BURN BELLY #FAT

A Hindi motivational video about losing belly fat before Diwali. The presenter explains how sedentary habits store calories as abdominal fat, why gym memberships fail (excitement fades, pain sets in, people quit), and how to reframe workout pain as satisfying through affirmations and meditation. He recommends modest portion control and protein awareness during the holidays.
Chapters
नमस्ते दोस्तों, ये टाइटल देख कर हडबडा मत जाना क्योंकि दिवाली सर पर आ रही है और आप खुशियाँ मनाने जा रहे हो, बहुत सारा कुछ खाने वाले हो और मुझे ये भी मालूम है कि मैं भी आपके साथ साथ खाने वाला हूँ और इसी बीच में मैं 1 ऐसा विडियो लेकर आया हूँ जो शायद आपको पसंद आए। लेकिन मैं तो सोच रहा हूँ के आपको पसंद आना पड़ेगा, क्योंकि ये टॉपिक ऐसा है जो आपको रोज सताता है। उस चीज के बारे में आप रोज सोचते हो और बोलते हो कि ये मुझे करना है। ये मैं कल सुबह उठ के तो करूंगा ही। इसके बारे में बहुत सोचना पड़ेगा और ये सबसे बड़ी प्रायरिटी है लेकिन आप करते नहीं है। ये क्या है वो है अपना पेट, यह पेट हमारी बहुत मेहनत से कमाई हुई चीज है और हमें उसे छोड़ना है, हमें उसे कम करना है लेकिन कैसे? तो ये चीज कैसे हो सकती है, क्या पॉसिबल है, क्या मुमकिन है लेकिन ये कैसे का जवाब मैं देने वाला हूँ इसके लिए तो ये वीडियो बनाया है नहीं तो में आपके पास ये आता ही नहीं था। तो ये वीडियो बहुत ध्यान से देखना है। आपको 1 और 1 इम्पोर्टेंट बात और यह वीडियो आपको पसंद तो आएगा ही लेकिन याद रखना है की इस चैनल को आपको सबस्क्राइब करना है, आपको ये वीडियो शेयर भी करना है, दोस्तों को दिखाना है और साथ साथ में आपको लाइक भी करना है। तो चलो देखते है पेट कैसे कम किया जाए। तो पहले हम ये देखते हैं। पेट बढ़ता कैसे है हम बचपन से तो इतना बड़ा पेट लेके आते नहीं है। क्या होता है कुछ दिनों के बाद, कुछ महीनों के बाद और कुछ साल के बाद धीरे धीरे अपने खान पान पर थोड़ा सा कंट्रोल निकाल जाता है। बचपन पर तो हम बहुत दौड़ते हैं, खेलते रहते हैं, कुछ न कुछ एक्टिविटी चालू रहती है लेकिन जैसे जैसे हम जॉब करने लगते हैं तब यह एक्टिविटी स्लो हो जाती है। हम बोलते हैं मैं तो ट्रेन में सफर कर रहा हूँ, मैं ड्राइव कर रहा हूँ लेकिन ये एक्टिविटी सिर्फ कुछ पार्ट को मिलती है। लेकिन ऐक्चवली आपकी कैलरीज बंद नहीं होते। जो घर से काम करते है वो बोलते है की घर में भी मेरी एक्टिविटी चालू रहते है लेकिन उतनी कैलरीज बंद नहीं होती लेकिन कैलरीज तो बहुत सारा रहता है। तो यह धीरे धीरे फैट्स में कनवर्ट होता है और पेट बढ़ने लगता है। लेकिन होता क्या है की जब हमारा पेट बढ़ रहा है तब हमें पता नहीं चलता। जब वो पेट 1 लिमिट से बाहर रह जाता है तब पता चलता है कि यह पेट बहुत ज्यादा बढ़ गया है और अब इसको कम करना है और बाद में हम बोलते हैं कि चलो मुझे 1 महीने में कम करना है, पंद्रह दिन में कम करना है और उसके बाद हम अलग अलग सलाह सुनने लगते हैं लेकिन पेट तो कम नहीं होता। होता क्या है हम क्या करते हैं कि हम जिम ज्वाइन करते हैं, जिम में जाते हैं, 10 हजार पंद्रह हजार की फीस देते हैं, नए शूज लेते हैं, नया टीशर्ट वाटेवर, जो भी जीम वैर लेते हैं और वो लेके। हम बैग लेके शुरू करते हैं। अपना पहला दिन। पहले दिन में हमें एक्साइटमेंट रहती है, बहुत कुछ करते रहते हैं। और इंस्ट्रक्टर अगर अच्छा है। तो ठीक है। शायद कोई इंस्ट्रक्टर ऐसा होता है कि चलो 1 ही दिन में आपको वेट कम करना है। चलो आधा पौना घंटा, बस, मरोड़ लो, मरोड लो और उसके बाद हम घर पर आते हैं। दूसरे दिन क्या होता है, दूसरे दिन सुबह उठते हैं और अपनी बॉडी पेन करने लगती है। बोलते हैं यह दर्द कर रहा है। पैर दर्द करता है। नहीं यार नहीं हो सकता। चलो 1 काम करते हैं, आज छुट्टी लेते हैं, कल जाते हैं। अभी जो चीज आपको आज करनी थी वो आपने नहीं की। और हुआ क्या? दूसरे दिन तक आपने खींच लिया। पैर का दर्द और बाकी पूरे बदन का दर्द, वैसे भी कम नहीं हो रहा है। अभी क्या करे? अभी तीसरा दिन चला गया। लेकिन इसी वक्त हमारा खान पान, पे तो कंट्रोल नहीं है। हमारा क्या चल रहा है। चलो 1 बार खा लेते हैं। वैसे भी अभी जीम शुरु किया है। खाने में क्या प्रॉब्लम है, खाई लेते। वैसे भी वजन कम होने वाला है। वेट तो कम होने वाला है। पेट तो वैसे ही कम जाने वाला है। लेकिन वो होता नहीं है। चौथे पांचवे दिन वापस हम जिम्मे जाते हैं। लेकिन वापस सेम हालत हम वही होता है। पेन, पेन, पेन। और होता क्या है कि अपने माइंड को यह मालूम पड़ जाता है। जैसे मैं जिम में जा रहा हूँ, जैसे मैं जिम से वर्कआउट कर रहा हूँ, वैसे मेरा पेन बढ़ रहा है। और ऐसा दुनिया में कोई ब्रेन नहीं है। जो बोलता है कि मुझे पेन चाहिए, वो क्या बोलता है। मुझे तो आनंद चाहिए, मुझे रिलैक्स एशन चाहिए, मुझे तो बस खुशियाँ खुशियाँ चाहिए। और जब हमें पेन होने लगता है तो हमारा ब्रेन बोलता है कि भाई एक्सरसाइज करने मजा क्यूंकी उधर। पेन बहुत होता है। तो हमारी सुबह ऐसी होती है की नहीं यार नहीं जाते। कुछ न कुछ ऐसी चीज हो जाती है और जिसकी वजह से हम बोलते हैं या पेट दर्द कर रहा है, ये कर रहा है, ये बोल रहा है। और हम जिम जाते नहीं। और धीरे धीरे पेट वैसे के वैसे हमारा 14 पंद्रह हजार रुपया व जो भी कुछ खर्चा किया, कपड़ों के ऊपर, शूस के ऊपर, वो 3, 4000 पया। तो इन्वेस्टमेंट किधर गई बस खरीदने में और ज्वाइन करने में। लेकिन हमने कुछ किया नहीं। तो इस हालत में क्या करना है जिसकी वजह से आप जिम जा सके जिसकी वजह से आपका फुड के ऊपर कंट्रोल हो जाए। इसके लिए सबसे इम्पोर्टेंट चीज है अपने अंदर से वो ताकत या अंदर से वो इच्छा या डिजायर क्रिएट होना जिसकी वजह से आप रोज जिम जा सके उसके लिए क्या करना पड़ेगा। आप खुद मुझे। बताइए। आपको ऐसी कौन सी चीज अच्छी लगती है जो बार बार करना चाहते हैं। या तो शायद सोना हो सकता है जिसमें आपको बहुत रिलैक्स महसूस होता है या गाने सुनना अच्छा लगता है या बहुत कुछ। अच्छा सा खाने में अच्छा लगता है तो उसमें आपको क्या आनंद मिलता है। आपने कभी ढूंढने की कोशिश की है? क्या वो आनंद आपको जीम में मिल सकता है? शायद आप घूमने गए, आपको, ये 1 लोकेशन पर गए, उधर आपको, 1 आनंद मिला वो सटिस्फेक्शन। अगर आपको जिम में मिलने लगे तो लेकिन वो कैसे मिल सकता है उसके लिए आपको जिम में जो पेन है उसको कनवर्ट करना पड़ेगा। सैटिस्फेक्शन में जैसे जैसे आपको लगे कि मेरा बदन दर्द कर रहा है आफ्टर वर्कआउट तो आपको ये महसूस करना पड़ेगा। यह आपको अपने आप को सजेशन देने पड़ेगे कि ये पेन अच्छे के लिए है, इससे मुझे आनंद मिलता है। नो पेन, नो गेन तो सुना है लेकिन यही पेन है जिसकी वजह से मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगता है। मेरा पेट कम होने वाला है, बहुत ज्यादा रिलैक्स लगता है। जैसे मैं जिम में कदम रखता हूँ तो मुझे बहुत ज्यादा एनर्जिटिक लगता है, बहुत आनंद होता है। जैसे मैं वर्कआउट करना शुरू करता हूँ मुझे और आनंद होता है और जैसे मैं वर्कआउट खत्म करके आता हूँ तो मुझे और सर्टिस्फेक्शन मिलता है। और जैसे जैसे ये रोज आपका सर्टिस्फेक्शन बढ़ता जायेगा तब आपको रोज 1 डिजायर पैदा होती जाएगी की मुझे वर्कआउट करना है। अभी जो मैंने सेंटेंस बोले इसको एफर्मेशंस कहते हैं ये आप हिपनोसिस में कह सकते हैं। आपने अगर सेल्फ हिपनोसिस सीखा है तो उसकी मदद से आप ये एफर्मिशं ले सकते हो। अगर आप मेडिटेशन कर सकते हो तो मेडिटेशन के वक्त आप ये कर सकते हो। यहाँ कोई हिपनोटिस्ट है उसको आप बोल सकते हो की ये सजेशंस मेरे सबकॉंशस माइंड में डालो रिकॉर्ड करने 2 जिसकी वजह से ये आप रेगुलर करने लगोगे। लेकिन यह बहुत जरूरी है कि सबकॉंशस माइंड को पता चले कि जिम में जाना वो आनंद है। जिम के बाद जो पेन है उसमें भी कुछ तो ज्यादा फायदा होने वाला है। अगर वो आपके ब्रेन को पता चलेगा तो आप अपने आप वर्क आउट करना शुरू करेंगे उसके साथ साथ और 1 चीज आप जब डायट करते हो मैं नहीं बोलता की आप डायट करना इसका मतलब यह मत खाना वो मत खाना दिवाली के वक्त मैं तो बहुत खाने वाला हूँ, लड्डू खाने वाला हूँ, जो भी है चकली वगैरह सब मुझे बहुत पसंद है, ये सब खाने वाला हूँ क्योंकि यही 1 वजह है जहाँ मुझे खाना मिलता है तो ये खाना नहीं है, ऐसा नहीं बोल रहा हूँ लेकिन थोड़ी क्वांटिटी को कम करो, ये नहीं बोल रहा हूँ की 1 दम कम करो लेकिन थोड़ा थोड़ा क्वांटिटी कम कर लो उसके साथ साथ और 1 चीज है। जो भी आप रोज खा रहे हो उसमे ये देखो की प्रोटीन कितना खा रहे हो, कॉब्स कितना खा रहे हो और फैट्स कितना खा रहे हो उसका फार्मूला मैं अभी नहीं बता सकता। आगे वाले वीडियोज में बता दूंगा लेकिन मेरा खुद का सीक्रेट ये है कि जब भी मैं जिम में जाता हूँ तो मुझे बहुत ज्यादा सर्टिस्फेक्शन मिलता है जब मैं वर्क आउट करने लगता हूँ तो मेरे चेहरे पर 1 स्माइल रहता है क्योंकि इसके बाद मुझे बहुत कुछ मिलने वाला है और जो मुझे रिजल्ट दिखने लगते हैं तब तो मुझे बहुत ज्यादा आनंद लगता है तो आपको मैं बता रहा हूँ कि दिवाली के पहले यही सोच लेना कि मुझे अभी वर्क आउट शुरू करना है और वर्कआउट शुरू करते ही मुझे बहुत ज्यादा आनंद मिलता है सर्टिफाइड हो जाता हूँ मैं बहुत ज्यादा रिलैक्सेशन मिलता है और धीरे धीरे धीरे आपको आदत पड़ेगी और कुछ दिनों के बाद आपको ये सब सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्यूंकि आपके रिजल्ट जो आप देखेंगे वहीं आपको मजबूर करेंगे वो बार बार जी में जाने के लिए तो खूब खुशियाँ मनाओ दिए जलाओ पटाखे बजाते वक्त थोड़ा सोच लेना, क्यूंकि शायद पोलिशनका ध्यान रख देना, आवाज का ध्यान रख देना बाकि आपके ऊपर है की आपको किस को कंट्रोल करना क्योंकि मेरे लिए तो दिवाली इसका मतलब फैमिली मेंबर्स को मिलना, दोस्तों को मिलना, उनके साथ खाना पीना, उनके साथ खुशियां मनाना, फोटोज निकालना और बहुत कुछ घूमना फिरना तो आप भी इसी तरह दिवाली मना सकते हो या आप जैसे मनाते हो वैसे मना सकते हो लेकिन पेट के बारे में सोचना भूलना मत और 1 इम्पोर्टेंट टीप, बहुत इम्पोर्टेंट टीप ये मत सोचना की मुझे पेट कम करना है यह सोचना है की आपको किस तरह की फिजिक चाहिए या किस तरह की बॉडी चाहिए इसका रीजन क्या है ये मैं आपको अगले वीडियो में बताऊंगा तो इसके लिए आपको इंतज़ार करना पड़ेगा।










