In this radio interview on FM Gold 100.1 MHz, RJ Mayuresh Shirke talks with Sushil Dhanawade, a portrait photographer who also practices hypnosis and therapeutic techniques. Sushil recounts his early fascination with faces and expressions, his work at a corporate job (Pineapple) until 2012, and the decisive shift to full‑time freelance photography. He describes his artistic focus on capturing genuine emotions, the evolution of his technical toolkit as camera technology advanced, and how he blends hypnotic/therapeutic insights to help subjects relax and reveal deeper aspects of themselves. The conversation also touches on the importance of community and mentorship for young creatives, the challenges of sustaining a creative career, and Sushil’s personal purpose—using photography as a medium for self‑discovery and emotional healing. Throughout, the tone remains conversational and reflective, with Sushil expressing enthusiasm for his craft and a hopeful outlook on future growth.
Chapters
शम्गरमश्य एक मेगा हट्स वर्थी आपने एकता एसमी गोल्ड प्रसारण सेवा सकल से अक्रावजन चारीज मिनट जालेली आहेत मंदली पुनह एकदा तुम्छा स्वागत आहे या कारेक्रमार्थ ज्याचा नावा है युवा तरंक आड़ी मंदली तुम्हला आणी असाथ आपला एक युवा मित्रा है सुषिल धनावडे जो खरतर पोर्ट्रेट फोटोग्राफर आणी हिपनोटेस्ट आहे आणी त्याचे या म कारये विश्या पण जानूं धेना रहोत कश्या प्रकारे फटाओग्राफी या ख्षेत्रा मधे तो स्थिरावत आहे इख काई संख्षिल पोर्ट्रेट फोटोग्राफर ही संकुलपना काई आहे नकी?
माला मांचांची बेटारा आवड़ता है मांचांची चेहरे आवड़ता है मुझें बेगाई चेहरे बेगाई तंचे एक्स्प्रेक्शन के तीपाला आवड़ता है तरमने 2006 ताला पर सुम्मी फोटोग्राफ्य में मदे वाला फोटो
सुच्ची में रहाईला कुठे आहेज तू?
मैं खाड़ा में रहतो और तिथों में मागा स्टूडियो नहीं में मुझे प्रिलांस में करतो बरको क्यमेरेज और मेंसेस आहे तेसा
में वासर करतो पड़ एकंडर थी फोटोग्राफी ची आवड कथी पसुन निर्मान थानी?
दोना बार साहा साला पसुन मी फोटोग्राफी करान लागला। ताले लाग कुछ साबर क्यामेला दोते हैं। तुझीट्रींच्या क्यामेला पसुन शुरुवात केली। यह कहते हैं तुझीट्
पर तीरी सुद्ध घरा मेरे ऐसा कै वार्षा होता कि तुला स्वतालाची आवड निर्वाण सली?
नाई, मैंना पेंसिंगची आवड वोड़ी, गडलाना पेंसिंगची आवड वोड़ी, तब छित्रा और कलर, तेचे में मैंने कुछ आवड अच्छा वोड़ी क�
पर असा होते है कदी कदी कि असा एक काल होती है आईश्या मधे जिधे आपलेला अनेक गुष्टी कराईचा होती है चित्रकला, फुटोग्राफी, प्रत्ति बाकी चे सगले गुष्टी पर असा कोंता ख्षण आईश्या मधे आला कि जिधे तू थाम जाला आपला फ़ोटोग्राफी में पूरी जाएचा है।
मी जॉब करता थो पाइनाच में। 2012 में पाइनाच बाई जॉब करता था। मी नाश्नलेड उच्छा था कंपनी में। पाइनाच में, जॉब में, मी सगल साई करता था। पैसे मिलता हैं, सगल मिलता हैं। पहली विश्ट अपने पैशन अच्छे लाई पैशन फोकस के लाई तो समय बारती सहाज होता था।
तुझा आजपास अशी काई मंडली आहेट का जैंचे मुले खरतर तुझा उच्छाह तुझा हुरूप वाडला काम करते असताना तुझा कला शिखते
असताना प्रतिक पोटोग्राफर काड़े बगीत देंते हैं अच्छे प्रतिक पोटोग्राफर काड़े बगीत देंते हैं अच्छे प्रतिक पोटोग्राफर काड़े बगीत देंते हैं अच्छे प्रतिक पोटोग्राफर काड़े बगीत देंते हैं
प्रतिक ठीकां की फोटोग्राफ्टी कराने मुला आवाद थे प्रतिक ठीकां की फोटोग्राफ्टी कराने मुला आवाद थे प्रतिक ठीकां की फोटोग्राफ्टी कराने मुला आवाद थे प्रतिक ठीकां की फोटोग्राफ्टी कराने मुला आवाद थे बाकि प्रतिक तुम्हें ठीकां विर्वार्वार की � फक्त सोलार्वार चालता हैं उन्हें अगदी सादे मुझे आला है इसलिए जब मैं कोटेश काड़ा पड़ता हूँ तैंचे चेहरा वर्वार जो आनंदा मुझे लेंता है जब मैं पैसाद सव्यात मिलतो होता है तैंचे चेहरा वर्
सुषिल अपने एक ब्यावहारिक बाज़ों दर पाहिली तर जवां पर फोटोग्राफी याक शेत्रा से विच्यार करतो तेमां तैचे मादे तंत्रद्न्यान, टेकनोलोजी ही दिवसा दिवसा ला बढ़लता है बढ़लता है काल जे कैमेरे अपने ला उत्कुरोष्ट वाटत अश्या वेला सतत गुन्तवरुक करना याज साथी तु मार्ग कसा शोदलाज किवा कश्या प्रकारे नव नवीन तंत्रद्न्यां तु आत्मसाथ केलाज? क्या केला?
महत्वाजी वाष्टा मैंने मैं रिस्व कुछ गेते हूँ तंत्रद्न्या नवीन फिक्मालों जे आहे कैम कुछे गुष्ट पाश्यां वें केतली देख जा एका लिमिट परेंटा ते कैमेरेट देख देते रहे हैं नंतर लक्षा देता की कैमेरेट जो अधर सग्यात महत्वा तो है कि आपन कुछला पढ़ेज़ने आंग्बन वापरतों कुछला पलार के प्रकाश वापरतों और पर तरी सुद्ध
य असा एकादा ख्षण आहे का कि जीते तो ख्षण तुझा कसोंटी पहानारा होता? मण ये तुझा डोक्यात एक के तरी वेगलीच कल्पना होती आणी आता है क्या आपना कस्सा पूर्णा करायेचा? इवा तेछे मादे कई समस्याल्या असा एकसा काम, असा �
माझे चेलायर आक्चे वोता था तो मेरेली मंतो कबलन्स में पड़े एक पर चोट रहा है और मैं इत्या पूर भटल में शोधा लागा लाइक कुछ देखा रहा है कारण काही बला तरी काम होई लोड़ी के गारेक्टी बरुबा और मुझ तया वाला लाइक शोधने
क्यावाते कसक पटकण त्यावाईला तुला सुछला सुशील याची खरच कवतु का है करका अफड फक्त जर त्यावाईला तिथे असतो आणी असा विचार केला असता की आरे यी बावा ट्यूब फुटलेली आहे तर मा आपना पानिक जाला असतो कीवा हाहा कार के बर तुझ्या प्रमानेच इतर ही असे काई मंडली असतेल न, कि ज़्यानाच वाड़ेल असल कि आपन सुथा याख शेत्रा कड़े वज़ल पाहीजे, तर अशा मंडलीं साथी तु काई सांगशी?
मैं इवने चाहता हूँ कि ही फेल्ड, अच्छा इवने तकि दुसरे कोंटे जी खरवर वाच्चा के लिए नी चेवुस्टा जरी दिने, मैंना तां दूख आर्पोन में एक अर्षा करू शक्तो। तर त्यां में उत्रेयाला काही आर्चात नहीं, पैसे ही आखा पेताँ। पैशन बरबर सगी पैसे दोवनेताँ। देडिकेशन दाखोले तो प
त्या वीशे क्या सम्शी?
मैं 93 में इतनी थेरापी शिक्लो औरी माझा आईशा में परपस चोड़ो था, लाइफ मेंना परपस, इतनी थेरापी मैं स्वता साथी शिक्लो पर नंतर नक्षा ताला कि एक क्या तेरी परपस पाईगे ज़ेचा में दुसरां सा क्या तेरी ब तु इसने आसे हैं, मैं विजवनार्डशन करना रहा हूँ था। ताने विजवनार्डशन करता हूँ था। अच्छा। अच्छा। अच्छा. अच्छा. अच्छा. अच्छा. अच्छा.
अच्छा.
अच्छा. अच्छा.
अच्छा. अच्छा.
अच्छा. अच्छा.
अच्� कुछला एक शणा सुदे आईश्य मदला आपले नहींनी सकारत्मक राता आलपते हैं। आपले नहींनी सकारत्मक राता आलपते हैं। आपले नहींनी सकारत्मक राता आलपते हैं। आपले नहींनी ठाणे सकारत्मक विशय वर्णन करते हैं क्या संग्षिल की तिथे तुलगा कामाच्या राता संधीजा है, ते कशा उपलब्द आलपते हैं। है, आपले नहींनी त्यानंतर सकारत्मक राता आलपते हैं। आपने जब मुंबईचा विच्यार करते हैं, ठाणे अच्छा तो मुंबईचा भाग जालेला है, तरी सुदा मुंबईचा विच्यार करते
ताने में पूर्य में पूर्य में पूर्य में पूर्य में पूर्य में पूर्य में पूर्य में पूर्य में पूर्य में पूर्य थाने मुझे में पूर्य थाने मुझे थाने मुझे थाने में पूर्य पूर्य में पूर्य मुझे थाने मुझे थाने में पूर्य पूर्य में पूर्य मुझे में पूर्य में पूर्य में पूर्य पूर् थाने मैं इतने तरे पे ती तारे तारे आडिज करता है पर थाने में पोटो सर करने में एक सवस्ता है खुद भूली सवस्ता है जी पोटोग्राशी रिलेटर कुछ काई गुष्टी करता है मुझे तो थाने तारे से सी मुझे थाने कनेक
मुझे थाने मुझे थाने मुझे मुझे थाने
मुझे मुझे थान करो मैं बरपोर वाक्षाप गेतो मैं स्वताचे माझे वाक्षाप
आता दीवचे निल्स इतक व्यासते रहावस, इतक व्यासते रहावस, कि तया व्यासते तुना तुला इतक भर्पूर समाधान मिलावस, कि जे तुला ग ख़रतर कराइचा है आईश्याद, ये सगल सगल सगल तुला मिलाचावस। आकाश्वानी परिवार एसं गोल्ड परिवाराच्चे होती ने तुझे मना पसंद आभारमाद।
में पण अधार मांतों कि तुम्हें माला ही चंड़ी दिले, कि पहलें तांदा में कुछला रेडियो वारें ते पड़ माला अथी अकाश्वाड़ी कुछली माजे सव्या तायान पड़ते ले और अभी तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तायान हैं।
ज्या� शम्गण वंश एक मेगा हर्ट सुबरती आपने इकता एफ्म गोल्ड परसारण सेवा आणी आज आपला सुपत आपला युवा मित्र सुषिल धनावडे ठाने इथे रहा रहा हा आपला युवा मित्र जो पोर्ट्रेट फोटोग्राफर इपनोडिस्ट आणी थेर