टू एक्सेप्टेट आप बहुत गन्दा तरीके से पढेंगे लाइक टू बी ऑनेस्ट में अपने बताता हूँ मैं जब भी कोई नया क्वालिफिकेशन के लिए जब परस्यू कर रहा होता हूँ तो मेरे एक्च्वाली में मैं कर क्या रहा होता हूँ लोगो को लगेगा की पता नहीं अभी क्या जादू टोना कर रहा होगा अभी 12 13 घंटा पढ़ रहा होगा कुछ सुपर हीरो मोड में पढाई कर रहा होगा एंड आई म जब मैं कोई भी नया क्वालीफिकेशन के लिए स्टार्ट कर रहा हूँ लाइक व आई डू लाइक लैपटॉप के सामने में मूवी ऑन कर लूंगा जो मैं ऑलरेडी देख चुका हूँ ताकि वो मेरे लिए 1 दम बहुत ज्यादा एनग्रोसिंग नहीं हो लेकिन एट द सेम टाइम मेरे लिए वो इनवायरमेंट बोरिंग भी नहीं हो क्योंकि अभी मेरा पढ़ने का ही जा चुका है एंड मुझे थोड़ा सा एंजॉयमेंट चाहिए तो रिलैक्स टाइप का इनवायरमेंट चाहिए मुझे तो मुझे पता है कि करेंटली अभी जब मैं पढूंगा मुझे मन नहीं करेगा तो मैं क्या करता हूँ मैं लैपटॉप में मूवी चला लूंगा या फिर मोबाइल में मूवी चला लूंगा ये बहुत गलत हे है पढने का मुझे पता है लेकिन दिस इस द वे आई स्टार्टेड है एंड फिर मैं धीरे धीरे मेरा मन लगने लगेगा किताब में फिर क्या करूँगा मैं धीरे धीरे लैपटॉप का वॉल्यूम लो कर दूंगा। मोबाइल आई का वॉल्यूम लो कर दूंगा। मुझे बस पिक्चर हल्का फुलका दिख रहा है एंड संस वो देखा हुआ मूवी है या वेब सीरीज है तो मेरे लिए उतना ज्यादा एनग्रोसिंग भी नहीं है तो ऐसा भी नहीं होगा कि मैं उसी में मैं खो जाऊंगा वैसा नहीं होने वाला। एंड फिर जैसे जैसे मैं और पढ़ने लगता हूँ मेरा धीरे धीरे पढाई में मन लगने लगता है। उसके बाद में होता क्या है कि मैं घूमते घूमते पढने लग जाता हूँ या फिर मेरा मोबाइल जो लैपटॉप का स्क्रीन है उसका भी मैं ब्राइटनेस लू कर देता हूँ या मोबाइल का भी ब्राइटनेस में लो कर देता हूँ तो वो धीरे धीरे करके मैं खुद को डीटॉक्स कर रहा होता हूँ एंड फिर कुछ प्वाइंट ऑफ टाइम में 1 सिचुएशन आता है जब मोबाइल बंद लैपटॉप बंद एंड 9 द सुपर हीरो अभिषेक हैज राइट अब मैं पढ़ रहा हूँ एकदम फुल फोकस के साथ में, तो ये
आप सिखा तो धीरे धीरे ही है,
डेवलप होता है ये मैंने कम्पलीट हाँ मैं सब कुछ ही सिखाता हूँ मेरा कोर्स भी डेवलप है मैंने बना रखा है कहा चाहे तो डिस्क्रिप्शन में मैं आपको लिंक दे दूंगा। आप डिस्किप्शन में डाल दीजियेगा वो बिल्कुल वो डायरेक्टली एसएस कर सकते हैं उसमें 5 मॉड्यूल है मैंने सारे के सारे जो स्टूडेंट्स के इशूज होते है हर 1 इशू को मैंने कवर कर रखा है माइंडसेट है माइंडसेट मास्टरी मैं मेरी मास्टरी हैवी डेवलपमेंट मास्टरी स्लीप मास्टरी एंड स्टडी स्किल्स मास्टरी जितनी भी चीज मुझे पता है इसके अलावा मैंने लाइक की बहुत सारी बुक्स मैंने पढ़ी है एंड वो सबके नॉलेज को भी मैंने उस कोर्स के अंदर में डाल दिया ताकि किसी को भी कोई भी ये सब साइड कोर्सेज या बुक्स और ये सब नहीं पढ़ना पड़े अगर स्टडीज इम्प्रूव करना है तो वो सारा का सारा जिसका सलूशन जस्ट 1 पर्टिकुलर कोर्स में मिलता है, एंड टोटल उस कोर्स का ड्यूरेशन, इट वुड बी लाइक रफरी अराउंड सेवन आवर्स एंड बहुत सारे विडियोज हैं। ऐसा नहीं है कि आपको 11 बार में आधा घंटा या 11 घंटा डिवोर्ड करना पड़ेगा। इट्स लाइक टू मिनट के भी वीडियो फाइव मिनट मिनट के वीडियोज है तो वेनएवर स्टूडेंट इस फ्री दन कैन गो टू पर्टिकुलर कोर्स टू द। वीडियोज तो हर रोज वो थोड़ा थोड़ा टाइम भी अगर डिवोट करेंगे तो उनका मन ईजीली वो पूरा कोर्स खत्म हो जाएगा। एंड। मुझे पता है कि अगर कोई भी उसको एस एस करता है तो उसका रिजल्ट अच्छा ही मिलेगा। गॉट हेल लॉट ऑफ फीडबैक कार्ड की ये कोर्स करने के बाद मैं ऐसा हो गया, वैसा हो गया एंड देयर वाज स्टूडेंट जिनका फादर का डेत हो गया था एंड। उसने मुझे कॉल करके बोला सर मैंने आपको उसका क कोर्स किया था इसलिए मैं खुद को संभाल पाया। वरना मैं संभाल नहीं पाता। खुद को तो इतना बड़ा बात मुझे कहा गया। तो मुझे पता है कि 1 स्टूडेंट 1 इंसान की लाइफ में क्या क्या चीज गुजर रहा होता है, उसको कैसे ओवर कम किया जाता है। तो हर 1 चीज को मैंने कोर्स में 1 ढाल दिया ताकि किसी को भी स्टडीज को लेकर कोई इशू नहीं हो।
बाद में म वाह दैट सुपर एंड किन्हें देखना चाहिए ये कोर्स किसके लिए बहुत रेलवे कौन सा, एज ग्रुप कौन मतलब क्या पढाई कर रहे है। जिसको ये कोर्स से फायदा मिलेगा।
कोई भी कोर्स कर रहे हो उसके लिए बेनेफिशल है। लेकिन फिर भी मैं कहूँगा की क्लास नाइन स्टूडेंट या उनके ऊपर जो है वो इनको एसेस करे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। क्यूंकि उसमे थोड़े से हारमोन के बारे में भी बताया है। डोपमीनकटंडऔरफि न सके बायोलॉजी बुक्स में इ सब के बारे में थोडा बहुत बताया तो वो समझ पाएंगे। इस चीज को तो ऐसा कुछ नहीं है की बड़े लोग इसको एसेस नहीं कर सकते, बड़े कर सकते है। चार्टेड अकाउंटेंट स्टूडेंट बी एस एस मतलब कोई भी कोर्स कर रहे है वो इसको से कर सकते हैं, समझ सकते हैं। मेरी 1 स्टूडेंट थी बी डी एस का स्टूडेंट स्टडीज में वो उतनी अच्छी नहीं थी एंड। फिर वो मेरे से मेरे साथ में कनेक्ट हुई मैंने उन्होंने अपना कोर्स दिया, उसके बाद मे सीधा कॉपी कर लिए। अपनी यूनिवर्सिटी में तो ऐसा कुछ नहीं है कि 1 पर्टिकुलर कोर्स के ही लोग कर सकते हैं, कोई भी इसे कर सकता है लाइक बी साइड, स्टूडेंट, स्टूडेंट, कॉम स्टूडेंट कोई भी इसे कर सकता है।
वेरी नाईस वेरी नाइस अभिषेक आपने मेंशन किया की आपको भी डिप्रेशन हुआ था थोड़ा उसके बारे में बताएंगे की आप कैसे निकाल करके आए वाट वज द जर्नी यू नो होव, डिड यू बाउंसबैक किसी का हेल्प था या फिर आपने कुछ मतलब सोचा कि एग्जैक्ट ली क्या हुआ। बिकज बहुत सारे लोग अभी इस चीज से गुजर रहे हैं। बहुत सारे लोगों को इस चीज को सुनने की जरुरत है कि कैसे बाउंसबैक किया जाता है में बी योर स्टोरी
कैन इंस्पायर समवन डिप्रेशन कौनसा व जो सीए फाइनल के टाइम में जब हुआ
था यू में had ब्रेकप लो, हा
हा हा हा हा उस समय एक्वालीबाउंसबैक तो क्या बस वो 1 डर मेरे अंदर में था कि मैं फेल नहीं हो जाओ। तो उसलिए सब किसको लेकर ही चल रहा था। मैं लाइफ को तो कम्प्लीटली ट्रांसफार्म कर नहीं सकता हूँ। तो मेन चीज मेरा ये था की एक्सेप्टेंस कि मैं अपना जो सिचुएशन है उसको सबसे पहले मैं एक्सेप्ट कर लो ना कि विशफुल थिंकिंग करूँ लो, क्या की विशफुल थिंकिंग करने लग जाते है की काश ऐसा होता काश, काश काश बोलने से तो चेंज होगा नहीं लाइफ, लेकिन जब आप एक्सेप्ट कर लेते है तो एटलीस्ट यह पता रहता है कि दिस इज माई प्रॉब्लम, आई नीड टू डील वित इट। तो मुझे पता था कि मेरा प्रॉब्लम है ये मुझे ये एक्सेप्ट करना पड़ेगा, मेरे विशफुल थिंकिंग से यह गायब नहीं होने वाला। तो मैं डिप्रेशन को साथ में लेकर ही चल रहा था। तो अल्टीमेटली ऐसा नहीं था कि डिप्रेशन कम हो जा रहा है, डिप्रेशन के साथ में चल रहा हूँ लेकिन मैं अपना सिचुएशन को एक्सेप्ट कर लिया ये सोचकर कि हाँ कि चलो देर, वुड बी बेटर तो मार तो अगर मैं गिवअप कर दूंगा देर, वुड बी नो बेटर तो मरो लेकिन आई एक्सेप्टेट एंड आई कंटिन्यू टू गो। तो हो सकता है कि there would be actually be a betr tomar and ऐक्चवली न। there is मतलब की बहुत ज्यादा अच्छा बेटर टुमौरो है, जितना मैंने सोचा था।
the is as it at the end of the ten, hmesha the hope। always hope, this i want everybody whos listing to this podcast, watching this। there is always hope। just keep that in mind, even in the lowest of low of times। if you have been given life, its a gift, so just you know stick to that gift be hopeful and everything will fall into place। this is what i want to say to everybody has watching and abisek is a testament। because आपने bahut jala its not easy abisek to lose your parent at such an early age, it must have in very difficult, but you were able to bounce back। आई थिंक बहुत सारी चीजें लाइफ में इसलिए होती है ताकि वो हमें बेटर बना सके। सो ई थिंक यू कम आउट वेरी वेरी वेल ईवेन डिस्पाइट ऑल द एक्सपीरियंस
दैट यू हैव हैड ऐक्चवली मैंने भगवत, गीता भी पढ़ा था, भगभग दीदिया में यह चीज लिखा हुआ था कि आज की डेट में अगर आपने कुछ अचीव किया है, आप बहुत पढ़े लिखे हो, या बहुत ज्यादा, आपने पैसा कमा लिया, यह बहुत गुड लुकिंग हो या कोई भी चीज में आप बहुत ज्यादा अच्छे हो, तो इसका मतलब ये ही है की आपने बहुत मेहनत की, आपको इस तरीके का बनाया गया ताकि आप वो सब चीज अचीव कर सके तो ये चीजें। इससे मुझे समझ मे आया कि आपके लाइफ में आपको प्रॉब्लम इसलिए ही दिया जाता है ताकि आप उसको ओवर कम करके आप बेटर तो शायद मुझे लाइफ में वो सारे डिप्रेशन या फिर बहुत ज्यादा खराब सिचुएशन नहीं दिया गया होता तो मैं खुद को एक्सप्लोर नहीं कर पाता। मुझे पता ही नहीं चलता कि मेरे अंदर क्या क्या काबिल जाता है। तो अब अगर आप लोगो की लाइफ में भी ऐसा है कि बहुत ज्यादा खराब सिचुएशन चल रहा है एंड आपको लगे की नहीं कि ये सिर्फ मेरे साथ ही ऐसा प्रॉब्लम है। देखिये में सबके साथ में कुछ न कुछ प्रॉब्लम होता है। एवरी बडी है वाटर यूनिक सेट अप प्रॉब्लम लेकिन आपको प्रॉब्लम इसलिए ही दिया गया है ताकि आप उसको ओवर कम करके आप 1 न्यू लाइफ क्रिएट करें एंड आप लोगो के लिए इंस्प्रेशन बन सके। लाइक मेरे लिए भी यह था सीए फाइनल के टाइम में की बैक ऑफ द माइंड ये भी चलते रहता था कि अगर मैं इस सिचुएशन को डील करके अगर मैं सी ए बन जाता हूँ तो मैं बहुत सारे लोग बहुत सारे लोगों को इंस्पायर कर सकता हूँ। एंड ये क्यूंकि बहुत रेस सिचुएशन है कि भाई की 1 महीने की छुट्टी हो एंड इनसोमिया भी हो गया, चिकन पॉक्स भी हो गया, डिप्रेशन भी चल रहा है, हेल्थ इशूज भी अलग अलग तरीके का एंड कुस सिचुएशन में दोनों ग्रुप कवर करके फिर क्लियर करना, इट्स नौट इन, ईजी थिंग लेकिन टू बी ऑन उस समय इतना भरोसा नहीं था। खुद पर तो ऐसा नहीं होता कभी भी कि आप जिसको देख रहे हो बहुत ज्यादा अचीव कर रखा हो लाइफ में तो आपको ऐसा लगता होगा कि वो हर समय पॉजिटिव है ऐसा नहीं होता है लेकिन उसको ये पता होता है कि नेगेटिव हो के भी फायदा नहीं है उसे कोशिश तो करना ही पड़ेगा। एंड फिर जैसे कि बोला जाता है कि वे देर इस विल देर वे तो वही वाला चीज है कि अगर आप कोशिश करेंगे तो कभी न कभी तो आपको सक्सेस मिलेगा लेकिन अगर आप गिवअप कर देंगे तो आपका सिच्वेशन कभी बदलेगा नहीं तो भी अगर आपके पास में डिप्रेशन है तो भी आपको उसे एक्सेप्ट करके चलना पड़ेगा। एंड आज की डेट में देखा जाए तो और भी बहुत सारा चीज है जिसको आप जानते हो तो आप डिप्रेशन को वैसे भी डील कर सकते हो लेकिन एक्सेप्टेंस तो 1 वन वे हो गया लेकिन उसके अलावा और भी बहुत सारे वे हैं लेकिन अगर आपको अपने बॉडी के हारमोन को चेंज करना आता है, मैनिपिलिएट करना आता है तो आप डिप्रेशन को और बेटर डील कर सकते हो। लाइक इफ यू डू एक्सरसाइज अगर आप एरोबिक एक्सरसाइज करते हैं लाइक जिसमें आपका हार्ड भी तेज हो जाता है रनिंग साइकिलिंग एंड आल ये सारे से क्या होगा हार्ड वीट तेज होगा उससे एंडोरफीन जनरेट होगा उससे क्या होगा कि आपको और बेटर फील होगा अंदर से तो जो की आप नॉर्मली भी एक्सपीरियंस करते होंगे अगर आप भी। कोई गेम खेलने के लिए गए हो या एक्सरसाइज की हो तो आप फील करते होंगे कि उसके तुरंत बाद आपको बहुत ज्यादा बेटर फील होता है तो ऑव्यस बात है की अगर आप डिप्रेस हो तो उस समय आप कुछ एक्टिविटी करेंगे तो आपको उससे बेटर फील होगा एंडोरफिन जनरेट होगा या फिर फ्रेंड लोक से। अगर आप बात करते हैं गो फॉर, सम, हेलपरिचॉटफॉर हेल्प तो उससे क्या होगा की आपको सेरोटनइन जनरेट हो गा फिर आपके पास में पैरेंट्स हैं आप उनको हक करेंगे या पेट एनिमल्स हैं उनको पेट करेंगे तो उससे लव आर्मी जनरेट ऑक्सिटन न्यूमरस वे बाय विच यू कैन डील डिप्रेशन। तो ऐसा नहीं है कि अगर आपको कुछ खराब फील हो रहा है तो यही आपका लाइफ बन गया वो आपका बस 1 करेंट स्टेट है तो जैसे की आपके लाइफ में अवसेंटडाउंसआते ही आपका मूड है तो आपका मूड भी ऐसा ही है अवसेंटडाउंसआतेही रहेगा तो अगर आपके करेंट स्टेट डिप्रेशन है तो वो आपका असलियत नहीं है उसे बदला जा सकता है टाइम तो जस्ट एक्सेप्टेड and then work on it। ओवraपीलोडटाइमये चला जाएगा right।
and do you want to talk about the breakup that you know that was bad and affected you। because a lot of people go through that as well and lets face it। it is a reality that it happens and bohजenस्col। नहीं झेल पाते हैं तो उस वक्त क्या हुआ था और कैसे आपने अपने आप को मैनेज करके उस सिचुएशन से
बाहर निकाला तो भी आने आज की डेट में अगर मैं सोचूं तो मुझे थोड़ा सा लगेगा क्या फनी चीज था लेकिन उस समय तो सही में मेरे लिए बहुत बड़ा मेंटल ट्रामा था। मेरा ऐसा था कि मैं बहुत ज्यादा ही मतलब एग्रॉस हो जाता हूँ कि कोई भी चीज को लेके तो उस समय जब ब्रेकअप होता मैं उस चीज को एक्सेप्ट नहीं कर पा रहा था आज के टाइम में तो पता नहीं नॉर्मलाइज हो रखा है लेकिन मुझे उस टाइम पर ऐसा लग रहा था पता नहीं कि क्या हो गया तो जब मेरा ब्रेकअप हो तो एक्सेप्ट ही नहीं कर पा रहा था कि ब्रेकअप हो गया है, मुझे लग रहा है कोई सपना देख रहा हूँ ये चेंज हो जाएगा। मैं उठूंगा देखूंगा की सब नॉर्मलाइज हो चुका है लेकिन वैसा कुछ नहीं था। तो जो मुझे उस समय था मैं क्या मेरे अंदर में बहुत सारे थॉट्स चलते रहते थे तो मुझे 1 चीज रिलाइज हुआ आई राइट माई थॉट्स डाउन तो थोडा सा हेल्प करता था मुझे की अगर मैं कुछ भी चीज लिख लेता, जो भी मेरे ठाट उल्टा पुलटा है मैं उसे पेपर में लिख लेता था तो मुझे बहुत ज्यादा, थोड़ा बहुत ज्यादा होता नहीं लेकिन फिर भी थोड़ा थोड़ा करके मुझे रिलीफ मिलता था एंड इसके अलावा जो था मेरा मतलब मैं उस समय ऐक्चवली में क्या करते रहता था, मैं उस समय दिन भर रोते रहता था, मेरा 1 पाटन बन रहा था लेकिन ब्रेकअप का पहला 3 महीने में दिन में 4 बार रोता था एंड फिर अगला 3 महीना 3 बार फिर, अगला 3 महीना 2 बार फिर, अगला 3 महीना 1 बार फिर। उसके बाद में रोना तो बंद हो गया था लेकिन हाँ सैडनेस का 1 पेच था लेकिन उस समय तक मैं सीए बन चूका था। तो चलो ठीक है कि वो बोलते है इस बेटर तो क्राइन लेमबोर्गनीदैन ऑन फुटपातो मेरे लिए वो सिचुएशन था कि सी बन चूका था तो दाटपटिक्लरक्वालिफिकेशन वाज लाइक लमबर्गनीफॉरमी। चलो ठीक है अब सी बन के भी रो रहा हूँ तो ठीक है कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जब तक मैं न तो वही था कि एक्सेप्ट कर रखा था कि हाँ ये मेरा सिचुएशन है ड मैं वही दिन भर मेरा रोना लगा ही रहता था, रो लिया, उसके बाद में मुंह धोया फिर वापस पढ़ने के लिए बैठ गया, फिर उसके बाद मैं थॉट्स बहुत ज्यादा प्रोवोकिंग हो गया, फिर मैं रो लिया, फिर उसके बाद में पढ़ने के लिए बैठ गया। तो वो जो करीब करीब 1 से डेढ़, महीना जो था वो बहुत एक्स्ट्रीम लेवल था, बहुत एक्सट्रीम लेवल नॉर्मल, ऐसे ही पढ़ने का मन नहीं करता है, ऊपर से चिकन पॉक्स है फिर इन सोनिया भी है, नींद भी नहीं आ रहा। मुझे अब सोचिए कि नार्मली अगर 1 दिन भी हम लोग नहीं सोते हैं तो उससे क्या होता है कितना ज्यादा इरिटिबिलिटीहमोके अंदर में बढ़ जाती है। एंड मेरा तो ऐसा मैं 9 महीने से ठीक से नहीं सोया था तो वो डिप्रेशन भी चल रहा है, ब्रेकअप का फिर सोनिया भी चल रहा है, फिर चिकन पॉक्स भी चल रहा है। तो वो सब चीजों को एक्सेप्ट करके चलना बहुत मुश्किल हो रखा था लेकिन ठीक है की मेरे लिए रखा था कि बस वही है एक्सेप्ट कर लो, एटलीस्ट एक्सेप्ट कर लो तो वो हार्ड ब्रेक को भी एक्सेप्ट कर लिया, मैं हर चीज को एक्सेप्ट कर लिया उसको लेकर ही मैं चल रहा हूँ तो ऑव्यसलीबातहैकब्रेकअप जब होता उसके बाद तो सारा का सारा पढाई तहस मेस्को जाता है सबको का ये 1 न्यूरो साइंस भी आर उसिंग ऑनली थ्री परसेंट ऑफ़ ब्रेन वी आर मिसिंग समवन देन वी आर लूजिंग सेवेंटी परसेंट ऑफ़। आवर कैपिबिलिटी तो सोचा की ऑलरेडी थ्री परसेंट हम लोग कर रहे हैं। जब किसी को मिस कर रहे होते है तो सेवेंटी परसेंट और चला गया तो आर वर्किंग ऑन जस्ट प्वाइंट नाइन परसेंट ब्रेल कैपासिटी तो मैं उस लेवल पे ऑपरेट कर रहा था तो मैं उस प्वाइंट नाइन परसेंट को भी यूटिलाइज कर रहा था की भाई नहीं जितना है मैं उसे यूज करूँ चाहे कुछ भी हो जाए पास देयर विल बी बेटर टुमॉरो एंड सम हाव द यूनिवर्स हेल्प टू की एग्जामिनेशन में भी हो सकता मैं फील हो सकता था क्योंकि मेरा ग्रुप वन में आया था, वन नाइन्टी पास होने के लिए था 200 मार्क्स मेरा ग्रुप वन में था, ऑन नाइन्टी एंड ग्रुप टू में आ गया था, टू हंड्रेड नाइन तो सेट हो के मेरा फोर हंड्रेड प्लस हो गया, मैं पास हो गया तो आज 1 इंस्पिरेशनल स्टोरी शायद हो सकता है। लेकिन यह 1 प्रोमो स्टोरी भी हो सकता था। अगर बाई चांस अगर मैं फेल हो जाता तो। लेकिन 1 चीज यह था कि आई चाइड एक्सेप्टेड माई सिचुएशन, आई वाज क्राइंग ठीक है। ऐसा कोई जादू तो होना नहीं हुआ कि आई ओवरकमटएवरीथिंगलेकिन फरिंग एक्सेप्टेड एंड किप् ऑन मूविंग फॉरवर्ड एंड फिर ओवर पर टाइम सब लाइफ सेट हो गया।
इतने कम एज में अभिषेक आपने इतना कुछ अचीव किया है, इतने सारे, डिग्रीज, इतने सारे लोगों को, आप इंस्पायर करो, इतने बच्चे आपका कोर्सेस पढते हैं। अगर आप अपनी पूरी लाइफ की समरी को निकाल करके कोई 1 मतलब ऐसा विजडम देना चाहते हैं जिससे वो आज के बच्चे इंस्पायर हो सके तो वो क्या होगा? दैट वन थिंग दैट पीपल शुड कीप इन माइंड special un will help them, take better decisions become a better person, nd be inspired
मुझे ये लगता है कि लोगों को ये समझना चाहिए की ऐसे बहुत सारी चीज है जो उन्हें नहीं पता। ठीक है हम लोग क्या होता है की हम लोग सोच रहे हो ये सब कुछ पता है तो जितना हमें पता होता वही हमें रियलिटी लगने लगता है। तो एटलीस्ट पीपल शुड हैव माइंड लाइक 1 ओपन माइंड रखना चाहिए, लर्निंग वाला माइंड सेट रखना चाहिए। तो कभी भी यह नहीं सोचना चाहिए की जितना मुझे पता है यही सच्चाई है एंड अगर जो करंट स्टेट है उसके बेसिस पर अगर कुछ नहीं हो रहा तो आगे भी कुछ नहीं हो सकता। लोगों को एटलीस्ट यह मानना चाहिए कि देयर आर लोट ऑफ़ थिंग दैट दे डोंट नो ं वो मतलब की ओपन होना चाहिए नॉलेज के लिए की नए नए चीजे सीखते रहे, सीखते रहे, सीखते रहे एंड ओवर पीरियड ऑफ़ टाइम ला। उन्हें पता भी नहीं चलेगा कि कब वो जो सीख रहे थे उसे कब उन्हें कंपाउंड रिजल्ट मिला है। वो होता नहीं कि शुरू में आप 5 साल स्ट्रगल करते रहे तो कुछ नहीं होता। आफ्टर फाइव सडनली देर, हू पाइक करियर तो वो ऑव्यस बात है। देर किमलेट फाइव यर्स तो आपको 1 ओपन माइंड सेट रखना पड़ेगा लर्निंग, माइंडसेट रखना पड़ेगा कि अब बी, स्टूडेंट या फिर कोई भी हो ये चीज आईएस के साथ कोई के लिए अप्लाई होता है। अगर स्टूडेंट हैं तो उन्हें ओपन माइंड सेट रखना चाहिए कि उन्हें शायद से कुछ ऐसी चीज है जो नहीं पता और अगर उन्हें वो चीज पता चल जाए तो उनका पढाई में हेल्प हो सकता है। बी प्रोफेशनल, पीपल हु, स्ट्रगलिंग जॉब और बिजनेस। उन्हें भी यह समझना चाहिए कि हाँ ऐसा कुछ चीज है जो उन्हें नहीं पता। तो उन्हें ऊपर माइंडसेट के सीखना चाहिए की मैं सीखूं। अगर ये सब चीज तो मेरे लाइफ में बहुत ज्यादा इम्प्रूवमेंट आ सकता है। तो वो हर 1 चीज, हर 1 इंसान के लिए एप्लीकेबल है। बस वो उन्हें यह देखना है कि सीखना क्या चीज है। तो अगर वो सीखने के लिए रेडी है तो ऑवियसली बात है कि उनका करियर में लाइफ में कभी न कभी तो सुधार आएगा मे भी नोट, टुडे में भी नोट तो मारो लेकिन कभी न कभी तो जरूर आएगा आएगा तो वन एडवाइस इस 10 यहाँ के भाई
सीखते रहो यस आई नो एवरीथिंग इज किलर ऑफ़ ग्रोथ, ये बहुत फेमस कोट है, जिसको सब पता है वो इंसान कभी ग्रो नहीं किया उनके पास कॉपी खत्म हो गया ग्रो करने के लिए राइट सो येस अफकोर्स कीप लर्निंग एवरी सिंगल डे लाइफ इज टू ब्यटिफुल टू बी स्टेयिंग स्टेगनेंट दैट वन प्लेस हम लोग को रोज कुछ नया सीखने में जो मजा मिल सकता है उस मजे को लोगों को इंजॉय करने में बिल्कुल भी हिचकिचाना नहीं चाहिए। सो that इस समथिंग tt हव आलसो एक्सपीरियंस लाइक यू आई आलसो हैव हिस्ट्री ऑफ डेप्रेशन and वाट गेट मी गोइंग हो आज 10 कांस्टेंट लर्निंग एक्सेप्टेंस ऑफ कोर्स दैट वाज द फर्स्ट थिंग एंड मैं हमेशा सीखती रही उस प्रॉब्लम से बाहर आने के लिए मैंने जितना कुछ सीखा। आज उसी से मुझे इतनी कैपिबिलिटीज मिल गई कि मैं दूसरे लोगों को डिप्रेशन में हेल्प कर पाती हूँ। सो दैट इज ऑल जस्ट अ लर्निंग माइंडसेट एनीथिंग स अभिषेक दैट यू वांट टू शैर बिफोर वि क्लोज this शो
मुझे वो थ्री डी ट वाला बात याद आ रहा है की सक्सेस के पीछे मत भागो, एक्सेलेंस एक्सेलेंस के पीछे भागो कामयाबी झक मार के आएगी तो अल्टीमेटली सक्सेस इस जस दी कंपाउंड एफेक्ट ऑफ यू र हैबिट। अगर आप अच्छे हैबिट डेवलप कर लेते हो तो आपको सक्सेस ढूंढना नहीं पड़ेगा समहाउ सक्सेस विल सर्च फॉर यू।
wow that that so profound and thank you so much abececforshering your vistemandcoming for the show today am really really happy that we had you and i hope that we get to have few more podcast in future with you, because this has been very interesting and i dont think this is over
i to get
so, thank you, so much abisek it was lovely speaking with you today the same year।
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I earned 30 LPA at Deloitte, PwC, and Accenture but I still never got promoted. #growthmindset



