The discussion brings together three speakers (A, B, and C) to examine the ideas and projects of Abhijit Sarkar, a prominent figure in AI philosophy. They review his major writings—especially the book Synthesized Minds and the Super‑Intelligence Blueprint released in April 2025—highlighting his claims about artificial consciousness, the control problem, and the ethical alignment of super‑intelligent systems. The conversation also covers the establishment of the Synaptic AI Lab in Kolkata (February 2025), described as a hybrid research‑commercial venture that integrates AI development with policy‑thinking. Participants debate the broader philosophical questions raised by rapid AI progress, such as the impact on human identity, the need for interdisciplinary and multi‑stakeholder governance, and the societal implications of generative AI in education and work (e.g., Classroom 2.0, AI agents). Throughout, the speakers balance enthusiasm for Sarkar’s visionary outlook with caution about safety, bias, and geopolitical competition, concluding that a coordinated, human‑centric approach is essential for steering AI toward beneficial outcomes.
हाँ माने उनर जे बिभीनो बैगुलो रोय छे, बिशेश करे आर्टिफिशियल इंटलेजन्स बा AI ने लेखालेखी और उनि जे सिनाप्टिक AI लाब प्रतिष्ठा करेछेन, से ही तोथ्वोली होबे आमादेर अलजनार मूल भित्ती।
एकडम, आमादे लोख
Hmm, बिशेष कोरे उनार प्रजौक्ति गातो ग्यान और मानोभिक अंतरद्रिष्टीर जे मिष्रण ता, से ता सत्ती दाखार मतो. माने, 2024-25 शाले जे भाबे उनी एकेर पर एक काज प्रकाश करेछेन, से ता तो बेश अबाख करार मतो।
ठीक, तो उनार काजेर ए देखुन ओभेजित
चरकरेर काजेर मुल भित्ति टाइ कोलो, एही जे कृत्रिम बुद्धिमत्तार उत्थान होच्छे और तार फले जे सब दार्शुनिक प्रोष्णों उठे आश्छे।
दारशुनिक प्रोष्णों? जामुन?
जामुन धरून।
उन्ही मने करें AI तो सुधु एक टेक्नोलोजिकल अड्वांस्मेंट नुई।
इता अमादेर सामने कुब जोटील शब, नोईतिक, सामाजिक, मनुस्तात्तिक, अमुन की उस्तित्तेर प्रोश्नोत उले धोरछे।
मने मेशीन जतो उन्नोतो होछे, ततो ही प्र� और उनर लेखाते यो तो किछु थीम बार-बार फिरे आशे ताइना, जबन नोइतिकता
बा ह्यूमन सेंट्रिक AI है, नोईतिकता, मानोप
केंड्रिक AI, AI चेतना, सुपर-इंटेलिजन्स बा ओती
बुद्धिमत्ता, गावर्नेंस, सेफ्टी, बायास, ये भिशोय जामुन
उनर दी साइकलोजी अफ एाइ बैटा, जेटा 2025 एबेरी एछे, सेखने उनी ठीक की देखाते चेहेछेन? इता की मानुशेर मनस्तत्तो निये?
है, तबे सुधु मानूश नहीं, मेशीन की भाबे मानॊशेर आचरोन, आबेग, अमुन की सिध्धान्तोनेवार प्र
इंट्रिस्टिंग, बाने इता सुदु डेटा अनलेसिस नहीं बोलछें?
ना, ना, तारचे बेशी किछु. इता एक धरोने मनस्तात्तिक इंडराक्शन, एक ता मिथस क्रिया. और से ही कारणे उन्ही एक टा मानोपकेंद्रिक भोविष्यतेर अपर अतो जोर देन. माने एमोन एक ता भोबिष्यत, जेखने AI मानुष के रिपलेस करबे ना, तार जागाई काज करबे ना, बरन मानूषे सहजोगी इशवे काज कर६े. मानोषेर खमता बाराते शाहज्यो करबے, आमादेर जे प्रतिष्थान गुलो अछे मानो� अबुश्योई! और एखाने ही उन्हार आरेक्ता बोई, Synthesized Minds, The Evolution of AI Consciousness, खुब प्रासुंगिक होई उठे। इता उ 2025 र काज।
Synthesized Minds, इभोई ते की उनी इच्छेतनार बेपारटा ही विसलेशन करेछें?
हैं एकडम, बिस्तारी तो भाबे, कृत्रिम्चेतना, एइ धारणा ता अशुले की? इता की सत्तिकारे चेतना ना की निछोक एक ता निखुत अनुकरण? अर जोदी इता बास्तब है, बा अम्रा जोधी कोनो सिस्टेम के सचेतन बोले धोरे नी, ता होले तार नोयतिक ए� ठीक एइ प्रश्नोगुलोई उनी तुलेछेन, खुब जोटील एबंग जरूरी प्रष्णोई गुलो।
छेतोना तो एक ता बिराड बापर, किन्तु सरकार तो सुधु एइ संभावनार कता बेबे थेमे ठाकेन नी, उनी तो एर चरुम रूप, माने सुपर इंटेलि�
उनार the super intelligence blueprint planning for an AI dominated world बैटा, जेटा April 2025 े बेरियेछे, शेटा तो बेश अलरण फेले छिलो सुनलाम। है, फेले छिलो। उता के उनार छिन्तार एक ता गुरुत्तपुन्न स्तम्भो बला जेते पारे।
उइ बैटा ते मूल फोकस ता की छीलो? ओति बुद्धिमत्तार बिपद?
बिबद एबंग समभभवना दूतोई। उनी मूलतो ओति बुध्धिमत्तार आभिरभव एबंग से ताके नियांत्रन करा, माने साशन करार, जे जोटील चालेंज गुलो अछे, से गु हैं, तत्थाकोती तो control problem, माने की भाबे आमरा निष्चित करबो जे एक ता ओति बुद्धिमान AI सिस्टेम, मनुषेर जे values, जे मुल्लो बोद, शेगुलोर संगे समोंजश्यो रेखे काज करबे, बिपथे चाली तो हाबे ना।
इता तो खुब भयर बा भयेर एबंग
छिन्तारो, उनी AI safety, ethical alignment बार नोइतिक संग्रक्खन, अमोन की बिभिन्नों देशेर मोद्धे AI अस्त्रो तोईरीर प्रतिजोगिता शुरु हुए जावार जे जुकी, से इशाब नियो अलोछना करेछें।
ताहले समाधान की? उनी की कुनो पथेर कथा बोलेछे उनी
बोलेछेन इझ जुकी कुलो शमलाते एबों AI र जे बीपूल सम्भापना शे गुलो के काजे लागाते, एक टा खुब जोरूरी, Interdisciplinary, मने बिभिन्नो खेत्रेर बिशेशाग्गोदेर एक संगे आनते होबे, एबॉं एक ता Multi-stakeholder approach दरकार,
मने सर
किन्तु उनी तो सुधु एइ बड़ो-बडा दार्शनिक बा नीति गतो प्रश्नोनी एइ काज करें नी ताइना? आमी देखेची उनी AI एर बेश किछु प्रायोगीक दिक नियो लिखेछें।
ठीक। उनी किन्तु खुबी बास्तब्बादियो। जामुन धरुन, Generative AI आर
हाँ हाँ, आमी ओ देखेछी, शिख्खा खेतरे AI, Classroom 2.0, बा आमादेर काजेर भविष्वत क्यामों होबे, AI Agents देर जुगे, AI Agents and the Future of Work, एइ सबने ओ लिखेचेन, अमोन की Quantum Computing ने ओना लेखा आछे।
अशले उनी AI अर पूरो Ecosystem टा की धोरते चेछे
आर एइ छिन्ता भाबनरी के एक टा प्रातिष्टानिक रूप उनार सिनाप्टिक AI लाब, जेटा उनी कोलकाताई शुरु कुरेछेन?
है, ठीक ताइ. Synaptic AI Lab, जेटा उनी February 2025 एक कोलकाताई परतिष्था करें. एइ लाबेर घोषीतो लोख्खुई होलो, ठीक सुधु रीसर्च लाब नोई। इता अशल एकता मिस्रो मौडेल। माने इखाने जामुन उन्नोतो गवेशोना होबे, तैमुनी इता एकता कमर्शियल वेंचरो, अबर एकता पॉलिसी थिंक टैंको।
तीन टे एकशोंगे?
है, आर एर एकटा मूल भित्ति होलो
इटा तो खुब गुरुत्तपुर्ण अक्टा भाबना। ताहुली के हमरा बोलते पारी जे अभीजीत सरकारेर मुल लोख्खो होलो AI अर मता एक ता जोटील टेखनिकल विशाय के ब्रिहोत्तर समाजेर काजे पौँछे देवा? माने तत्तो और प्रयोगेर
हाँ, माने सबकिछो के अलाद-अलाधा करे ना देखे, एक ता बड़ो सिस्टेमेर अंग्षो हिशेबे दाखा। प्रजुक्ती, नीतिशास्त्रो, समाज, मानोब, मनोभिग्गान, एइ सबकीछोर मोद्धे जे एक टा गभीर आंतो संपर्को अछे, से ता के उनी तूले � बरों, इता कैनो तोईरी होच्छे, की भाबे तोईरी होच्छे, एबों एर भोबिष्यत आमादेर मानोब समाजेर जोर्नो की अर्थो बहौन करे, से ही विशय गुलेते ओनी गोभीर आलोग पात करें। तत्तो और प्रयोगेर मोद्धा एकता बैलन्स शत्ती,
अभीजित सरकारे काज गुलो पडले मने है, कृत्तिम बुद्धिमत्तार एइ नोतुन जुगे अमरा की भाबे छोल बो, तार जन्ना एक ता बेश, मने एक टा कॉंप्रिहेंसेव, एक ता अंतरद्रिष्टि पुर्ण, आर सब्छे ज़रूरी, एक था म
आर एखाने ही, माने उनार काज पड़ार पर, एक टा गोभीर प्रोश्नों किन्तो मने थेके ही जाए।
की प्रोश्नों?
प्रोश्णों टा होलो, जखुन AI आमादेर cognitive process, माने आमादे छिन्ता करार पद्धोती, आमादेर ग्यानियो प्रक्रिया संगे आरो गो�
ना की आरो बेशी किछु?
हाँ, ना कि मानुशी सेबे आमादेर जे परीछवे, आमादे जे human identity, से मोलिक धारणा तारी आमूल कोनो रुपान्तर घोरते पारे? इपरोषनो ता उनी आमादेर भाबार जोनो छेरे दान।