करोना से डरोना corona se darona

Hypnotherapist Sushil Dhanawade challenges widespread corona fear, sharing a snake bite story to show how fear itself triggers physical reactions. He discusses actual risk versus media panic, noting no deaths in India at the time, then outlines immunity building through nutrition, exercise, sleep, and positive thinking while limiting news consumption.
Chapters
हेलो दोस्तों, कैसे आप सो हो क्या रहा है कि जब भी मैं किसी को फ़ोन कर रहा हूँ तो मुझे सिर्फ करुणा के बारे में सुनाई दे रहे हैं करोना, करुणा, करोना और सभी जगह वही सब्जेक्ट कोई न कोई बात कर रहा है वाट्सएप पर मेसेज देखा तो करुणा के बारे में ग्रुप में है तो करुणा के बारे में, फेसबुक पे करुणा के बारे में तो ये करुणा करुणा ऐसी हमारे माइंड में इतना सारा कुछ हो रहा है की सुबह उठने से शाम तक सोने तक मुझे सिर्फ करुणा के बारे में सुनाई दे रहे हैं और कुछ नहीं जिंदगी बस करोना। तो चलो देखते हैं इस विडियो में की हमें करुणा ऐसी सच्ची में डरना चाहिए की नहीं और सच्ची में करुणा से मेरी मौत हो सकती है कि नहीं और अगर हमें करुणा से बचना चाहिए तो हम अपने आप को हीलिंग कैसे कर सकते हैं हम अपने आप को प्रोटेक्ट कैसे कर सकते। तो ये वीडियो देखते रहिए, थैंक, यू, सो, मच, मैं, फ्रेंड्स, वेलकम, टू, माई, वीडियो, माई, नेम, इज, सुशील, धनावडे, आम हिप्नोटिस्ट एंड लाइफ कोच। तो मैं आपको वो चीजें बताता हूँ जो सबकॉंशस माइंड से रिलेटेड है, मेडिटेशन के बारे में रिलेटेड है या स्पिरिचुएलिटी से रिलेटेड है लेकिन आज जो मैं कुछ बताने वाला हूँ वो है करोना वायरस के बारे में जिसके बारे में हर जगह चर्चा है लेकिन उससे पहले मैं आपको 1 छोटी सी स्टोरी बताना चाहता हूँ। जब मैं कॉलेज में था तो वहाँ बहुत सारे 1 एग्रीकल्चर लाइन थी बहुत बड़ी एग्रीकल्चर लाइन, वहाँ स्कॉर्पियंस थे, स्नेक्स थे, ऑफकोर्स फार्म है तो रहेंगे हम भी जरा संभाल के वहाँ चलते थे। अभी 1 दिन क्या हुआ कि हमने बहुत सारा शोर सुना हम वहाँ चले गए की क्या हुआ क्या बहुत सारी भीड़ जमी थी और वहाँ 1 आदमी लेटा हुआ था 1 डॉक्टर साइड में बैठा था और 1 औरत रो रही थी। अब मैंने उन लोगो को पूछा की हुआ क्या 1 आदमी ने बताया की उस आदमी को साप ने काटा अभी सांप ने काटा तो डॉक्टर भी उसका इलाज कर रहे थे तो डॉक्टर को पूछा की क्या हुआ है तो डॉक्टर ने बताया कि स्नेक ने काटा है लेकिन ये स्नेक नॉन पायजनस है इसका मतलब उसमें जहर है ही नहीं फिर भी वो बेहोश पड़ा था तो डॉक्टर बोले की क्या है तो नहीं मैं इलाज कर रहा हूँ और कुछ दिन के बाद मैंने देखा की वो ठीक ठाक है सब कुछ है। तो मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ था, उसने 1 स्नेक को देखा अभी स्नेक मतलब फिरसे हमारी मौत तो ये फियर की वजह से जैसे ही उसने काटा तो उसको लगा की अभी मैं मरने वाला हूँ और वो पायजन उसके बॉडी में फैलने वाला है और उसे लगा के अभी मैं मर जाऊंगा और वो बेहोश हो गया। अब ये स्टोरी ध्यान ऐसी याद रखो ऐसे कितने फियर है जिसकी वजह से हम डर डर के जीते है तो अभी फिर कौन सा है करुणा का हर जगह हम सुन रहे हैं कि करुणा से कुछ हो रहा है, करुणा, ऐसी मौत हो रही है रीजन किधर चाइना में करुना की वजह से मौत हो गयी। तो ऐसे कितने वायरसेस इस अर्थ पर है जो हमारे ऊपर इम्पैक्ट करते हैं। अभी कुछ वायरस ऐसे हैं जिसके ऊपर हमें मालूम है कि ये मेडिसिन ले लिया, ठीक हो गया या कुछ वायरस से है, ये तो निकाल जाता है, 5 दिन रहता है या 4 दिन रहता है, निकाल जाता है लेकिन उसकी वजह से डेत हो सकती है। ये फियर अभी तक हमें मालूम नहीं है। लेकिन करुणा वायरस या पहले जो कुछ वायरस हुए जिसके बारे में हमें जब का डर बैठ गया तो हमें लगा कि अभी मैं भी मरने वाला हूं, इस शो के करुणा वायरस है उसके बारे में कुछ न कुछ डीटेल हमें आ रही है। मेडिकल सायंस भी बता रहा है कि ये करुणा वायरस डेंजरस है। लेकिन सबसे डेंजरस है अपनी फिर अगर सपोज आप इंडिया में है जो जहाँ इंडिया में अभी तक 1 भी मौत का न्यूज अभी तक आया नहीं है। इसका मतलब करुणा का वो इम्पैक्ट जो यु एस में या चाइना में है वो अभी तक हमारे ऊपर नहीं हुआ है। फिर भी हम डर रहे हैं, हम डर रहे है कि हम स्कूल में न जाये या हम डर रहे हैं कि हम किधर मॉल में न जाये, हम डर किसी कॉंफ्रेस में न जाए। कुछ लोग तो बोलते हैं, अभी 1 काम करते, छुट्टियां लेते, घर पर बैठे हैं लेकिन आप डॉक्टर से जाकर पूछो। कोई भी होमेपथिक आयुर्वेदिक या अयलेपेदिकडॉक्टर से पूछो की ऐक्चवली करोना वायरस से मुझे खतरा है कि नहीं। वो आपको बताएंगे। अगर आपकी इम्युनिटी सिस्टम अच्छी है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। अभी सोचो कि आपकी म्यूनिटी सिस्टम कितनी स्ट्रोंग है तो उससे पहले आप सोचो की आपके यूम्यूनिटी सिस्टम कैसे डेवलप हुई है। जैसे की मैं बहुत सी छोटी सी गाँव से आया हूँ जहाँ हम जहाँ भी खेतो में जाते थे या किधर भी गाँव में जाते थे तो वहाँ कुछ भी खाते थे, कुछ भी पीते थे। तो हमारी युम्यनिटी सिस्टम इतनी स्ट्रोंग हो गई है। तो मैं कुछ भी खाता हूँ। जहाँ मैं ट्रेक पे जाता हूँ, किधर ट्रैवल करता हूँ। तो मैंने कुछ भी खाया तो मुझे कुछ फर्क नहीं पड़ता, कोई भी पानी पिया तो कुछ फर्क नहीं पड़ता। आई डोंट, ड्रिंक पैकेज, ड्रिंकिंग वाटर ओके। तो मुझे मेरे बॉडी पर कुछ नहीं असर होता। उसके साथ साथ ऐसा है कि मैं रेगुलर वर्कआउट करता हूँ, अच्छा न्यूट्रीशस खाना खाता हूँ उसकी वजह से आम, हेल्दी, एम फिट और सबसे इम्पोर्टेंट चीज है की मैं मेंटली फिट हूँ, मैं मेंटली हेल्दी हूँ, मुझे इतना मालूम है कि कुछ भी हो जाए, मुझे अच्छी तरह से जीना है। मैं स्ट्रोंग हूँ मेंटली फिजिकली और डेफिनिटली सोशली क्योंकि मुझे मालूम है मेरे दोस्त, मेरे फ्रेंड्स और जो भी आप देख रहे हो उनके वाइबरेशनस मुझे हेल्प करते है। अभी आपको अपने ऊपर काम करना है, क्या मेंटली फिजिकली और सोशली फीट हो कि नहीं आपकी इम्युनिटी पॉवर आपने डेवलप की है की नहीं अगर डेवलप नहीं किये तो आपको शुरुआत करनी पड़ेगी मेंटल म्युनिटी से मेंटल इम्युनिटी इसका मतलब क्या मुझे अच्छी तरह से जीना है आम गेटिंग बेटर एंड बेटर डे, बाई डे या अफेयर मिशंस दे सकते हो अफेरमिशंसइसका मतलब की आप जो भी वर्ड आपके माइंड को बोलोगे वो रियलिटी में कन्वर्ट होगा अगर आप निगेटिव परमिशन दोगे कि मुझे करोना वायरस हो सकता है मैं जैसे टच करूंगा किसी को भी तो मुझे करोना वायरस का इम्पैक्ट हो सकता है मुझे सर्दी खासी हो सकती है और जो करुणा वायरस में कनवर्ट हो सकते है मेरी डेत हो सकते हैं यह निगेटिव फार्मेशन देने से अच्छा आप उसको कनवर्ट करो उसको री फ्रेम करो कैसे कर सकते हो की मुझे करुणा वायरस हो नहीं सकता या उससे सबसे बेस्ट है कि मैं हेल्दी एंड फिट हूँ मैं हर दिन हेल्दी रहूंगा म गेटिंग बेटर बेटर डे बाई डे और दूसरी चीज ये न्यूज और यह मीडिया या जो भी कुछ है ये पढ़ना थोड़ा कम करो ये देखना थोड़ा कम करो क्योंकि उससे आपको कुछ नहीं 1 सेकेंडरी गेन होता है अच्छा ये हुआ ये पेन हुआ ये देत हुई लेकिन उससे बेटर है की आप ये करो कि मैं हेल्दी हूँ मैं कुछ अच्छा पडू जो हेल्दी चीज है इंटरटेनिंग चीजें वो आप पढ़ सकते हो जो आपको फायदे हो सकते है वो पढ़ सकते हो लेकिन मेंटली हेल्दी होना ये बहुत इम्पॉर्टंटह दूसरी चीज है कि आपको फिजिकली फिट होना भी चाहिए कुछ नहीं तो आप एटलीस्ट ट्वेंटी मिनट्स का वॉक करो या टेन मिनट्स का रन करो या कुछ भी जी में जाके थोड़ा सा वर्कआउट करो न्यूट्रीशस फूड खाओ कुछ भी करके आप बाहर का चाइनीज जो बोलते हैं जो नेपाली फूड है वो मत खाओ या तो मैं बोल रहा हूँ के होटल का खाना थोड़ा कम कर लो घर पर खाना बना 2 मुझे तो मजा आता है खाना बनाने में ऐसी चीजें करो जिसकी वजह से आपको खुद को कॉन्फिडेंस आ जाए की यस मैं हेल्दी हूं मैं फिट हूं मेंटली और फिजिकली भी और सोशली फिट होने के लिए आप जो भी सोशल में पोस्ट कर रहे हो सोशल में बात कर रहे हो वो आप पॉजिटिव बोलो पॉजिटिव वाइब्रेशन दे 2 जिसकी वजह से आपको सामने से भी पॉजिटिव वाइब्रेशन आएंगे दुआएं आएंगे तो प्लीज याद रखो करुणा से डरो ना ओके थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग मई वीडियो और अगर ये वीडियो आपको पसंद आया तो प्लीज लाइक कीजिए सबस्क्राइब कीजिए और अपने दोस्तों को शेयर कीजिए थैंक यू सो मच।










