यह तीन बातें आप कभी मत कहें! #Never say this.

A Hindi motivational talk on three words that sabotage success: hope, need, and can't. Replace them with present-tense affirmations like "I already have the job" and abundance statements. The speaker used this shift to start a YouTube channel, become a photographer, and grow a business.
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होप, शो के यू ट्यूब चैनल चलता रहेगा, आपको भी शायद होप्स रहेंगे कि यह बोलता रहेगा, या शायद आपको ये भी होप्स रहेंगे कि यह कब चुप। बैठेगा आपको यह भी होप हो सकते हैं की आप सक्सेसफुल बनेंगे, लेकिन ये जो होप वर्ड है, यह बहुत डेंजरस वर्ड है। अगर आप कोई चीज मैनिफेस्ट करना चाहते हैं, अगर आपको कोई चीज हासिल करनी है तो ऐसा क्यों देखते रहिए हर 1 आदमी कुछ न कुछ तो कोशिश करते रहता है। जैसे की अगर बच्चा है तो वो बोलेगा मुझे एग्जाम में अच्छे मार्क्स चाहिए, बड़ा हो जाएगा। कॉलेज में अच्छी डिग्री चाहिए, जॉब के वक्त अच्छा जॉब चाहिए, अच्छी पोजीशन चाहिए, बहुत अच्छी सैलरी चाहिए, बिजनेस के वक्त बहुत अच्छा बिजनेस होना चाहिए, मेरे बहुत सारे क्लाइंट्स होने चाहिए, और बाद में बात आती है बीबी की, अच्छी बीवी चाहिए, सुंदर बीवी चाहिए, बहुत कुछ काम करना चाहिए, और मुझे कुछ बोलना नहीं चाहिए, ये ऐसे सभी होप्स हम रखते हैं। लेकिन बोलते कैसे आई होप, सो कि मुझे मिलना चाहिए। लेकिन अगर आपको ये सब चाहिए तो ये वर्ड कहना बंद कीजिए, क्योंकि आप क्या कहते हैं, मुझे ये होप्स है, मेरी यह आशा है, इसका मतलब यह मिलेगा कि नहीं, ये आपको गारंटी नहीं है। आप बिल्कुल विश्वास नहीं करना चाहते कि ये शायद आपको मिलेगा कि नहीं मिलेगा इसका मतलब आप अपने सब कांशस माइंड को बता रहे हैं कि मुझे शायद ये मिल सकता है, मेरे ये होप्स है। लेकिन मिलेगा कि नहीं, ये मुझे गारंटी नहीं है। मुझे होप से कि मुझे पैसा मिलेगा। लेकिन वो मिलेगा की नहीं, ये गारंटी नहीं है। ऐसे हम बताते रहते हैं अपने आप को, इसका मतलब सबकांशस माइंड को। और यही एफर्मेशंस कंटिली जाते जाते आपको वो चीज नहीं मिल सकती जो आप पाना चाहते हो। तो अभी क्या करना चाहिए? सिम्पल सी चीज हैं होप्स की जगह पर आप उसको अपनाओ, जैसे की मुझे नौकरी मिल गई है, मुझे अच्छा पैसा मिल गया है, मुझे अच्छी बीवी मिल गई है, मुझे अच्छा पार्टनर मिल गया है, या मुझे अच्छे क्लाइंट्स मिल गए हैं। होप्स की जगह आप कोई चीज की, आशा करने की जगह पर आप वो चीज बन जाओ। मैं पैसे वाला हूँ तो आपको पैसे को एटरेट करना ईजी जाएगा, मैं वहीं अट्रैक्टिव पर्सन हूं, तब आपको वो आसान जायेगा जो आप एटरेट करना चाहते हो, तो आप वो चीज बन जाओ जो आप पाना चाहते हो। तो पहला वर्ल्ड होप्स जो आपको कुछ भी करके निकालना चाहिए, आपके दिमाग से, और दूसरी बात भीख मांगना भी मांगना है। ने आई, नीड, आई, नीड मनी, मुझे यह चाहिए, मुझे पार्टनर चाहिए, अच्छा और ब्यूटिफुल पार्टनर चाहिए। मुझे बहुत सारे क्लाइंट्स चाहिए, मुझे पैसा चाहिए, मुझे कैमरा चाहिए, मुझे बाइक चाहिए, मुझे बड़ी कार चाहिए, ये चाहिए। आप नीड बता रहे हो, लेकिन नीड की जगह पर आप बोलो की, यह मुझे मिल गया है, यह मुझे मिल रहा है। क्योंकि यूनिवर्स का ये लॉ है कि जब ये नीड आपके अंदर दिखती है, या आपके आँखों में दिखती है, तो वो जो चीज पाना चाहते हो वो आपसे दूर चली जाती है, या तो वो पैसा हो या कोई लाइफ पार्टनर हो, या तो क्लाइंट हो अगर आप कोई बिजनेस दिल में बैठे हो। अगर आप के दिमाग में यह है की आई नीड द, क्लाइंट वो नीड व ग्रिड नेस आपकी आँखों में दिखेगी, आपके बिहेवियर में दिखेगी और आपके वर्ड्स भी ऐसे आयेंगे जैसे की वो क्लाइंट भी पहचाना जाएगा की इसको मेरी जरूरत है तो डील आपकी वीक हो जाएगी और आपको जो क्लाइंट बोलेगा वो आपको मानना पड़ेगा सेम चीज। अगर आप इंटरव्यू के लिए जा रहे हो। भले आपके पास सब क्वॉलिटीज हैं, आपका बहुत अच्छा एक्सपीरेंस है लेकिन आपके आँखों में या आपके वर्ड्स में वो नीड दिखेगी और इसी वजह से वो डील शायद आपके हाथ से निकल सकती है, या जो आपको चाहिए वो आपको मिल नहीं सकता, आप निगोशिएट नहीं कर पाएंगे और यही चीज होती है पैसे को अट्रैक्ट करते वक्त अगर आप बहुत ज्यादा नीडी लगेंगे तो पैसा आपके पास आते, आते निकल जायेगा, आप अट्रेक्ट नहीं कर पाओगे इसके लिए नीड की जगह पर आप यह सोचो की ये मेरे पास बहुत है, आपके पास भरा पड़ा हुआ है, आपके पास बहुत सारे क्लाइंट हैं, आप बहुत बड़े बिजनेस मैन हो और आपके पास पैसा इतना है जैसे की आपको जरूरत ही नहीं है जैसे कि यू डोंट नीड, तो नीड आपके दिमाग से निकाल दीजिये। और तीसरी चीज है कि ये मैं कर नहीं सकता। हम कितनी बार बोलते हैं कि ये मैं नहीं कर सकता, वो कर सकता हूँ लेकिन यह नहीं कर सकता, ये पॉसिबल है, लेकिन ये नहीं पॉसिबल ऐसी कितनी चीजें रहती है जैसे की अगर आप दौड़ लगा रहे हो, 5 किलोमीटर की दौड़ है, आप बोलेंगे 5 किलोमीटर ठीक है, मैं 10 किलोमीटर भी नहीं कर सकता, अगर आप कोई छोटा सा टास्क ले रहे हो, आप बोलते हैं की ये कर सकता हूँ, लेकिन यह बड़ा टास्क में नहीं कर सकता, मैं 50 हजार कमा सकता हूँ महीने का, लेकिन 1 करोड़ नहीं कमा सकत ऐसी कितनी चीजें हैं। हम बार बार बोलते रहते हैं कि ये चीजें मैं नहीं कर सकता, वो कर सकता हूँ लेकिन ये नहीं कर सकता। और यही एफर्मेशन निगेटिव एफर्मेशन की तरह सबकॉंशस माइंड में जाते हैं। और आपको वो चीज पॉसिबल नहीं होती जो आपको चाहिए, लेकिन आप बोलते है, मैं कर नहीं सकता, हर 1 चीज जो आप बोलते हैं कर नहीं सकता, लेकिन दिमाग में ऐसा लगता है कि यह करना चाहिए था, लेकिन क्या मदद मैं नहीं कर सकता, मुंह से बोलते हैं, अंदर दिमाग में जाता है और वो पॉसिबल होता नहीं है, इसलिए जो लोग बोलते हैं मैं कर सकता हूँ, वो हर 1 चीज कर के दिखाते हैं। मैं जब जॉब कर रहा था, सिक्स पीकर्स की इनकम थी, मैंने अगर सोचा होता कि मैं जॉब छोड़ के बिजनेस नहीं कर सकता, तो मैं हिपनतेरिपीस नहीं बनता था, मैं फोटोग्राफर नहीं बनता था। और अभी जो हूँ वो होता ही नहीं था, या शायद ये यू ट्यूब भी नहीं होता, था लेकिन मैंने सोचा मैं कर सकता हूँ, ये भी कर सकता हूँ, वो भी कर सकता हूँ, ये भी कर सकता हूँ। और इसलिए बोल रहा हूँ। और मैं आपके जैसा ही इंसान हूँ, मेरे पास ऐसी कोई पावर नहीं है। तो जो मैं कर सकता हूँ वो आप कर सकते हैं, जो स्टीव जॉब्स कर सकता है, व वो हम कर सकते हैं, जो मारगसुकेनबग कर सकता है, जो टाटा कर सकते हैं, जो धिरुवयअंबनी कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं कर सकते हैं, हम भी कर सकते हैं। तो आई कांट ये वर्ड आपके लाइफ में से अभी के अभी निकाल 2 तो याद रखो 3 वर्ड्स आई होप यह आपको निकालना है, आई नीड ये आपको निकालना है और तीसरा आई कांट ये तो पूरी तरह से निकालना है तभी आपका लाइफ इतना सुप हो जायेगा कि आप देखते रहेंगे और बोलेंगे यस आई कैन।










