How to find a real #satisfaction

Myra explains why buying cars, gadgets, and houses rarely brings lasting happiness. Rate purchases on a 1-10 scale for real satisfaction. True fulfillment comes from experiences, relationships, and travel, not status symbols.
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hello i m y r a thank you thank you thanks n lo i कैश से s thanks to ho ya हाँ बोलो ना, हाँ मालूम है, अरे, उसको जॉब मिला था न नया, क्या बात कर रहे हैं, डी लिया उसने और सही या नहीं। असम जबरदस्त यार चलो उससे भी पार्टी लेता। हूँ भी है ये ऐसा किस्सा हर 1 के साथ होता होगा। शायद आपने भी किसी को फ़ोन किया होगा और आपने खुश खबरी सुनाई होगी। आपको क्या लगता है सच्ची में उसको खुशी हुई होगी। हम ऐसी बहुत सारी चीजें लेते हैं, गाड़ी लेते हैं, नया मकान लेते हैं, इंस्ट्रूमेंट लेते हैं, गैजेट्स लेते हैं। ये सब लेने के बाद, उस खुशियों को बाटने के लिए हम किसी को फ़ोन करके बताते हैं कि मैंने ये सब लिया और हम सोचते है कि वो जरूर खुश हुए होंगे, गिने चुने लोग या गिने चुने दोस्त शायद खुश हुए होंगे, लेकिन सब लोगों के लिए ये खुशी है या नहीं। आप खुद सोच लो की किसी ने नई कार ले ली और आपके पास 1 पुरानी कार है, सच्ची में आपको खुशी होती है, आप रियल में ऐसे बोलते हो कि अरे यार कितना अच्छा हुआ कि उसने कार ले ली। आपने थ्री जेट्स में भी देखा होगा कि उनका दोस्त पहले नंबर पर आता है, लेकिन उनको खुशी नहीं होती। तो इसका मतलब शायद कुछ अलग वे पर हम जा रहे हैं, चलो देखते हैं इसका मतलब क्या है? और मैं जो बताने वाला हूँ, सर्टिस्फेक्शन रियल सर्टिस्फेक्शन, वो क्या है। हम रोज यह सोचते रहते हैं की आज मुझे ये खरीदना है, नया, शर्ट खरीदना है, नई बाइक खरीदनी है, नई कार खरीदनी है, नया बंगलो खरीदना है। कुछ भी। हर 1 दिन हम सोचते रहते है कि कुछ न कुछ खरीद ले। और अभी तो शॉपिंग मॉल से ऑनलाइन शॉपिंग हैं, बहुत कुछ खरीदने के लिए अपोर्चुनिटी रहती है। हर बार सामने स्क्रोल करते हुए देखते रहते हैं कि ये गैजेट है, वो गैजेट है, यह मोबाइल है। चलो खरीद लेते हैं। और खरीदने के बाद हम बोलते हैं। क्या खुशी मिली है। नया। मोबाइल आ गया, चलो यूज कर लो। 4 दिन के बाद वो खुशी धीरे धीरे कम हो जाती क्योंकि उसी वक्त हम दूसरा कुछ देखते हैं, उसके बाद बोलते हैं। अरे यार वो लेना चाहिए था, वो लेना चाहिए था। ऐसे हर बार चलता रहता है जैसे आपने थोड़ी देर पहले देखा कि किसी दोस्त ने नई कार ले ली, मेरे पास 1 पुरानी कार थी और जो मुझे खुशी होने वाली थी, वो खुशी हुई नहीं है। सच्ची में कार खरीदने से आपको खुशी मिलती है। हमने अभी तक सोचा ही नहीं है कि रियल सर्टिस्फिक्शन किधर है। तो यह सब शुरुआत किधर से हुई है, ये जींस में नहीं रहती। यह बचपन से शुरू हुई हुई कॉम्पिटिशन है। हमें सिखाया जाता है कि कॉम्पीट करो, 1 दुसरे के साथ कॉम्पिट करो, स्पोर्ट्स में कॉम्पिटीशन ठीक है, स्टडी में कॉम्पिटिशन शायद ठीक है, लेकिन कॉम्पिटिशन हर चीज में ये थोडा सा जायज नहीं है। हम ये सोचते उसके पास वो चीज है तो उससे बढ़िया मेरे पास चाहिए। उसके पास वन बी एच के घर हैं, तो मुझे टू बी एच के का घर चाहिए। उसके बाद मैं सेटिसफाय हो जाऊंगा। लेकिन वो कब तक? आपने कभी सोचा है कि नाइनटी परसेंट लोग कर लेते, वो खुद के लिए नहीं, लेते, दूसरों के लिए लेते है। लोग जो गाड़ी लेते हैं, उसका लोगों वो बाहर के लोगों को दिखाने के लिए शायद आपको अंदर कंफर्ट रहता होगा। लेकिन वो छोटी कार में भी शायद उतना ही मिलता होगा। शायद आपको उस कार की जरुरत भी नहीं है। लेकिन और किसी ने लिया, इसके लिए मैंने कर ले लिया और किसी ने खर्चा किया। इसके लिए मैंने भी इंटरियर का खर्चा मेरे घर में किया। ऐ ऐसी कितनी चीजें चालू रहती है। और उसके साथ यह भी हम देखते हैं कि वार्णबफेजैसा दुनिया का रिचेस्ट पर्सन, वही पुराने मकान में रह रहा है, वही पुरानी कार यूज कर रहा है। इसका मतलब उन्हें सर्टिस्फेक्शन का मतलब मालूम है। हमें इधर तो ढूंढना है, हम कैसे ढूंढ सकते हैं। मैं इतना ही पूछना चाहता हूँ कि रियल में आपने कभी सोचा है कि मुझे इस चीज की जरूरत है कि नहीं। शायद कार खरीदना है या मकान खरीदना है, दूसरे किसी ने लिया है इसके लिए मैं खरीद रहा हूँ या मुझे सच्ची में इसकी जरूरत है, इसके लिए मैं खरीद रहा हूँ। अगर दूसरे ऑपशन का जवाब हाँ है तो ठीक है। आप आपकी जरूरत पूरी कर रहे हैं, ये तो ठीक है लेकिन ऐसी कई चीजें हमारे घर में आती रहती है जिसकी हमें जरूरत नहीं पड़ती है। अगर हम सोचेंगे कि मुझे कौन सी चीजों की जरूरत है और हम यह सोचें कि मुझे 1 साल में 2 साल में सिर्फ ये चीजें मिलेंगी तो मुझे सर्टिस्फेक्शन मिलेगा में 4 साल के बाद मुझे इधर तक पहुंचना है। यह मैं अचीव करूंगा तो मुझे सर्टिस्फेक्शन मिलेगा तो बहुत आसान होगा आपके सर्टिस्पेक्शन लेवल को पूरा करने के लिए। और मैं तो ये बोल रहा हूँ। खरीदने से पहले अपने फाइनांस को भी देखना चाहिए के हमारे डेट कितने हैं और हम कितना खरीद रहे हैं। बहुत बार ऐसा होता है कि अभी की जॉब कंडीशन जो खराब चल रही है, अभी की मार्केट कंडीशन जो बहुत हालत दिखा रहे है, उस कंडीशन में हम बहकावे में आके जो खरीदी हुई चीज है, सको बेचने लगते हैं। बहुत सारे लोगों को देखा है कि जब मार्केट कंडीशन बहुत खराब थी उस वक्त लोगों ने ऐसी चीजें बेची ज एक्साइटमेंट में खरीदी थी। तो आप जरा कंट्रोल करके ये सोचिए कि यह सब कर सकते हैं कि नहीं। तब आपको पता चलेगा कि सर्टिसेक्शन लेवल इसमें नहीं है, कुछ अलग चीज नहीं है। मैं यह बोल रहा हूं कि मैंने कुछ मेडिटेशन के बारे में बताया था। अगर आप रेगुलर मेडिटेटिव स्टेज में रहते हो या आप रोज थोड़ा थोड़ा मेडिटेशन कर रहे हो तो आपको पता चलेगा कि एक्चुअल सर्टिस्फेक्शन बहुत अलग चीजों में है। आप अपना टाइम दोस्तों के साथ बिताइए, आपके रिलेटिव्स के साथ आपके बीवी के साथ वो मेमरीज क्रिएट कीजिए इधर घूमने चाहिए अलग अलग प्लेसिस एक्सप्लोर कीजिए उसमें आपको सर्टिस्ेक्शन है क्यूंकि वो मेमरीज आपके साथ रहेगी वो आपके लिए किया हुआ चीज है कार आप ले रहे हो, दूसरों ने लिया इसके लिए लेकिन आप जब ट्रैवल करते हो, आप धर घूमने जाते हो या कुछ अच्छा खाना खाते हो तो वो सिर्फ आपके लिए रहता है या आपके जो क्लोज फ्रेंड्स हैं या क्लोज रिलेटिव्स हैं या आपके अपने हैं उनके लिए रहता है तब वो खुशी बहुत ऊपर वाली रहती है उसमें मजा आता है या तो मैं दूसरा तरीका बताता ये करके देख लीजिये ऐसे सोच लो जो भी आपको खरीदना है जिससे आपको सर्टिस्फेक्शन मिलने वाला है उसका रेटिंग 1 से लेकर 10 तक करो आप जीरो से थर्ड लेवल तक मारुती के वजह से गए थे और आपको अभी होंडा सिटी लेना है होंडा सिटी लेने के बाद आप कहा तक जाओगे शायद 3 से 5 तक। अभी आप सोच लो की ये जो 2 लेवल का फासला है वो आप और किधर किधर पा सकते हो इसका मतलब आपको यही सटिस्फेक्शन और कौन कौन सी चीजों में मिलता है जैसे की आप रेगुलर रोज मर्रा की जिंदगी जी रहे हो, जॉब कर रहे हो, बिजनेस कर रहे हो, आपको टाइम नहीं मिल रहा है, फैमिली के साथ टाइम नहीं मिल रहा है और अचानक आपने डिसाइड किया की आप ट्रैवल करने जा रहे हो, शाहायदयहाजसेकश्मीर जा रहे हो, केरल जा रहे हो या श्रीलंका जा रहे हो, ऑस्ट्रेलिया जा रहे हो, यूरोप टूर जा रहे हो अभी जो आपकी सर्टिस्फेक्शन लेवल है वो देख लो वो जीरो से कहाँ तक जा रही है और अगर वो लेवल 5 तक आ रही या 6 तक आ रही है क्योंकि आपने अच्छी मेमरीज क्रिएट की है अपने फैमिली के साथ तो वो सर्टिस्टेक्शन लेवल कहाँ तक जा रही है शायद 3567 और आप देख लीजिये की आप जो खर्चा करने वाले थे मारुति से होंडा सिटी तक और जो ट्रैवल का खर्चा करने है उस में क्या फर्क है सिर्फ वो लेवल्स का आप सोचोगे तो शायद आपका पैसा बच जाएगा और अच्छी मेमरिज क्रिएट हो जाएगी।










