A speaker in Hindi describes being shaken by a question about whether empathetic listening skills should stay exclusive to a small group or spread widely. It exposed a conflict between their core values of freedom and creativity against the corporate performance demands they face, making them realize they need work that lets them create and speak freely.
Chapters
खतरनाक क्वेश्चन पूछा था कि तुम्हे जो भगवान ने स्किल दी है जो 1 कोच के लिए रिक्वायर है लिसनिंग है एम्प्टी है लिसनिंग विदाउट जजमेंट तो तुम्हे क्या लगता है कि क्या वो स्किल सिर्फ पंद्रह सौ या 2000 एम्प्लस तक सीमित रखना है या बहुत सारे लोगों के लिए यूज करना है और अगर तुम उसको यूज नहीं कर पाए तो तुम क्या जस्टिफिकेशन दोगे यूनिवर्स को 1 तो क्वेश्चन मेरे माइंड में हिट कर गया और जो मेरा पी आई पी और कोर वैल्यू जा रहा था तो क्योंकि मैं कॉरपोरेट वर्ल्ड में काम कर रहा था तो भले ही मैनेजमेंट अच्छा था सैलरी अच्छी थी सब सही जा रहा था टीम भी सही थी लेकिन कहीं न कहीं अंदर के लेवल पर मेरी कोर वैल्यूज और पी आई पी कॉम्प्रोमाइज हो रही थी जैसे फ्रीडम है वो मेरी कोर वैल्यू में बहुत हाय स्टेज पर आता है और क्रिएटिविटी भी हायर स्टेज पर आता है तो मुझे कुछ ऐसा काम करना पसंद है जहाँ पर मुझे फ्रीडम मिले और क्रिएटिविटी पब्लिक स्पीकिंग मुझे बहुत पसंद है और ट्रेनिंग में अलग अलग इंट्रस्टिंग ट्रेनिंग मेथड लेके आना जहां से मैं कॉम्पलैक्स टॉपिक को सिंपल वे में समझा सकूं।